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आस्था /शौर्यपथ /जब हमारे घर में कोई भी भगवान विराजमान होते हैं, तो उनकी विधि विधान से पूजा अर्चना करने के साथ ही उनके प्रसाद का भी बहुत ध्यान रखा जाता है. सुबह, दोपहर, शाम भगवान को तरह-तरह के भोग अर्पित किए जाते हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है कि भगवान को भोग लगाने के कितने समय बाद हम वह भोग उठाकर खा सकते हैं या दूसरों में बांट सकते हैं. आइए जानते हैं कि भगवान के भोग को कितने समय बाद हमें ग्रहण करना चाहिए.
इस तरह लगाएं भगवान को भोग |
अगर आपके घर में देवी देवता स्थापित है, तो उनकी पूजा अर्चना करने के बाद उन्हें भोग जरूर लगाना चाहिए. भोग लगाने के लिए भगवान की थाली या बर्तन अलग रखें, आप पीतल या चांदी के बर्तन में भगवान को भोग लगा सकते हैं. लेकिन जिस थाली में आप खाते हैं उस थाली में कभी भी भगवान को भोग नहीं लगना चाहिए, क्योंकि यह भोग अशुद्ध माना जाता है. जब आप भोग लगाएं उस समय मंदिर के आगे पर्दा डालकर थाली को भगवान के पास रख दें. ऐसा माना जाता है कि जब भगवान को भोग लगाया जाता है तो किसी की नजर उन पर नहीं पड़नी चाहिए. भोग को कभी भी जमीन पर नहीं रखें, बल्कि किसी चौकी या स्टैंड के ऊपर रखकर भगवान को भोग लगाएं.
इतनी देर बाद भगवान के पास से भोग उठाकर ग्रहण करें |
अब बात आती है कि भगवान के पास हमने भोग तो लगा दिया लेकिन कितनी देर बाद हम इस प्रसाद का सेवन कर सकते हैं? तो आप भगवान के सामने भोग की थाली 15 मिनट से लेकर आधे घंटे तक रख सकते हैं. जैसे हम खाना खाने में 15-20 मिनट या आधा घंटा लगाते हैं, इसी तरह से भगवान भी अगर भोजन ग्रहण कर रहे हैं तो उन्हें भी इतना ही समय लगेगा. आधे घंटे बाद आप उस भोग की थाली को उठाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते हैं और घर के लोगों को भी बांट सकते हैं. भगवान के पास भोग लगाने के तुरंत बाद कभी भी भोग को ना उठाएं.
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
