July 23, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    प्रतिभाओं का समर कैंप समापन समारोह में समिति अध्यक्ष दीपक कुमार हुए सम्मानित

    भिलाई। खुर्सीपार में आयोजित एक माह के "प्रतिभाओं का समर कैंप" के समापन समारोह में समाजसेवा एवं मानवता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए निस्वार्थ सेवा भाव समिति का सम्मान किया गया। समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार को रक्तदान जागरूकता एवं रक्तदान सेवा के माध्यम से हजारों जरूरतमंदों के जीवन में नई आशा का संचार करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

    गौरतलब है कि खुर्सीपार में 9 मई से 7 जून तक आयोजित समर कैंप में लगभग 700 बच्चों ने योग, फिजिकल ट्रेनिंग, कराटे, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, क्रिकेट एवं फुटबॉल सहित विभिन्न खेल एवं शारीरिक गतिविधियों में भाग लिया। कैंप का उद्देश्य बच्चों में खेल प्रतिभा, अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

    समापन समारोह का आयोजन खुर्सीपार स्थित श्रीराम चौक दशहरा मैदान में किया गया, जिसमें विधायक देवेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

    इसी क्रम में निस्वार्थ सेवा भाव समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार को रक्तदान के क्षेत्र में किए जा रहे सतत जनसेवा कार्यों, रक्तदाताओं को प्रेरित करने तथा जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

    कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण जैन, भिलाई की प्रथम महापौर नीता लोधी, एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू, ब्लॉक अध्यक्ष गुड्डू खान, विधायक प्रतिनिधि इंद्रजीत सिंह सेनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे।

    मंत्रिमंडल के साथ फिल्म देखने की जताई इच्छा, वीर नारायण सिंह और गुरु घासीदास पर भी फिल्म निर्माण का दिया सुझाव

    भिलाई। छत्तीसगढ़ में निर्मित हिंदी फिल्म 'रमाई' की प्रमुख अभिनेत्री प्रेरणा धाबर्डे, प्रमुख अभिनेता एवं निर्माता डॉ. उदय धाबर्डे तथा फिल्म की पूरी टीम ने राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फिल्म की विषयवस्तु और संकल्पना की सराहना करते हुए कहा कि त्याग, संघर्ष और समर्पण की प्रतिमूर्ति माता रमाबाई आंबेडकर का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रेरक जीवनगाथाओं पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिनेमा समाज को दिशा देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने फिल्म की सराहना करते हुए इसे मंत्रिमंडल के साथ देखने की इच्छा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म की टीम की मुलाकात राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से कराने का प्रयास किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति वंदन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और मातृशक्ति के संघर्ष, त्याग एवं योगदान को प्रदर्शित करने वाली छत्तीसगढ़ में निर्मित यह पहली हिंदी फिल्म एक महत्वपूर्ण पहल है।

    फिल्म की प्रमुख अभिनेत्री प्रेरणा धाबर्डे ने बताया कि 'रमाई' केवल एक ऐतिहासिक चरित्र की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय नारी शक्ति, धैर्य, समर्पण और संघर्ष की प्रेरणादायी गाथा है। वहीं प्रमुख अभिनेता एवं निर्माता डॉ. उदय धाबर्डे ने कहा कि फिल्म के निर्माण में ऐतिहासिक तथ्यों, सामाजिक संदर्भों एवं गहन शोध का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि दर्शकों तक एक प्रामाणिक और प्रेरक कथा पहुंच सके।

    मुख्यमंत्री साय ने फिल्म निर्माण टीम को सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ के महान विभूतियों शहीद वीर नारायण सिंह और संत गुरु घासीदास के जीवन पर भी फिल्म निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों के निर्माण में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही भविष्य में छत्तीसगढ़ शासन की प्रचारात्मक फिल्मों में अवसर उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि 'रमाई' समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने और मातृशक्ति के योगदान को सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    इस अवसर पर फिल्म से जुड़े कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं अन्य सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फिल्म की आगामी योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी साझा की।

    स्वास्थ्य सेवा और संगठन विस्तार को नई गति देने 16 मंडलों के संयोजकों की नियुक्ति

    राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री पवन साय, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. देवेन्द्र कश्यप तथा भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत की सहमति से भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. निलेश सिंह ने जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं जिले के 16 मंडलों की नई कार्यकारिणी की घोषणा की है।

    जारी सूची के अनुसार डॉ. निलेश सिंह को जिला संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सह-संयोजक के रूप में डॉ. चन्द्रेश साहू, डॉ. पी. डी. मानिकपुरी, डॉ. आलोक भट्टाचार्य, डॉ. जितेन्द्र तिवारी, डॉ. लोकेश चन्द्राकर एवं डॉ. हरिश्चन्द्र साहू को नियुक्त किया गया है। डॉ. अशोक तिवारी को जिला मीडिया प्रभारी तथा डॉ. कामेश साहू को महत्वपूर्ण दायित्व प्रदान किया गया है।

    मंडल स्तर पर राजनांदगांव उत्तर से डॉ. प्रमोद साहू, राजनांदगांव दक्षिण से डॉ. यशवंत कुमार साहू, राजनांदगांव ग्रामीण पूर्व से डॉ. अनुपम श्रीवास्तव, राजनांदगांव ग्रामीण पश्चिम से डॉ. गुणीत साहू, डोंगरगढ़ शहर से डॉ. राजेश राघोत्रे, डोंगरगढ़ ग्रामीण से डॉ. मोरध्वज वर्मा, घुमका से डॉ. लक्ष्मण वर्मा, तिलई से डॉ. नारायण मानिकपुरी, डोंगरगांव शहर से डॉ. ललित रामटेके, डोंगरगांव ग्रामीण से डॉ. फग्गू पटेल, मुसरा-मुरमुंदा से डॉ. श्यामलाल साहू, तुमड़ीबोड़ से डॉ. भूपेन्द्र वर्मा, अर्जुनी से डॉ. टीमेश्वर साहू, लाल बहादुर नगर से डॉ. उत्तम कुमार विश्वास, छुरिया से डॉ. हेमंत कुमार लड़े, कुमर्दा से डॉ. हेमंत बनपेला तथा गैंदाटोला से डॉ. अश्वनी कुमार साहू को मंडल संयोजक नियुक्त किया गया है।

    भाजपा द्वारा संगठन के विस्तार तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चिकित्सा प्रकोष्ठ की नई टीम का गठन किया गया है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि चिकित्सा प्रकोष्ठ संगठन की विचारधारा, सेवा कार्यों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रकोष्ठ की नई टीम समाजसेवा की भावना के साथ स्वास्थ्य संबंधी जनहितकारी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का कार्य करेगी।

     
    सरकार की प्राथमिकता के लोगों को स्वास्थ्य और इलाज नही

       रायपुर/ । भाजपा की सरकार बनने के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो गयी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि छत्तीसगढ़ में जिन मरीजों की मौते हो रही है। उनमें से 60 प्रतिशत से अधिक मरीजो की मौत केवल इसलिये हो रही है कि उनका समय पर ईलाज एक प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टाफ से नहीं हो पाता है। सेंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ में होने वाली कुल मौतो के पीछे एक बड़ा कारण ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित डॉक्टरो की कमी है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ इस प्रकार की मौतो के मामलो में बिहार और झारखंड के बाद तीसरे स्थान पर है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में लोगो का ईलाज है ही नही, भाजपा सरकार के लिये स्वास्थ्य विभाग केवल भ्रष्टाचार करने का अड्डा मात्र बना हुआ है। प्रदेश के वर्तमान 10 मेडिकल कालेजो में 2660 स्वीकृत पदो में से 1290 पद लगभग आधे खाली पड़े है। ऐसे में मरीजो का कैसे ईलाज होगा। स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्रो में 65 प्रतिशत स्थानों तथा जिला अस्पतालो में 60 प्रतिशत पद खाली पड़े है। राज्य के सरकारी अस्पतालो में ईलाज कम भ्रष्टाचार अधिक होता है। प्रदेश के अधिकांश सरकारी अस्पतालो मेडिकल कालेजो में नकली दवाये उपयोग की शिकायते सामने आ चुकी है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बेहद शर्मनाक है कि राज्य के लोगो की बड़ी उम्मीद मेकाहारा रायपुर तथा डीकेएस अस्पताल भी अव्यवस्था और सरकार की लापरवाही का शिकार है। मेकाहारा में करोड़ो की मशीने स्टालेशन के आभाव में तथा योग्य चिकित्सको होने के बाद मेकाहारा में सुविधाये नहीं होने के कारण लोगो के ईलाज में देरी होती है। सरकार कभी दवाई नहीं उपलब्ध करवा पाती तो कभी एक्सरे फिल्म, तो कभी पैथालाजी के सामन। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि सरकार की लापरवाही और बदनियती के चलते ही छत्तीसगढ़ में मरीज जांच, इलाज और दवा के अभाव में बे-मौत मरने मजबूर हैं। नकली और अमानक दवाएं मरीजों को दी जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में दी जा रही कई दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल हो रही है। समय पर एम्बुलेंस की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। सिटी स्कैन, एम आर आई, सोनोग्राफी, एक्स रे और खून पेशाब की जांच के लिए मरीज भटक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में कमीशनखोरी के लिए स्वास्थ्य विभाग अघोषित तौर पर ठेके में संचालित है। सत्ता के संरक्षण में केवल मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है। अक्षम स्वास्थ्य मंत्री तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे या उन्हें बर्खास्त करे सरकार।

       रायपुर/ । धान के अलावा अन्य फसल लेने पर 15000 रू. प्रति क्विंटल देने के फैसले को भेदभाव पूर्ण और धान के किसान विरोधी बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, धान के किसान हमारी पहचान है, प्रदेश के अर्थव्यवस्था की धूरी है, भाजपा की सरकार दुर्भावना पूर्वक इसे मिटाने पर तुली है। आखिर इस सरकार को धान के किसानों से इतनी हिकारत क्यों? प्रदेश का जनवायु और मानसून धान के अनुकूल है। दलहन, तिलहन एवं अन्य फसल लेने के लिये न किसानों की तैयारी है, न ही वातावरण अनुकूल। सरकार पहले जो खाद का संकट सामने खड़ा है, उसका निराकरण करे।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार का फैसला अव्यावहारिक है। धान के खेत में तिली, राहेर, कोदो, कुटकी, रागी, कपास, उड़द, मूंग कैसे बोयेंगे किसान? क्या किसान मेढ़ पार फोड़ कर, धान के खेत को पाट कर भर्री बना दे? छत्तीसगढ़ में मानसून, वर्षा, मिट्टी, जलवायु, धान के खेती के अनुकूल है, जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराने में नाकाम सरकार अपनी अक्षमता छुपाने अब 15 हजार का प्रलोभन दे रही है, पहले अन्य फसलो की समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था करें सरकार।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार खाद नहीं दे पा रही है इसलिए प्रलोभन दे रही है। पिछले तीन साल में धान की एमएसपी वृद्धि का लाभ पहले ही किसानों से छीन लिया गया है, साय सरकार आने के बाद 117 फिर 69 और 72 रुपए की वृद्धि धान के एमएसपी में हो चुकी है कुल 258 रुपए बढ़े है लेकिन यह सरकार 3358 की जगह केवल 3100 रुपए प्रति क्विंटल ही दे रही है, आगे भी धान की कीमत बढ़ाने का इरादा इस सरकार का नहीं है जबकि कृषि लागत पिछले ढाई साल में 12 से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ बढ़ चुका है।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार बताये, खरीफ के लिये कितने उर्वरको की व्यवस्था हो पाई है? सरकार का खुद का दावा है कि लक्ष्य 15 लाख 54 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के विपरीत केवल 11 लाख 11 हजार मीट्रिक टन का कुल भंडारण है, जिसमें से अभी तक कुल केवल 4 लाख 11 हजार मीट्रिक टन का वितरण हुआ है जो कुल डिमांड का मात्र 26 प्रतिशत है। सोसायटियों तक पर्याप्त खाद कब तक पहुंचेगा? सरकार किसानों के लिये आवश्यक यूरिया डीएपी की व्यवस्था करे।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी निर्मित महंगाई के कारण खेती की लागत बढ़ गई है, डीजल महंगा होने से जुताई, मताई, हार्वेस्टिंग की लागत 20 प्रतिशत बढ़ गया है, खाद बीज के दाम बढ़ाए, पोटास एन पी के महंगा हुआ है, एक तरफ यह सरकार एनपीके को डीएपी का विकल्प बता रही है, दूसरी तरफ एन पी के और पोटास के दाम में 15 और 30 प्रतिशत की वृद्धि कर देती है, यह कैसा विकल्प? यह तो किसानों पर दुगुना आर्थिक बोझ है। कृषि की लागत पिछले साल की तुलना में कम से कम 12 से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ बढ़ गई है। वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी की गुणवत्ता पर किसानों को भरोसा नहीं है। भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ नकली खाद नकली बीज अमानत दावों को खपाने का संरक्षण स्थल बन चुका है सत्ता के संरक्षण में जमकर कालाबाजारी हो रही है किसान शोषण के शिकार हैं। कीटनाशक के दाम बढ़ाए, लेकिन धान के एम एस पी में वृद्धि का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा? कांग्रेस ने 2500 का दावा करके 2640 और 2660 रुपए दिया यह सरकार एम एस पी वृद्धि को खुद ही खा रही है। यह सरकार तरह-तरह के बहाने बनाकर अड़ंगे लगा रही है। किसानों को पिछले खरीफ सीजन में दिए गए डीएपी की मात्रा से 40 प्रतिशत और यूरिया में 20 प्रतिशत कम देने का तुगलकी फरमान जारी किया गया है। सहकारी समितियों से खाद का कोटा तय करके (प्रति एकड़ के हिसाब से) कम खाद का वितरित किया जा रहा है। पिछले साल तक किसानों को सोसायटी से नगदी और सामग्री का अनुपात 60रू40 था जिसे अब घटाकर 70रू30 कर दिया गया है अर्थात खाद बीज (सामग्री) लेने की की लिमिट 10 प्रतिशत घटा दिया गया है। यदि राहत देना है तो बिना भेदभाव के सभी किसानों को 15 हजार प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दे सरकार।
      रायपुर/ । प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपुत ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रदेश में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण सरकारी स्कूलों में आज भी शिक्षकों की भारी कमी है.भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े विज्ञापन और घोषणाएं कर शिक्षकों की भर्ती का वादा तो किया, लेकिन आज तक भर्ती प्रक्रिया जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। स्कूल खुलने जा रहे हैं, लेकिन 57000 हजार पद खाली पड़े हैं। सरकार की नीयत केवल प्रचार तक सीमित है, जबकि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पूरी तरह उपेक्षित है।

    प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 5000 शिक्षकों के पद इसी शिक्षा सत्र में भरने की घोषणा किया था, वही भी नहीं भरे गये।  भाजपा सरकार बताए कि आखिर शिक्षकों की भर्ती की घोषणा केवल सुर्खियां बटोरने के लिए थी या वास्तव में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए? यदि सरकार गंभीर होती तो नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले नियुक्तियां पूरी हो चुकी होतीं।भाजपा सरकार में शिक्षकों की भर्ती की घोषणा के बावजूद अभी तक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियाँ क्यों नहीं हो पाई। शिक्षा बजट खर्च होने के बाद भी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी क्यों है ? क्या भाजपा सरकार के लिए बच्चों का भविष्य प्राथमिकता नहीं है?

    प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजदूत ने कहा कि भाजपा सरकार “सुशासन” और “विकास” के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों स्कूल बिना पर्याप्त शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है, वहीं अनेक विषयों के शिक्षक अब तक नियुक्त नहीं किए गए हैं। इसके अलावा नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहे हैं लेकिन निजी विद्यालयों को अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। शिक्षा विभाग को बच्चों में मतभेद ना कर अच्छी शिक्षा देने पर फ़ोकस करना चाहिए। प्रदेश के अभिभावक जानना चाहते हैं कि जब स्कूल खुलने की तारीख पहले से तय थी, तो शिक्षकों की भर्ती और पदस्थापना समय पर क्यों नहीं हुई?
      रायपुर/ । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा बिल्डरों एवं हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक के सन्दर्भ में कहा कि प्रदेश की आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवार  मूलभूत सुविधाओं के अभाव, अधूरी परियोजनाओं और बिल्डरों की मनमानी से परेशान हैं। ऐसे में केवल बैठक कर फोटो खिंचवाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को यह बताना चाहिए कि अब तक इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कार्रवाई की गई है।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि राजधानी में ही हजारों सोसायटियां में इस भीषण गर्मी में पानी कि प्रायप्त व्यवस्था नगर निगम नहीं कर पा रही हैँ,पानी के टैंकरो से कॉलोनीयों में जल आपूर्ति भी यह सरकार जनता को इस भीषण गर्मी में राहत देने में विफल साबित हो रही हैँ और साथ ही अनेक स्थानों पर सड़क, ड्रेनेज, जल निकासी, पार्क, पेयजल, बिजली कटौती तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है। यदि इतने बड़े पैमाने पर समस्याएं मौजूद हैं तो यह राज्य सरकार और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था की विफलता  है।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन बिल्डरों ने बिना आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए कॉलोनियों का हैंडओवर किया या जिन परियोजनाओं में नियमों का उल्लंघन हुआ, उनके खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाई की गई है। केवल समीक्षा बैठकों से जनता की समस्याएं दूर नहीं होंगी।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार समस्याओं के समाधान से अधिक प्रचार पर ध्यान दे रही है। यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो प्रत्येक कॉलोनी की समस्याओं के निराकरण के लिए समयबद्ध कार्य योजना जारी करें, जिम्मेदार अधिकारियों और बिल्डरों की जवाबदेही तय करे तथा उसकी प्रगति को सार्वजनिक करे। नहीं तो  कांग्रेस पार्टी आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी तथा सरकार को जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए बाध्य करेगी।

    विधायक पुन्नूलाल मोहले बोले- समाधान शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और समाधान का मजबूत सेतु

    मुंगेली, । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सुशासन तिहार के तहत जिला मुख्यालय स्थित सतनाम भवन में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं नागरिकों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

    शिविर में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर अधिकारियों को आमजनों को योजनाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    इस अवसर पर नुक्कड़-नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वच्छता, कचरा पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। नागरिकों को गीले और सूखे कचरे, सेनेटरी वेस्ट तथा स्पेशल केयर वेस्ट को अलग-अलग रखने तथा वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन में सहयोग करने के लिए जागरूक किया गया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही वास्तविक सुशासन की पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी कराने पर जोर दिया तथा बिजली चोरी पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि समाधान शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और समाधान का मजबूत सेतु बनकर उभरा है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण में जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर जिला प्रशासन को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वर्षा ऋतु के पूर्व विद्युत व्यवस्था के सभी आवश्यक मेंटेनेंस कार्य पूर्ण करने तथा बिजली संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सुशासन तिहार के सफल संचालन में योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

    शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के अंतर्गत पांच किसानों को कुल 3 लाख 38 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए। इसके अलावा श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आयुष्मान वय वंदना कार्ड, राशन कार्ड एवं मत्स्य जाल वितरित किए गए। बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।

    कार्यक्रम में मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, सीएमओ श्री होरी सिंह ठाकुर, तहसीलदार श्री कुनाल पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

    हर माह मिलने वाली सहायता राशि से घरेलू जरूरतें हो रहीं पूरी, बढ़ा आत्मविश्वास

    मुंगेली । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना प्रभावी साबित हो रही है। जिले में हजारों महिलाएं इस योजना का लाभ लेकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही हैं।

    इन्हीं लाभार्थियों में जिले की शिवकुमारी पात्रे भी शामिल हैं, जिन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि से आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। शिवकुमारी पात्रे बताती हैं कि योजना के अंतर्गत मिलने वाली नियमित राशि से परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में काफी सहायता मिल रही है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और दैनिक आवश्यकताओं के लिए अब अतिरिक्त आर्थिक सहयोग उपलब्ध हो गया है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा बेहतर हुई है।

    उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रही है। नियमित सहायता राशि मिलने से घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन संभव हो रहा है और भविष्य के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

    शिवकुमारी पात्रे ने बताया कि पहले घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब योजना से प्राप्त राशि परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन गई है। उनका मानना है कि शासन की यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ पूरे परिवार को मजबूती प्रदान कर रही है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

    बंटवारा संबंधी प्रकरण के निराकरण से मिली राहत, शासन-प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास

    मुंगेली । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आयोजित सुशासन तिहार जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। जिला मुख्यालय स्थित सतनाम भवन में आयोजित समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया, जिससे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।

    कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, आवास, पेंशन, राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जा रहा है। इससे शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के साथ ही सुशासन की अवधारणा भी साकार हो रही है।

    इसी क्रम में जिले के निवासी सुशील यादव ने अपनी भूमि के बंटवारे से संबंधित राजस्व प्रकरण को लेकर समाधान शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की और उनके प्रकरण का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया।

    सुशील यादव ने बताया कि उनकी लंबे समय से लंबित राजस्व संबंधी समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन स्वयं लोगों तक पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहा है। इससे आम नागरिकों का समय, श्रम और संसाधनों की बचत हो रही है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभरा है। यह पहल नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी और सहज मंच प्रदान कर रही है, जिससे लोगों का शासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

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