July 31, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की अप्रैल 2026 रिपोर्ट के अनुसार, नॉमिनल जीडीपी (Nominal GDP) के आधार पर भारत वर्तमान में दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर भारत ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है।

    हालांकि डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण नॉमिनल जीडीपी रैंकिंग में भारत एक स्थान नीचे खिसक गया है, लेकिन देश की वास्तविक आर्थिक मजबूती और विकास दर पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत आज भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

    पिछले पांच वर्षों में भारत की वैश्विक जीडीपी रैंकिंग

    2022: भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का गौरव हासिल किया।

    2023: तेज आर्थिक विकास दर के दम पर भारत 5वें स्थान पर कायम रहा।

    2024: ब्रिटेन पर बढ़त बनाए रखते हुए भारत ने 5वां स्थान बरकरार रखा।

    2025: मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक सुधारों के चलते भारत कुछ समय के लिए 4थे स्थान तक पहुंचा और जापान को पीछे छोड़ने में सफल रहा।

    2026: विनिमय दरों में बदलाव के कारण भारत फिलहाल 6वें स्थान पर है, जबकि जापान और ब्रिटेन उससे आगे निकल गए हैं।

    तेज विकास दर से दुनिया का ध्यान भारत पर

    अर्थशास्त्रियों के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत घरेलू बाजार, बढ़ता निवेश, डिजिटल क्रांति, विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार और आधारभूत संरचना पर हो रहा बड़ा निवेश है। यही कारण है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत लगातार विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

    2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान

    IMF और विभिन्न वैश्विक आर्थिक संस्थानों के आकलन के अनुसार, यदि वर्तमान विकास दर और आर्थिक सुधारों की गति बनी रहती है तो वर्ष 2030 तक भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। यह उपलब्धि भारत को अमेरिका और चीन के बाद वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी।

    नई दिल्ली: 9 जून 2026 की तारीख देश के इतिहास में एक ऐसे सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जहां एक तरफ भारत ने वैश्विक राजनीति और रणनीतिक ऊंचाइयों को छुआ, तो दूसरी तरफ खेल के मैदान और बुनियादी ढांचे में नए कीर्तिमान स्थापित किए। आइए रुख करते हैं आज की उन बड़ी और धमाकेदार राष्ट्रीय सुर्खियों पर, जिन्होंने पूरे देश को गौरव से भर दिया:

    ? ऐतिहासिक राजनीतिक मील का पत्थर: मोदी सरकार के 12 साल बेमिसाल

    भारतीय राजनीति के इतिहास में आज का दिन बेहद खास रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने 12 वर्ष (3 कार्यकाल) का ऐतिहासिक सफर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। याद दिला दें कि 9 जून 2024 को उन्होंने अपने तीसरे कार्यकाल की शपथ ली थी, जिसके बाद से देश निरंतर विकास की नई परिभाषाएं गढ़ रहा है।

    ?️ रणनीतिक और बुनियादी ढांचा बुलेटिन: ज़ोजिला में कामयाबी, लद्दाख अब दूर नहीं!

    ज़ोजिला टनल (Zojila Tunnel) में बड़ी सफलता: कश्मीर और लद्दाख को हर मौसम में एक-दूसरे से जोड़े रखने वाली देश की सबसे रणनीतिक ज़ोजिला सुरंग परियोजना में आज एक बहुत बड़ा 'ब्रेकथ्रू' (Breakthrough) हासिल कर लिया गया। अब कड़कड़ाती सर्दियों और भारी बर्फबारी में भी लद्दाख तक भारतीय सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

    डिजिटल हुआ सीमा पार व्यापार: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) का भव्य शुभारंभ किया। यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म देश के 15 लैंड पोर्ट्स पर सीमा पार होने वाले व्यापार और यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह से पारदर्शी और पेपरलेस बनाएगा।

    ? स्पोर्ट्स डेस्क: खेल के मैदान से आईं दो बड़ी स्वर्णिम खुशियां!

    खेल प्रतियोगिता भारत का प्रदर्शन प्रतिद्वंदी टीम / स्कोर उपलब्धि

    सैफ (SAFF) महिला फुटबॉल शानदार जीत बांग्लादेश को 3-1 से हराया छठी बार चैंपियन ?

    पुरुष अंडर-18 एशिया कप हॉकी स्वर्ण पदक जापान को फाइनल में दी शिकस्त तीसरी बार खिताब ?

    महिला अंडर-18 एशिया कप हॉकी कांस्य पदक दक्षिण कोरिया को 3-0 से रौंदा तीसरा स्थान ?

    ? नीतिगत और सरकारी घोषणाएं: योजनाओं में बड़े बदलाव

    ? ₹33,660 करोड़ की 'भव्य' (BHAVYA) योजना: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने देश में 100 विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने के उद्देश्य से BHAVYA डिजिटल पोर्टल को लॉन्च कर दिया है।

    ? कोल एक्सचेंज रूल्स, 2026: कोयला मंत्रालय ने देश के कोयला बाजार में पारदर्शिता और बाजार-संचालित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नए नियमों को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया।

    ? उज्ज्वला योजना में कटौती: केंद्र सरकार ने बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के तहत मिलने वाले रियायती सिलेंडरों की संख्या सालाना 9 से घटाकर 4 कर दी है। अब लाभार्थियों को केवल शुरुआती 4 रिफिल पर ही ₹300 की सब्सिडी दी जाएगी।

    ⚖️ रक्षा और न्याय व्यवस्था: SIPRI की रिपोर्ट और एमपी का सियासी घमासान

    परमाणु ताकत में बढ़ा भारत का दम: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि भारत का परमाणु हथियार भंडार बढ़कर 190 वारहेड्स तक पहुंच गया है, और भारत दुनिया का 5वां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बना हुआ है।

    राज्यसभा चुनाव पर अदालती साया: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सूबे में भारी राजनीतिक घमासान मच गया है, जिसके बाद कांग्रेस ने इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।

    ?️ मौसम और अन्य हादसे: कहीं राहत, कहीं आफत

    मौसम का डबल रोल: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में अपनी रफ्तार पकड़ ली है। इसके विपरीत, दिल्ली, यूपी समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाके अब भी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के टॉर्चर से जूझ रहे हैं।

    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में धमाका: विशाखापत्तनम के राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) प्लांट में एक दुखद ब्लास्ट के कारण 8 श्रमिकों की जान चली गई। सरकार ने हादसे की गहराई से जांच के लिए तुरंत 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है।

    'द शौर्यपथ टाइम्स' का आज का विशेष समाचार बुलेटिन यहीं समाप्त होता है। देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ!

    10 जून का इतिहास: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 'कपिल के सूरमाओं' की पहली जीत से लेकर पीएम मोदी के महा-रिकॉर्ड तक!

    नई दिल्ली: 10 जून की तारीख भारत और दुनिया के इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज है। यह दिन न केवल भारतीय खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, बल्कि राजनीति, विज्ञान और वैश्विक समाज को बदलने वाली कई बड़ी घटनाओं का गवाह भी रहा है। आइए डालते हैं आज के मुख्य समाचारों पर एक नज़र:

    ? खेल जगत से बड़ी खबर: लॉर्ड्स के मैदान पर रचा गया था इतिहास

    साल 1986 में आज ही के दिन भारतीय क्रिकेट टीम ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर पहली बार टेस्ट मैच जीतकर नया इतिहास रचा था। दिग्गज कप्तान कपिल देव के नेतृत्व में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 5 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। इस जीत ने वैश्विक क्रिकेट में भारतीय टीम का दबदबा स्थापित कर दिया।

    ?️ राजनीतिक गलियारे से: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाया नया कीर्तिमान

    आज के दिन देश ने एक अभूतपूर्व राजनीतिक रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज़ाद भारत के इतिहास में पहली लोकसभा के गठन के बाद से लेकर अब तक, लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले प्रधानमंत्री का एक नया और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

    ?? राष्ट्रीय बुलेटिन: भारत की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं

    सल्तनत काल का नया दौर (1246): सुल्तान नसीरुद्दीन मुहम्मद शाह आज ही के दिन दिल्ली की गद्दी पर आसीन हुए थे।

    नौसेना की ताकत में इजाफा (1972): देश के गौरवशाली पोत 'हर्षवर्धन' का मुंबई के मजगांव बंदरगाह से पहली बार जलावतरण किया गया था।

    ? इंटरनेशनल डेस्क: वैश्विक इतिहास के पन्नों से

    रविवार की छुट्टी की शुरुआत (1890): आज जो हम हर हफ्ते रविवार की छुट्टी का आनंद लेते हैं, उसकी शुरुआत ब्रिटिश सरकार द्वारा आज ही के दिन इसे आधिकारिक तौर पर साप्ताहिक अवकाश घोषित करने से हुई थी।

    एक नई सामाजिक पहल (1935): अमेरिका के ओहियो में डॉ. रॉबर्ट स्मिथ और बिल विल्सन द्वारा 'अल्कोहलिक्स एनोनिमस' (A.A.) की स्थापना की गई, जिसने लाखों लोगों को नशे की लत से उबारने में मदद की।

    द्वितीय विश्व युद्ध (1940): इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी ने फ्रांस और ब्रिटेन के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर विश्व युद्ध की आग को और भड़का दिया था।

    'सिक्स डे वॉर' का अंत (1967): इजरायल और सीरिया के बीच युद्धविराम के साथ ही छह दिनों से चला आ रहा भीषण युद्ध आज ही के दिन समाप्त हुआ था।

    नासा का मंगल मिशन (2003): अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने लाल ग्रह के रहस्यों को तलाशने के लिए अपने प्रसिद्ध 'स्पिरिट रोवर' को अंतरिक्ष में लॉन्च किया था।

    ? शख्सियत: आज की प्रमुख जयंतियां और पुण्यतिथि

    गूगल सीईओ सुंदर पिचाई का जन्मदिन (1972): दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक, अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का जन्म आज ही के दिन हुआ था। उन्होंने अपनी काबिलियत से पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया।

    गिरीश कर्नाड को श्रद्धांजलि (2019): मशहूर अभिनेता, लेखक और प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित गिरीश रघुनाथ कर्नाड का आज ही के दिन लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।

    ?️ आज का विशेष दिवस: विश्व नेत्रदान दिवस

    आज दुनिया भर में 'विश्व नेत्रदान दिवस' (World Eye Donation Day) मनाया जा रहा है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना और किसी की अंधेरी जिंदगी में रोशनी लाने के लिए उन्हें प्रेरित करना है।

    शौर्यपथ संदेश: इतिहास हमें सिखाता है कि दृढ़ संकल्प और सही प्रयास से हर क्षेत्र में विजय पाई जा सकती है—चाहे वह खेल का मैदान हो, विज्ञान की प्रयोगशाला या फिर

    समाज सेवा।

    नमस्कार! 'द एस्ट्रो बुलेटिन' में आपका स्वागत है। आज 10 जून 2026, दिन बुधवार है। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। चंद्रमा आज मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, वहीं सुबह से प्रीति योग के बाद आयुष्मान योग का निर्माण हो रहा है, जो सेहत और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

    आइए रुख करते हैं आज के मुख्य समाचारों यानी आपकी राशियों के हाल की ओर:

    ? टॉप हेडलाइंस: आज की भाग्यशाली राशियां

    मिथुन राशि (Gemini): बुद्धि और चतुराई से बड़ी सफलता! आज आपका अटका हुआ काम पूरा होगा। वैवाहिक जीवन में प्रेम घुलेगा और ऑफिस में आपकी तारीफों के पुल बंधेंगे। भाग्य मीटर: 80%

    वृषभ राशि (Taurus): धन लाभ के पक्के योग! पुरानी योजनाओं को नए तरीके से लागू करने का सही समय है। प्रियजनों से मुलाकात होगी और पार्टनर का पूरा सपोर्ट मिलेगा। भाग्य मीटर: 85%

    मकर राशि (Capricorn): मुनाफे में बंपर उछाल! आपके करियर विस्तार के प्रयासों को गति मिलेगी। आर्थिक हितों का संरक्षण होगा और लाभ का प्रतिशत बढ़ा रहेगा।

    ? बिज़नेस और करियर बुलेटिन (आर्थिक राशिफल)

    कर्क राशि (Cancer): कारोबार की स्थिति चारों तरफ से मजबूत हो रही है। आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

    धनु राशि (Sagittarius): प्रॉपर्टी और वाहन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आज आपका फोकस सही दिशा में है। व्यावसायिक अनुबंधों में जल्दबाजी से बचें।

    कन्या राशि (Virgo): शिक्षा प्रतियोगिता में सफलता के झंडे गाड़ेंगे। बिजनेस की पुरानी समस्याएं आज हल होंगी।

    ⚠️ सावधान! इन राशियों को सतर्क रहने की सलाह

    मेष राशि (Aries): आज शनि-चंद्रमा के संयोग से अनचाहे खर्चों की बाढ़ आ सकती है। पेपरवर्क पर विशेष ध्यान दें और वित्तीय प्रबंधन को कमजोर न होने दें।

    सिंह राशि (Leo): आज कार्यस्थल पर किसी से भी उलझने से बचें। गुस्से में लिया गया फैसला भारी पड़ सकता है, धैर्य बनाए रखें।

    ? बाकी राशियों का संक्षिप्त बुलेटिन

    तुला राशि (Libra): सेहत में सुधार होगा और रुका हुआ धन वापस मिलने की पूरी उम्मीद है।

    वृश्चिक राशि (Scorpio): दिनभर कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन शाम तक परिणाम आपके पक्ष में आते दिखेंगे।

    कुंभ राशि (Aquarius): करियर में सफलता के योग हैं, घर में कोई मांगलिक कार्य तय हो सकता है। बस अपनी वाणी पर थोड़ा कंट्रोल रखें।

    मीन राशि (Pisces): आत्मविश्वास सातवें आसमान पर रहेगा। हालांकि, लव लाइफ में पार्टनर के साथ बैठकर पुरानी गलतफहमियां दूर करने की जरूरत है।

    ? आज का विशेष 'महा-उपाय'

    आज बुधवार के शुभ अवसर पर नकारात्मक ऊर्जा से बचने और बिगड़े काम बनाने के लिए भगवान गणेश की पूजा करें और जरूरतमंदों को हरे फल या अनाज का दान करें। आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा, जो किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ है।

    आज का एस्ट्रो बुलेटिन यहीं समाप्त होता है। आपका दिन शुभ और मंगलमय हो!

     durg / shouryapath / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा अधिकारियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता संवर्धन तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘प्रखर – व्यक्तिगत उत्कृष्टता की ओर पथ’ (प्रखर– द पाथ टू पर्सनल मास्टरी) का आयोजन बीएमडीसी में किया गया। भावनात्मक बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य एवं कल्याण, तनाव प्रबंधन, ध्यान तथा योग जैसे समकालीन एवं प्रासंगिक विषयों पर आधारित यह कार्यक्रम वर्तमान गतिशील कार्य परिवेश में अधिकारियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने हेतु सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम का उद्घाटन महाप्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री सौरभ वार्ष्णेय द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने सतत व्यावसायिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आत्म-देखभाल तथा समग्र स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय सहभागिता करने तथा प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक जीवन एवं कार्यस्थल पर व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित किया।

    यह कार्यक्रम महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक (बीआरएम) श्री शिव कुमार, एडीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. माला चौधरी, प्राचार्य सुश्री महेश्वरी खोबरागड़े तथा पूर्व मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (राउरकेला इस्पात संयंत्र) सुश्री अताशी प्रमाणिक ने संकाय सदस्य के रूप में अपनी विशेषज्ञता एवं व्यावहारिक अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। प्रशिक्षण में नेतृत्व हेतु भावनात्मक बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य एवं तैयारी, रणनीतिक तनाव प्रबंधन, ध्यान, योग तथा सजग जीवनशैली जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    संवादात्मक सत्रों, केस स्टडी, समूह चर्चा, व्यावहारिक प्रदर्शनों एवं अनुभवात्मक अधिगम गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन, मानसिक दृढ़ता, प्रभावी संप्रेषण, तनाव प्रबंधन तथा स्वस्थ जीवनशैली संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों की व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक प्रभावशीलता में वृद्धि करते हुए उन्हें अधिक सक्षम, संतुलित एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना था।

    कार्यक्रम में संयंत्र के विभिन्न विभागों से कुल 29 अधिकारियों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र का संचालन सुश्री पारुल वर्मा द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का समन्वयन श्री विकास सरीन द्वारा किया गया।

    मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे नवोन्मेषी एवं आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो कर्मचारियों की व्यावसायिक दक्षता के साथ-साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक-शारीरिक कल्याण को भी प्रोत्साहित करते हैं।

    पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

    रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।

    मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

    मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से की बात

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर श्री पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।

    मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बदली तस्वीर, ग्रामीणों को मिली आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा

    रायपुर, / बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अतिसंवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। वर्षों तक विकास से दूर रहे मयूरीपारा तक अब सड़क पहुंचने से लोगों को बेहतर आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने लगा है।

    16 किलोमीटर सड़क निर्माण से जुड़ रहा दूरस्थ क्षेत्र

    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बैल से मयूरीपारा तक 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना में अब तक 13 किलोमीटर मिट्टीकृत सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। साथ ही मुरूमीकरण और छह पुलियों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष कार्य जून माह में पूरा कर लिया जाएगा।

    दुर्गम रास्तों से मिल रही राहत

    ग्राम बैल की सरपंच श्रीमती जुग्गी अठामी ने बताया कि लंबे समय तक सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कार्यों के लिए घने जंगलों से होकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बरसात के मौसम में नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने बताया कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर था। अब सड़क निर्माण से हालात तेजी से बदल रहे हैं और लोगों को बड़ी राहत मिली है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिला नया आधार

    सड़क बनने से स्कूली बच्चों का आवागमन आसान हुआ है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर हुई है। अब जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

    विकास और समृद्धि की नई उम्मीद

    ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद है। बैल से मयूरीपारा मार्ग के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।

     

    नैनो उर्वरकों के उपयोग से उर्वरक प्रबंधन हुआ सरल, समय और श्रम की हो रही बचत

    रायपुर, / राज्य शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब किसानों के खेतों में दिखाई देने लगा है। आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नवाचारों को अपनाकर किसान खेती को अधिक सुविधाजनक, किफायती और लाभकारी बना रहे हैं। सक्ती जिले के विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम अचानकपुर के प्रगतिशील किसान श्री गुलाबचंद राठौर भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया (तरल) का सफल उपयोग कर खेती में बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं तथा अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    श्री गुलाबचंद राठौर ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष अपनी कृषि भूमि में नैनो यूरिया का उपयोग किया था, जिसके परिणाम अत्यंत संतोषजनक रहे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक यूरिया की 45 किलोग्राम की भारी बोरियों की तुलना में नैनो यूरिया का परिवहन, भंडारण एवं उपयोग कहीं अधिक सरल और सुविधाजनक है। इसकी छोटी शीशी को किसान आसानी से खेत तक ले जा सकते हैं, जिससे समय, श्रम और परिवहन व्यय में उल्लेखनीय बचत होती है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया के उपयोग से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व सही समय पर उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे फसलों की वृद्धि एवं विकास में सहायता मिलती है।

    उर्वरकों की उपलब्धता से किसानों को मिल रही सुविधा श्री राठौर ने बताया कि वर्तमान खरीफ सीजन के लिए सेवा सहकारी समिति में शासन के मानकों के अनुरूप यूरिया एवं डीएपी उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्हें भी आवश्यकता के अनुसार यूरिया एवं डीएपी खाद सहजता से प्राप्त हुआ है, जिससे कृषि कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की समय पर उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे खेती-किसानी के कार्य सुचारु रूप से संपादित किए जा सकते हैं।

    कम लागत में अधिक लाभ का माध्यम बन रहा नैनो यूरिया

    किसान श्री गुलाबचंद राठौर का मानना है कि नैनो यूरिया खेती की लागत को नियंत्रित करने, उर्वरक प्रबंधन को सरल बनाने तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने से संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो रहा है और किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो रही है। नैनो उर्वरकों का उपयोग कृषि को अधिक टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

    अन्य किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील

    श्री राठौर ने जिले एवं प्रदेश के किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत खेती पद्धतियों तथा नैनो उर्वरकों का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने और नवाचारों को अपनाने से कम लागत में अधिक उत्पादन एवं बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

    राज्य शासन द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, उन्नत बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और समृद्ध बना रहे हैं।

    1281 प्रतिभागियों ने 16 कला विधाओं में निखारी प्रतिभा, लोक संस्कृति और आधुनिक तकनीक का हुआ अनूठा संगम

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और आधुनिक रचनात्मकता को एक मंच पर समेटने वाला संस्कृति विभाग का प्रतिष्ठित कला प्रशिक्षण शिविर ‘आकार-2026’ रंगारंग प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच भव्य रूप से संपन्न हो गया। 25 मई से 9 जून तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में आयोजित 16 दिवसीय शिविर में प्रदेशभर से आए 1281 प्रतिभागियों ने 16 विभिन्न कला विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को नई उड़ान दी।

    नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ना समय की मांग : बृजमोहन अग्रवाल

    समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मिट्टी, प्रकृति और सृजन से जोड़ना जरूरी है।

    उन्होंने कहा, "जिस दिन बच्चे मिट्टी से जुड़कर सृजन करना सीख जाएंगे, उनका जीवन संवेदनशीलता और आनंद से भर जाएगा। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोककलाओं और परंपराओं की जानकारी देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।"

    उन्होंने सुझाव दिया कि ‘आकार’ जैसे शिविर प्रदेश के सभी संभागों में आयोजित किए जाएं तथा छत्तीसगढ़ी हस्तशिल्प और पारंपरिक आभूषणों के लिए स्थायी विक्रय केंद्र विकसित किए जाएं, ताकि कलाकारों को बेहतर बाजार और आर्थिक अवसर मिल सकें।

    परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम

    संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि ‘आकार’ केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने का सशक्त अभियान है।

    इस वर्ष शिविर की विशेषता रही कि प्रतिभागियों को एक ओर टेराकोटा, गोदना कला, जूट शिल्प, रजवार भित्ति चित्र, मंडला-मांडना कला, कथक, भरथरी गायन और लोककलाओं का प्रशिक्षण दिया गया, वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कला तकनीकों से भी परिचित कराया गया। इससे परंपरा और आधुनिकता के बीच एक सशक्त सेतु का निर्माण हुआ।

    लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा समापन समारोह

    समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने पूरे परिसर को लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सुवा, कर्मा, पंथी नृत्य, बांसगीत, भरथरी गायन और लोकसंगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्यों की मधुर ध्वनि और कलाकारों की जीवंत ऊर्जा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

    कला गुरुओं को किया गया सम्मानित

    समारोह में मुख्य अतिथि ने विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षकों और कला गुरुओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। शिविर में प्रदेश के प्रतिष्ठित कलाकारों और विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देकर उनकी रचनात्मक क्षमता को नई दिशा प्रदान की।

    सांस्कृतिक चेतना का नया अध्याय

    ‘आकार-2026’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर केवल इतिहास की विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है। 1281 प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी, अनुभवी कला गुरुओं का मार्गदर्शन और लोक संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों ने इस आयोजन को प्रदेश के सांस्कृतिक कैलेंडर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बना दिया।

    मध्यप्रदेश में ब्लैकलिस्ट हुई कंपनी की दवा का अनुबंध पहले ही किया जा चुका था निरस्त, गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही हुई आपूर्ति

    रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने स्पष्ट किया है कि राज्य में दवा क्रय एवं आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया गुणवत्ता मानकों और निर्धारित नियामक प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाती है। किसी भी दवा को आम जनता तक पहुंचाने से पहले मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाता है।

    सीजीएमएससी के अनुसार, Unicure India Ltd. ने 18 मई 2026 को निगम को सूचित किया कि मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPPHCL), भोपाल द्वारा 8 मई 2026 को कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। यह कार्रवाई Lactulose Solution IP 10 gm/15 ml (100 ml बोतल) के तीन बैच सरकारी प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता परीक्षण में अमानक पाए जाने के बाद की गई।

    CGMSC ने पहले ही कर दी थी कार्रवाई

    निगम ने बताया कि उक्त दवा के एक बैच को पहले ही मध्यप्रदेश में प्रोडक्ट ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद CGMSC ने अपनी निविदा शर्तों के अनुसार संबंधित दर अनुबंध (Rate Contract) को ब्लॉक कर दिया था तथा जारी क्रयादेशों को निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।

    NABL लैब की रिपोर्ट के बाद ही हुआ वितरण

    CGMSC ने स्पष्ट किया कि कंपनी द्वारा पूर्व में आपूर्ति की गई दवाओं का परीक्षण निगम की अनुबंधित NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में कराया गया था। जांच रिपोर्ट में दवाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गईं, जिसके बाद ही उनका वितरण स्वास्थ्य संस्थानों को किया गया।

    हाईकोर्ट में लंबित है मामला

    कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि उसने ब्लैकलिस्टिंग आदेश को चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई 10 जून 2026 को निर्धारित है। न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    नए अनुबंध और खरीद पर रोक

    CGMSC ने कहा कि ब्लैकलिस्टिंग की सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित कंपनी के साथ कोई नया दर अनुबंध या नया क्रयादेश जारी नहीं किया गया है। यह कदम निगम की गुणवत्ता-केंद्रित और दवा विनियामक मानकों पर आधारित नीति के अनुरूप उठाया गया है।

    जनहित सर्वोपरि: गुणवत्ता जांच के बाद ही दवा वितरण

    निगम ने पुनः दोहराया कि राज्य में दवा खरीद और आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं गुणवत्ता आधारित है। स्वास्थ्य केंद्रों में दवा भेजने से पहले प्रत्येक दवा का निर्धारित मानकों के तहत परीक्षण कराया जाता है, ताकि मरीजों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त दवाएं ही उपलब्ध हो सकें।

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