August 11, 2026
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    डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम पहुंचे वेबिनार में शिक्षकों से स्कूल खोले जाने के संबंध में ली राय

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    रायपुर / शौर्यपथ / स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम आज समग्र शिक्षा के माध्यम से बस्तर जिले के शिक्षकों के साथ प्रारंभिक भाषाई एवं गणितीय कौशलों के विकास के संबंध में आयोजित परिचर्चा में शामिल हुए। उन्होंने बस्तर संभाग के शिक्षकों से स्कूलों के खोले जाने के बारे में राय ली। शिक्षकों ने स्कूलों को खोले जाने के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार स्थानीय निकायों विशेषकर शाला प्रबंधन समितियों को दिए जाने का आग्रह किया, ताकि स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर पालकों के साथ चर्चा कर उचित निर्णय लिया जा सके। स्कूल शिक्षा मंत्री ने वेबिनार के माध्यम से बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, सुकमा, बीजापुर के सुदूर अंचलों में कार्यरत शिक्षकों से सीधा संवाद कर उनके विचारों को जाना।
    स्कूल शिक्षा मंत्री को बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक अमिय राठिया ने संभाग के विभिन्न जिलों में संचालित सरल कार्यक्रम एवं उसके माध्यम से बच्चों के प्रारंभिक कौशलों में हुए सुधारों की जानकारी दी। मंत्री डॉ. टेकाम द्वारा शिक्षकों से स्कूलों के खोले जाने के बारे में राय ली गई।
    शिक्षकों ने बताया कि गांवों में कोरोना की स्थिति बहुत कम लेकिन शहरों में इसका प्रभाव अधिक है। स्कूल खुलने पर शहरों में निवासरत शिक्षक यदि गावों में पढ़ने आएंगे तो संक्रमण फैलने की संभावना होगी। स्कूल खुलने पर आधे-आधे बच्चों को रोस्टर पद्धति से या फिर कक्षाओं को अलग अलग दिनों या समय पर खोले जाने का सुझाव भी कुछ शिक्षकों द्वारा दिया गया। शिक्षकों द्वारा पोर्टा केबिन, आश्रम शाला और केजीबीवी में बच्चों की बहुत अधिक संख्या होने से इन संस्थाओं को खोलने से सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन नहीं हो पाने और संक्रमण के खतरे की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया।
    स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने केन्द्रों, मोहल्ला कक्षाओं में कोरोना से संबंधित सावधानियों की जानकारी भी ली। सभी शिक्षकों ने अवगत कराया कि साबुन से हाथ धोने, मास्क पहनकर आने और दूरी बनाकर बिठाकर ही उनकी कक्षाएं ली जाती हैं। डॉ. टेकाम ने संकट के समय शिक्षकों द्वारा स्वेच्छा से अध्यापन करवाएं जाने पर सभी की खूब प्रशंसा की एवं बस्तर क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा संचालित बुल्टू के बोल, लाउडस्पीकर स्कूल और मोहल्ला कक्षाओं को एक ऐसा सफल उपाय बताया जिसकी वजह से बच्चों की पढाई निरंतर जारी रह सकी।
    वेबिनार में बस्तर संभाग में प्रथम के साथ संचालित सरल कार्यक्रम में बेहतर उपलब्धि हासिल किए हुए बच्चों एवं पीछे छूट रहे बच्चों का अध्यापन कर रहे शिक्षकों के साथ विस्तार से उनके अनुभवों को सुना गया। वेबिनार के माध्यम से राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रस्तावित फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमेरेसी पर कार्ययोजना बनाने हेतु जमीनी स्तर से आइडियाज निकालने का प्रयास किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने ऐसी विषम परिस्थितियों में बच्चों को सिखाने संबंधी विधियों की जानकारी ली। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सौ दिवसीय कार्यक्रम में किस प्रकार से शिक्षक रोचक गतिविधियों का इस्तेमाल कर स्थानीय सामग्री का उपयोग कर सरल विधि से पढ़ा रहे हैं, इसकी जानकारी दी गयी।

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