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बंटवारा संबंधी प्रकरण के निराकरण से मिली राहत, शासन-प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास
मुंगेली । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आयोजित सुशासन तिहार जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। जिला मुख्यालय स्थित सतनाम भवन में आयोजित समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया, जिससे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, आवास, पेंशन, राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जा रहा है। इससे शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के साथ ही सुशासन की अवधारणा भी साकार हो रही है।
इसी क्रम में जिले के निवासी सुशील यादव ने अपनी भूमि के बंटवारे से संबंधित राजस्व प्रकरण को लेकर समाधान शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की और उनके प्रकरण का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया।
सुशील यादव ने बताया कि उनकी लंबे समय से लंबित राजस्व संबंधी समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन स्वयं लोगों तक पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहा है। इससे आम नागरिकों का समय, श्रम और संसाधनों की बचत हो रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभरा है। यह पहल नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी और सहज मंच प्रदान कर रही है, जिससे लोगों का शासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
इलेक्ट्रॉनिक मीटर टेक्नीशियन और डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित विभिन्न पदों के लिए होगी चयन प्रक्रिया
मुंगेली, । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 19 जून 2026 को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला जिला रोजगार कार्यालय एवं जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज परिसर, जमकोर में प्रातः 11 बजे से शाम 3 बजे तक आयोजित होगा।
रोजगार मेले के माध्यम से निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीटर टेक्नीशियन के लगभग 2 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।
इसके अलावा डाटा एंट्री ऑपरेटर के 90 से अधिक पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। डाटा एंट्री ऑपरेटर पद हेतु 12वीं, स्नातक तथा कंप्यूटर ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान किया जाएगा।
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि एवं स्थल पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर रोजगार मेले का लाभ उठा सकते हैं। रोजगार मेले में शामिल होने के लिए जिला रोजगार कार्यालय का पंजीयन कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा।
अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल एवं ई-रोजगार सीजी एप के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अथवा जिला रोजगार कार्यालय, मुंगेली से संपर्क कर सकते हैं।
हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने दिए सख्त निर्देश, अनियमितता पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
मुंगेली, । कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षा बैठक लेकर जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मिशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने हर घर जल प्रमाणीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा में प्रमाणीकरण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी उपलब्धि पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होना चाहिए। जल प्रदाय पूर्णता के प्रमाण-पत्र संबंधित ग्रामों से प्राप्त करने के भी निर्देश दिए गए।
पाइपलाइन विस्तार कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने तीनों अनुविभागों के एसडीओ एवं संबंधित इंजीनियरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) में बिना सहमति पाइपलाइन बिछाने तथा भुगतान संबंधी शिकायतों की जांच के लिए समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है और इसके क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। डी.डब्ल्यू.एस.एम. की अद्यतन गाइडलाइन की जानकारी नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सब इंजीनियर एवं एसडीओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नल-जल मित्रों के प्रशिक्षण की समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें प्रभावी रूप से कार्य में शामिल करने को कहा। साथ ही माह के अंत तक सभी रिट्रोफिटिंग कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सप्ताह में नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
कलेक्टर ने जर्जर एवं अनुपयोगी जल टंकियों को चिन्हित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी संरचनाएं दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरपंच, सचिव और ठेकेदारों के साथ अलग समीक्षा बैठक
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जल जीवन मिशन की समीक्षा एवं समन्वय बैठक में कलेक्टर ने सरपंचों, सचिवों, ठेकेदारों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं को पूर्ण बताया गया है, वहां प्रत्येक घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। हर घर जल प्रमाणीकरण केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
कलेक्टर ने फील्ड स्तर पर सरपंच, सचिव, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधि एवं कार्य एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि जिले के प्रत्येक घर तक सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
सहकारी समितियां एवं महिला स्व-सहायता समूह कर सकेंगे आवेदन
राजनांदगांव, । नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 44 कौरिनभाठा एवं वार्ड क्रमांक 47 मोहारा में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए पात्र संस्थाओं से 19 जून 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा द्वारा जारी सूचना के अनुसार शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु जिले में स्थित वृहत्ताकार आदिम जाति बहुउद्देशीय सहकारी समिति (लेम्पस), प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां, वन सुरक्षा समितियां, महिला स्व-सहायता समूह तथा अन्य उपभोक्ता सहकारी समितियां आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।
इच्छुक संस्थाओं को निर्धारित प्रारूप-1 में आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन कार्यालय कलेक्टर (खाद्य शाखा), राजनांदगांव में कार्यालयीन समय के दौरान 19 जून 2026 तक जमा करना होगा।
खाद्य विभाग ने बताया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान के आबंटन की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के प्रावधानों के अनुसार संपादित की जाएगी। पात्र संस्थाओं से निर्धारित समयावधि के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है।
व्यावहारिक प्रशिक्षण से पशुपालन, प्रजनन प्रबंधन और रोग नियंत्रण की मिली जानकारी
राजनांदगांव, । ए-हेल्प मॉड्यूल के अंतर्गत Baroda Rural Self Employment Training Institute में संचालित पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षार्थी दीदियों को शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र अंजोरा, दुर्ग का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
भ्रमण के दौरान उप संचालक डॉ. ए.के. नायर ने पशु सखी दीदियों को बकरी, गाय एवं मुर्गी पालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पशुओं के जीवनचक्र, प्रजनन क्षमता, देखभाल, कृत्रिम गर्भाधान (एआई) तकनीक, चारा प्रबंधन, सामान्य रोगों की पहचान, रोकथाम एवं टीकाकरण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।
प्रशिक्षार्थियों को प्रक्षेत्र स्थित डेयरी यूनिट, चारागाह विकास क्षेत्र तथा शाहीवाल नस्ल की गायों का भी अवलोकन कराया गया। इस दौरान पशुओं की टैगिंग प्रक्रिया एवं उससे होने वाले लाभों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि टैगिंग से पशुओं की पहचान, स्वास्थ्य निगरानी एवं प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से पशु सखी दीदियों को पशुपालन से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इससे उनकी दक्षता में वृद्धि होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर डॉ. अजय कुमार शर्मा सहित प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारी एवं प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
शिविर में हुआ ई-केवाईसी, अब बिना बाधा मिलता रहेगा योजना का लाभ
राजनांदगांव, । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बलदेव प्रसाद मिश्र स्कूल मैदान, बसंतपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर आम नागरिकों के लिए राहत और समाधान का केंद्र बनकर उभरा। शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे अनेक हितग्राहियों को त्वरित लाभ मिला।
जोगीनगर निवासी श्रीमती फगनी बाई के लिए यह शिविर विशेष रूप से मददगार साबित हुआ। महतारी वंदन योजना की हितग्राही फगनी बाई को योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी कराना आवश्यक था, लेकिन तकनीकी एवं अन्य कारणों से वे यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रही थीं।
सुशासन तिहार के तहत उनके घर के निकट आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से उनका ई-केवाईसी कार्य सफलतापूर्वक पूरा कराया गया। फगनी बाई ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हो रही है और ई-केवाईसी पूर्ण होने से अब उन्हें योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहेगा।
उन्होंने शासन की इस पहल के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शिविर में बिना किसी परेशानी और अतिरिक्त खर्च के उनकी समस्या का तत्काल समाधान हो गया। उन्होंने इसके लिए शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्थानीय नागरिकों ने भी जनसमस्या निवारण शिविर में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं एवं त्वरित सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं सीधे आमजन तक पहुंच रही हैं तथा लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर के नजदीक ही किया जा रहा है। ऐसे शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत बनाने का कार्य कर रहे हैं।
राजनांदगांव, । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, भण्डारण एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने ग्राम अछोली, चौथना, छिरपानी, कल्याणपुर, ढारा एवं मुढ़िया मोहारा क्षेत्र में आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया।
निरीक्षण के दौरान मुरूम एवं रेत के अवैध उत्खनन तथा परिवहन के मामलों में कार्रवाई करते हुए 1 जेसीबी एवं 2 हाईवा वाहन जप्त किए गए। जांच में ग्राम बिजनापुर निवासी हेम प्रकाश वर्मा के स्वामित्व की जेसीबी क्रमांक सीजी-08-बीबी-4365 तथा राजनांदगांव निवासी प्रशांत सिन्हा के स्वामित्व की हाईवा क्रमांक सीजी-08-एआर-7660 को मुरूम के अवैध उत्खनन में संलिप्त पाए जाने पर जप्त किया गया।
इसी प्रकार छुईखदान निवासी मनीष चन्द्राकर के स्वामित्व की हाईवा क्रमांक सीजी-04-एनजे-2055 को रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। जप्त वाहनों को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना मोहारा के सुपुर्द कर दिया गया है।
खनिज विभाग ने बताया कि संबंधित प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर रोक लगाने के लिए नियमित गश्त, निगरानी एवं सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।
कृषि क्षेत्र में कार्बन नियंत्रण और जल संवर्धन की संभावनाओं पर हुआ मंथन
राजनांदगांव, । Indian Institute of Technology Bhilai एवं Sri Aurobindo Yoga and Knowledge Foundation के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एवं सस्टेनेबल इंडिया अवार्ड कार्यक्रम में कृषि, पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में छुरिया विकासखंड के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुदेश पटेल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कृषि क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण तथा जल संरक्षण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छुरिया विकासखंड के ग्राम घुपसालकु में जल एवं कार्बन नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया गया है। इसके अंतर्गत रबी सीजन में धान के स्थान पर 100 प्रतिशत क्षेत्र में मक्का की खेती अपनाई गई, जिससे कार्बन नियंत्रण के साथ-साथ जल संरक्षण में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रस्तुतीकरण में कृषि आधारित सतत विकास मॉडल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल बताया गया।
कार्यक्रम में Dr. Majumdar, Dr. Mahir Biswas, Dr. Rajiv Prakash, Dr. N. V. Ramanna Rao, Dr. Tom Smahon तथा Dr. S. N. Ghosh सहित अनेक शिक्षाविद्, वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
राजनांदगांव, । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत धुसेरा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम पंचायत धुसेरा, ठाकुरटोला, कोलेन्द्रा, नागतराई, बेलगांव, हरणसिंघी, अछोली, करवारी, माड़ीतराई, जटकन्हार एवं कुसमी सहित 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
शिविर में मांग एवं समस्या संबंधी कुल 1179 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके त्वरित निराकरण की कार्रवाई संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन, कृषि, उद्यानिकी, विद्युत, सहकारिता, स्वास्थ्य, परिवहन, वन, मत्स्य, खाद्य, पशुधन विकास तथा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित 17 विभागों के स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर ग्रामीणों को लाभान्वित किया।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ भी प्रदान किया गया। खाद्य विभाग द्वारा 6 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण पूर्ण करने वाले 5 हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबी सौंपी गई। बिहान योजना के अंतर्गत 5 महिलाओं को लखपति दीदी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली 2 बालिकाओं को प्रमाण पत्र तथा 7 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। कृषि विभाग ने 4 किसानों को हरी खाद हेतु मूंग बीज प्रदान किए। सेवा सहकारी समिति बेलगांव द्वारा 12 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण स्वीकृति के चेक वितरित किए गए। शिक्षा विभाग ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं के 6 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रमाण पत्र प्रदान किए।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती माताओं की गोदभराई तथा शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। वहीं शिविर स्थल पर आयोजित विशाल रक्तदान तिहार में 15 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। सभी रक्तदाताओं को हेलमेट एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जनपद पंचायत डोंगरगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती लता सिन्हा, उपाध्यक्ष श्री हीराराम वर्मा, जनपद पंचायत सदस्य श्री तामेश्वर साहू, श्रीमती प्रतिमा खरे, श्री अनिल सिन्हा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम. भार्गव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
राम रसोई के स्थापना दिवस समारोह में जुटे शहर के बड़े जनप्रतिनिधि, लेकिन कथित अवैध कब्जे और अनुबंध संबंधी शिकायतों पर अब तक कार्रवाई नहीं; उठ रहे हैं दोहरे मापदंडों के सवाल।
दुर्ग। शौर्यपथ विशेष
दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध कब्जों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शहरी सरकार की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में चर्चा का विषय बने राम रसोई के स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री ललित चंद्राकर, दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार सहित कई जनप्रतिनिधि मंच साझा करते नजर आए। आयोजन के केंद्र में रहे राम रसोई के संचालक एवं शहर के व्यापारी चतुर्भुज राठी, जिन पर कथित रूप से शासकीय भूमि पर कब्जा और अनुबंध संबंधी अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं।
विडंबना यह है कि जिन मामलों में आम नागरिकों और छोटे व्यवसायियों पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, उसी प्रकार के आरोपों के बावजूद प्रभावशाली लोगों के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती दिखाई नहीं दे रही है। यही कारण है कि अब आम जनता यह पूछ रही है कि क्या दुर्ग में कानून की दो अलग-अलग किताबें चल रही हैं?
अवैध कब्जे के आरोप, लेकिन मंच पर सम्मान
जानकारी के अनुसार इंदिरा मार्केट स्थित भव्य गणेश मंदिर के सामने संचालित राम रसोई को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं। आरोप है कि शासकीय सड़क और सार्वजनिक क्षेत्र का उपयोग कर संचालन किया जा रहा है, जिससे गणेश मंदिर की दृश्य भव्यता प्रभावित हुई है। इतना ही नहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद भी कब्जा जारी रखने जैसे आरोपों की शिकायतें भी संबंधित विभागों को सौंपे जाने की बात सामने आई है।
इसके बावजूद स्थापना दिवस समारोह में शहर के प्रमुख जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि शिकायतों की गंभीरता से अधिक महत्व राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को दिया जा रहा है।
गणेश मंदिर की भव्यता पर भी सवाल
धर्म और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की बात करने वाली राजनीति के बीच यह प्रश्न भी उठ रहा है कि यदि किसी धार्मिक स्थल की पहचान और भव्यता प्रभावित हो रही है तो जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने इस विषय पर अब तक कोई सार्वजनिक पहल क्यों नहीं की?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गणेश मंदिर के सामने किए गए कथित कब्जे ने मंदिर की दृश्यता को प्रभावित किया है। यदि यही कार्य किसी गरीब ठेला संचालक या छोटे व्यापारी द्वारा किया गया होता तो क्या प्रशासन इतनी ही उदारता दिखाता?
सुशासन बनाम स्थानीय हकीकत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की बात कर रहे हैं। प्रदेशभर में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई भी हो रही है। लेकिन दुर्ग में सामने आ रहे ऐसे मामले यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि क्या स्थानीय स्तर पर मुख्यमंत्री की मंशा को कमजोर किया जा रहा है?
जब शिकायतें दर्ज हैं, दस्तावेज सौंपे जा चुके हैं और आरोप सार्वजनिक रूप से चर्चा का विषय बने हुए हैं, तब जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे क्यों नहीं बढ़ रही?
जनता के बीच उठ रहे सवाल
क्या अतिक्रमण की परिभाषा व्यक्ति की आर्थिक हैसियत देखकर तय होगी?
क्या जनप्रतिनिधियों की मंचीय उपस्थिति शिकायतों को कमजोर करने का संकेत है?
क्या गणेश मंदिर के सामने हुए कथित कब्जे की निष्पक्ष जांच होगी?
क्या नगर निगम समान कानून और समान कार्रवाई का उदाहरण प्रस्तुत कर पाएगा?
बड़ा सवाल:
"दुर्ग में बुलडोजर का रास्ता शायद अब गूगल मैप से नहीं, प्रभावशाली लोगों की पहचान देखकर तय होता है। गरीब की गुमटी पर कानून जाग जाता है, लेकिन रसूखदारों के कब्जे के सामने कानून को शायद मंच की पहली पंक्ति में बैठा दिया जाता है।"
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निगम प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक चुप्पी के बीच खो जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
