March 05, 2024
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निगम के भ्रष्टाचार का नहीं हो रहा अंत , निष्क्रियता की चोटी तक पहुँच चुके निगम आयुक्त ? घोटाले पर घोटाले निगम प्रशासन मौन सत्ता पक्ष मौन , विपक्ष मौन Featured

दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिका निगम दुर्ग में भ्रष्टाचार के मामले उजागर होने के बाद भी नगर निगम प्रशासन के मुखिया के द्वारा मामले पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही का ना करना कहीं ना कहीं निगम प्रशासन की इन भ्रष्टाचार की कड़ियां में सहभागिता की ओर इशारा कर रही है .नगर पालिका निगम में भ्रष्टाचार के हाल ही में हुए सबसे बड़े घोटाले जिसमें एनयुएलएम विभाग द्वारा गुमटी का घोटाला किया गया और स्ट्रीट वेंडर से आवंटन के नाम पर डेढ़ 2 लाख रुपया प्रति गुमटी लिया गया जिसकी कोई रसीद किसी भी वेंडर को नहीं दी गई .
   पूरा मामला सामने आने के बावजूद भी नगर पालिका निगम के आयुक्त लोकेश चंद्राकर एनयुएलएम विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मुक्तेश के ऊपर किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्यवाही ना कर मामले पर मौन साधे बैठे हैं जिससे आम जनता का विश्वास नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर टूटता जा रहा है. बता दें कि नगर पालिका निगम ने वेंडर जोन के नाम पर शहर में दो है दो स्थानों पर लगभग 40 गुमटिया बनाई थी अगर सरकारी दस्तावेज की माने तो एनयुएलएम  विभाग द्वारा आम जनता सहित जनता जनप्रतिनिधियों को भी इस मामले में भ्रमित करने की कोशिश की गई अलग-अलग समय में मांगी गई जानकारी में अलग-अलग प्रकार की जानकारी देकर एनयुएलएम विभाग के मुक्तेश ने यह साफ कर दिया कि गुमटी घोटाले में कहीं ना कहीं उनकी संलिप्त शामिल है वही ऐसी चर्चा भी चल रही है की गुमटी आवंटन के मामले में एनयुएलएम विभाग के मुक्तेश ने पात्र लोगों को गुमठी ना देकर अपने करीबियों को और चाटुकारों को गुमटी आवंटित की है .
  राष्ट्रीय आजीविका मिशन के कार्यों में निविदा के मामले में पिछले 2 साल से एनयुएलएम विभाग के मुक्तेश महिला स्वास्थ्य सहायता समूह के सदस्यों को हमेशा दिग भ्रमित जानकारी देकर शासन की बंद हुई योजना आश्रय स्थल को भी सार्थक महिला स्वतंत्रता समूह को देने का मामला सामने आ चुका है जिसकी निविदा की तारीख 24 जनवरी समाप्त होने के बाद भी नई निविदा कब निकलेगी इसकी जानकारी विभागीय अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं इस बारे में जब एनयुएलएम में विभाग के नोडल अधिकारी से चर्चा की गई तो उनके कथन अनुसार निविदा कब निकलेगी इसकी फाइल वर्तमान में आयुक्त महोदय के समक्ष रखी गई है बड़ा सवाल यह उठता है कि जब 24 जनवरी को निविदा समाप्त होने वाली थी तो पूर्व से ही निविदा क्यों नहीं निकल गई . वही बड़ी बात यह सामने आई कि पिछले दो साल से कई महिला स्व सहायता समूह ने आश्रय स्थल लेने के लिए आवेदन दिए थे परंतु अन्य समूहो  को मुक्तेश द्वारा दिग्भ्रमित जानकारी दी जाति रही और पिछले दो साल से सार्थक महिला स्व सहायता समूह को यह निविदा आवंटित की गई .
 एनयुएलएम विभाग द्वारा इसी सार्थक महिला स्व सहायता समूह को गोठान में बकरी पालन का कार्य भी दिया गया किन्तु यहाँ भी फर्जीवाड़ा सामने आया . बकरी पालन के नाम पर निगम के एक ठेकेदार ने अपनी निजी बकरी यहाँ रख कर शासन की योजना का खुलेआम बंटाधार किया जा रहा और एनयुएलएम विभाग यहाँ भी मौन साढ़े बैठा है वही अधिकारी भी मौन है .
 एनयुएलएम विभाग के अधिकारी मुक्तेश की लापरवाही के लगातार उजागर होने के बावजूद भी निगम प्रशासन तो मौन है ही वही नगर निगम की सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष का भी मौन साधना कहीं ना कहीं गुमटी घोटाले सहित अन्य अनियमितता में सभी की आपसी सहमति की ओर इशारा कर रहा है एक तरफ भारतीय जनता पार्टी की नवनिर्मित सरकार भ्रष्टाचार विहीन शासन की बात कर रही है वहीं दुर्गा नगर निगम में₹60 लाख के लगभग के नगद लेनदेन के मामले के उजागर होने के बावजूद भी निगम प्रशासन का मौन रहना सत्ता पक्ष का मौन रहना विपक्ष का मौन साधना कहीं ना कहीं आम जनता के निगम प्रशासन के और जनप्रतिनिधियों के प्रति विश्वास को भी आघात पहुंचा रहा है ...



जिला अस्पताल परिसर स्थित 18 नंबर की गुमठी किसकी स्ट्रीट वेंडरो को नहीं जानकारी ..
संभावना जताई जा रही किसी चाटुकार को हुई आबंटित

सार्थक महिला स्व सहायता समूह पर निगम क्यों है मेहरबान , किस्स अधिकारी से है पारिवारिक सम्बन्ध , कौन तथाकथित समाजसेवी का है इसमें हाथ खुलासा जल्द ही ...

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