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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियों की प्रदर्शनी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 22 दिसम्बर को जांजगीर में जनादेश परब का आयोजन किया जा रहा है। जनादेश परब में जनता-जनार्दन के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों तथा राज्य के एकीकृत विकास के लिए लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी। जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जाएगा।
जनादेश परब के अवसर पर जांजगीर के पुलिस लाईन में आयोजित की जा रही विशाल आमसभा को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे. पी. नड्डा सम्बोधित करेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। इस मौके पर सुप्रसिद्ध लोक कलाकार एवं पद्मश्री श्री अनुज शर्मा तथा अन्य कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर पिछले दो वर्षों विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल, कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, मत्स्य पालन और सहकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि होंगे एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े व विधायक ब्यास कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
राज्य के समग्र विकास पर केंद्रित प्रदर्शनी
जनादेश परब में सरकार के दो वर्षों की निरंतर सेवा और निरंतर विकास की झलक विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए आकर्षक प्रदर्शनी में देखने को मिलेगी एवं प्रदर्शनी में पीएम सूर्यघर योजना तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को दी जाएगी। इसी तरह किसान सम्मान निधि, हितग्राही मूलक योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जिससे किसान सीधे लाभ और प्रक्रियाओं को समझ सकें। डिजिटल और नवाचारी शिक्षा, आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास और पीएम एवं विद्या जैसी योजनाओं के माध्यम से स्मार्ट स्कूल-सशक्त छात्र-उज्ज्वल भविष्य” की अवधारणा गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा की झलक देखने को मिलेगी।
इसके अलावा प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण, महतारी वंदन, सुपोषण अभियान एवं बाल कल्याण योजनाओं, सिंचाई योजनाओं और जल प्रबंधन, मत्स्य उत्पादन, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया को समझाने हेतु एक मॉडल देखने को मिलेगा। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा भी स्टॉल लगाया जाएगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
रायपुर । शौर्यपथ
छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी पारदर्शिता और जवाबदेही को एक नए स्तर पर प्रदर्शित किया। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज रायपुर स्थित अपने सिविल लाइन निवास में पूर्व घोषणा के अनुरूप अभ्यर्थियों से सीधा संवाद किया और उनकी हर शंका का तत्काल समाधान किया। यह राज्य में पहली बार है जब किसी भर्ती प्रक्रिया पर उठी आपत्तियों को लेकर उपमुख्यमंत्री ने स्वयं अभ्यर्थियों के बीच बैठकर चर्चा की।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ठीक सुबह 10 बजे भर्ती प्रक्रिया के प्रमुख एडीजी एसपीआर कल्लूरी एवं आईजी बद्री नारायण मीना के साथ अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय पद्धति से संपादित की गई है तथा शासन भर्ती प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
सभी प्राप्तांक सार्वजनिक – पूर्ण पारदर्शिता
उन्होंने बताया कि प्राप्तांक के संबंध में मांग उठते ही शासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए
✔ सभी अभ्यर्थियों के अंक सार्वजनिक किए
✔ परिणाम पोर्टल पर उपलब्ध कराए
✔ चयन प्रक्रिया को पूर्ण खुली प्रतिस्पर्धा और प्रावीण्यता सूची के आधार पर संचालित किया।
शंकाओं पर दस्तावेज मंगवाकर की व्यक्तिगत जांच
केंद्रीयकृत सेंटर में शारीरिक परीक्षा को लेकर व्यक्त शंकाओं पर उपमुख्यमंत्री ने स्वयं सभी दस्तावेज मंगवाए एक-एक प्रकरण की जांच की .उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी अभ्यर्थी के चयन में कोई अनियमितता नहीं मिली, जिसे मौके पर ही सभी के सामने सार्वजनिक रूप से बताया गया।
मुख्यमंत्री से चर्चा कर वेटिंग सूची बढ़ाने की पहल
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि—प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) जल्द जारी की जाएगी ,प्रथम वेटिंग लिस्ट में संख्या बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मार्गदर्शन लिया जाएगा.पीएचक्यू आईडी के कारण मोबाइल नम्बर में अंतर आने की समस्या पर भी विचार का आश्वासन दिया गया
भूतपूर्व सैनिकों और बस्तर युवाओं की मांगों पर निर्णय
■ भूतपूर्व सैनिकों की आयु सीमा में छूट की मांग पर उन्होंने कहा कि वे स्वयं मुख्यमंत्री से चर्चा कर उपयुक्त समाधान निकालेंगे।
■ बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं के चयन की मांग पर उन्होंने बताया कि न्यायालय के निर्णय के कारण आरक्षण संभव नहीं था, परंतु बस्तर फाइटर भर्ती के माध्यम से स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
राज्य में पहली बार — तीन स्तरों पर शिकायतों का निवारण
यह भर्ती प्रक्रिया इसलिए भी ऐतिहासिक है कि शिकायतों का निवारण तीन स्तरों पर किया गया—
1️⃣ जिला स्तरीय: 12–14 दिसंबर को सभी पुलिस अधीक्षकों द्वारा शिकायतों का समाधान
2️⃣ राज्य स्तरीय: 19 और 20 दिसंबर को एडीजी कल्लूरी द्वारा पीएचक्यू में खुला मंच
3️⃣ मंत्रिस्तरीय स्तर: स्वयं उपमुख्यमंत्री द्वारा आज अभ्यर्थियों के बीच संवाद और समाधान
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जो अभ्यर्थी रायपुर आने में असमर्थ थे, उनके लिए जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालयों को भी संपर्क का माध्यम बनाया गया, ताकि कोई भी उम्मीदवार अपनी बात रखने से वंचित न रहे।
भर्ती प्रक्रिया—निष्पक्ष, पारदर्शी, युवाओं के हित में
उन्होंने दोहराया कि शासन ने भर्ती प्रक्रिया में किसी भी गड़बड़ी को पूर्णतः रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। कार्यक्रम में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सभी भर्ती केंद्रों के प्रभारी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
बलिदान और कर्तव्य के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व - मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय वीर बाल रैली में हुए शामिल, हरी झंडी दिखाकर किया रैली का शुभारंभ
साहसिक गतिविधियों और भव्य झांकियों के साथ 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने निकाली ऐतिहासिक रैली
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। श्री साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ /
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी–NIT) रायपुर में 21 दिसंबर 2025 को एलुमनी एसोसिएशन, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GEC–NIT) रायपुर द्वारा वार्षिक पूर्व छात्र मिलन समारोह–2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संस्थान के गोल्डन टॉवर में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) एन. वी. रमना राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में 1965, 1975, 1985 एवं 2000 बैच के पूर्व छात्र, एलुमनी एसोसिएशन के पदाधिकारी, संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी शामिल हुए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में एलुमनी एसोसिएशन के सहयोग से निर्मित दो स्मार्ट कक्षा कक्षों एवं एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस कक्ष का उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ औपचारिक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
एलुमनी एसोसिएशन जीईसी–एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष श्री उमेश चितलांगिया ने कहा कि पूर्व छात्र मिलन समारोह संस्थान और एलुमनी के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं, छात्र सहायता, बीमा कवरेज एवं डिजिटल परिवर्तन जैसी एलुमनी-समर्थित पहलों की जानकारी दी।
संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि एलुमनी के सहयोग से 20 स्मार्ट कक्षाओं का विकास किया जा चुका है तथा 20 और कक्षाओं को स्मार्ट बनाने की योजना है। उन्होंने पूर्व छात्रों से संस्थान के विकास में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
विभिन्न बैचों के पूर्व छात्रों ने संस्थान के प्रति अपने अनुभव साझा करते हुए मेंटरिंग, तकनीकी उन्नयन एवं संस्थागत विकास में सहयोग पर बल दिया।
अपने संबोधन में निदेशक प्रो. (डॉ.) एन. वी. रमना राव ने एलुमनी योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर की समग्र छात्र विकास एवं भविष्य–उन्मुख दृष्टि को रेखांकित किया। उन्होंने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (Corporate Social Responsibility–CSR) योजना से निर्मित छात्रावास सहित प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया।
कार्यक्रम के दौरान लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार, विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान एवं बैच–वार सम्मान प्रदान किए गए। समारोह का समापन पूर्व छात्रों द्वारा शिक्षकों के सम्मान के साथ हुआ।
बिलासपुर । शौर्यपथ
परियोजना प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत आवश्यकताओं को मजबूत करते हुए एनटीपीसी सीपत द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत किए जा रहे ₹6.25 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन और भूमिपूजन ग्राम पंचायत कर्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ₹4.53 करोड़ की लागत से पूर्ण 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और ₹1.72 करोड़ के चार नए प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री (आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय) तथा बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू ने इन कार्यों का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, एवं एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री विजय कृष्ण पाण्डेय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कई गांवों में दर्जनों विकास कार्य पूरे
एनटीपीसी सीपत ने अपने CSR कार्यक्रम के तहत परियोजना प्रभावित ग्राम पंचायतों—कर्रा, सीपत, गतौरा, रलिया, जांजी, देवरी, कौड़िया, रांक और दर्राभाटा—में कुल 12 विकास कार्य पूरे किए हैं, जिनमें
आधारभूत संरचना निर्माण,तालाबों का पुनरुद्धार,शिक्षा सुविधाओं का विस्तारजैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।साथ ही चार नए विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन किया गया।
“सीएसआर ग्रामीण विकास की रीढ़” — केंद्रीय मंत्री तोखन साहू
मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू ने कहा कि एनटीपीसी सीपत द्वारा किए जा रहे कार्यों से क्षेत्रीय विकास को ठोस आधार मिला है। उन्होंने कहा कि “सीएसआर केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि समावेशी विकास का मार्ग है।”
उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ स्थित एनटीपीसी सीपत देश के कई राज्यों को विद्युत आपूर्ति कर रहा है और निर्माणाधीन 800 मेगावाट की नई इकाई से इसकी राष्ट्रीय भूमिका और सशक्त होगी।
जनप्रतिनिधियों ने सराहा विकास मॉडल
मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया ने कहा कि ग्राम स्तर पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही समग्र विकास का वास्तविक मार्ग है और एनटीपीसी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि सीएसआर के ये कार्य ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी एवं जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती देवी ने कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐसे प्रयासों को अत्यंत आवश्यक बताया।
एनटीपीसी की प्रतिबद्धता
परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री विजय कृष्ण पाण्डेय ने एनटीपीसी सीपत द्वारा संचालित CSR गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए सामाजिक विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई तथा सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में एनटीपीसी सीपत के वरिष्ठ अधिकारी, जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, अनेक ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कवर्धा / शौर्यपथ /
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विकासखंड बोड़ला के ग्राम पोड़़ी में सुरेठी कुर्मी समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। समाज के बीच आयोजित भव्य सम्मेलन में उन्होंने सहभागिता करते हुए समाज के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों का उत्साहपूर्ण स्वागत किया। मंच पर उत्कृष्ट सामाजिक कार्य करने वाले प्रतिनिधियों को उन्होंने शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सुरेठी कुर्मी (वर्मा) समाज के छात्रावास एवं भवन विकास हेतु 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर रचनात्मक कार्य में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
“संस्कारों से बनता है सशक्त समाज” — उपमुख्यमंत्री
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि किसी भी समाज की मज़बूती का आधार केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कार होते हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी यदि संस्कार न हों तो उसका कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलता। उन्होंने हाल के आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि “हमले में शामिल लोग पढ़े-लिखे थे, परंतु उनमें संस्कारों की कमी थी, जिसने उन्हें गलत मार्ग पर धकेल दिया।”
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भारतीय और छत्तीसगढ़ी संस्कृति में संस्कारों की परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। “यदि बच्चा प्रतिदिन माता-पिता को प्रणाम करता है, अपने बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करता है, तो वह कभी भटक नहीं सकता।” उन्होंने लोगों से इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीराम साहू, वर्मा समाज अध्यक्ष शिवप्रसाद वर्मा, तथा समाज के प्रमुख प्रतिनिधि—भगवती प्रसाद वर्मा, रवि वर्मा, सत्रुहन वर्मा, पुराण वर्मा, श्याम वर्मा, अमित वर्मा, पीताम्बर वर्मा, भरत वर्मा, सरपंच मिथिला साहू समेत बड़ी संख्या में समाजजन और नागरिक उपस्थित थे।
केपीएल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान
उपमुख्यमंत्री द्वारा आयोजित कवर्धा प्रीमियर लीग (KPL) क्रिकेट प्रतियोगिता में बोड़ला मंडल के नेउरगांव टीम के खिलाड़ी लवकेश वर्मा तथा लेंजाखार के पोषण वर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सबका ध्यान आकर्षित किया। उनके शानदार खेल से प्रभावित होकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित किया तथा प्रत्येक को 5100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
भोपाल / एजेंसी / भोपाल में एक बार फिर साबित हो गया कि घोटालों के मामले में नगर निगम की रचनात्मकता अद्वितीय है। राजधानी के वार्ड 53 में मात्र 240 मीटर लंबी और 3 फीट चौड़ी नाली को ढंकने के लिए रिकॉर्डतोड़ 16,139 किलोग्राम (16 टन) लोहे का उपयोग दिखाया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इतना लोहा तो बड़े पुलों में भी नहीं लगता, परंतु यहाँ एक ‘छोटी सी नाली’ ने ही निगम के ख़जाने को भारी-भरकम झटका दे दिया।
कागजों पर सब कुछ इतना शानदार है कि बिना साइट देखे ही इंजीनियरों ने 13 लाख रुपये का बिल पास कर दिया। नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर निशांत तिवारी द्वारा मंजूर यह बिल अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
उधर, प्रभारी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर बृजेश कौशल पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोप है कि उन्होंने निर्माण के दौरान एक बार भी साइट का दौरा नहीं किया। सबसे रोचक मोड़ तो तब आया जब 5 दिसंबर को नोटिस, और 8 दिसंबर को साइट निरीक्षण के बावजूद न तो रिपोर्ट पेश की गई और न ही काम की वास्तविकता जाँची गई—लेकिन बिल पास कराने में किसी ने देर नहीं की!
अब मामले की गर्माहट बढ़ने के बाद निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने नाली की कोर-कटिंग के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि कागजों की दुनिया में बिछाए गए लोहे के पुल की सच्चाई जमीन पर उतर सके।भेल संगम कॉलोनी की यह नाली अब सिर्फ सीमेंट-सरिया की नहीं, बल्कि निगम की लापरवाही, इंजीनियरों की भूमिका और भ्रष्टाचार के लोहे जैसे ठोस सवालों की नाली बन चुकी है।
राजनांदगांव/शौर्यपथ/ भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव के बायोकेमेस्ट्री विभाग द्वारा दिनांक 17 दिसंबर 2025 को Inborn Errors of Metabolism (IEM): From Bench to Bedside विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सी.एम.ई.) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी आयोजित हुआ, जिसमें राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के चिकित्सा शिक्षक एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पी.एम. लुका (अधिष्ठाता, चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव) एवं अतिथि डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत बायोकेमेस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल बरन चौधुरी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. पी.एम. लुका ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध एवं बदलावों से अपडेट रहने के लिए ऐसे शैक्षणिक आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। वहीं डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर ने IEM जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सीएमई आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस बीमारी की समय पर पहचान एवं उपचार में प्रयोगशाला जांच की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में एम्स रायपुर से आमंत्रित मुख्य वक्ता डॉ. अतुल जिंदल (विभागाध्यक्ष एवं शिशु रोग विशेषज्ञ) ने The Nonspecific Clues: Recognizing IEM Across the Lifespan विषय पर व्याख्यान देते हुए IEM से जुड़े न्यूरोलॉजिकल लक्षणों एवं आवश्यक जांचों की विस्तृत जानकारी दी। एम्स रायपुर की डॉ. सुप्रवा पटेल (प्राध्यापक, बायोकेमेस्ट्री) ने IEM की पहचान हेतु होने वाली रक्त एवं जेनेटिक जांचों पर प्रकाश डाला। चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के डॉ. अजय कोसम (विभागाध्यक्ष एवं शिशु रोग विशेषज्ञ) ने नवजात शिशुओं में मेटाबोलिक विकारों के नवीनतम निदान एवं उपचार तकनीकों की जानकारी दी। एम्स रायपुर की डॉ. तृप्ति सिंह नाइक (प्राध्यापक, शिशु रोग विभाग) ने बताया कि जीवनशैली एवं आहार में उचित बदलाव से IEM से पीड़ित मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।
डॉ. रोहित डेविड (सह प्राध्यापक, पी.एस.एम. विभाग) ने कहा कि भारत में IEM एक गंभीर और तेजी से बढ़ती समस्या बनती जा रही है, जिस पर गंभीरता से विचार आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में बायोकेमेस्ट्री विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. पुष्पेन्द्र नरेटी ने सभी अतिथियों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव में IEM से संबंधित जांच एवं उपचार सुविधा शीघ्र प्रारंभ होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यह संस्थान भविष्य में IEM जांच एवं उपचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
0 31 हजार विजेता व 21 हजार उपविजेता पुरस्कार, 50-50 फार्मूले से स्थानीय खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
राजनांदगांव/शौर्यपथ / वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित बहुप्रतिष्ठित 5वीं छत्तीसगढ़ हॉकी लीग 2025 का भव्य आयोजन आगामी 21 से 28 दिसंबर तक ढाबा रोड स्थित चीखली स्कूल मैदान में किया जाएगा। आठ दिवसीय इस अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता में देश एवं प्रदेश की 12 उत्कृष्ट टीमें हिस्सा लेंगी, जिनके बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं एनआईएस गोल्ड मेडलिस्ट कोच मृणाल चौबे ने पत्रकारवार्ता में बताया कि हॉकी खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समाजसेवी बलदेव सिंह भाटिया द्वारा अपने पूज्य पिताजी स्व. सुरजीत सिंह भाटिया की स्मृति में विजेता टीम को ₹31, 000 की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं समाजसेवी बहादुर अली द्वारा अजीज मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से उपविजेता टीम को ₹21, 000 की नगद राशि दी जाएगी।
0 भव्य स्वागत व रैली
प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों का स्वागत रेलवे स्टेशन पर किया जाएगा। इसके पश्चात चिखली चौक से चीखली स्कूल मैदान तक रैली निकालकर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया जाएगा।
0खिलाड़ियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएँ
आयोजकों द्वारा खिलाड़ियों के लिए भोजन एवं आवास की उत्तम व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मेडिकल टीम, आपातकालीन सुविधा, पेयजल, इको-फ्रेंडली परिवहन, मैच ऑफिशियल्स, आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम, बेस्ट प्लेयर एवं बेस्ट दर्शक पुरस्कार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
0फ्लड लाइट में होंगे मुकाबले
सांसद संतोष पाण्डेय द्वारा घोषित फ्लड लाइट का कार्य तेज़ी से जारी है। आयोजकों को उम्मीद है कि प्रतियोगिता प्रारंभ होने से पूर्व कार्य पूर्ण हो जाएगा और मुकाबले फ्लड लाइट में कराए जाएंगे।
0 50-50 फार्मूले से मिलेगा अवसर
कोच मृणाल चौबे ने बताया कि टूर्नामेंट में 50 प्रतिशत टीमें छत्तीसगढ़ से तथा 50 प्रतिशत टीमें अन्य राज्यों से होंगी। इस अनोखे 50-50 फार्मूले से प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का सुनहरा अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता लीग कम नॉकआउट फॉर्मेट में खेली जाएगी, जिससे खिलाड़ियों को अधिक मैच और बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक माहौल प्राप्त होगा।
0भाग लेने वाली प्रमुख टीमें
खेलो इंडिया सेंटर राजनांदगांव, जिला हॉकी संघ राजनांदगांव, अमरावती एकादश (महाराष्ट्र), आर.के. रॉय हॉकी अकादमी, पटना (बिहार), भोपाल एकादश (मध्यप्रदेश), सेल हॉकी अकादमी (राउरकेला ओड़िशा), तमिलनाडु एकादश (चेन्नई), मेंघबरन सिंह हॉकी अकादमी (गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश), स्टेट खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस(बिलासपुर), जिला हॉकी संघ(कवर्धा), जिला हॉकी संघ दुर्ग, झारखंड एकादश
आयोजकों के अनुसार, पटरी पार क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपस्थिति की भी प्रबल संभावना है। पत्रकारवार्ता में वार्ड पार्षद शिव वर्मा, सुनील साहू एवं दीपेश चौबे उपस्थित रहे।
फॉलो अप
जगदलपुर से नरेश देवांगन की रिपोर्ट
जगदलपुर, शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनता के प्रति संवेदनशीलता सर्वोपरि है। साय सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही को अहम बताया जा रहा है। लेकिन जगदलपुर शहर में PWD द्वारा किए जा रहे बी.टी. पैच रिपेयर कार्य की मौजूदा स्थिति यह सवाल खड़ा कर रही है कि क्या विभाग ज़मीन पर सरकार की सोच को सही मायनों में लागू कर पा रहा है?
PWD द्वारा शहर में करोड़ों की लागत से चल रहे पैच रिपेयर कार्य को लेकर प्रकाशित खबर को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन जमीनी हालात में कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा। शहर में कई स्थानों पर मरम्मत कार्य अब भी अधूरा है, और फिलहाल कहीं भी सक्रिय कार्य होता दिखाई नहीं देता। इससे यह आभास बन रहा है कि काम की रफ्तार सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है।
शहर के अनेक इलाकों में आज भी ऐसे गड्ढे मौजूद हैं, जहाँ तत्काल पैच वर्क की आवश्यकता है। हैरानी की बात यह है कि VIP रोड जैसी महत्वपूर्ण सड़कों पर भी मरम्मत अधूरी दिखाई देती है, जबकि सरकार बार-बार यह स्पष्ट कर चुकी है कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब साय सरकार सुशासन और जनहित को प्राथमिकता दे रही है, तब PWD की यह स्थिति सरकारी मंशा पर सवाल नहीं, बल्कि विभागीय कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। पहले पैच रिपेयर की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे, और अब काम का ठप पड़ जाना विभागीय निगरानी की कमी की ओर इशारा करता है।
लोक निर्माण विभाग क्र- 01 के जिम्मेदार अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री बत्रा से जब पहले स्थिति को लेकर सवाल पूछे गए थे, तो व्यस्तता का हवाला दिया गया। एक सप्ताह बाद भी हालात में कोई ठोस सुधार न दिखना, यह संकेत देता है कि बैठकें तो हो रही हैं, लेकिन फील्ड स्तर पर उनकी असरदार निगरानी दिखाई नहीं दे रही।
शहर में यह चर्चा आम है कि यदि विभागीय स्तर पर नियमित निरीक्षण और समीक्षा होती, तो न केवल अधूरे कार्य सामने आते, बल्कि समय रहते उन्हें पूरा भी किया जा सकता था। लोग पूछ रहे हैं— क्या विभाग सरकार द्वारा तय किए गए गुणवत्ता मानकों के अनुरूप काम कर रहा है?
शहरवासियों का मानना है कि यह मुद्दा सरकार की नीयत का नहीं, बल्कि PWD की कार्यप्रणाली और जवाबदेही का है। यदि विभाग सरकार की मंशा के अनुरूप काम करे, तो सड़कों की हालत और जनता का भरोसा—दोनों बेहतर हो सकते हैं। अब सवाल केवल सड़कों तक सीमित नहीं रह गया है।
सवाल यह है कि साय सरकार जिस सुशासन की बात कर रही है, क्या PWD भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है? क्योंकि ज़मीन पर सड़कें अब भी जवाब मांग रही हैं, और जनता को उम्मीद है कि सरकार की संवेदनशीलता विभाग तक भी उतनी ही सख्ती से पहुँचेगी।
रायपुर। शौर्यपथ
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है। एम्स रायपुर के एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र अनिकेत त्रिपाठी एवं स्रहास दिन्नेपल्ली ने एम्स भोपाल में आयोजित प्रतिष्ठित अंतर-महाविद्यालय फार्माकोलॉजी क्विज़ प्रतियोगिता ‘फार्मक्वेस्ट 2025’ में देशभर की 37 टीमों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
एम्स भोपाल के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य चिकित्सा छात्रों में फार्माकोलॉजी की गहन अवधारणात्मक समझ एवं नैदानिक अनुप्रयोग को सुदृढ़ करना है। प्रतियोगिता के विभिन्न चुनौतीपूर्ण चरणों में एम्स रायपुर की टीम ने विषय ज्ञान, तार्किक विश्लेषण और उत्कृष्ट समस्या-समाधान क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन कर निर्णायकों को प्रभावित किया।
इस गौरवपूर्ण सफलता पर एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल ने विजेता छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, समर्पित संकाय और छात्रों की निरंतर मेहनत का परिणाम है।
विजेता छात्रों का मार्गदर्शन फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नितिन गायकवाड़ के नेतृत्व में प्रो. डॉ. योगेंद्र केचे, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. पुगझेन्थेन थंगराजू, डॉ. प्रफुल्ल ठवरे एवं डॉ. समीर खासबागे ने किया। संरचित क्विज़ प्रशिक्षण और सतत अकादमिक सहयोग से छात्रों की तैयारी को मजबूती मिली।
यह उपलब्धि एम्स रायपुर की सुदृढ़ अकादमिक संस्कृति, नवाचार-आधारित शिक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
रायपुर / शौर्यपथ /
डिजिटल सार्वजनिक खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (Government e-Marketplace – GeM) द्वारा छत्तीसगढ़ के खरीदारों एवं विक्रेताओं के लिए “जेम एक्सीलेंस समिट 2025” का आयोजन कल शुक्रवार 19 दिसंबर 2025 को लोक निर्माण विभाग (Public Works Department – PWD) न्यू सर्किट हाउस, सिवील लाईन्स, रायपुर में किया जाएगा। यह समिट राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक खरीद प्रणाली की दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर सिद्ध होगा।
इस समिट का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय विभागों में डिजिटल सार्वजनिक खरीद की क्षमताओं को सशक्त करना तथा खरीदार संगठनों को जेम के ईकोसिस्टम, प्रमुख सुविधाओं और कार्यप्रणाली (वर्कफ़्लो) के प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के दौरान जेम प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध नवीन सुविधाओं, प्रक्रियागत सुधारों और पारदर्शी खरीद तंत्र की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
समिट में राज्य के विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा। इसके माध्यम से स्थानीय इकाइयाँ, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम, स्टार्टअप्स, कारीगर, महिला उद्यमी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) उद्यमी एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खरीदार संगठनों तक सरल, पारदर्शी और निर्बाध पहुँच बना सकेंगे।
हाल ही में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस द्वारा काशन मनी (Caution Money) की समाप्ति और वेंडर असेसमेंट शुल्क में कमी जैसे सुधारों से छोटे उद्यमियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन पहलों ने सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सुलभ, पारदर्शी और अवसर सृजन करने वाला बनाया है, जो विकसित भारत 2047 और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
समिट के संबंध में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मिहिर कुमार ने कहा कि यह आयोजन राज्य के खरीदारों और विक्रेताओं को नई सुविधाओं को समझने, संचालन प्रक्रियाओं पर स्पष्टता प्राप्त करने और रचनात्मक सुझाव साझा करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समिट छत्तीसगढ़ को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और दक्ष सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने अब तक गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से ₹6,408 करोड़ से अधिक मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद की है। इनमें से लगभग ₹2,600 करोड़ की खरीद राज्य के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से की गई है, जो समावेशी खरीद के प्रति राज्य की दृढ़ प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस ने राज्य में खरीद प्रक्रिया को तेज़ करने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, देशव्यापी बाज़ार तक पहुँच उपलब्ध कराने और प्रत्येक खरीद निर्णय को पूरी तरह पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जेम छत्तीसगढ़ सरकार के साथ निरंतर सहयोग करते हुए डिजिटल गवर्नेंस और समावेशी सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दुर्ग। शौर्यपथ । नेशनल हेराल्ड प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज एफआईआर को न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे सत्य की जीत बताते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के आह्वान पर आज दुर्ग में कांग्रेस द्वारा बड़ा प्रदर्शन किया गया।
जिला कांग्रेस दुर्ग ग्रामीण, जिला कांग्रेस दुर्ग शहर एवं जिला कांग्रेस भिलाई शहर के संयुक्त तत्वावधान में भाजपा कार्यालय का घेराव किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता दुर्ग स्थित कांग्रेस कार्यालय से रैली के रूप में भाजपा कार्यालय की ओर रवाना हुए।प्रदर्शन के दौरान शनिचरी बाजार के पास पुलिस द्वारा लगाई गई पहली और दूसरी लेयर की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए कांग्रेसी आगे बढ़े और भाजपा कार्यालय के पास तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी।
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक अरुण वोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अदालत का यह फैसला मोदी-शाह और भाजपा द्वारा रचे गए कथित राजनीतिक षड्यंत्र का पर्दाफाश करता है। न्यायालय ने अपने आदेश में ईडी की शिकायत को स्वीकार्य (एडमिसिबल) नहीं माना है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था।
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा ,
"नेशनल हेराल्ड प्रकरण में अदालत का फैसला सत्य, संविधान और गांधी के विचारों की जीत है.भाजपा ने राजनीतिक द्वेष के तहत जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया,कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने का प्रयास किया, लेकिन न्यायालय के फैसले ने सच्चाई उजागर कर दी है। कांग्रेस हमेशा महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
