July 24, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    रामलला की शोभायात्रा हर माह की नवमी को निकलेगी

    • rounak group

    धर्म संसार / शौर्यपथ / रामलला अब चक्रवर्ती नरेश के रूप में भक्तों को दर्शन देकर उनका कुशलक्षेम जानने बाहर भी निकला करेंगे। इसी भाव को लेकर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने हर माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रामलला की शोभायात्रा निकालने पर विचार कर रहा है। यह शोभायात्रा रामजन्मभूमि परिसर से सरयू तट तक निकाली जाएगी। यहां सरयू दर्शन के उपरांत दक्षिणात्य पद्धति से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कल्याण महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

    चैत्र रामनवमी पर निकलेगी वार्षिक यात्रा-
    चैत्र रामनवमी के अवसर पर विराजमान रामलला की वार्षिक यात्रा भी निकाली जाएगी। यह यात्रा मध्याह्न भगवान के प्राकट्योत्सव के उपरांत निकाली जाएगी। उड़ीसा के जगन्नाथपुरी की रथयात्रा की तर्ज पर इस शोभायात्रा में भगवान स्वयं नगर दर्शन के लिए निकलेंगे और आम श्रद्धालुओं को राज प्रासाद के बाहर आकर दर्शन देंगे। इस यात्रा में रामलला के साथ उनके तीनों अनुज क्रमश: भरत-शत्रुघ्नन, लक्ष्मण भी अलग-अलग रथारूढ़ होंगे। इस शाही यात्रा का मार्ग सम्पूर्ण रामकोट परिक्षेत्र रहा करेगा। इससे मेला क्षेत्र में कोई व्यवधान भी नहीं आएगा।

    अभी प्रतिवर्ष पौष मास में निकलती है शोभायात्रा-
    22/23 दिसम्बर 1949 के बाद से रामजन्मभूमि सेवा समिति के तत्वावधान में प्रतिवर्ष पौष मास में रामलला का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। नौ दिवसीय उत्सव के अंतिम दिन भगवान की शोभायात्रा सम्पूर्ण रामकोट परिक्षेत्र में निकाली जाती है। छह दिसम्बर 92 की घटना के बाद भी उत्सव यथावत रामजन्मभूमि परिसर में ही मनाया जाता रहा लेकिन वर्ष 2003 में शिलादान प्रकरण के बाद से नौ दिवसीय उत्सव प्रतीकात्मक हो गया और रिसीवर की ओर से अंतिम दो दिनों के लिए ही अनुमति दी जाती रही है।

    चैत्र रामनवमी पर अम्माजी मंदिर से आज भी निकलती है शोभायात्रा-
    अयोध्या। दक्षिण भारतीय परम्परा के अम्माजी मंदिर में चैत्र रामनवमी के अवसर पर पंच दिवसीय ब्रह्मोत्सव मनाया जाता है। इस मौके पर प्रतिदिन सायं भगवान की शोभायात्रा अलग-अलग वाहनों से निकाली जाती है। यह शोभायात्रा सायंकालीन बेला में निकाली जाती है। दक्षिण भारत के एक अन्य मंदिर नाटुकोट्टै नगरत्तार छत्रम से भी प्रत्येक रामनवमी के अवसर पर भगवान के प्राकट्य के बाद मध्याह्न में ही शोभायात्रा निकाली जाती थी। वर्ष 2005 में रामजन्मभूमि परिसर में लश्करे तैय्यबा के फिदायीन दस्ते के हमले के बाद शोभायात्रा बंद करा दी गई।

     

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision