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May 25, 2026
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अग्नाशय में सिकुड़न से बढ़ रहा है ब्लड शुगर का खतरा, बचने के लिए करें ये उपाय

  • rounak group

सेहत / शौर्यपथ / क्या आप टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे हैं? अगर हां तो मुमकिन है कि आपका अग्नाशय 25 फीसदी तक सिकुड़ गया हो। इससे न सिर्फ आपको ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में परेशानी होती है, बल्कि हाजमा भी बिगड़ जाता है। हालांकि, ब्रिटेन स्थित न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन की मानें तो डायबिटीज रोगी वजन घटाकर सिकुड़े अग्नाशय को दोबारा सामान्य आकार में ला सकते हैं। इसके लिए उनका न सिर्फ डाइटिंग और एक्सरसाइज करना, बल्कि नींद पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक अग्नाशय में सिकुड़न टाइप-2 डायबिटीज की बड़ी वजह है। शरीर में अत्यधिक चर्बी जमने के कारण टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के अग्नाशय के आकार में स्वस्थ लोगों के मुकाबले 25 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है। इससे उनमें इंसुलिन के उत्पादन में तो कमी आती ही है, साथ ही पाचन क्रिया को बढ़ावा देने वाले एनजाइम का स्त्राव भी घट जाता है।

खास बात यह है कि डायबिटीज रोगी अगर वजन में 10 से 15 किलो तक की कटौती करें तो उनका अग्नाशय सामान्य आकार में लौट जाता है। मोटापे पर काबू पाने के लिए उनका स्वस्थ खानपान और व्यायाम अपनाना ही काफी नहीं है। आठ घंटे की मीठी नींद लेना भी बेहद अहम है।

मुख्य शोधकर्ता प्रोफेसर रॉय टेलर कहते हैं, 2018 में हमारी टीम ने पाया था कि जो प्रतिभागी सूप और जूस से लैस डाइट लेकर दिनभर में 850 से ज्यादा कैलोरी का सेवन न करने का लक्ष्य तय करते हैं, उनके वजन में दो से तीन महीने में ही 10 से 15 किलो की कमी आती है। इससे वे धीरे-धीरे डायबिटीज को मात देने की दिशा में भी आगे बढ़ने लगते हैं।

ताजा अध्ययन में हमने देखा कि इन प्रतिभागियों के अग्नाशय में दो साल में 20 से 25 फीसदी तक की वृद्धि होती है। यानी वह सामान्य आकार में लौट आता है। इससे शरीर में इंसुलिन का उत्पादन बढ़ना और ब्लड शुगर नियंत्रित होना लाजिमी है। अध्ययन के नतीजे ‘द लांसेट डायबिटीज एंड एंडोक्राइन जर्नल’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं।

हफ्ते में चार बार गुनगुने पानी से नहाएं-
रात में बिस्तर पर जाने से पहले गुनगुने पानी से नहाते हैं? अगर हां तो आपकी यह आदत टाइप-2 डायबिटीज और हृदयरोगों से बचाव में खासी मददगार साबित हो सकती है। जापान स्थित कोह्नोदाई यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 1300 प्रतिभागियों में गुनगुने पानी के स्नान का फायदा आंकने के बाद यह दावा किया है। उन्होंने पाया कि जो लोग हफ्ते में चार बार गुनगुने पानी से नहाते हैं, उनका न सिर्फ बीएमआई (वजन और कद का अनुपात), बल्कि ब्लड शुगर का स्तर और रक्तचाप भी नियंत्रित रहता है। स्ट्रेस हार्मोन के स्तर में कमी आना और फील गुड हार्मोन का स्त्राव बढ़ना इसकी मुख्य वजह है।

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