October 10, 2026
Hindi Hindi▼

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    पुलगांव फोरलेन भ्रष्टाचार :PWD की लापरवाही के बीच घटिया सरिया से बन रही नाली! Featured

    • doing of business

    मंत्री गजेन्द्र यादव के ड्रीम फोरलेन की गुणवत्ता पर सवाल, ट्रक चढ़ते ही ढलाई टूटा 

    दुर्ग। महाराजा चौक से पुलगांव चौक तक बन रहे फोरलेन मार्ग की निर्माण गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव के प्रयासों से आकार ले रहे इस महत्वपूर्ण मार्ग में सड़क किनारे बनाई जा रही नाली की ढलाई में कथित रूप से घटिया सरिया और निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब चार फीट चौड़ी नाली की ढलाई इतनी कमजोर है कि उस पर ट्रक का पहिया चढ़ते ही निर्माण क्षतिग्रस्त हो गया।

    घटिया सरिया या मानक से समझौता?

    निर्माण स्थल से सामने आई स्थिति ने सबसे बड़ा सवाल सरिया की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों पर खड़ा किया है। सवाल यह है कि जिस नाली को वर्षों तक वाहनों के भार, बारिश और जल निकासी के दबाव को सहन करना है, उसकी ढलाई में किस गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है?

    यदि मौके पर सामने आई क्षति की तकनीकी जांच में निर्माण सामग्री अथवा प्रक्रिया में कमी प्रमाणित होती है तो यह केवल ठेकेदार की जिम्मेदारी का मामला नहीं रहेगा, बल्कि PWD के पर्यवेक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।

    मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर विभागीय निगरानी सवालों में

    मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रयासों से विकसित हो रहे इस फोरलेन से शहरवासियों को बेहतर यातायात व्यवस्था की उम्मीद है। लेकिन निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सड़क किनारे पड़ी निर्माण सामग्री और अब नाली की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल परियोजना की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।

    सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि PWD के अधिकारी नियमित निरीक्षण कर रहे हैं तो निर्माण में ऐसी स्थिति सामने कैसे आ रही है?

    सिर्फ नोटिस नहीं, तकनीकी जांच की जरूरत

    यदि नाली की ढलाई वास्तव में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है तो महज नोटिस जारी कर मामले को खत्म करना पर्याप्त नहीं होगा। निर्माण में इस्तेमाल सरिया की गुणवत्ता, उसका व्यास, दूरी, कंक्रीट की गुणवत्ता, ढलाई की मोटाई और डिजाइन के अनुरूप निर्माण की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए।

    खामी प्रमाणित होने पर दोषपूर्ण निर्माण को हटाकर निर्धारित मानकों के अनुसार पुनर्निर्माण और जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

    गजेन्द्र यादव के लिए भी महत्वपूर्ण सवाल

    यह परियोजना दुर्ग शहर के लिए महत्वपूर्ण है और इसे लेकर गजेन्द्र यादव की सक्रिय भूमिका रही है। ऐसे में यदि निर्माण गुणवत्ता में किसी स्तर पर समझौता पाया जाता है तो यह जरूरी है कि विधायक एवं मंत्री तक निर्माण की वास्तविक स्थिति पहुंचे।

    अब सवाल PWD दुर्ग से है—क्या विभाग मौके की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराएगा या घटिया निर्माण के आरोपों पर केवल औपचारिक नोटिस देकर फाइल बंद कर दी जाएगी?

    सरकारी धन से बनने वाली सड़क और नाली की उम्र कुछ महीनों की नहीं, वर्षों की होनी चाहिए। इसलिए महाराजा चौक–पुलगांव फोरलेन की गुणवत्ता की जांच अब कागजों से नहीं, मौके पर तकनीकी परीक्षण और जवाबदेही तय करके होनी चाहिए।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision