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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व और बड़ी प्रतियोगी परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र तथा 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन सभी आयोजनों के कारण प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियां होंगी, इसलिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द और शांति बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती हो और हर स्थिति पर सतत नजर रखी जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने परीक्षा के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों और परीक्षाओं के इस संवेदनशील समय में प्रशासनिक समन्वय, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना बेहद जरूरी है, ताकि प्रदेश में शांति और व्यवस्था कायम रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत त्रिपुरी के सरना टोली क्षेत्र में मुखबिर के द्वारा अफीम की संभावित खेती की सूचना प्राप्त होने पर कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव के मार्गदर्शन में प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल मौके पर पहुंची। जांच के दौरान प्रथम दृष्टिया पाया गया कि लगभग 2 एकड़ से अधिक की भूमि पर अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। टीम के द्वारा संबंधित क्षेत्र को अभिरक्षा में लेकर आवश्यक जांच प्रारंभ की गई। साथ ही संबंधित एजेन्सी को सूचना दी गई है, प्रशासनिक टीम भी मौके पर मौजूद है। शाम होने के कारण कल सुबह वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए पुलिस की रात्रिकालीन निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। जिला प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए एनडीपीएस एक्ट तथा एसएसएल की टीम, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम की उपस्थिति में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 492 करोड़ 20 लाख रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। विभागीय मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत बजट पर चर्चा के बाद सदन ने इसे मंजूरी दी।
इस बजट में पर्यटन विभाग के लिए 344 करोड़ रुपए, संस्कृति विभाग के लिए 98.20 करोड़ रुपए तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और धार्मिक आस्था से जुड़ी परंपराओं से है। राज्य सरकार इन तीनों क्षेत्रों के समन्वित विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान मिल सके।
पर्यटन विभाग के बजट में इस वर्ष पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रमुख पर्यटन स्थलों की अधोसंरचना, स्वच्छता, पेयजल और पर्यटक सुविधाओं का विकास होगा।
छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना के लिए 5 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 52 विशेष ट्रेनों से लगभग 44 हजार श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या दर्शन कराया जा चुका है। इस योजना के लिए 36 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य के नागरिकों को आईआरसीटीसी के माध्यम से पर्यटन स्थलों के भ्रमण पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए बजट में 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सिरपुर एकीकृत विकास योजना के तहत 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसके माध्यम से सिरपुर को बौद्ध थीम आधारित हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
पर्यटन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत:
भोरमदेव कॉरिडोर विकास
जशपुर के मयाली और बगीचा क्षेत्र में पर्यटन विकास
कैलाश गुफा क्षेत्र का विकास
नया रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर निर्माण
साथ ही बस्तर टूरिज्म सर्किट और जशपुर टूरिज्म सर्किट के विकास पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
संस्कृति और पुरातत्व विभाग के बजट में 98 करोड़ 20 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
राजकीय मानव संग्रहालय की स्थापना
छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय और अभिलेखागार का निर्माण
भारत भवन निर्माण
पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय विकास
इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
अर्थाभावग्रस्त साहित्यकारों और कलाकारों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 2,000 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए कर दी गई है।
इसके लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
धार्मिक स्थलों के विकास और व्यवस्थाओं के लिए 50 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसके अंतर्गत:
मंदिरों के जीर्णोद्धार
धर्मशालाओं का निर्माण
प्रमुख धार्मिक मेलों का आयोजन
राजिम कुंभ, गिरौदपुरी मेला, बस्तर दशहरा, जशपुर दशहरा और डोंगरगढ़ नवरात्रि मेला जैसे प्रमुख आयोजनों को और बेहतर बनाने के लिए बजट प्रावधान किया गया है।
✔ मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक आस्था छत्तीसगढ़ की पहचान के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन क्षेत्रों के विकास से न केवल राज्य की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित होंगे।
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल के विभागों से संबंधित वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6216 करोड़ 73 लाख 82 हजार रुपए की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित कर दी गईं। मंत्री श्री बघेल ने अपने विभागीय बजट भाषण में सरकार की खाद्य सुरक्षा योजनाओं, धान खरीदी व्यवस्था और उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न कदमों की विस्तृत जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीब परिवारों और उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में योजनाओं का विस्तार करते हुए बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
मंत्री श्री बघेल ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से समर्थन मूल्य पर 141 लाख 04 हजार 365 टन धान की खरीदी की गई, जिसकी कुल कीमत लगभग 33 हजार 431 करोड़ रुपए रही। सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इस वर्ष किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराया गया और राज्य के 2,740 धान खरीदी केंद्रों में बायोमेट्रिक उपकरण लगाए गए, जिससे बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही धान खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित हुई।
मंत्री ने बताया कि धान बेचने वाले किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। अधिकांश किसानों को धान बिक्री के 72 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान कर दिया गया। इस प्रक्रिया के तहत करीब 33 हजार करोड़ रुपए सीधे किसानों तक पहुंचे।
धान खरीदी केंद्रों में टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों को 29 लाख से अधिक टोकन जारी किए गए, जिससे खरीदी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुगम बनी।
खाद्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में खरीदे गए धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से तेजी से निराकरण किया जा रहा है। 9 मार्च 2026 तक 141 लाख टन धान में से 92.72 लाख टन (लगभग 66 प्रतिशत) धान का उठाव कस्टम मिलिंग के लिए किया जा चुका है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य के 73 लाख 97 हजार अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्डधारियों को दिसंबर 2028 तक निःशुल्क चावल उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके लिए वर्ष 2025-26 में 11,300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
वहीं मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5,000 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है।
पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा राशन के साथ आयोडीन युक्त नमक, चना और गुड़ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अनुसूचित क्षेत्रों में प्रति राशन कार्ड 2 किलो और गैर-अनुसूचित क्षेत्रों में 1 किलो निःशुल्क आयोडीन युक्त नमक दिया जा रहा है। इसके लिए 150 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है।
राज्य के 85 अनुसूचित विकासखंड और 9 माडा क्षेत्रों के 31.32 लाख राशन कार्डधारियों को 5 रुपए प्रति किलो की दर से 2 किलो चना दिया जा रहा है। इस योजना के लिए 450 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
बस्तर संभाग में 7.75 लाख राशन कार्डधारियों को आयरन की कमी दूर करने के लिए रियायती दर पर 2 किलो गुड़ दिया जा रहा है, जिसके लिए 75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए राज्य में इस वर्ष 181 नई उचित मूल्य दुकानों की शुरुआत की गई है। साथ ही 3 लाख 32 हजार नए राशन कार्ड जारी किए गए और 6 लाख 57 हजार नए सदस्यों के नाम राशन कार्ड में जोड़े गए हैं।
खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य भंडारगृह निगम की 139 शाखाओं के माध्यम से 25.31 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसके अलावा 1.17 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदामों का निर्माण किया जा रहा है।
नाबार्ड की सहायता से गोदाम निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 180 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ई-दाखिल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था भी लागू की गई है, जिससे उपभोक्ता संरक्षण को और मजबूत बनाया जा रहा है।
दुर्ग।
दुर्ग जिले के जेवरा सिरसा चौकी अंतर्गत ग्राम समोदा–झनझरी के बीच खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती करने के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों की पुलिस रिमांड दो दिन के लिए और बढ़ा दी है।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट दुर्ग पी.एस. मरकाम की अदालत में हुई। पुलिस ने आरोपी विनायक ताम्रकार (निवासी तामेर पारा), विकास बिश्नोई (निवासी ग्राम समोदा, दुर्ग) और मनीष ठाकुर को न्यायालय में पेश किया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता और आगे की पूछताछ की आवश्यकता बताते हुए न्यायालय से पांच दिन की पुलिस रिमांड की मांग की थी। हालांकि सुनवाई के बाद न्यायालय ने दो दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड मंजूर की है। अब तीनों आरोपियों को 13 मार्च को पुनः न्यायालय में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि पुलिस ने इस मामले में 7 मार्च को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद प्रारंभिक पूछताछ के लिए उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पुलिस अब बढ़ी हुई रिमांड अवधि के दौरान इस पूरे नेटवर्क, खेती की व्यवस्था और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
दुर्ग।
दुर्ग जिले में हाल ही में सामने आए अवैध नशीली फसलों के मामलों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर दुर्ग के निर्देश पर अब जिले के बड़े कृषि फॉर्मों और फार्म हाउसों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। खासकर उन खेतों और फार्म हाउसों को जांच के दायरे में लिया जा रहा है, जहां तारबंदी या बाउंड्रीवाल कर बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।
प्रशासन द्वारा तहसील स्तर पर विशेष अभियान चलाते हुए राजस्व विभाग की टीमों को बड़े कृषि फॉर्मों का अनिवार्य निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान में तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और कोटवारों को शामिल किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी खेत में संदिग्ध फसल या अवैध नशे की खेती के संकेत मिलते हैं तो तत्काल संबंधित थाना से समन्वय कर कार्रवाई की जाए।
इसी अभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र के ग्राम सिकोला स्थित एक निजी भूमि, जिसे फार्म हाउस के रूप में विकसित किया गया है और जो पक्की बाउंड्रीवाल से घिरी हुई है, वहां तहसीलदार ने पटवारी के साथ पहुंचकर विस्तृत जांच की। निरीक्षण के दौरान खसरा नंबर 288/1, 288/4, 288/5, 286, 256 और 284/3 की भूमि पर सरसों और गेहूं की फसल पाई गई, जो सामान्य कृषि फसलें हैं।
प्रशासन द्वारा केवल सिकोला ही नहीं बल्कि ग्राम कार्हीडीह, रिसाली, डुंडेरा, बोरसी और पोतियाकला सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम इन इलाकों के बड़े कृषि फॉर्मों का बारीकी से निरीक्षण कर रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध या प्रतिबंधित फसल की खेती को समय रहते रोका जा सके।
प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध नशे की खेती पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अगर आप चाहें तो मैं इस समाचार के लिए एक दमदार प्रतीकात्मक चित्र (फार्म हाउस, प्रशासनिक जांच, पुलिस/राजस्व टीम आदि के साथ और “शौर्यपथ समाचार” लोगो लगाने की जगह के साथ) भी बना सकता हूँ।
धमतरी / शौर्यपथ / जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों एवं अन्य अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए धमतरी पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाकर प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत थाना कुरूद एवं थाना अर्जुनी पुलिस ने अलग–अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में देशी शराब और नगदी सहित कुल 3,870 रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पहली कार्रवाई थाना कुरूद क्षेत्र में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एनएच-30 रोड स्थित ग्राम सेनचुवा मोड़ नहर पार के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गवाहों की मौजूदगी में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी के पास से 18 पौवा देशी मशाला शराब कीमत 1,800 रुपये तथा बिक्री से प्राप्त 350 रुपये नगद बरामद किए गए। इस प्रकार कुल 2,150 रुपये का मशरूका जब्त करते हुए आरोपी के विरुद्ध थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 59/26 धारा 34(1) ख आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी का नाम कान्हा साहू पिता हरिशंकर साहू (22 वर्ष) निवासी सेमरा (बी), थाना कुरूद जिला धमतरी बताया गया है।
वहीं दूसरी कार्रवाई थाना अर्जुनी पुलिस द्वारा की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम तेलीनसत्ती बायपास ओवरब्रिज के नीचे एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब की बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर गवाहों के समक्ष आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 17 पौवा देशी प्लेन शराब कीमत 1,360 रुपये तथा 360 रुपये नगद बरामद किए गए। इस प्रकार कुल 1,720 रुपये का मशरूका जब्त करते हुए थाना अर्जुनी में अपराध क्रमांक 35/26 धारा 34(ए) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी का नाम हिरेन्द्र बंजारे पिता फगनुराम बंजारे (32 वर्ष) निवासी देमार, थाना अर्जुनी जिला धमतरी बताया गया है।
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों एवं अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
धमतरी / शौर्यपथ / जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ धमतरी पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सीएसपी धमतरी के नेतृत्व में थाना अर्जुनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब परिवहन कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो पेटी देशी प्लेन शराब (96 पौवा) और एक जायलो कार सहित कुल 2,27,680 रुपये का मशरूका जब्त किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना अर्जुनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम लिमतरा मोड़ एनएच-30 ओवरब्रिज के नीचे एक जायलो कार में अवैध शराब रखकर बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही सीएसपी धमतरी के नेतृत्व में अर्जुनी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की। मौके पर महेन्द्रा कंपनी की जायलो कार क्रमांक CG-06-L-0282 के पास एक व्यक्ति मिला, जिसने पूछताछ में अपना नाम खिलानंद उर्फ गोलू साहू पिता ईश्वर साहू, उम्र 33 वर्ष, निवासी धौराभांठा थाना अर्जुनी जिला धमतरी बताया।
पुलिस द्वारा कार की तलाशी लेने पर अंदर खाकी रंग के दो कार्टून मिले। जांच करने पर दोनों कार्टून में 180-180 एमएल की शीशियों में भरी देशी प्लेन शराब के कुल 96 पौवा पाए गए, जिसकी कुल मात्रा 17.280 लीटर तथा कीमत 7,680 रुपये आंकी गई। आरोपी से शराब रखने व बिक्री के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर अर्जुनी पुलिस ने 96 पौवा देशी प्लेन शराब और लगभग 2,20,000 रुपये कीमत की जायलो कार जब्त कर कुल 2,27,680 रुपये का मशरूका जब्त किया।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत थाना अर्जुनी में अपराध क्रमांक 37/2026 पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों तथा अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
गरियाबंद की हर्षिता यादव द्वितीय, दुर्ग के दीपांशु नेताम तृतीय – माय भारत स्वयंसेवकों ने नीति विमर्श में दिखाई दमदार भागीदारी
रायपुर / शौर्यपथ / युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में माय भारत द्वारा ऐतिहासिक पुरानी छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में राज्य स्तरीय “विकसित भारत युवा संसद 2026” का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना, राष्ट्रीय नीतियों पर शोध-आधारित विचार-विमर्श को बढ़ावा देना तथा विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री बाबा खुशवंत साहेब ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के युवा शोध और तथ्यों के आधार पर अपने विचार रख रहे हैं, जो नीति-निर्माण की प्रक्रिया को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर माय भारत के राज्य निदेशक अर्पित तिवारी ने कहा कि विकसित भारत युवा संसद युवाओं को नीति-निर्माण की प्रक्रिया में अपनी आवाज प्रभावी ढंग से रखने का सशक्त मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि युवाओं के सुझाव और विचार राष्ट्रीय नीतियों और बजटीय चर्चाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं, जिसकी सराहना केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट के दौरान भी की है।
राज्य स्तरीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक माय भारत स्वयंसेवकों और युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने केंद्रीय बजट 2026 पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए समावेशी विकास, कौशल विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही जिला स्तर पर “आपातकाल के 50 वर्ष: लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर चर्चा कर युवाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और नागरिक जिम्मेदारियों के महत्व को भी रेखांकित किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर की आरती कुमारी ने प्रथम स्थान, गरियाबंद की हर्षिता यादव ने द्वितीय स्थान और दुर्ग के दीपांशु नेताम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली आरती कुमारी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहलों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और देश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी। वहीं हर्षिता यादव ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं की जागरूक और सक्रिय भागीदारी आवश्यक है तथा ऐसे मंच युवाओं को नीति-निर्माण की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दीपांशु नेताम ने कहा कि युवाओं के अनुभव और जमीनी समझ नीति-निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं, जिससे विकास योजनाएं अधिक प्रभावी और समावेशी बन सकती हैं।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित ये प्रतिभागी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे और देश के सामने छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब माय भारत के स्वयंसेवक शोध-आधारित दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे आते हैं, तो वे केवल संवाद नहीं करते बल्कि राष्ट्र के भविष्य की नीतिगत दिशा को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
रायपुर/नई दिल्ली / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 मार्च 2026 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से दो अमृत भारत एक्सप्रेस, दो एक्सप्रेस ट्रेन और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर देश को समर्पित करेंगे। साथ ही केरल के एर्णाकुलम से एक और पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत की जाएगी। इन नई रेल सेवाओं से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री इस अवसर पर पोदानूर–धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस और नागरकोइल–चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस को भी शुरू करेंगे। पोदानूर–धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस पहली बार कोयंबटूर के औद्योगिक क्षेत्र को झारखंड के कोयला और इस्पात क्षेत्र से सीधे जोड़ेगी, जिससे विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों और उद्योगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। वहीं नागरकोइल–चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस कन्याकुमारी और केरल-तमिलनाडु तट को तेलंगाना से जोड़ेगी, जिससे विद्यार्थियों, श्रमिकों और यात्रियों के लिए नई कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
इसके अलावा रामेश्वरम–मंगलुरु एक्सप्रेस और तिरुनेलवेली–मंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेनें तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के तीर्थयात्रियों और तटीय क्षेत्रों के यात्रियों को सीधी रेल सुविधा प्रदान करेंगी। साथ ही मयिलादुथुराई–तिरुवरूर–काराईकुडी पैसेंजर और पालक्काड–पोल्लाची पैसेंजर ट्रेन सेवाएं भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।
इस कार्यक्रम के दौरान केरल के शोरनूर, कुट्टिप्पुरम और चंगनास्सेरी रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित कर राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही शोरनूर–निलांबुर रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का भी उद्घाटन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में तेज, स्वच्छ और आधुनिक रेल सेवाएं सुनिश्चित होंगी।
अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को सामान्य और स्लीपर श्रेणी के यात्रियों के लिए किफायती और आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। इन ट्रेनों के शुरू होने से देश के विभिन्न औद्योगिक, तटीय और तीर्थ क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों को बेहतर एवं तेज़ रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्र सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश 2026 जारी किया है, जिसके तहत उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल किया गया है। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में उर्वरक उत्पादन प्रभावित न हो और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
सरकार के अनुसार उर्वरक संयंत्रों को उनके पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का कम से कम 70 प्रतिशत प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उत्पादन निरंतर जारी रह सके। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक LNG आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
उर्वरक विभाग ने बताया कि संभावित वैश्विक संकट को देखते हुए सरकार ने पहले से ही उर्वरकों का बड़ा बफर स्टॉक तैयार कर लिया है। 10 मार्च 2026 तक देश में कुल 180.12 लाख मीट्रिक टन उर्वरक भंडार उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के 131.79 लाख मीट्रिक टन की तुलना में लगभग 36.6 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया 61.51 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 25.17 लाख मीट्रिक टन और एनपीके 56.30 लाख मीट्रिक टन का प्रमुख योगदान है।
सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि खरीफ सीजन में उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक शिपमेंट की व्यवस्था पहले ही कर ली गई है। फरवरी 2026 तक भारत 98 लाख मीट्रिक टन यूरिया का आयात कर चुका है और अगले तीन महीनों में 17 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया का अतिरिक्त आयात भी पाइपलाइन में है।
उर्वरक विभाग के अनुसार यह निर्णय किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और खेती-किसानी को निर्बाध बनाए रखने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार, ऊर्जा, भर्ती प्रणाली और खेल अधोसंरचना जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा करते हुए विभिन्न विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाना बताया गया है।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य राज्य में किसी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण जैसे माध्यमों पर प्रभावी रोक लगाना है। सरकार का मानना है कि इस विधेयक के लागू होने से धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आएगी और किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 13 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने की स्वीकृति दी गई। ये प्रकरण मंत्रिपरिषद की उप-समिति की अनुशंसा पर वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
ऊर्जा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर आधारित संयंत्रों और परियोजनाओं के लिए अनुदान दरों के निर्धारण के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत क्रेडा द्वारा स्थापित किए जाने वाले सोलर हाईमास्ट संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1 लाख 50 हजार रुपये का राज्य अनुदान प्रदान किया जाएगा। वहीं वर्ष 2026-27 और आगामी वर्षों में निविदा दर का 30 प्रतिशत या 1 लाख 50 हजार रुपये (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसी तरह घरेलू बायोगैस संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 2 से 6 घन मीटर क्षमता तक 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र तथा वर्ष 2026-27 से आगे सभी क्षमताओं के लिए 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र अनुदान प्रस्तावित किया गया है।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत पंजीयन पर लगने वाले अतिरिक्त उपकर शुल्क को समाप्त कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए संपत्ति के अंतरण पर स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत उपकर लगाया गया था। चूंकि वर्तमान में यह योजना संचालित नहीं है, इसलिए अतिरिक्त उपकर को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की।
राज्य में सरकारी भर्तियों को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। इसके तहत राज्य शासन के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया जाएगा, जो परीक्षा आयोजित करने और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को संचालित करेगा।
भर्ती परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी। इस विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करना है तथा परीक्षा में नकल या अन्य अनुचित साधनों के उपयोग पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना है।
बैठक में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन से संबंधित विधेयक के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई, जिससे राजस्व प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
खेलों के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस भूमि पर अत्याधुनिक क्रिकेट मैदान और क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रदेश में क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मंत्रिपरिषद की इस बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के प्रशासनिक सुधार, ऊर्जा विस्तार, भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
