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June 06, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

   रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य में मात्र 53 रूपये प्रति क्विंटल बढ़ाया है। यह ऊॅट के मूंह में जीरा की तरह है। एक तरफ किसानो से वोट लेते समय भाजपा किसानो की आमदनी दोगुना करने की बात करती है वही धान का मूल्य निर्धारण करते समय मात्र 53 रूपये की वृद्धि करता है। भाजपा पूर्व में 2013 के चुनाव में 2100 रूपये समर्थन मूल्य एवं 300 रूपये बोनस देने की बात कही थी। आज समर्थन मूल्य उसी के अनुसार भी दे देते तो किसानो के साथ न्याय हो जाता।
साहू ने आगे कहा है कि हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी पिछले साल से ही किसानो के धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपये दे दिये है। उसके बाद अब केन्द्र सरकार द्वारा 1868 रूपये की घोषणा हमारे छत्तीसगढ़ के किसान के लिए घोर निराशा का विषय है। यह समर्थन मूल्य अभी भी छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल द्वारा दिये जा रहे धान के मूल्य से 632 रूपये कम है। मोदी सरकार की घोषणा से छत्तीसगढ़ के किसानो को निराशा और हताशा हाथ लगी है। केन्द्र में मोदी जी की सरकार स्वामीनाथन कमेटी सिफारिश लागू करेगे कहकर सत्तासीन हुई थी। आज 6 वर्ष व्यतित होने के बाद भी मोदी सरकार की किसानो के प्रति सोच नही बदली।
कृषि लागत का डेढ़ गुना देने की बात केन्द्र की सरकार ने सत्ता मे आने के पहले रखी थी। अपने 11 वर्ष के कार्यकाल में भाजपा सरकार ने सिर्फ 460 रूपये की वृद्धि की है जबकि यू.पी.ए. कांग्रेस कार्यकाल में 890 रूपये की वृद्धि की थी। 53 रूपये की बढ़ोत्तरी किसानो के साथ भद्दा मजाक है। किसानों की कृषि लागत लगातार बढ़ती ही जा रहा है। डीजल, खाद, बीज, मजदूरी सभी की दरो में डेढ़ गुना बढ़ोत्तरी हो गयी है। किसानो को उम्मीद थी कि धान का समर्थन मूल्य 2500 से अधिक होगा लेकिन मोदी सरकार की इस घोषणा से किसानो के साथ भद्दा मजाक हुआ है। किसान घोर उपेक्षा का शिकार हुए है। किसान नेता, विधायक, पूर्व अध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू, ने केन्द्र सरकार से मांग किया है कि किसानो के साथ जो अन्याय हुआ है एवं छला गया है उसे कम से कम अपने घोषणा के अनुरूप 2500 रूपये क्विंटल देवे।
कोरोना 19 के विषम परिस्थिति में केन्द्र सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ की आर्थिक पैकेज की जो घोषणा की गई है वह भी किसानो के लिए निरर्थक है। पूर्व मंत्री एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने 20 लाख करोड़ के पैकेज में किसानो को प्रति क्विंटल के हिसाब से 700 रूपये प्रदान करने की मांग की है ताकि किसानो को इस विषम परिस्थिति में सहायता मिल सके।

नई दिल्ली /शौर्यपथ  / देश की राजधानी दिल्?ली में कोरोना वायरस का संक्रमण खतरनाक स्?तर पर पहुंचता नजर आ रहा है. पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में कोरोना के केसों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. पिछले 24 घंटों में यह 1513 मामले सामने आए. देश की राजधानी में एक दिन में कोरोना केसों के मामले में यह नया रिकॉर्ड है. दिल्?ली में अब तक कोरोना के 23645 मामले सामने आ चुके हैं. कुछ राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटों में 299 मरीज ठीक हुए हैं. इन्?हें मिलाकर अब तक कुल 9542 मरीज कोराना संक्रमण से उबर चुके हैं. पिछले 24 घंटों में यहां 9 मरीजों की मौत हुई लेकिन 15 अप्रैल से लेकर 30 मई के बीच 41 मौतों की लेट रिपोर्टिंग हुई. जिसके चलते मौत का आंकड़ा 556 से बढ़कर 606 हो गया है. राजधानी में कोरोना से रिकवरी रेट-40.35त्न, डेथ रेट 2.56त्न है.
गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने कोविड-19 की टेस्टिंग को लेकर नई स्ट्रेटेजी जारी की है. वैसे, दिल्?ली ही नहीं, देश में कोरोना के केसों की संख्?या बेहद तेजी से बढ़ रही है. देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 8,909 नये मामले सामने आए हैं जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बुधवार को 2,07,615 हो गयी, वहीं 217 लोगों की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 5,815 हो गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में 1,01,497 लोगों का उपचार चल रहा है और अब तक 1,00,302 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. वहीं एक व्यक्ति देश से बाहर जा चुका है. मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 48.31 फीसदी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं.

नई सिल्ली / एजेंसी / देश में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले, वे देश में कहीं भी जाकर अपनी उपज बेच सकें इसके लिए मोदी कैबिनेट ने दो अहम अध्यादेशों को मंज़ूरी दे दी है. सरकार अब एक नए कानून के जरिए "वन नेशन, वन मार्केट" की तजऱ् पर देश के किसी भी हिस्से में किसानों को उनकी उपज बेचने की सुविधा मुहैया कराएगी.
कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले, उनकी कमाई बढ़े, इसके लिए मोदी कैबिनेट ने बुधवार को 'एक देश, एक कृषि बाजारÓ के लिए कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 को मंज़ूरी दे दी. इसके जरिए किसानों को अपना उपज किसी भी राज्य में ले जाकर बेचने की आज़ादी होगी. इससे कृषि उपज का बाधा मुक्?त अंतर-राज्?य व्?यापार संभव हो सकेगा. किसानों को अपना उत्पाद मंडी ले जाने की बाध्यता नहीं होगी. एक देश एक मार्केट भावना को बढ़ावा मिलेगा.
दूसरे अहम फैसले में मोदी कैबिनेट ने आवश्?यक वस्?तु अधिनियम में संशोधन के जरिए अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्?याज और आलू जैसी वस्?तुओं को आवश्?यक वस्?तुओं की सूची से हटाने का फैसला किया है. सरकार का दावा है कि इस फैसले से उत्?पादन, भंडारण, ढुलाई, वितरण और आपूर्ति करने की आजादी से व्?यापक स्?तर पर उत्?पादन करना संभव होगा. सिर्फ अकाल, युद्ध, कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि और प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में ही इन कृषि उपजों की कीमतों को नियंत्रित किया जा सकेगा.
साथ ही, कैबिनेट ने 'मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश- 2020Ó को भी स्वीकृति दे दी है. कृषि मंत्रालय के मुताबिक अध्यादेश किसानों को शोषण के भय के बिना समानता के आधार पर प्रसंस्करणकर्ताओं (प्रोसेसर्स), एग्रीगेटर्स, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा कारोबारियों, निर्यातकों आदि के साथ जुडऩे में सक्षम बनाएगा.

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सामान्य एपीएल राशनकार्ड में परिवर्तन करने या राशनकार्ड समाप्त करने का कोई प्रस्ताव विभाग में विचाराधीन नही है। प्रदेश के 9.19 लाख राशनकार्डधारी सामान्य परिवारों के 29.45 लाख सदस्यों को योजना का लाभ मिल रहा है। नागरिकों द्वारा एपीएल एवं अन्य योजना के नवीन राशनकार्ड के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र पूर्ण रूप से भरकर आवश्यक दस्तावेज सहित ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय में प्रस्तुत करने पर नियमानुसार नवीन राशनकार्ड जारी किया जाएगा। राज्य में नवीन सामान्य (एपीएल) राशनकार्ड बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
सामान्य, एपीएल राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राज्य शासन द्वारा निर्धारित पात्रता अनुसार 10 रूपए प्रतिकिलो की दर पर चावल प्रदाय किया जा रहा है। राज्य में एपीएल राशनकार्डधारियों को माह अक्टूबर 2019 से खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है। माह अप्रैल 2020 में 7.45 लाख राशनकार्डधारियों द्वारा 21,756 टन चावल का उठाव उचित मूल्य दुकानों से किया गया। माह जून के लिए आबंटित खाद्यान्न का वितरण जारी है। अभी तक 12, 610 राशनकार्डधारियों द्वारा चावल का उठाव किया गया है। माह जुलाई 2020 के लिए सामान्य, एपीएल चावल का भण्डारण 30 जून 2020 तक उचित मूल्य दुकानों में किया जाएगा।
लॉकडाउन होने से विभिन्न राज्यों से वापस आये छत्तीसगढ़ के श्रमिकों प्रवासी व्यक्तियों जिनके पास राशनकार्ड नही है, उन्हें ऑफलाईन आवेदन के साथ ऑनलाईन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रवासी श्रमिकों जिनके पास केन्द्र या राज्य सरकार की पीडीएस योजना के तहत राशनकार्ड नहीं है, उन्हें मई व जून में प्रति सदस्य 5 किलो चावल व प्रति परिवार एक किलो चना नि:शुल्क दिया जा रहा है। राज्य में प्रवासी व्यक्तियों व श्रमिकों का चिन्हांकन एवं पंजीयन कराकर उन्हें उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। इसके लिए राज्य में 10 हजार 38 टन चावल और 528.30 टन चना का आबंटन प्रतिमाह जारी किया जा रहा है। खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए प्रवासी श्रमिकों एवं व्यक्तियों का पंजीयन खाद्य विभाग की जनभागीदारी वेबसाईट ीजजचेरूाींकलंण्बहण्दपबण्पदध्बपजप्रमदध्बपजप्रमदीवउमण्ेंचग में ऑनलाईन पंजीयन का प्रावधान है। इसके माध्यम से प्रवासी व्यक्ति तथा श्रमिक सीधे अपना पंजीयन कर सकते हैं। अथवा जिला प्रशासन के माध्यम से करवा सकते हैं। प्रवासी व्यक्तियों एवं श्रमिकों के पंजीयन की सुविधा के लिए मोबाइल एप्प भी विकसित किया जा रहा है।

         रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश में विकासखण्ड स्तर पर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आईटीआई के साथ समन्वय स्थापित करके ऐसे व्यवसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं जिनसे छात्र-छात्राओं को रोजगार से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार व्यवसायिक पाठ्यक्रम इसी शिक्षा सत्र से प्रारंभ किया जाना है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने सभी कलेक्टरों को कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टरों से कहा गया है कि विकासखण्ड स्तर पर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और आईटीआई प्राचार्यों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाए, जिसमें विकासखण्ड के महत्वपूर्ण उद्योगों को भी आमंत्रित किया जाए। इस बैठक में इस बात का आंकलन किया जाए कि वहां स्थानीय रूप से कौन-कौन से ट्रेड में प्रशिक्षण देने से रोजगार की अधिक संभावना है। जिला कलेक्टरों को प्रत्येक विकासखण्ड के लिए ऐसे दो या तीन ट्रेड का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं।
         कलेक्टरों से कहा गया है कि विकासखण्ड मुख्यालय स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और आईटीआई के भवनों का निरीक्षण करके इस बात का आंकलन करें कि जो ट्रेड चयनित किए गए हैं उनके लिए स्कूल या आईटीआई में पर्याप्त स्थान, प्रयोगशाला, उपकरण और मानव संसाधन उपलब्ध हो। भवन और लैब के रिनोवेशन और अतिरिक्त निर्माण की आवश्यकता के साथ ही चयनित ट्रेड के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक उपकरण और उपयुक्त प्रशिक्षकों आदि की पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली जाए।
        प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने जिला कलेक्टरों को अवगत कराया है कि विस्तृत पाठ्यक्रम तैयार करने का कार्य स्टेट काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) और छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा किया जा रहा है।

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में आत्मनिर्भर योजना के तहत प्रवासी श्रमिकों और अन्य व्यक्तियों को मई-जून माह के लिए 5-5 किलोग्राम चावल प्रति व्यक्ति एवं 1-1 किलोग्राम चना प्रति कार्ड नि:शुल्क दिया जाएगा।
खाद्य विभाग द्वारा आज मंत्रालय महानदी भवन से जारी आदेश के अनुसार भारत सरकार द्वारा शुरू की गई आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत हितग्राहियों की पहचान के लिए आधार नंबर नहीं होने पर मतदाता परिचय पत्र, पैन कार्ड, किसान फोटो पासबुक अथवा राज्य शासन, जिला प्रशासन द्वारा जारी अन्य कोई फोटोयुक्त परिचय पत्र को भी मान्य किया जाएगा।
भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 23 मार्च 2020 से लेकर आत्मनिर्भर भारत योजना लागू होने तक छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जिन राशन कार्ड विहीन प्रवासी व्यक्तियों का राशन कार्ड राज्य योजना के तहत जारी किया गया है। ऐसे राशन कार्ड धारियों को भी मई-जून 2020 में खाद्यान्न और चने का वितरण किया जाएगा। खाद्य विभाग द्वारा राज्य के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

  दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे आज सुबह-सुबह दुर्ग शहर के विभिन्न लैंड मार्क के निरीक्षण पर पहुंचे। यहां उन्होंने पेयजल व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, बसाहट एवं साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ठगड़ा बांध के सौंदर्यीकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि यह जगह बहुत खूबसूरत है और यहां पर अच्छी प्लानिंग से लोगों के मनोरंजन की मुकम्मल व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए भी कहा साथ ही उन्होंने यहां से विस्थापित परिवारों को बोरसी में बसाने की शीघ्र कार्रवाई हेतु एसडीएम एवं निगम आयुक्त को निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने अमृत मिशन के कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है इस संबंध में अति शीघ्र कार्रवाई कर काम पूरा किया जाए। कलेक्टर ने गौठान का निरीक्षण भी किया। यहां 10 लाख रुपए की लागत से शेड बनाने का निर्देश उन्होंने निगम को दिया। कलेक्टर स्टेशन रोड भी पहुंचे। यहां उन्होंने सौंदर्यीकरण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की तथा अन्य स्थलों पर भी इसी तरह का काम करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इंटरवेल का भी निरीक्षण किया और मुकम्मल पेयजल व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। वे पीएम आवास की साइट पर भी पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण कार्यों को देखा और इंजीनियरों को निर्देशित किया।
      कलेक्टर ने इंदिरा मार्केट का निरीक्षण किया। शहर की बसाहट के संबंध में चौक चौराहों के सौंदर्यीकरण के संबंध में तथा आवश्यक निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर निर्देश भी उन्होंने दिए। इस दौरान आयुक्त श्री इंद्रजीत बर्मन ने उन्हें निगम के द्वारा भेजे गए प्रस्तावों और इन पर हुई प्रगति के संबंध में जानकारी दी। भ्रमण के दौरान कार्यपालन अभियंता राजेश पांडे सहायक अभियंता जितेन्द्र समैया उप अभियंता ए आर रहंगडाले भीमराव अमृत मिशन के कपीश सिंह आदि मौजूद थे ।

० अन्य राज्यों से आए श्रमिकों के लिए जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध कराने आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश
० किसानों और खेतिहर श्रमिकों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए : वर्मा

      राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विज्ञान केन्द्र, पशुपालन, मछलीपालन, सिंचाई विभाग, बीज विकास निगम, विपणन, खाद्य, शिक्षा, रेशम, क्रेडा एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि अन्य राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों के लिए जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित तरीके से जुड़कर कार्य करें। किसानों एवं श्रमिकों को रोजगार के और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उन्हें अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनके आय में वृद्धि करने के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत है। किसानों एवं श्रमिकों का जीवन स्तर के उन्नयन के लिए शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर उन्हें हरसंभव लाभान्वित करें।
कलेक्टर वर्मा ने उप संचालक कृषि से चालू खरीफ मौसम की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को धान के अलावा उद्यानिकी फसलें सब्जियों तथा फल-फूलों की खेती के लिए बढ़ावा देना चाहिए। किसानों को दलहनी तथा तिलहनी फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने खरीफ मौसम के लिए बीज की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। उप संचालक कृषि ने बताया कि वर्तमान में खाद का उठाव 39 प्रतिशत हो गया है। खेती की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खादों के उठाव में और अधिक गति आएगी। कलेक्टर ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि किसानों के व्यापक हित में सिंचाई के साधनों का अधिकतम उपयोग होना चाहिए। श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए मनरेगा के कार्यों से जोडं¸े। आदिवासी क्षेत्रों में पशुपालन, मुर्गीपालन एवं मछलीपालन की गतिविधियों की बढ़ावा देने की जरूरत है। कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को ऋण प्रदान करने के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
उप संचालक पशुपालन ने बताया कि जिले के लगभग 200 किसान डेयरी व्यवसाय अपनाकर दुग्ध संघ से जुड़े है। जिले के छुईखदान एवं गंडई क्षेत्र में दुग्ध संघ के जरिए 2 हजार लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। कलेक्टर ने नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाने के कार्य को बढ़ावा देने के लिए कहा। क्रेडा के अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में दिए गए सोलर पंप के बारे में बताया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सहायक कलेक्टर ललितादित्य नीलम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाईनगर विधायक व महापौर छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य देवेन्द्र यादव का छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय परिसर में प्रथम आगमन व भ्रमण 03 जून को हुआ।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.एन.पी.दक्षिणकर ने विश्वविद्यालय में चल रही शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार की गतिविधियों का विवरण एवं जानकारी से उन्हें अवगत कराया। चारा इकाई में लगाए गए विभिन्न फसलों जैसे –बरसीम, नेपियर, सुडान घास एवं मुनगा पौधो की जानकारी, कोसली नस्ल की स्थानीय गायों में जेनेटिक इनफ्रूवमेंट एवं कृत्रिम गर्भाधान के द्वारा नस्ल सुधार किया जा रहा है, पशुपालन के विभिन्न आयामों पर सतत् विश्वविद्यालय स्तर एवं ग्रामीण कृषकों, पशुपालकों एवं बेरोजगार युवाओं हेतु समय समय पर प्रिशक्षण का आयोजन किया जाता है।
     देवेन्द्र यादव ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित चारा उत्पादन इकाई, बकरी इकाई, कुक्कुट पालन इकाई, एन.सी.सी., घुड़सवारी रेजीमेंट, डेयरी फार्म, प्रयोगशाला, वेटनरी क्लीनिकल कॉम्पलेक्स आदि का भ्रमण एवं अवलोकन कर उन्होने कहा कि किसानोंपयोगी, पशुपालकों एवं नवजवान युवाओं के लिए रोजगार एवं उनकी आय में वृद्वि के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर उसे कार्यान्वित करें। विश्वविद्यालय को हर संभव शासन स्तर पर सहयोग देने का आश्वासन दिया। भ्रमण एवं अवलोकन के दौरान विश्वविद्यालय के निदेशकगण, अधिष्ठातागण, प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

दुर्ग / शौर्यपथ / विकास खण्ड पाटन के ग्रामो में इन दिनों जमकर लकड़ी तस्करी का कार्य हो रहा है। अभी पिछल्े सप्तहा ही वन विभाग ने कार्यवाही करते हुए दो आरा मशीन को सील किया था। उसके बाद भी लकड़ी तस्करी में कमी नही आ रही है, और लगातार जारी है। वन विभाग ने फिर कौहा लकड़ी से भरी एक मेटाडोर को दबिश देकर पकडा है। मेटाडोर लकड़ी सहित पाटन डिपो में खड़ी कराई गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक गाड़ाडीह स्थित तिवारी सा मिल में कौहा की बड़े बड़े गोले को खपाने की फिराक भी था। लेकिन इसकी सूचना फारेस्ट विभाग को मिल गई। मुखबिर की सूचना पर और एसडीओ फारेस्ट अभय पांडे के निर्देश पर फारेस्ट विभाग ने कार्रवाई की। बताया जाता है कि लकड़ी से भरी मेटाडोर को आरा मिल में ले गया। फारेस्ट विभाग की टीम गाडी का पीछा करते हुवे आरा मिल तक जा पहुंची। वहां से कौहा लकड़ी के गोला से भरी गाड़ी को जप्त किया। इसके बाद मिल को भी सील कर दिया गया। इस कार्रवाई में अजय कुमार चौबे डिप्टी रेंजर पाटन , हर्ष वीर कंकडे, गोवर्धन नेताम, घनश्याम वर्मा सराहनीय रही।

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