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पद और सत्ता बदलते रहे, लेकिन वार्ड 21 की व्यवस्था नहीं बदली — सीसीटीवी से लेकर स्ट्रीट नंबर, वाटर एटीएम और इनडोर स्टेडियम तक कई पहल
शौर्यपथ विशेष //
दुर्ग। नगर निगम क्षेत्र में जहां शहर के अनेक वार्ड आज भी अतिक्रमण, अव्यवस्थित बाजार, बंद स्ट्रीट लाइट, जल निकासी, गंदगी, आवारा मवेशियों और मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं वार्ड क्रमांक 21 को लेकर एक अलग तस्वीर सामने आती है। इस वार्ड की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से चर्चा का विषय रहे भाजपा के वरिष्ठ पार्षद एवं वर्तमान पार्षद प्रतिनिधि अरुण सिंह का कहना है कि राजनीति का उद्देश्य पद हासिल करना नहीं, बल्कि जनता के बीच रहकर व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
अरुण सिंह की कार्यप्रणाली में वार्ड की छोटी-बड़ी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने का दावा किया जाता रहा है। उनके अनुसार, दुर्ग शहर में सबसे पहले सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले क्षेत्रों में वार्ड 21 शामिल रहा, स्ट्रीट नंबर की व्यवस्था की पहल हुई, शहर का बड़ा साप्ताहिक बुधवारी बाजार इसी क्षेत्र की पहचान है और वार्ड में वाटर एटीएम जैसी सुविधा भी सबसे पहले उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा इनडोर स्टेडियम, बुजुर्गों के मनोरंजन के लिए व्यवस्थित सुविधा तथा स्वास्थ्यवर्धक फलों एवं सब्जियों की दुकान जैसी पहलों का भी उल्लेख किया जाता है।
वार्ड की पहचान—व्यवस्था, अनुशासन और स्वच्छता
वार्ड 21 की एक खास बात यह भी बताई जाती है कि क्षेत्र में पान ठेलों, मटन-मछली की दुकानों और अनियंत्रित अतिक्रमण को जगह नहीं दी गई है। इसका उद्देश्य किसी व्यवसाय विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि वार्ड की स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और निर्धारित क्षेत्रीय अनुशासन को बनाए रखना बताया जाता है।
अरुण सिंह की राजनीतिक सोच को उनके शब्दों में देखें तो उनका स्पष्ट मानना है कि राजनीति में वे कुछ बेहतर करने आए हैं और उसी दिशा में काम कर रहे हैं। सत्ता किसके पास है और नगर सरकार किस दल की है, इससे अलग वार्ड की जनता के हित में काम करना उनकी प्राथमिकता रही है।
सवाल महापौर से भी—जब एक वार्ड हो सकता है व्यवस्थित तो पूरा शहर क्यों नहीं?
वर्तमान में महापौर अलका बाघमार के कार्यकाल में नगर की व्यवस्थाओं को लेकर जनता के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते अतिक्रमण, सड़कों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी, कई स्थानों पर बंद स्ट्रीट लाइट, जल निकासी की समस्या और गंदगी जैसे मुद्दे लगातार सामने आते रहे हैं।
ऐसे में सवाल यह नहीं कि वार्ड 21 की व्यवस्था का श्रेय किसे दिया जाए, बल्कि सवाल यह है कि एक पार्षद अपने वार्ड में जिस स्तर की व्यवस्था को प्राथमिकता दे सकता है, वही मॉडल पूरे नगर निगम में क्यों नहीं दिखाई देता?
महापौर के लिए यह किसी राजनीतिक चुनौती से ज्यादा एक प्रशासनिक सीख का विषय हो सकता है कि नगर निगम की सबसे बड़ी इकाई महापौर का पद नहीं, बल्कि जनता का वह वार्ड है जहां रोजमर्रा की समस्याओं से नागरिक सीधे सामना करते हैं।
पद बड़े होते गए, लेकिन क्या वार्ड की जिम्मेदारी भी बड़ी हुई?
दुर्ग नगर निगम की राजनीति में समय-समय पर पार्षदों को विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती रही हैं। कोई प्रभारी बना, कोई सभापति बना तो कोई महापौर के पद तक पहुंचा। लेकिन सवाल यह है कि क्या पद बढ़ने के साथ अपने मूल वार्ड की व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी भी उसी अनुपात में बढ़ी?
वार्ड 21 की कार्यप्रणाली इस सवाल को सामने लाती है। अरुण सिंह सत्ता पक्ष में रहे हों या विपक्ष की भूमिका में, उनके समर्थकों के अनुसार उन्होंने वार्ड की समस्याओं को राजनीतिक परिस्थितियों से ऊपर रखकर काम करने की कोशिश की।
यही कारण है कि उनकी कार्यशैली को केवल भाजपा या कांग्रेस के चश्मे से देखने के बजाय वार्ड प्रबंधन और जनप्रतिनिधि की जवाबदेही के मॉडल के रूप में देखा जाना चाहिए।
दुर्ग के पार्षदों के लिए भी एक सबक
आज जब नगर निगम के अनेक वार्डों में ठेले-गुमटी, अतिक्रमण, जलभराव, स्ट्रीट लाइट, सफाई, आवारा मवेशी और बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आती हैं, तब वार्ड 21 का उदाहरण यह सवाल खड़ा करता है कि क्या पार्षद केवल परिषद की बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित रहें या अपने वार्ड की जमीन पर भी लगातार मौजूद रहें?
अरुण सिंह की कार्यप्रणाली से यह संदेश निकलता है कि पार्षद का वास्तविक मूल्य उसके पद से नहीं, बल्कि उसके वार्ड की स्थिति से तय होना चाहिए।
यदि नगर निगम के जनप्रतिनिधि अपने-अपने वार्ड में इसी तरह व्यवस्था, स्वच्छता, अतिक्रमण नियंत्रण, मूलभूत सुविधाओं और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दें तो नगर प्रशासन की तस्वीर निश्चित रूप से बदल सकती है।
सवाल सिर्फ वार्ड नंबर 21 का नहीं है। सवाल पूरे दुर्ग शहर का है—जब एक वार्ड में व्यवस्था का एक मॉडल खड़ा किया जा सकता है, तो बाकी वार्डों में वही इच्छाशक्ति क्यों नहीं दिखाई देती?
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
