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नई दिल्ली / शौर्यपथ /पटना/ जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और बिहार की राजनीति में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया का प्रमुख चेहरा बने कन्हैया कुमार का कहना है कि इस बार उनकी पार्टी ने बिहार में चुनावी मुद्दों का नैरेटिव बदलने का काम किया है. बातचीत में कन्हैया कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी असली मुद्दों को बचाने के लिए चुनाव में खड़ी है.
चुनावी कैंपेन के दौरान वामपंथी संगठन के एक मंच पर न दिखाई दे रही और कन्हैया सीपीआई(एम) का प्रचार क्यों नहीं कर रहे है? सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें ज्यादातर दूसरे चरण के प्रचार की जिम्मेदारी मिली है. उन्होंने कहा कि 'कोरोना के चलते अभी प्रोग्राम बना नहीं है. बिहार में लोग करोना को भूल चुके है लेकिन करोना है, इसलिए केंद्रीय नेतृत्व का कार्यक्रम अभी बन नहीं पाया है. प्रचार एक हिस्सा है दूसरा हिस्सा बूथ की तैयारी है.' उन्होंने कहा कि महागठबंधन की हवा बह रही है. तेजस्वी के साथ मंच साझा करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 'हम लोगों का कार्यक्रम अलग अलग इलाकों में बना है. अभी तक ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं बना है.'
बीजेपी को हराने के लिए RJD और वामपंथी पार्टी के संभावित गठबंधन पर उन्होंने कहा कि 'वामपंथ कोई होमोजीनियस कैटेगरी नहीं है. मैं जिस पार्टी के साथ रहा उसने लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. सीपीआई(एम) के संदर्भ में ये ज्यादा है. सीपीआई(एम) RJD को प्रतिगामी या प्रतिद्वंदी पार्टी कहती थी लेकिन उनकी दोस्ती अब ज्यादा है. हम लोगों का कांग्रेस के साथ गठबंधन रहा है. हम लोगों का मानना रहा है वैचारिक शुद्धतावाद से निकलकर व्यावहारिक राजनीति करनी पड़ेगी, वोटों के बिखराव को रोकना पड़ेगा.'
कन्हैया ने बेगुसराय के लेनिनग्राद के उपनाम पर कहा कि 'बेगूसराय को लेनिनग्राद बनाने की जरूरत नहीं है. यहां बड़ी विभूतियां पैदा हुई है तो हमें लेनिन और रुस की जरूरत नहीं है.' लोकसभा चुनाव में हार के मलाल पर कन्हैया ने कहा, 'राजनीति मेरा करियर नहीं है. राजनीति मेरी रोजी रोटी नहीं है. कोचिंग खोलकर रोटी कमाऊंगा. बच्चन साहब ने लिखा है- जो बीत गई वो बात गई. मैंने दम से लड़ा ऐसा लड़ा कि बेगुसराय में गिरिराज सिंह के प्रचार में अमित शाह को आना पड़ा और अपनी पूरी मशीनरी लगानी पड़ी. आज बेगुसराय गिरिराज सिंह से नहीं हम लोगों की वजह से जाना जाता है. ठीक है RJD ने अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया, उनकी जमानत जब्त हो गई थी. फिर भी सात में से पांच विधानसभा में हम दूसरे नंबर पर थे.'
चुनाव में बीजेपी को हराने के लक्ष्य पर कन्हैया ने कहा कि 'बीजेपी आएगी, चली जाएगी लेकिन हम मूल चीजों को बचाने के लिए खड़े हैं. इस बार यह तो हुआ है कि जात-पात से अलग बात हुई है. बिहार की राजनीति एक कदम आगे बढ़ी है. जॉब की बात हो रही है. पलायन की बात हो रही है. शिक्षा की बात हो रही है. हमने नैरेटिव को बदलने का काम किया है. दंगई राजनीति को रोकने लिए मंहगाई पर ध्यान केंद्रित करें. नेता नहीं ,नीति पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है.'
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
