August 08, 2026
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    शोधकर्ताओं की स्टडी में हुआ खुलासा:हडि्डयों, जोड़ों की सर्जरी के बजाय कसरत से ज्यादा फायदा, फिजियोथैरेपी व दवाएं कारगर

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    हेल्थ केयर /शौर्यपथ/

    इन दिनों घुटना और हिप बदलने सहित हडि्डयों की कई तकलीफों में सर्जरी कराने का चलन सामान्य हो गया है। इनमें खर्च ज्यादा होता है। जोखिम भी अधिक है। कई बार पूरी तरह स्वस्थ में हफ्तों या महीनों तक लगते हैं। एक रिव्यू में पाया गया है कि इनमें से कई तरह की सर्जरी कामयाब होने के सबूत ट्रायल में नहीं मिले हैं।

    यहां तक कि जब सर्जरी प्रभावी नजर आई तो समीक्षा से सामने आया कि यह बिना सर्जरी के इलाज से बहुत अधिक बेहतर नहीं है। कई मामलों में सर्जरी एक्सरसाइज, फिजियोथैरेपी और दवाइयों के इलाज जैसे विकल्पों से अधिक असरकारी नहीं रही। ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने घुटने, हिप, कंधे, स्पाइन और कलाई सहित दस आम आर्थोपेडिक ऑपरेशनों के अध्ययनों पर गौर किया है। उन्होंने पाया कि घुटना बदलने सहित अन्य सर्जरी से अधिक फायदेमंद दूसरे इलाज हैं।

    छह अन्य किस्म की आम सर्जरी की स्टडी में सामने आया कि एक्सरसाइज, वजन नियंत्रित करने, फिजियो थैरेपी और दवाइयों से उपचार ज्यादा कारगर है।

    ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड में आर्थोपेडिक सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. एशले ब्लोम कहते हैं, हमारी स्टडी नहीं दर्शाती हैं कि इन ऑपरेशनों से मरीज बेहतर होते हैं। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैनफ्रांसिस्को में आर्थोपेडिक सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. साम मोर्शेद का कहना है, हमें स्वयं को आइना दिखाना चाहिए और कुछ ऑपरेशनों के असर की जांच-पड़ताल करनी चाहिए। इसके साथ समझना जरूरी है कि किसी इलाज को सही ठहराने वाले ट्रायल का अर्थ नहीं है कि वह इलाज प्रभावी नहीं है। वे कहते हैं, हिप सर्जरी एक अच्छा उदाहरण है।

    हिप सर्जरी पर कोई ट्रायल नहीं हुआ है लेकिन गैर सर्जिकल उपचारों की तुलना में उसके प्रभावी होने के सबूत मिले हैं।

    सर्जरी और दूसरे उपायों से राहत लगभग एकसमान रही

    अमेरिका में घुटने के अंदरूनी लिगामेंट या एसीएल के इलाज का आर्थोस्कोपिक ऑपरेशन बहुत सामान्य है। इस तरह की चोट खिलाड़ियों को अधिक लगती है। कुछ अध्ययनों में इनकी सफलता की दर 97 प्रतिशत पाई गई है। लेकिन जब गैर सर्जिकल उपचारों से ऑपरेशन की तुलना की गई तो दोनों तरह के इलाज में दर्द में बहुत कम अंतर मिला।

    कंधे के जोड़ से लगी मांसपेशियों के रोटेटर कफ ऑपरेशनों की समीक्षा में शोधकर्ताओं ने पाया कि एक्सरसाइज, स्टेरॉयड इंजेक्शनों के इलाज और सर्जरी से दर्द, कंधे की हलचल या मरीज को राहत के मामले में कोई अंतर नहीं है। रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में डिस्क की समस्या के ऑपरेशनों के तीन विश्लेषणों में सामने आया कि सर्जरी और गैर सर्जिकल इलाज से एकसमान सुधार हुआ है।

     

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