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June 01, 2026
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शौर्यपथ

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नई दिल्ली / शौर्यपथ / कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान लोन की EMI में मिली मोहलत के दौरान EMI पर ब्याज लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से सवाल किया है कि क्या ब्याज पर भी मोहलत दी जा सकती है? शीर्ष अदालत ने वित्त मंत्रालय और RBI के अधिकारियों से 3 दिनों के भीतर संयुक्त बैठक कर ये तय करने को कहा है कि क्या 31 अगस्त तक EMI पर दी गई मोहलत के साथ ब्याज पर भी मोहलत दी जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वो ब्याज माफ करने के लिए नहीं टालने की बात कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय और RBI को आपस में बैठक करने के निर्देश दिए. दालत ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता दोनों की बैठक का इंतजाम करें. मामले में अगली सुनवाई 17 जून को होनी है.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोन चुकाने के लिए दी गई मोहलत देने के बाद EMI पर अधिक ब्याज दर नहीं ली जानी चाहिए. यदि लोन 3 महीने के लिए टाल दिया गया है, तो बैंकों को देय राशि में ब्याज और ब्याज पर ब्याज
नहीं जोड़ना चाहिए. सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को जानकारी दी है कि इस सप्ताह के अंत में RBI और वित्त मंत्रालय के साथ एक बैठक आयोजित की जानी है.

SC ने बुधवार तक सुनवाई को स्थगित कर दिया है और कहा कि यह सवाल ब्याज पर ब्याज तक सीमित है, बल्कि यह नहीं कि ब्याज छह महीने की ईएमआई अधिस्थगन अवधि के लिए पूरी तरह से माफ किया गया है या नहीं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि सभी बैंकों का विचार है कि ब्याज छह महीने की ईएमआई अधिस्थगन अवधि के लिए माफ नहीं किया जा सकता है.

पिछली सुनवाई में क्या हुआ था?

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्थिक पहलू लोगों के स्वास्थ्य से बढ़कर नहीं है. अदालत ने कहा था कि ये सामान्य समय नहीं हैं. एक ओर EMI पर मोहलत दी जा रही है लेकिन ब्याज में कुछ भी नहीं. यह ज्यादा नुकसान वाली बात है. कोर्ट का आदेश था एक हफ्ते में वित्त मंत्रालय और अन्य पक्षकार RBI के जवाब पर हलफनामा दाखिल करें.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो मुद्दे हैं कि क्या मोहलत के दौरान EMI पर ब्याज से और ब्याज पर ब्याज से छूट दी जा सकती है? SG तुषार मेहता ने कहा था कि वो वित्त मंत्री और आला अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रास्ता तलाशते हैं.

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर, आरबीआई ने 27 मार्च को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें बैंकों को तीन महीने की अवधि के लिए किश्तों के भुगतान के लिए मोहलत दी गई थी. 22 मई को, RBI ने 31 अगस्त तक के लिए तीन महीने की मोहलत की अवधि बढ़ाने की घोषणा की, नतीजतन लोन पर ब्याज छह महीने के लिए ये मोहलत बन गई. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा गया कि बैंक EMI पर मोहलत देने के साथ- साथ ब्याज लगा रहे हैं जो कि गैर-कानूनी है. इसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने RBI और केंद्र से जवाब मांगा था.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में आरबीआई ने हलफ़नामा दायर कर 6 महीने की मोराटोरियम अवधि के दौरान ब्याज माफी की मांग को गलत बताया था. RBI ने कहा कि लोगों को 6 महीने का EMI अभी न देकर बाद में देने की छूट दी गई है, लेकिन इस अवधि का ब्याज भी नहीं लिया गया तो बैंकों को 2 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होगा. जवाब में ये भी कहा गया है कि अभी ब्याज नहीं लगाया गया तो बाद में EMI पर ब्याज और बढ़ जाएगा और बैंकौं व वित्तीय संस्थानों के लिए ब्याज ही आय का स्त्रोत है.

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / लॉकडाउन के कारण रद्द हुए टिकटों के रिफंड मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले में केंद्र से अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. कोर्ट के अनुसार केंद्र और एयरलाइंस इसके तौर तरीकों पर चर्चा करें और अदालत को जवाब दें. कोर्ट ने एयरलाइन्स और केंद्र सरकार से सवाल भी किया कि क्रेडिट के लिए कम समय अवधि या उसी मार्ग के लिए सीमित क्यों किया जाना चाहिए. क्यों नहीं ग्राहक को ज्यादा समय दिया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा ग्राहक को कम से कम 2 साल का समय दिया जाना चाहिए साथ ही उसे इस क्रेडिट का इस्तेमाल कियी भी रूट पर करने की अनुमति भी दी जानी चाहिए.
कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सभी एयरलाइंस इसमें पार्टियों के रूप में सुना जाएगा. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए तीन हफ्ते के बाद की तारीख दी है.

बता दें कि एयरलाइन्स कंपनी लॉक डाउन के पहले चरण ( 25 मार्च से 14 अप्रैल) के बीच बुक कराए गए टिकट का ही रिफंड दे रही है. दरअसल एयरलाइंस कंपनी लॉकडाउन के पहले चरण (25 मार्च -14 अप्रैल ) बुक कराए गए टिकट का तो रिफंड दे रही है. लेकिन उससे पहले बुक कराए टिकट के पैसे ग्राहकों को नहीं लौटा रही है. कंपनियों ने इसके एवज में उन्हें बिना अतिरिक्त शुल्क के नई तारीखों पर बुकिंग की सुविधा देने का फैसला किया है.

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट ने आज (शुक्रवार) दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सीमा खोलने के मामले में सुनवाई की. इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि होम सेकेट्री ने तीनों राज्यों की मीटिंग बुलाई थी. हरियाणा और दिल्ली ने कहा कि दो राज्यों के बीच आवागमन में अब कोई रुकावट नहीं है. बॉर्डर खोल दिए गए हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश ने कहा कि दिल्ली में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए बॉर्डर पूरी तरह से नहीं खोले जा सकते.
SG ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल जरूरी सामानों के लिए ही सीमा खोलने को राजी है. उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने कहा की दिल्ली में कोरोना के मामले 32 हजार को पार कर गए हैं और मरने वालों की संख्या 1000 से ऊपर है जबकि नोएडा और गाजियाबाद में मरने वालों की संख्या 40 है.

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के NCR क्षेत्र में आवागमन के लिए एक सुसंगत नीति होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा था कि वर्तमान हालात में एक नीति, एक रास्ता और एक पोर्टल बनाया जाए. कोर्ट ने कहा था कि सभी राज्य इसके लिए एक समान नीति तैयार करें. कोर्ट ने कहा कि एक हफ्ते के भीतर एक नीति तैयार हो.

SC ने केंद्र सरकार को कहा था कि तीन राज्यों दिल्ली, यूपी और हरियाणा में NCR क्षेत्र में समान नीति सुनिश्चित करें. इसके लिए तीनों राज्यों की बैठक कराई जाए. हरियाणा ने कहा था कि हरियाणा ने सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं. वहीं केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह इसके लिए निर्देश लेंगे ताकि एक समान नीति हो और लोगों को परेशानी ना हो.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट राहुल भल्ला की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें दिल्ली-NCR में सीमाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. हरियाणा ने कहा कि वह दिल्ली से सभी के लिए यात्रा करने की अनुमति देगा. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रखा. शीर्ष अदालत 17 जून (बुधवार) को अपना फैसला सुनाएगी.

 

शौर्यपथ /अगर आप वाईफाई या मोबाइल हॉटस्पॉट का उपयोग करते हैं और आपको लगता है कि कोई अन्य व्यक्ति आपके इंटरनेट डाटा में सेंध लगा रहा है तो मोबाइल एप आपके पहरेदार बन सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही खास एप के बारे में...

वाई-फाई इंस्पेक्टर एप
4.3 रेटिंग वाला यह एप मुफ्त में मौजूद है। इस एप का इस्तेमाल करके यूजर इस बात की जानकारी हासिल कर सकते हैं कि उनके वाई-फाई राउटर या हॉटस्पॉट से कितने लोगों ने अपना डिवाइस कनेक्ट कर रखा है। साथ ही उन डिवाइसों का नाम और उनका मैक एड्रेस भी इसमें दिखाई देगा। एप डेवलपर का दावा है कि यह एप्लीकेशन सभी जानकारी 30 सेकेंड के अंदर बताने में सक्षम है। यह एप एंड्रॉयड 2.3 जिंजरब्रेड ऑपरेटिंग सिस्टम या उससे ऊपर के वर्जन पर काम करता है। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर Wifi Inspector नाम से उपलब्ध कराया गया है।

वाईफाई किल एप

वाईफाई किल एप्लीकेशन न सिर्फ दूसरों को वाईफाई हॉटस्पॉट से जुड़ने से रोकने में मदद करता है बल्कि आप किसी पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह उसकी स्पीड बढ़ाने का विकल्प भी देता है। यह एप गूगल प्लेस्टोर पर Free Wifi Kill reference नाम से उपलब्ध है। बता दें कि पब्लिक वाईफाई नेटवर्क में सुरक्षा संबंधित कई खामियां होती हैं। साथ ही वहां से डिवाइस में वायरस आने का खतरा भी ज्यादा होता है। अगर आपके आसपास कुछ लोग पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करते हैं तो यह एप उन्हें डाटा चुराने से रोकता है। गौर करने वाली बात यह है कि वाईफाई किल सिर्फ रूट किए गए स्मार्टफोन के साथ काम करता है।

फिंग नेटवर्क टूल्स एप
गूगल प्लेस्टोर पर मौजूद Fing - Network Tools एप को अपने स्मार्टफोन या टैबलेट में इंस्टॉल करने के बाद यूजर जान सकते हैं कि आपके राउटर से कितने डिवाइस कनेक्ट हैं। फिंग में ‘मैन्यूफेक्चर’, ‘मैक’ और डिवाइस का आइकन दिखाई देता है। इसमें डिवाइस की हिस्ट्री भी देखी जा सकती है। साथ ही यह भी पता लगा सकते हैं कि कौन सी डिवाइस कब वाई-फाई राउटर से कनेक्ट हुई थी।

 

आज मोबाइल के बिना किसी का काम नहीं चलता है। मोबाइल ने कई तरह से काम आसान कर दिए हैं, लेकिन यह एक लत के समान भी हो चुका है। लोग फोन का इतना ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं कि अब तो रात को सोते-सोते मोबाइल देखते हैं और सुबह उठते ही पहला काम मोबाइल चेक करना होता है। लेकिन सुबह उठते ही मोबाइल का इस्तेमाल सेहत के लिए अच्छा नहीं है। साथ ही यह और भी तरह से नुकसान पहुंचाता है।

तनाव और चिंता
हमेशा अपने दिन की शुरुआत बिना किसी तनाव और चिंता के शांति से करना बेहतर होता है। अगर सुबह उठते ही मोबाइल हाथ में लिया तो फोन मैसेजेस, ई-मेल्स, रिमांडर, इंस्टाग्राम पोस्ट्स आदि से भरा होता है, जो चिंता और तनाव की वजह बन सकता है। नींद से उठते ही अगर सोशल मीडिया चेक करने लगते हैं तो दिमाग उसी में बंध जाता है और गैर-जरूरी जानकारियों से भर जाता है। दिन की शुरुआत तनाव और चिंता से करना सेहत के लिए ठीक कतई नहीं है।

चिड़चिड़ापन बढ़ता है
सुबह उठते ही मोबाइल फोन चेक करते हैं तो न चाहते हुए भी चिड़चिड़ापन आ जाता है। सुबह के रूटीन की शुरुआत मोबाइल से होने पर स्वभाव में बदलाव आ सकता है। इसका कारण यही है कि सुबह उठकर मोबाइल में अलग कोई ऐसी बात देख ली जो नकारात्मक है तो इसका सीधा असर मूड पर पड़ता है। बात-बात पर गुस्सा आना भी इसकी वजह से हो सकता है।

कार्यक्षमता पर असर
सुबह का पहला काम मोबाइल देखना हो तो नोटिफिकेशन देखने के बाद कई बाद दिमाग उसी विषय में सोचने लगता है। इससे दूसरे काम में मन नहीं लगता और ऐसा होने पर कार्यक्षमता पर असर पड़ता है।

डिप्रेशन की आशंका
रात को सोते समय भी मोबाइल और उठते समय भी मोबाइल देखने वालों के साथ तो स्थिति और खराब हो सकती है। नियमित रूप से ऐसा रूटीन फॉलो करने वाले डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। इसकी वजह तुलना भी हो सकती है। सुबह उठते ही फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप स्टेटस आदि देख लेने से कई बार लोग तुलना में फंस जाते हैं। दूसरों की जीवनशैली देखकर परेशान हो जाते हैं और खुद से तुलना करने लगते हैं, जिसकी वजह से डिप्रेशन की स्थिति तक आ सकती है।

ये होना चाहिए सुबह का रूटीन
-अगर जरूरी काम न हो तो मोबाइल चेक करने की जगह सुबह की शुरुआत अन्य जरूरी कामों से करें। डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि सुबह की दिनचर्या का व्यक्ति के मेटाबॉलिज्म पर काफी असर पड़ता है। मेटाबॉलिज्म को सही रखना मूड को ठीक करने और पूरे शरीर को ऊर्जावान रखने के लिए बहुत जरूरी है।
-एक अच्छी नींद के बाद सुबह उठने के बाद खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में नींबू मिलाकर पिएं। इससे पाचन तंत्र साफ रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। नींबू में मौजूद तत्व मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करते हैं।
-व्यायाम को रोज का रूटीन बनाएं। योग, एरोबिक्स, वेट लिफ्टिंग या अन्य व्यायाम जो अच्छा लगता हो।
-मेडिटेशन भी रूटीन में शामिल करने पर दिमाग और मन शांत रहेगा।
-परिवार के साथ बैठकर अखबार पढ़ सकते हैं।
-सुबह की पूरी दिनचर्या करने के बाद ही मोबाइल देखें।

 

सेहत /शौर्यपथ / गर्मियों के मौसम में पाचन तंत्र की समस्याएं बढ़ने लगती हैं और कई लोगों एसिडिटी के शिकार होते हैं। अधिकांश लोगों को सीन में जलन की शिकायत रहती है। ज्यादातर खाली पेट रहने के कारण यह परेशानी पैदा होती है, क्योंकि खाली पेट रहने से एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है। वैसे तो अदरक खाने से पेट की जलन दूर होती है और रोजाना डाइट में अदरक को शामिल करने से पेट की कई बीमारियां दूर रहती हैं, फिर भी अदरक को सर्दी के मौसम में ही ज्यादा खाने का प्रचलन है। सवाल है कि क्या गर्मी के मौसम में भी इसका इस्तेमाल इतना प्रभावी होता है? ऐसा कोई अध्ययन नहीं है, जो यह कहता है कि अदरक केवल सर्दी के मौसम में ही फायदेमंद होता है। आयुर्वेद के मुताबिक अदरक की सीमित मात्रा का सेवन करने से व्यक्ति को गर्मियों में भी इसके स्वास्थ्य संबंधी फायदे मिलेंगे।
अदरक में गर्म गुण होते हैं, जो शरीर के तापमान को बढ़ाता है। अदरक पाचन को बेहतर बनाने और कई समस्याओं से लड़ने में मदद कर सकता है, लेकिन बड़े अनुपात में इसका सेवन करने से दस्त और लूज मोशन हो सकते हैं। इसलिए गर्मी में अदरक की कम मात्रा उचित है।
अदरक खराब पेट को शांत करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह जठरांत्र यानी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की मांसपेशियों को आराम देने में भी मदद करता है और इस तरह यह पेट की गैस और सूजन को रोकने में सहायक भी है। अपच जैसे पेट के विकारों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ अदरक के सेवन की सलाह देते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, कुछ निश्चित पैरामीटर हैं जो अदरक को विभिन्न मामलों में अस्वास्थ्यकर बनाते हैं। ऐसा नहीं है कि अदरक के केवल फायदे हैं। अगर इसे सही तरीके से न लिया जाए तो सेहत को भी नुकसान हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान अदरक का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। वहीं डायबिटीज के मरीज जो दवाएं भी ले रहे हैं, अगर वे अधिक मात्रा में अदरक का सेवन करते हैं, तो उनका ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है। जिन लोगों को एलर्जी की समस्या है उन्हें भी अदरक का सेवन नहीं करना चाहिए।
ये फायदे भी हैं गर्मी में अदरक की चाय पीने के :
भूख के लिए : गर्मी के मौसम में कम खाना खा पाते हैं, क्योंकि इस मौसम में भूख कम लगने लगती है। इसलिए अगर भूख नहीं लग रही है तो अदरक की चाय भूख बढ़ाने में मदद कर सकती है।
तनाव से राहत देता है : अदरक का तगड़ा स्वाद और इसके हीलिंग गुणों का मतलब है कि अदरक की चाय काम के लंबे और थकाऊ दिन के अंत में प्रभावी ढंग से तनाव का मुकाबला करने में सक्षम है।
वजन घटाने में मदद करता है : वजन कम करने के लिए गर्मियों का मौसम सबसे अच्छा है, क्योंकि इस मौसम में अधिक बार पसीना निकलता है और रोजमर्रा के कार्यों में अधिक ऊर्जा खर्च करते हैं। अदरक की चाय लेंगे तो तेजी से वजन घटाने का फॉर्मूला मिल जाएगा। बस इतना करना है कि फैट बर्न को तेज करने के लिए अपने भोजन से 15 मिनट पहले अदरक की चाय पीनी है।

*अवधेश टंडन की रिपोर्ट-* जांजगीर चांपा । शौर्यपथ । देश और दुनिया कोविड-19 या कोरोनावायरस से जूझ रहा है लगातार मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी भी हो रही है जिसकी वजह से प्रदेश में एस्मा एक्ट लागू है वहीं शासन के आदेश के पालन ना करने वाले लापरवाह के ऊपर कार्यवाही भी की जा रही है वहीं जिले के कोविड-19 अस्पताल के लिए जिले चयनित चिकित्सक डॉक्टर संतोष पटेल जिसने अपने उच्चाधिकारियों के आदेश के अवहेलना की और कोविड-19 अस्पताल में ड्यूटी करने के लिए इंकार कर दिया जिसके बाद मामले को जांजगीर कलेक्टर ने संज्ञान लिया और तत्काल कार्यवाही के लिए निर्देश दिए वही बीएमओ डॉक्टर कात्यानी सिंह के शिकायत के बाद मालखरौदा थाना प्रभारी ने लापरवाह चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया. आपको बता दें कि मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर संतोष पटेल का विवादों से हमेशा नाता रहा है इससे पूर्व भी वह जशपुर जिले के पत्थलगांव में जब पदस्थ थे तब इसी तरीके से कई लापरवाही सामने आई थी जिसके बाद जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने के बाद बीएमओ पद की लालसा में हमेशा अपने विभाग के अधिकारियों से उलझे रहे वहीं मरीजों से पैसे लेने के भी कई मामले सामने आए वही सरकारी अस्पताल में कम बल्कि अपने सरकारी निवास में निजी प्रैक्टिस करने पर डॉक्टर साहब ज्यादा ध्यान दे रहे हैं यही वजह है कि कोरोना काल में भी कोविड-19 अस्पताल में ड्यूटी करने से वह आनाकानी कर रहे हैं. जिसकी वजह से वह पद की मर्यादा भी भूल गया और बीएमओ के आदेश कॉपी पर ही अपना जवाब लिखकर दे दिए. जिस की जानकारी बीएमओ ने उच्च अधिकारियों को दी जिसके बाद यह छत्तीसगढ़ में पहली बार कोरोना काल मे लापरवाह डॉक्टर के कार्यवाही हुई है। वही लापरवाह डॉक्टर के ऊपर आईपीसी की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 56 DIS के तहत कार्यवाही हुआ.

खाना खजाना /शौर्यपथ /गर्मियों में ठंडे-ठंडे आम खाने का एक अलग ही मजा है, वहीं आम के अलावा मैंगो शेक और मैंगो आइसक्रीम डिशेज को भी लोग काफी पसंद करते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं मैंगो आइसक्रीम बनाने क सबसे आसान तरीका-

सामग्री-
एक कप दूध
3 कप क्रीम
1 कप आम , प्यूरी
1 कप आम , टुकड़ों में कटा हुआ
1 टेबल स्पून कस्टर्ड पाउडर
1 टेबल स्पून वनीला
1 कप चीनी

विधि-
कस्टर्ड को एक चौथाई कप दूध में मिलाकर एक तरफ रख दें।
बाकी बचे हुए दूध और चीनी को एक साथ गर्म कर लें। चीनी को पूरी तरह घुलने दे और इसमें उबाल आने दें।
जब इसमें उबाल आने लगे तो इसमें कस्टर्ड मिश्रण डालकर दोबारा उबाल आने दें, धीमी आंच पर एक मिनट पकाएं आंच बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें।
इसमें मैंगो प्यूरी, टुकड़े, क्रीम और वनीला डालें। इसे अच्छे से मिलाकर टाइट ढक्कन वाले कन्टेनर में डालें।
पूरी तरह सेट होने के लिए फ्रिज में रखें, इसे बाहर निकाले और हैंड बीटर की मदद से फेंटे और वापस फ्रिजर में रख दें।
ढक्कन टाइट से बंद किया हुआ होना चाहिए, बर्फ की परत न आने दे। एक बार फिर से फेंटकर वापस फ्रिजर में सेट होने के लिए लगा दें।

 

खाना खजाना /शौर्यपथ / पकौड़े हो या पिज्जा खाने का जायका टमाटर केचप बढ़ा देता है। मार्केट में आपको कई वैरायटी के केचप मिल जाएंगे लेकिन अगर आप घर पर ताजे टमाटरों से केचप यानी रेड सॉस बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। आइए, जानते हैं आसन रेसिपी-

 

सामग्री :
1 किलो टमाटर-कटा हुआ लगभग
2 चम्मच कटा हुआ लहसुन
2 बड़े चम्मच चीनी
2 चम्मच नमक या स्वाद के लिए
1 टी स्पून गरम मसाला
1 चम्मच मिर्च पाउडर
2 बड़े चम्मच सिरका
1/4 चम्मच सोडियम बेंजोएट-मिश्रित पानी के साथ
उबला हुआ पानी

विधि :
टमाटर और लहसुन को नरम होने तक एक साथ मिलाएं।
एक सूप छलनी के माध्यम से Strain, करें या मिक्सी में पीसने के बाद भी छान सकते हैं।
इसे फिर से गैस पर चढ़ाएं और चीनी, नमक, गरम मसाला, मिर्च पाउडर और सिरका डालें और गाढ़ा होने तक पकाएं।
गर्मी से दूर, इसे प्रिजर्व करने के लिए इसमें सोडियम बेंजोएट घोल डालें और एयर टाइट कंटेंनर में स्टोर करें।

सेहत /शौर्यपथ / आपको अगर कोई स्नैक्स खाने का मन करता है, तो आप किशमिश खा सकते हैं। स्वाद के साथ सेहत के लिए भी किशमिश एक हेक्दी स्नैक्स माना जाता है। आइए, जानते हैं इसके फायदे-
किशमिश में फॉस्फोरस, कैल्शियम और पोटैशियम पाया जाता है जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करता है। बच्चों को किशमिश खिलाने से मस्तिष्क को पोषण मिलता है और यादाश्त मजबूत होती है। किशमिश में उच्च मात्रा में फाइबर होता है

 

कब्ज दूर करती है किशमिश
किशमिश खाने से कब्ज में बहुत फायदा मिलता है। इसे पानी में भिगाकर खाने से कब्ज दूर होती है। अगर आपको कब्ज, एसिडिटी और थकान की समस्या है, तो यह काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से जल्द आपको फायदा नजर आएगा।

 

खून की कमी दूर करने के लिए
किशमिश में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है जिससे खून की कमी नहीं होती। आप में अगर खून की कमी है तो आप 7-10 किशमिश का सेवन रोजाना कर सकते हैं।


ब्लड प्रेशर
यदि आपके घर में किसी को उच्च रक्तचाप की समस्या है तो रात को आधे गिलास पानी में 8-10 किशमिश भिगो दें। सुबह उठकर बिना कुछ खाएं किशमिश के पानी को पी लें। आप चाहें तो भीगी हुई किशमिश को खा भी सकते हैं। इससे कुछ दिन में उच्च रक्तचाप की समस्या में आराम मिलेगा।

 

लिवर को सेहतमंद रखता है
प्रतिदि‍न किशमिश के पानी का सेवन करना आपके लिवर को सेहतमंद बनाए रखने और उसे सुचारू रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने का काम भी करता है। साथ ही आपके मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक है।

 

वजन बढ़ाने में मददगार
अगर आप अंडरवेट हैं और अपने वजन को बढ़ाना चाहते हैं, तो किशमिश आपकी मदद कर सकती है। किशमिश फ्रुक्टोज से भरपूर होती है, जो शरीर का वजन बढ़ाने में मदद कर सकती है।

 

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