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आस्था /शौर्यपथ/
हिंदू धर्म को मानने वाले अमूमन हर लोग अपने घर में तुलसी का पौधा लगाते हैं. कई घरों में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है. तुलसी के पौधे के बारे में ऐसी मान्यता है कि यह भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है. माना जाता है कि तुलसी भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय है. इस धार्मिक मान्यता को ध्यान में रखकर कई लोग शाम के वक्त तुलसी के नीचे दीया भी जलाते हैं. तुलसी से जुड़े कई नियम वास्तु शास्त्र में भी बताए गए हैं. आइए जानते हैं तुलसी से जुड़े कुछ खास नियम.
तुलसी से जुड़े वास्तु नियम
-तुलसी के पौधे में जल देने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है. जो कि आज भी जीवंत है. लेकिन, धार्मिक मान्यतानुसार एकादशी, रविवार, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दिन तुलसी में जल देने की मनाही है.
-मान्यतानुसार, शाम ढलने के बाद तुलसी के पत्तों को तोड़ने से भी मना किया जाता है. माना जाता है कि ऐसा करने से दोष लगता है. इसलिए कुछ लोग ऐसा करने से बचते हैं.
-कहा जाता है कि जो कोई गुरुवार को तुलसी के पौधे में दूध अर्पित करता है और रविवार को छोड़कर प्रतिदिन शाम के समय तुलसी के नीचे घी का दीया जलाते हैं, उनके घर मां लक्ष्मी का हमेशा वास होता है.
-धार्मिक मान्यता है कि घर में कभी भी सूखा हुआ तुलसी का पौधा नहीं रखना चाहिए. दरअसल इसे अशुभ माना गया है. कहा जाता है कि सूखे हुए तुलसी के पौधे को किसी पवित्र नदी में प्रविहित कर देना चाहिए और उसकी जगह नया पौधा लगाना चाहिए.
-वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी को दक्षिण दिशा में नहीं लगाया जाता है. माना जाता है कि इस दिशा में लगाई गई तुलसी हमेशा अशुभ फल देती है. तुलसी लगाने के लिए उत्तर दिशा का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा तुलसी को हमेशा गमले में गया जाता है. कहा जाता है घर में जमीन पर लगाया हुआ तुलसी का पौधा अशुभ फल देता है.
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
