January 08, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

 

रायपुर, / शौर्यपथ / 
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नियमित शासकीय कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू के तहत एसबीआई में वेतन खाता रखने वाले कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का बीमा कवर पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा।

एमओयू के अनुसार कर्मचारियों को एक करोड़ रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ 60 लाख रुपए का हवाई दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपए का स्थायी पूर्ण दिव्यांगता बीमा, 80 लाख रुपए का आंशिक दिव्यांगता बीमा और 10 लाख रुपए का समूह जीवन बीमा दिया जाएगा। खास बात यह है कि इन सभी बीमा सुविधाओं के लिए कर्मचारियों को कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा। इसके अलावा एसबीआई रुपे कार्ड पर 1 करोड़ रुपए के बीमा कवर में अतिरिक्त 10 लाख रुपए का लाभ भी मिलेगा। स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप जैसी सुविधाएँ रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए लगातार ठोस फैसले ले रही है। एसबीआई के साथ यह एमओयू कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा।

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह समझौता कर्मचारियों को आर्थिक जोखिम से बचाने की दिशा में अहम पहल है। बिना किसी अतिरिक्त खर्च के इतनी व्यापक बीमा सुविधाएँ मिलना राज्य सरकार की कर्मचारी-हितैषी नीति को दर्शाता है।

यह एमओयू 22 दिसंबर 2025 को वित्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस समझौते से राज्य के नियमित कर्मचारियों को न सिर्फ बेहतर बैंकिंग सुविधाएँ मिलेंगी, बल्कि दुर्घटना या आकस्मिक स्थिति में उन्हें और उनके परिवार को बड़ी आर्थिक राहत भी सुनिश्चित होगी।

पीड़ित परिवार को ₹5 लाख की सहायता, पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक गृह ग्राम लाने की व्यवस्था

रायपुर / शौर्यपथ / केरल के पलक्कड़ जिले में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर श्री रामनारायण बघेल, निवासी ग्राम करही, तहसील हसौद, जिला सक्ती, के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक और संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ इस प्रकार की हिंसा सभ्य समाज के मूल्यों के विपरीत है और मानवता को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पीड़ित परिवार को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही मृतक के परिजनों को तत्काल केरल भेजने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रामनारायण बघेल का पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्राम लाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। पार्थिव शरीर कल हवाई जहाज़ से छत्तीसगढ़ लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केरल सरकार से अनुरोध किया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस कठिन समय में पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार दृढ़संकल्पित : मुख्यमंत्री साय

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया था, जिसमें शासन और जनता के बीच विश्वास की पुनर्स्थापना का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त हुआ। लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए सरकार ने पारदर्शिता, संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से जनता का भरोसा फिर से अर्जित किया।

उन्होंने कहा कि सेवा का दूसरा वर्ष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया। इस दौरान प्रदेश के आधारभूत ढांचे, सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। इन उपलब्धियों का विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ आज जनता के समक्ष सीधे प्रस्तुत किया गया, जो सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश को सबसे अधिक आशीर्वाद मातृशक्ति से मिलता है। माताओं और बहनों के स्नेह, विश्वास और समर्थन से ही सरकार को जनसेवा की ऊर्जा प्राप्त होती है। इसी भाव से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में घोषित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ के दौरान राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु माताएँ और बहनें होंगी। यह वर्ष न केवल मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक होगा, बल्कि उनके सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाई देने का संकल्प भी सिद्ध होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महतारी गौरव वर्ष के माध्यम से छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का एक नया अध्याय लिखा जाएगा, जो विकसित और समरस छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के जांजगीर में ‘जनादेश परब’ के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक जनसभा में उमड़े जनसमर्थन के लिए प्रदेशवासियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने जनसभा में उपस्थित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रेरणास्पद उद्बोधन ने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गदर्शक विचार छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के संकल्प को और अधिक दृढ़ बनाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विशाल सहभागिता लोकतंत्र में जनता के अटूट विश्वास और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की स्वीकृति का सशक्त प्रमाण है।

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में ठंड, घने कोहरे और गंभीर प्रदूषण ने स्थिति बेहद चिंताजनक बना दी है। कई इलाकों में सोमवार सुबह AQI 400 के पार दर्ज हुआ—बवाना 408, नरेला 418, आनंद विहार 404 और अक्षरधाम 438 तक पहुंच गया। राजधानी के ऊपर जहरीली स्मॉग की मोटी परत छाई रही, जबकि AIIMS क्षेत्र में AQI 363 रिकॉर्ड किया गया।
हालात बिगड़ने पर CAQM ने GRAP स्टेज-IV के तहत सभी कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। प्रशासन ने दिल्ली में 50% कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम का आदेश दिया है और कक्षा 5 तक के स्कूल ऑनलाइन संचालित हो रहे हैं।
नोएडा व गाज़ियाबाद में भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है—नोएडा सेक्टर-1 में AQI 381 और वसुंधरा में 394 दर्ज हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार 23 व 24 दिसंबर को कोहरे में कमी की उम्मीद नहीं है। अधिकतम तापमान 19–22°C और न्यूनतम 9–10°C के आसपास रहेगा। ठंडी हवाओं की कमी और उच्च आर्द्रता के चलते फिलहाल राहत की संभावना नहीं है।

नई दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के विरोध में वीएचपी और बजरंग दल के संभावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इससे पहले बांग्लादेशी मीडिया ने दावा किया था कि दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन के दौरान उच्चायोग की सुरक्षा भेदने की कोशिश की गई, हालांकि भारत ने इन दावों को भ्रामक बताया है।

उधर, बांग्लादेश में हिंसा का दौर जारी है। खुलना में छात्र आंदोलन से जुड़े नेता मोतालेब सिकदर की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो कुछ दिन पहले युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद हुई दूसरी बड़ी वारदात है। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

मयमनसिंह में हिंदू युवक की हत्या के मामले में बांग्लादेश पुलिस ने दस लोगों को हिरासत में लिया है, जिसके बाद पूरे देश में तनाव व्याप्त है।
भारत में भी इसका प्रभाव दिखा—जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में कई हिंदू संगठनों और भाजपा ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बंद का आह्वान किया, जिसके चलते बाजार और प्रतिष्ठान बंद रहे।

यह घटनाक्रम अगस्त में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में बढ़ रही अल्पसंख्यक विरोधी घटनाओं को और उजागर करता है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने विलुप्ति की कगार पर खड़े ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक आदेश देते हुए राजस्थान और गुजरात के 14,753 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बड़े सोलर पार्क, पवन ऊर्जा परियोजनाओं और हाईटेंशन ओवरहेड बिजली लाइनों पर रोक लगा दी है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने कहा—“गोडावण राजस्थान की आत्मा है, और ऊर्जा कंपनियां इस रेगिस्तान की मालिक नहीं, बल्कि मेहमान हैं।”

अदालत ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए राजस्थान में 14,013 किमी² और गुजरात में 740 किमी² क्षेत्र को संशोधित प्राथमिक संरक्षण क्षेत्र घोषित किया। इन इलाकों में इन-सीटू और एक्स-सीटू संरक्षण उपायों को तुरंत लागू करने तथा प्रजाति की निगरानी शुरू करने के निर्देश दिए गए।

जैसलमेर-बाड़मेर सबसे अधिक प्रभावित होंगे, क्योंकि ये जिले बड़े सौर और पवन ऊर्जा केंद्र बन चुके हैं। कोर्ट ने 33 केवी से 400 केवी तक की मौजूदा बिजली लाइनों को भूमिगत करने या स्थानांतरित करने का आदेश दिया है, क्योंकि गोडावण की मौतों का सबसे बड़ा कारण बिजली तारों से टकराव है। लगभग 250 किमी बिजली लाइनों को दो वर्षों में भूमिगत करना होगा। अब संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनें केवल निर्धारित पावर कॉरिडोर से ही गुजरेंगी।

पीठ ने बिश्नोई समुदाय और ‘गोडावण मैन’ स्व. राधेश्याम बिश्नोई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राजस्थान में सिर्फ 150–175 गोडावण ही बचे हैं, जो मुख्य रूप से जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में पाए जाते हैं। IUCN पहले ही इसे अति संकटग्रस्त श्रेणी में रख चुका है।

सुप्रीम कोर्ट ने CSR फंड को भी संरक्षण कार्यों में लगाने का निर्देश दिया, साथ ही यह स्पष्ट कर दिया कि प्राकृतिक आवास की सुरक्षा में कोई ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।

दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग में आयोजित अखिल भारतीय एससी, एसटी, ओबीसी संयुक्त मोर्चा के कार्यक्रम में बीजेपी, आरएसएस और कथावाचकों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “हमारे देश में हिंदू कभी खतरे में नहीं थे। यह डर बीजेपी और आरएसएस ने सत्ता में आने के बाद फैलाया और इसी डर के सहारे तीन बार चुनाव जीते।”

बघेल ने दावा किया कि न हिंदू, न एससी-एसटी, न ओबीसी और न अल्पसंख्यक किसी भी प्रकार के खतरे में हैं। उनके अनुसार, “बीजेपी सिर्फ डर दिखाकर राजनीति कर रही है।”

कथावाचकों पर निशाना साधते हुए बघेल ने कहा कि आज कथावाचक भगवान की कथा कम और टोटके-अंधविश्वास अधिक बताते हैं। उन्होंने प्रदीप महाराज और धीरेंद्र शास्त्री पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे समाज को ज्ञान नहीं, अंधविश्वास की ओर ले जा रहे हैं। बघेल बोले—“इतना चढ़ावा चढ़ाने वाले भक्तों की स्थिति बदली या नहीं पता नहीं, पर इन महाराजों की हालत जरूर बहुत सुधर गई है।”

उन्होंने कहा कि भारत के महापुरुषों ने हमेशा अंधविश्वास का विरोध किया है, लेकिन आज समाज उल्टी दिशा में बढ़ रहा है।
बघेल ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक हिंदू कभी खतरे में नहीं रहे—“मुगलों का शासन रहा, सुल्तानों का शासन रहा, मुसलमान सत्ता में रहे, तब भी हिंदू सुरक्षित थे। लेकिन बीजेपी सरकार आते ही अचानक हिंदू खतरे में कैसे हो गए?”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डर फैलाने की राजनीति देश को भटका रही है और समाज में गलत संदेश दे रही है।

रायपुर / शौर्यपथ

छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जांजगीर-चांपा के खोखराभाठा पुलिस लाइन मैदान में जनादेश परब का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम और राज्यगीत के साथ हुआ, जिसमें जनविश्वास, गौरव और निर्माण के संकल्प को दोहराया गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने दो वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा— "जो कहा था, वह किया और जो नहीं कहा, वह भी करके दिखाया।" उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों के हित में अनेक ऐतिहासिक और परिणामकारी कदम उठाए हैं जिनका प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से जनता तक पहुँचा है।

आदिवासी सशक्तिकरण और विकास
धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना को आदिवासी समाज की उन्नति का बड़ा माध्यम बताया गया। रेलवे बजट में 22 गुना वृद्धि, 32 अमृत स्टेशनों का विश्वस्तरीय विकास और आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन, पीएम-किसान जैसी योजनाओं का व्यापक लाभ छत्तीसगढ़ तक पहुँचा है।

किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम
सरकार बनने के शुरुआती एक महीने में किसानों को 3700 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। दो वर्षों में 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष अंतरण किसानों तक पहुँचाया गया। भूमिहीन कृषि मजदूरों में 5 लाख से अधिक परिवारों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई।

युवाओं और महिलाओं के लिए निर्णायक फैसले
केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने पारदर्शी भर्ती तंत्र, 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया, लोक सेवा आयोग में पारदर्शिता, नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना और आईटीआई के आधुनिकीकरण को "भविष्य निर्माण की नींव" बताया। महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, महतारी सदन, और पीएम जनमन के माध्यम से 70 लाख परिवारों को मिलने वाले लाभ को सरकार की संवेदनशीलता की मिसाल बताया गया।

मुख्यमंत्री का संबोधन: "निरंतर सेवा, निरंतर विकास"
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो वर्षों की उपलब्धियों पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए निरंतर कार्यरत है। प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन, भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, चरण पादुका जैसी योजनाएँ विकास की गति को बढ़ा रही हैं।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा, पुनर्वास और विकास की त्रिस्तरीय रणनीति से नक्सलवाद की कमर टूटी है और राज्य नक्सल-मुक्ति की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। विजन डॉक्यूमेंट 2047 के माध्यम से संसाधन-समृद्ध छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने का खाका तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जनादेश परब को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि सरकार बनने के बाद 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और विकास के सभी कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सुशासन और जनविश्वास को मजबूत करते हुए छत्तीसगढ़ विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है।
जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि दो वर्षों में विकास के कई आयाम स्थापित हुए हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है।

रिपोर्ट-कार्ड और पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट-कार्ड और "सेवा के 2 साल" पुस्तक का विमोचन किया। जांजगीर-चांपा की पहचान कोसा और कांसा से अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया। दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो भी प्रस्तुत किया गया।
केन्द्रीय मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं के प्रभाव और लाभ का फीडबैक लिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को चाबियाँ भी प्रदान की गईं।

कार्यक्रम में बड़े नेता और जनसमूह रहे उपस्थित
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्रीद्वय दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, गजेन्द्र यादव समेत अनेक सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

रायपुर / शौर्यपथ / भारत सरकार ने 'पुराने' तंत्र—जिसमें कुछ कानून ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के समय के थे—में सुधार करने और करोड़ों श्रमिकों को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से श्रम सुधारों के लिए एक ऐतिहासिक कानून बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 21 नवंबर, 2025 को सभी चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) को अधिसूचित किया। ये सुधार गिग वर्कर्स (gig workers) के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज, समान वेतन का वादा, महिला श्रमिकों के लिए विस्तारित अधिकार और सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी को वैधानिक समर्थन और निश्चित अवधि के रोजगार (fixed term employment) की शुरुआत जैसे प्रमुख बदलाव ला रहे हैं। सरकार द्वारा लागू नए श्रम कानूनों के हिस्से के रूप में, आज रायपुर के पीडब्ल्यूडी न्यू सर्किट हाउस में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मीडिया को इन 4 नए श्रम कानूनों के माध्यम से लाए गए सुधारों के प्रति संवेदनशील बनाया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त अंकुर शर्मा, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के आयुक्त गौरव डोगरा और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के उप निदेशक धीरेंद्र पटनायक शामिल हुए। पीआईबी के उप निदेशक ने श्रम सुधारों और नए कानून द्वारा भारत के कार्यबल (workforce) के परिदृश्य को बदलने के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। क्षेत्रीय श्रम आयुक्त अंकुर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएं— मजदूरी संहिता (Wage Code), औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code), व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता (OSH Code), और सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code) हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये संहिताएं श्रमिकों को समय पर वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करेंगी, जबकि उद्योगों के लिए अनुपालन प्रक्रिया भी आसान होगी। उन्होंने मीडिया से इन 4 श्रम संहिताओं के माध्यम से लाए गए ऐतिहासिक सुधारों के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करने का आग्रह किया। EPFO आयुक्त गौरव डोगरा ने भविष्य निधि से संबंधित प्रावधानों की व्याख्या करते हुए कहा कि डिजिटलीकरण के माध्यम से ईपीएफ सेवाएं पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गई हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के माध्यम से श्रमिक अपनी पीएफ खाते की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं, क्लेम स्टेटस को ट्रैक कर सकते हैं और समय पर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसने संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। ESIC के उप निदेशक धीरेंद्र पटनायक ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना न केवल श्रमिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि उनके परिवारों को चिकित्सा लाभ, मातृत्व लाभ और दुर्घटना की स्थिति में वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि ईएसआईसी नेटवर्क का निरंतर विस्तार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके। कार्यशाला का समापन पत्रकारों और विशेषज्ञों के बीच प्रश्नोत्तरी सत्र के साथ हुआ। अधिकारियों ने कहा कि मीडिया की सक्रिय भूमिका से श्रम संहिताओं और योजनाओं की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगी, जिससे श्रमिकों और उद्यमियों दोनों को सरकार की नीतियों का अधिकतम लाभ मिल सकेगा। यह संवाद कार्यक्रम श्रम सुधारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिससे केंद्र सरकार के सुधारात्मक प्रयासों को व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद जताई गई। एक शानदार हेड लाइन बनकर देवे

  durg / shouryapath / 

दुर्ग जिला और दुर्ग कार्पोरेशन वॉलीबॉल पुरुष तथा महिला टीमों के लिए चयन ट्रायल का आयोजन एचवीसी वॉलीबॉल ग्राउंड में सम्पन्न हुआ। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 से अधिक खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
ट्रायल प्रक्रिया के बाद पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 15–15 संभावित खिलाड़ियों का चयन किया गया है। अंतिम 12 सदस्यीय टीम की घोषणा चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के बाद की जाएगी।

पुरुष टीम का प्रशिक्षण शिविर ब्राइट क्लब, कोहका में आयोजित होगा, जबकि महिला टीम का प्रशिक्षण एचवीसी भिलाई में संचालित किया जाएगा।

महिला टीम का मार्गदर्शन मुख्य कोच वी.एन. सोनी और सहायक कोच संतोष अग्रवाल करेंगे। पुरुष टीम के लिए परिवेश ठाकुर मुख्य कोच तथा शंकर लाल यादव सहायक कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे।

चयन ट्रायल के दौरान दुर्ग जिला और दुर्ग कार्पोरेशन के अनेक अधिकारी व खेल पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें एस.एन. नेमा, नईमुद्दीन हनफी, सुशांत डे, शंकर लाल यादव, विनोद नायर, जोजी मैथिव, राजेंद्र राय, राजेश धारकर, गुरचरण संधू, व्यास, संतोष अग्रवाल, राजेश मणि, मेघा कौर, संजय दानी, दीपक मित्रा, के.सी. राव, आर.के. दुबे, एन.पी. पांडेय, राजू कैमल, अमित और वी.एन. सोनी शामिल थे।

खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई कि आगामी शिविर और चयन प्रक्रिया के बाद दुर्ग जिला व कॉर्पोरेशन मजबूत व प्रतिस्पर्धी टीम मैदान में उतारेंगे।

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