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रायपुर/शौर्यपथ / केंद्रीय कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के ग्राम नगपुरा में आयोजित मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जनमन योजना, नियद नेल्ला नार योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का पांव पखारकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित अन्य अतिथियों ने भी आवास योजना के लाभार्थियों का पांव पखार कर अभिनंदन किया।
भाजपा की सरकार में अपराधी बेलगाम कानून व्यवस्था ध्वस्त
रायपुर//शौर्यपथ / सुरजपुर में पत्रकार परिवार के ट्रिपल मर्डर की दुःखद घटना की कड़ी नींदा करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में आम जनता हो या पत्रकार कोई भी सुरक्षित नहीं है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है राजधानी से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार और चाकूबाजी का खौफनाक मंजर हर तरफ़ दिखाई दे रहा है। बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद अब सूरजपुर से जो खबरें आ रही है वह बेहद डरावनी है। एक पत्रकार के माता-पिता और भाई को कुल्हाड़ी और लाठियां से हमला करके मौत के घाट उतार दिया गया। भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को भय मुक्त वातावरण दे पानी में पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है। इस सरकार में जरा भी नैतिकता बाकी है तो गृह मंत्री स्वयं इस्तीफा दे या विष्णुदेव साय अपराध रोक पाने में नाकाम गृहमंत्री को तत्काल बर्खास्त करें।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ का हर शहर अपराध गढ़ बन चुका है। रोज-रोज हत्याएं हो रही है, अपराधी बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं, गैंगवॉर हो रहे हैं, अंतराष्ट्रीय शूटरों की आमद छत्तीसगढ़ में हो गई है, खुलेआम गोलियां चल रही है, मुख्यमंत्री का क्षेत्र तक इससे अछूता नहीं है। सरेआम सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर लोग मारे जा रहे हैं, प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार की प्राथमिकता कानून व्यवस्था दुरुस्त करना है ही नहीं, बल्कि नशाखोरी को बढ़ावा देने में है, नशे के अवैध कारोबारियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए अपराधी घटनाएं बेतहाशा बढ़ रही है। भाजपा की सरकार में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है। मासूम बच्चियों के साथ घृणित दुराचार की घटनाएं बढ़ गई है, आश्रम स्कूलों में रहने वाली है मासूम अबोध बच्चियों के साथ दुराचार की खबरें भी लगातार सामने आ रही है, लेकिन यह सरकार आंख मूंदे बैठी है। अपराध पूरे प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है लेकिन यह सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है।
छत्तीसगढ़ में लाखों गरीबों के चेहरों पर संतोष और खुशी का भाव: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने की छत्तीसगढ़ के लिए 3 लाख से अधिक नए आवासों की घोषणा
दुर्ग के नगपुरा में मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम
रायपुर/शौर्यपथ /केन्द्रीय कृषि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि केन्द्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राज्य में श्री विष्णु देव साय की डबल इंजन सरकार प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है। वे आज दुर्ग जिले के नगपुरा में आयोजित मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पैर पखार कर उनका अभिनंदन किया। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाख 3 हजार 384 नए आवासों की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों को आवास का वादा किया था, जो आज साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में गरीबों को पक्के घर देने के इस ऐतिहासिक प्रयास के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में अब तक 8 लाख 47 हजार मकान पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को और अधिक समावेशी बनाने के लिए नई पात्रता मानदंड निर्धारित किया गया है, जिनमें अब अधिकतम आय सीमा बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा जिनके पास ढाई एकड़ सिंचित भूमि या पांच एकड़ असिंचित भूमि है, वे भी अब इस योजना के तहत पात्र होंगे। हितग्राही अब स्वयं भी अपने आवास हेतु आवेदन और सर्वेक्षण कर सकते हैं।
केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेती-किसानी को बढ़ावा देने की दिशा में अद्भूत काम हो रहे हैं। फसलों का उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और फसल विविधिकरण पर जोर दिया जा रहा है। धान की नई-नई किस्में भी जारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आ रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने करोड़ों आवासहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना आरंभ की थी। छत्तीसगढ़ में सुशासन की सरकार आई। डबल इंजन की सरकार बनी। हमने शपथ लेने के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक की और 18 लाख आवास स्वीकृत कर दिये। आज इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के लाखों हितग्राहियों के चेहरे में संतोष नजर आता है। उन्होंने जो मकान का सपना देखा था, वो अब पूरा हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने अपनी सरकार का एक साल पूरा कर लिया है और जनता के समक्ष एक साल का रिपोर्ट कार्ड भी प्रस्तुत किया है। हमारी परीक्षा की घड़ी शपथ ग्रहण के बाद ही शुरू हुई थी और सबसे पहला वायदा कैबिनेट की बैठक में हमने पूरा कर दिया। इससे हम लोग आश्वस्त हो गये और एक साल के भीतर ही मोदी जी की गारंटी के सभी प्रमुख वायदे हमने पूरे कर दिये हैं। शपथ के दो सप्ताह के भीतर हमने श्रद्धेय अटल जी की जयंती सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख किसान भाइयों को 2 साल के बकाया धान की बोनस राशि अंतरित की। हमने वायदे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान भी खरीदा। हमने पिछली बार 145 लाख मीट्रिक टन रिकार्ड धान की खरीदी की । पिछली बार किसानों के खाते में हमने कुल 49 हजार करोड़ रुपए की राशि अंतरित की। यह छत्तीसगढ़ के कृषि इतिहास में एक रिकार्ड की तरह दर्ज हो गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लगातार इस बात की मानिटरिंग कर रहे हैं कि तेजी से पीएम आवासों पर काम हो सके। गृह पोर्टल के माध्यम से जीआईएस मैपिंग और सटीक योजना तैयार की जा रही है। हमने पीएम आवास के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति का जिम्मा लखपति दीदी कार्यक्रम के अंतर्गत स्वसहायता समूहों को सौंपा है। इससे महिला सशक्तिकरण में भी बड़ी मदद मिल रही है, इस काम में आवास मित्र प्रभावी रूप से हितग्राहियों की मदद कर रहे हैं जिसके चलते आवास निर्माण समय पर पूरा हो रहा है। हितग्राहियों को कम लागत पर निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने हमने छूट कूपन की व्यवस्था की है। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोलफ्री नंबर की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पित माओवादियों तथा नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए 15 हजार आवास बनाने का निर्णय लिया गया है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए लाई गई पीएम जनमन योजना का क्रियान्वयन भी प्रदेश में तेजी से हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए 8 लाख 47 हजार नए मकानों की मंजूरी देकर प्रदेश के आवासहीन लोगों के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सामंजस्य से प्रदेश में आवास और सड़क निर्माण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत 32 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है और राज्य के हर गांव को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2449 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।
कार्यक्रम में रूरल मेसन प्रशिक्षणार्थियों को सामग्री का वितरण किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि और स्वच्छता किट वितरित की गई। ड्रोन दीदियों और लखपति दीदियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई। स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, विधायक सर्वश्री किरण देव सिंह, ललित चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, रिकेश सेन, ईश्वर साहू, दीपेश साहू और सुश्री भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
चुनाव जिस भी प्रणाली से हो जीतेगी कांग्रेस ही
रायपुर/शौर्यपथ /नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम से कराये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ वातावरण है। भाजपा को पता है कि बिना ईवीएम के वह कोई चुनाव नहीं जीत सकती है। पहले स्थानीय निकायों के चुनाव बैलेट पेपर से कराने की घोषणा उसके बाद यू-टर्न लेकर नगरीय निकायों के चुनाव ईवीएम से कराने का निर्णय बताता है कि भाजपा चुनाव से घबरा रही है। ईवीएम से चुनाव कराने का फैसला भाजपा प्रबंध समिति की बैठक के बाद आया मतलब बैठक में मंथन हुआ कि भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती इसीलिये ईवीएम से चुनाव कराने का निर्णय ले लिया गया।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जिन राज्यों में ईवीएम से चुनाव में भाजपा की जीत हुई थी उन्हीं राज्यों में कुछ महिनों के अंदर बैलेट पेपर से हुये स्थानीय निकाय के चुनावों में भाजपा की बुरी तरह पराजय हुई थी। भाजपा यह जान रही है छत्तीसगढ़ में बैलेट पेपर से नगरीय निकाय के चुनाव में भाजपा नहीं जीतने वाली है। इसीलिये घोषणा के बाद भी ईवीएम से चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जैसे जादूगर की जान तोते में रहती है, वैसे ही भाजपा की जान ईवीएम में बसती है। जब भी ईवीएम के खिलाफ कोई तार्किक तथ्य सामने आता है, कोई बयान आता है, भाजपाई तिलमिला जाते है तथा ईवीएम के खिलाफ बोलने वाले को राष्ट्रद्रोही साबित करने में लग जाते है। भाजपा बैलेट पेपर से चुनाव से डरती है
मुख्यमंत्री ने इंडियन वॉटर वर्क्स एसोसिएशन के अधिवेशन का किया शुभारंभ
देशभर के 400 जल विशेषज्ञ और अनुभवी इंजीनियर्स हो रहे शामिल
रायपुर /शौर्यपथ / पानी प्रकृति का अनमोल उपहार है, जिसे ईश्वर ने हमें बेमोल दिया है, लेकिन हमें इसका मोल समझना होगा। आज पूरा विश्व जल संकट से जूझ रहा है। देश-दुनिया के कई शहरों में भू जल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो जल संकट विकराल रूप धारण कर सकता है। हम सभी को पानी की एक-एक बूंद को सहेजना होगा। जल संरक्षण की जिम्मेदारी हम सबकी है। जल प्रबंधन आज समय की मांग है। हमें आने वाली पीढ़ियों के बेहतर जीवन के लिए जल के प्रबंधन, संरक्षण के साथ ही जल स्रोतों के संवर्धन पर विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन के 57वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वैश्विक जलवायु संकट के परिपेक्ष्य में जल संरक्षण और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जल संरक्षण के लिए जल जीवन मिशन, जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर, मिशन अमृत और एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान शुरू कर जल और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मोदी जी ने प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हर घर नल से जल योजना शुरू की। हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नल कनेक्शन प्रदान किया है, जिससे लोगों के घरों में साफ पानी पहुंचने से उनका स्वास्थ्य स्तर भी सुधरा है और ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंडियन वॉटर एसोशिएसन की स्मारिका का विमोचन किया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश भर से आए इंजीनियर्स, जल संरक्षण के विषय विशेषज्ञ जल संरक्षण के विषय में गहन विचार विमर्श करेंगे और जल संरक्षण के लिए रणनीति तैयार करने में योगदान देंगे।
उल्लेखनीय है कि इंडियन वॉटर एसोशिएसन की मेजबानी में दूसरी बार राजधानी रायपुर में 10 से 12 जनवरी तक आयोजित किए जा रहे इस अधिवेशन में जल-360 डिग्री की थीम रखी गई है। अधिवेशन में देश के 400 जल विशेषज्ञ और अनुभवी इंजीनियर शामिल हो रहे हैं। अधिवेशन में जल, अपशिष्ट जल उपचार और सतत प्रबंधन में नवीन टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य पाने में छत्तीसगढ़ की होगी सबसे अहम भूमिका : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 को किया संबोधित
रायपुर/शौर्यपथ / विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम फौलादी इच्छाशक्ति के साथ काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की सबसे अहम भूमिका होगी। इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक उद्यमी को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का ब्रांड एंबेसडर बनना होगा। प्रदेश के स्टील उद्योग को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए हरसम्भव सहयोग हमारी सरकार प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। हम विकसित छत्तीसगढ़ की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं केंद्रीय राज्य मंत्री था तब स्टील इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से अक्सर मुलाकात होती रही है। श्री साय ने कहा कि 17 राज्यों से आए 1500 प्रतिनिधि यहां दो दिन स्टील उद्योग की चुनौतियों व नये अवसर पर मंथन करेंगे। मुझे विश्वास है कि यहां हुई चर्चा स्टील सेक्टर के साथ ही छत्तीसगढ़ और देश की तरक्की को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन प्रदेश में स्टील उद्योग को तो प्रोत्साहित करेगा ही, एमएसएमई के लिए भी लाभकारी होगा। देशभर के उद्योग जगत के लोग छत्तीसगढ़ की इस विकास यात्रा में भागीदार होना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ में अवसर के कई द्वार अभी और खुलेंगे। जल्द ही हम लिथियम जैसी ऊर्जा खनिज के सबसे बड़े केंद्र बनेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्टील उद्योग के लिए काफी अवसर हैं। हमारे पास स्टील इंडस्ट्री के लिए जरुरी खनिज जैसे लोहा ओर और कोयला के साथ ही बिजली पर्याप्त मात्रा में है। हम स्टील उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर हैं। हमें गर्व है कि हमारा प्रदेश देश की इकोनॉमी का पावर हाउस है। छत्तीसगढ़ ने अब ग्रीन स्टील की ओर भी कदम बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि स्टील उद्योग में कई नवाचार हो रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए आप लोग नई और एडवांस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं, इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। आर्थिक विकास को गति देने के साथ हमें जलवायु परिवर्तन की चुनौती का भी समाधान करना होगा। ऐसे में अब पर्यावरण अनुकूल विकास के स्थायी उपाय करने होंगे। उन्होंने नई औद्योगिक नीति के जरिए 5 लाख नये रोजगार सृजन के लक्ष्य की बात दोहराई और कहा कि यह आप सभी के सहयोग से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और नई औद्योगिक नीति पर भी सरकार के विजन को साझा किया। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 एक ऐसा नवाचारी प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए राज्य में उद्योग, व्यवसाय और स्टार्टअप को एक पोर्टल पर तमाम सुविधाएं मिल रही हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल औद्योगिक नीति तैयार की है और इससे प्रदेश में निवेश आकर्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वनाच्छादित प्रदेश है और यहां खनिज सम्पदा के विपुल भंडार मौजूद है। प्रदेश के विकास को गति देने की सभी संभावनाएं यहां मौजूद है। श्री देवांगन ने स्टील उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी भी दी। उन्होंने कॉनक्लेव में मौजूद सभी उद्योगपतियों से आग्रह करते हुए कहा कि हमारी इस औद्योगिक नीति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, जिससे लोग इसका लाभ लें और प्रदेश की तरक्की में साझेदार बने।
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का सबसे तेजी से विकसित होता हुआ राज्य बन रहा है। प्रदेश में स्टील उद्योग के लिए अनुकूल अवस्थाएं मौजूद हैं। प्रदेश में पहले से ही अनेक उद्योग स्थापित हैं अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम विकास के साथ ही पर्यावरण का भी ध्यान रखें। सीएसआर की सहायता से लोगों के जीवन को भी बेहतर बनाने का प्रयास करें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, उद्योग सचिव श्री रजत कुमार, ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 के चेयरमैन श्री रमेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्टील री रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय त्रिपाठी, भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ अजॉय कुमार चक्रवर्ती सहित सीएसआरए के पदाधिकारीगण और स्टील उद्योग से जुड़े उद्योगपति उपस्थित थे।
रायपुर//शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण प्रावधानों किए गए दुर्भावना पूर्वक संशोधन के चलते अधिकांश जिला और जनपद पंचायतों में ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया है। प्रदेश के 16 जिला पंचायत और 85 जनपदों में जहां पहले 25 प्रतिशत सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हुआ करती थी, अब अनुसूचित क्षेत्रों में ओबीसी आरक्षण लगभग खत्म हो गया है। पूर्व में ओबीसी के लिए आरक्षित ये सभी सीटें अब सामान्य घोषित हो चुकी है। साय सरकार के द्वारा आरक्षण प्रक्रिया के नियमों में किए गए दुर्भावना पूर्वक संशोधन के बाद अनुसूचित जिले और ब्लॉकों में जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य और पंचों का जो भी पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, वह अब सामान्य सीटे घोषित हो गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बस्तर और सरगुजा संभाग में आरक्षित वर्ग को बड़ा नुकसान है सरगुजा संभाग के पांच जिले अंबिकापुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ,़ चिरमिरी, भरतपुर सोनहत, बस्तर के 7 जिले बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाडा, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर सहित मानपुर मोहला, जशपुर, गैरोला पेंड्रा मरवाही, और कोरबा जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कुछ बचा ही नहीं है। इस सरकार के द्वारा स्थानीय निकाय (त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय) चुनाव में आरक्षण के प्रावधानों में जो षडयंत्र पूर्वक ओबीसी विरोधी परिवर्तन किया है उसके परिणाम सामने हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के लिए जिला पंचायत, जनपद पंचायत, सरपंच और पांचों के आरक्षण में ओबीसी के हक और अधिकारों में बड़ी डकैती इस सरकार ने की है। त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में रायपुर जिला पंचायत में 16 क्षेत्रों में से केवल 4 ओबीसी के लिए आरक्षित है। बिलासपुर जिले में सदस्यों के 17 में से केवल एक क्षेत्र क्रमांक 1 में ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है, ओबीसी पुरुष के लिए 17 में से एक भी सीट आरक्षित नहीं है। इसी तरह बिलासपुर जिले के चार जनपद पंचायत में दो जनपद पंचायत अध्यक्ष के पद अनुसूचित जाति महिला, एक अनारक्षित महिला और एक जनपद अध्यक्ष का पद अनारक्षित मुक्त रखा गया है। ओबीसी के लिए बिलासपुर जिले के अंतर्गत चार जनपद पंचायतों में से एक भी जनपद पंचायत अध्यक्ष का पद ओबीसी के लिये आरक्षित नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के बदनियति से चलते अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ने से वंचित हो गए हैं। स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण के संदर्भ में साय सरकार ने जो दुर्भावना पूर्वक संशोधन किया है वह ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय है, अत्याचार है। बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग में ओबीसी वर्ग के लिए कुछ बचा ही नहीं जबकि यहां बड़ी आबादी ओबीसी वर्ग की है, भाजपा सरकार ने दुर्भावना पूर्वक संशोधन करके पिछड़ा वर्ग के प्रतिभागियों के अधिकार को कुचल दिया है।
योजना के लिए 202.84 करोड़ रुपए मंजूर
लोरमी, मुंगेली, तखतपुर की बरसों पुरानी मांग होगी पूरी, 17 हजार परिवारों को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ की पहली योजना जिसमें तीन नगरीय निकायों को मिलेगा पेयजल
लोरमी, मुंगेली और तखतपुर के लिए मील का पत्थर साबित होगी योजना - उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
रायपुर/शौर्यपथ /मिशन अमृत 2.0 के तहत तीन शहरों लोरमी, मुंगेली और तखतपुर में पेयजल के लिए खुड़िया जलाशय का पानी पहुंचाया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने इसके लिए 202 करोड़ 84 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। यह छत्तीसगढ़ की पहली ऐसी योजना होगी जिसमें एक साथ तीन नगरीय निकायों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी। तीनों शहरों के कुल 17 हजार परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर क्षेत्रवासियों की यह बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही है। उनके निर्देश पर लोरमी, मुंगेली और तखतपुर के लिए रॉ-वाटर तथा लोरमी शहर के लिए जल शोधन एवं वितरण व्यवस्था के लिए सुडा ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत इस योजना की मंजूरी दी है। इस योजना से लोरमी नगर पालिका के नागरिकों को 24x7 शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। योजना को साकार करने पूरे नगर में विस्तृत एवं वृहद सर्वे जलप्रदाय सर्वे विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा किया गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि लोरमी, मुंगेली और तखतपुर के लोगों की बहुत पुरानी मांग थी कि उनके शहर के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस योजना से उनकी बरसों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। शुद्ध पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। इसे उपलब्ध कराना नगरीय निकायों का दायित्व भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना मिशन अमृत 2.0 के तहत यह योजना स्वीकृत की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह योजना लोरमी नगर के लिए मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही मुंगेली और तखतपुर में भी इससे पेयजल आपूर्ति की समस्या खत्म हो जाएगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने योजना के बारे में बताया कि खुड़िया जलाशय से लोरमी, मुंगेली और तखतपुर को रॉ-वाटर देने के लिए 75 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। लोरमी में पेयजल आर्वधन के लिए 8.5 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। लोरमी शहर में शुद्ध पेयजल प्रदान करने के लिए आठ किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। साथ ही हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए 80 किलोमीटर वितरण लाइन भी बिछाई जाएगी। योजना के तहत तीन नए उच्च स्तरीय जलागार का भी निर्माण किया जाएगा।
लोरमी, मुंगेली और तखतपुर शहर में पानी पहुंचाने के लिए लोरमी विकासखंड के खुड़िया जलाशय से पंप के द्वारा पानी जलाशय से तीन किलोमीटर दूर कारीडोंगरी लाया जाएगा, जहां निर्मित जलागार में जल को एकत्रित किया जाएगा। जलागार से पानी गुरूत्वाकर्षण पद्धति (ग्रेविटी सिस्टम) से कुल 70 किलोमीटर की दूरी तय कर लोरमी, मुंगेली और तखतपुर पहुंचेगा, जहां से पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इस पद्धति में किसी भी प्रकार की मशीनरी का उपयोग नहीं किया जाएगा। इससे मशीनों एवं अन्य यंत्रों की खरीदी, बिजली बिल एवं मशीनों के रखरखाव पर होने वाला व्यय बचेगा। तीनों शहरों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक स्कॉडा पद्धति से पेयजल व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जाएगी।
वार्ड में भर्ती मरीजों के ब्लड सैम्पल को वार्ड बॉय लेकर जाएगा पैथोलॉजी लैब, रिपोर्ट कलेक्ट कर सीधे पहुंचायेगा वार्डों में
मरीज के परिजनों को मिलेगी बड़ी राहत, अटेंडर को ब्लड सैंपल लेकर नहीं जाना पड़ेगा पैथोलॉजी लैब
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज के परिजनों को खून की जांच कराने के लिए सैंपल लेकर पैथोलॉजी लैब नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल में भर्ती अंतः रोगी मरीजों के लिए प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। अब वार्ड में भर्ती सभी मरीजों के पैथोलॉजिकल जांच के लिए उनका ब्लड सैंपल वार्ड में एकत्रित कर वार्ड बॉय द्वारा पैथोलैब तक पहुंचाया जाएगा और जांच पश्चात् ब्लड रिपोर्ट एकत्रित करके उसे संबंधित वार्ड में ऑन ड्यूटी नर्स को दिया जाएगा। अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मेडिसिन मेल वार्ड क्र. 8 एवं 9 तथा मेडिसिन फीमेल वार्ड क्रं. 10 एवं 11 में भर्ती मरीजों के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। धीरे-धीरे सभी वार्डों में सैंपल कलेक्शन सिस्टम की यह व्यवस्था लागू हो जाने के बाद मरीजों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी और उनके अटेंडर को भी जांच के लिए ब्लड सैंपल को लेकर पैथोलॉजी लैब तक नहीं जाना पड़ेगा। रिपोर्ट भी उनको समय पर मिल जायेगा।
विदित हो कि 1340 बेड के अम्बेडकर अस्पताल में रोजाना 950 से भी अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। वहीं प्रतिदिन लगभग 260 नये मरीज अतः रोगी विभाग (आईपीडी) में भर्ती होते है। यहाँ विभिन्न विभागों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार रहती है। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे खून जांच एवं रेडियोलॉजी जांच की व्यवस्था रहती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
