Google Analytics —— Meta Pixel
March 15, 2026
Hindi Hindi

अगर आपकी मम्‍मी डायबिटिक हैं और रख रहीं है करवा चौथ व्रत, तो इन बातों का जरूर रखें ध्‍यान

  • devendra yadav birth day

सेहत / शौर्यपथ /अगर आपकी मम्‍मी या सासू मां मधुमेह से ग्रस्‍त हैं और हर बार की तरह इस बार भी करवा चौथ का व्रत रखने की जिद पर अड़ी हैं, तो आपको रखना होगा उनका खास ख्‍याल।
डायबिटीज यानी मधुमेह एक जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है, जिसमें खून में शुगर का स्तर प्रभावित होता है। इसके पीछे इन्सुलिन कम बनने या इंसुलिन का शरीर द्वारा इस्तेमाल न हो पाना दोषी होता है। डायबिटीज के यूं तो कई कारण हैं, लेकिन खराब और अस्वस्थ जीवनशैली सबसे प्रमुख कारण है। अगर आप व्यायाम नहीं करतीं हैं या मोटापे से ग्रस्त हैं तो आपका डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है।
डायबिटीज सिर्फ एक लाइलाज बीमारी ही नहीं है, बल्कि अन्य बीमारियों की गंभीरता को भी बढ़ा देती है। एक डायबिटीज के मरीज को बहुत सावधानी बरतनी होती है। जैसे दिन में हर दो से तीन घण्टे पर छोटी मील लेना, व्यायाम करना, नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल जांचना और चिंता मुक्त रहना। आहार के लिए भी बहुत परहेज किया जाता है। साथ ही ग्लूकोज के सीधे सेवन से बचा जाता है।
ऐसे में चिंता यह है कि एक डायबिटीज का मरीज दिन भर उपवास कैसे रख सकता है! करवा चौथ का व्रत सोलह से अठारह घण्टे का उपवास होता है जिसमें कई संस्कृतियों में पानी भी नही पिया जाता।
दिन भर का उपवास यूं तो शरीर को डिटॉक्स करने के लिए अच्छा उपाय है, लेकिन डायबिटीज में ऐसा नहीं है। मधुमेह से ग्रस्‍त व्यक्ति को शुगर लेवल नियंत्रित करने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर पर मील्स लेनी जरूरी होती हैं। तो ऐसे में मधुमेह से ग्रस्‍त आपकी मम्‍मी या सासू मां करवा चौथ का व्रत कैसे रखेंगी?
घबराने की जरूरत नहीं है, आप उनके स्वास्थ्य से समझौता किये बिना ही उनकी आस्‍था में उनका साथ दे सकती हैं। हम आपको बता रहे हैं वे तरीके जिनसे वे व्रत भी रख सकेंगी और उनकी सेहत को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा।
व्रत से पहले खाएं ये कुछ खास चीजें
सूर्योदय के साथ ही करवा चौथ के व्रत की शुरुआत होती है, और चंद्रमा निकलने के बाद ही व्रत खोला जाता है। व्रत शुरू करने से पहले सभी महिलाएं भोजन करती हैं, जिसे सरगी कहते हैं। पारम्परिक रूप से सास अपनी बहू के लिए सरगी बनाती है, जिसमें मिठाई, सेवईं, मेवे और फल इत्यादि होते हैं।
लेकिन अगर आप डाय‍िबिटिक हैं तो आपकी सरगी बिल्कुल अलग होगी। अपनी सरगी में प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट शामिल करें। प्रोटीन पचने में समय लेता है, जिससे आपके शरीर को लम्बे समय तक ऊर्जा मिलती रहेगी और हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति नहीं आएगी। हाइपोग्लाइसीमिया का अर्थ है खून में ग्लूकोज की कमी।
आप सुबह सरगी के रूप में दही, दूध, ओट्स, जौं या बाजरे की रोटी और ड्राई फ्रूट्स लें। अगर आपकी शुगर नियंत्रित रहती है तो आप फल भी ले सकती हैं।
व्रत तोड़ने के लिए
व्रत तोड़ने के लिए भी पारंपरिक व्यंजनों से दूरी बनाए रखें। तले, भुने और मसालेदार खाने से आपके शरीर मे एकदम से कार्बोहाइड्रेट बढ़ेगा जिससे हाइपरग्लाइसीमिया की समस्या हो जाएगी। व्रत तोड़ने के लिए ताजा फलों का जूस पियें। उसके बाद फाइबर युक्त भोजन थोड़ा-थोड़ा कर के, 15 से 20 मिनट के गैप पर खाएं।
ट्रान्स फैट और सिंपल कार्बोहाइड्रेट्स से दूर ही रहें।
इन बातों का रखें ख्याल-
अगर आपकी डायबिटिक मां या सास जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है, वह व्रत रखती हैं, तो उन्हें निर्जला व्रत न रखने दें। दिन में पानी, नारियल पानी, जूस और चाय इत्यादि देती रहें। याद रखें, किसी भी पूजा या व्रत में सबसे महत्वपूर्ण मन की पवित्रता और श्रद्धा होती है।
अगर आपकी शुगर अक्सर लो हो जाती है तो दिन में दूध, चाय, जूस इत्यादि ले लें।
व्रत से एक दो दिन पहले से ही डाइट कम कर लें ताकि शरीर कम ग्लूकोज के लिए तैयार हो जाये।
चक्कर आएं, बहुत कमजोरी महसूस हो तो दूध या नींबू पानी ले लें।
अपनी सेहत का ख्याल रखें क्योंकि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है।

Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)