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March 07, 2026
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अब माताओं और बहनों के आंचल में नजर आ रहा भगवान श्रीराम के दरबार का अलौकिक नजारा Featured

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मंत्री गुरु रूद्रकुमार : हाथकरघा संघ ने लांच की 'रामायण साड़ी'

रायपुर / शौर्यपथ / ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की विशेष पहल पर जांजगीर-चांपा जिले के चंद्रपुर के सिद्धहस्त बुनकरों द्वारा कोसा की साडिय़ों के आंचल में भगवान श्री राम के अलौकिक दरबार की डिजाईन की बुनाई की जा रही है। फलस्वरूप माताओं-बहनों के आंचल में अब भगवान श्री राम के दरबार का अलौकिक नजारा दिखाई देने लगा है। हाथकरघा विभाग ने इन साडिय़ों को 'रामायण साड़ी' के नाम से लांच किया है। रामायण साड़ी इतनी आकर्षक है कि लोग इसको पसंद करने के साथ ही हाथों-हाथों खरीदने लगे हैं। रामायण साड़ी बिलासा एंपोरियम रायपुर में उपलब्ध होने के साथ-साथ ऑनलाइन बिक्री के लिए भी उपलब्ध है।
मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन पथ को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल विकसित करने के साथ ही हाथकरघा विभाग द्वारा चंद्रपुर के बुनकरों द्वारा कोसा की साडिय़ों के आंचल पर अपनी कल्पनाशीलता से श्री राम जी के दरबार के डिजाईन बुनी जा रही है। गौरतलब है कि इससे पूर्व हाथकरघा विभाग द्वारा कौशिल्या कलेक्शन के नाम से सांडिय़ों की नई श्रृखंला लांच की गई थी। इन साडिय़ों में चंदखुरी स्थित माता कौशिल्या के मंदिर के वास्तुकला की डिजाईन उकेरी गई थी। उल्लेखनीय है कि राज्य के बुनकरों और शिल्पियों द्वारा तैयार वस्त्रों एवं उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग शुरू की गई है। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने हाथकरघा संघ को छत्तीसगढ़ की परंपरागत कला-संस्कृति की डिजाईन को प्रमोट करने को कहा है।
हाथकरघा संघ द्वारा रामायण साड़ी की मार्केटिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। राम वन गमन पथ में शामिल सभी पर्यटन स्थलों पर पूर्व में लांच की गई कौशल्या कलेक्शन के साथ-साथ रामायण साडिय़ों और वस्त्रों का स्टॉल लगाकर प्रदर्शनी-सह-विक्रय किया जाएगा। माता कौशल्या मंदिर सहित अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक इन वस्त्रों को खरीद सकेंगे। उन्होंने बताया कि रामायण साड़ी को चंद्रपुर के परमेश्वरी बुनकर सहकारी समिति द्वारा तैयार किया जा रहा है। ग्रामोद्योग संचालक श्री सुधाकर खलखो ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बुनकरों ने कोविड संक्रमणकाल को भी अपनी लगन और मेहनत से आपदा को भी अवसर में बदला है। इस अवधि में बुनकरों ने अपनी कल्पनाशीलता से छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहरों जैसे माता कौशिल्या मंदिर की वास्तुकला और भगवान श्री राम के दरबार के अलौकिक दृश्य को साडिय़ों में उतारने का सराहनीय काम किया है। उल्लेखनीय है कि चंदखुरी भगवान राम का ननिहाल है। इसकी धार्मिक महत्ता एवं मंदिर की मान्यता को देखते हुए हाथकरघा विभाग द्वारा इससे पूर्व कौशिल्या कलेक्शन के नाम से साडिय़ों एवं वस्त्रों की नई श्रृंखला लॉन्च की गई थी, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिला और बुनकरों को फायदा हुआ।

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