August 04, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    Uncategorised

    Uncategorised (35169)

    अन्य ख़बर

    अन्य ख़बर (5876)

    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    खाना खजाना / शौर्यपथ / आलू का चीला खाने में जितना टेस्टी होता है, बनने में उतना ही आसान भी है। इस चीले को बनाने…
    धर्म संसार / शौर्यपथ /नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-आराधना की जाती है। इनकी उपासना से सिद्धियों में निधियों को प्राप्त कर समस्त…
    धर्म संसार / शौर्यपथ / राहु छाया ग्रह होने से इसको किसी भी राशि का स्वामित्व नहीं मिला है। यद्यपि इसे कन्या राशि का स्वामी…
    दुर्ग / शौर्यपथ / पैसा और सम्बन्ध आज की दुनिया में दो ऐसे पहलु है जो इंसान को करीब भी लाते है और दूर भी करते है कुछ ऐसा ही…

        दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज जिला पंचायत अधिकारियों की अहम बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बीते दिनों उन्होंने स्वसहायता समूहों के उत्पाद देखें हैं। यह उत्पाद काफी आकर्षक हैं और इस नाते कुछ समूहों ने विदेशों में भी उत्पाद भेजे हैं। यह बहुत अच्छा संदेश है इसे आगे ले जाना चाहिए। लोग कहीं भी हों, उन्हें हमारे डिजाइनर उत्पाद मिल पाएं, इस लिए कार्य करें। इसके लिए अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-मार्केट पर भी फोकस करें ताकि बहुत बड़ा डिजिटल मार्केट भी ये कैप्चर कर पाएं। कलेक्टर ने कहा कि इनकी डिजाइनिंग बहुत अच्छी है इसमें विशेषज्ञों की मदद से और भी निखार लाएं। गुणवत्ता और बेहतर करने की कोशिश हो, उत्पादों की रेंज बढ़ाएं।
         उन्होंने कहा कि दीपावली को लेकर विशेष तौर पर फोकस करें। स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन के लिए यह शानदार मौका है। इस समय डिमांड काफी होगी, अभी से इसके लिए कार्य करें। किसी भी तरह की मदद की जरूरत है तो उन्हें उपलब्ध कराएं। जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने बताया कि इसके लिए बाजार से एनआरएलएम की टीम जुड़ी हुई है। जहां जहां से मांग सृजित हो सकती है वहां संपर्क किया गया है और इसे समूहों के माध्यम से सप्लाई किया जाएगा। समूहों के पास काफी काम आ रहा है। उन्होंने बताया कि समूहों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि एनआरएलएम योजना का दायरा काफी विस्तृत होता है। इसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हो सकता है और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सकता है।
          कलेक्टर ने बैठक में मनरेगा की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जून तक के काम चिन्हांकित कर रख लें। अधिकाधिक लोग 100 दिन का लक्ष्य प्राप्त करें, यह कोशिश हो। कार्य काफी गुणवत्तापूर्वक हों, यह भी देख लें। उन्होंने कहा कि नरवा योजनाओं के माध्यम से भूमिगत जल का स्तर काफी बढ़ेगा। यह काफी अहम प्रोजेक्ट्स हैं और इस दिशा में विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि नरवा के लिए चिन्हांकित स्थलों में विशेषज्ञों के निर्देश के अनुरूप निर्माण हो, यह सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने पंद्रहवें वित्त की राशि से हो रहे कार्यों की जानकारी भी ली। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि इस राशि के माध्यम से पेयजल एवं बुनियादी संरचना आदि के कार्य कराए जा रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविकामूलक गतिविधियों को बढ़ावा देना सबसे अहम है। इस दृष्टि से विशेष काम होना चाहिए।

    रायपुर / शौर्यपथ / पढऩा-लिखना अभियान यह अभियान बुनियादी साक्षरता पर केंद्रित होगा। प्रत्येक जिले में राज्य साक्षरता मिशन की तर्ज पर जिला साक्षरता मिशन…

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य के मुखिया भूपेश बघेल की परिकल्पना खेलबो-जीतबो गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार अपने प्रतिभावान खिलाड़िय़ों को नये अवसर प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार के प्रयासों से ही अब राज्य के भीतर छत्तीसगढ़ हॉकी अकादमी की स्थापना होने जा रही है। भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा छत्तीसगढ़ हॉकी अकादमी को मान्यता मिलने से राज्य के खिलाडियों में खुशी का माहौल है। इसके लिए राज्य भर के खिलाडिय़ों ने सरकार का धन्यवाद किया है।
    राज्य शासन द्वारा राज्य में खेलो के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। राज्य में अब एक Óआवासीय हॉकी अकादमीÓ की स्थापना होने जा रही है। एथलेटिक, रेसलिंग एवं स्वीमिंग के लिए Óएक्सीलेंस सेन्टरÓ बिलासपुर शहर मे खोला जायेगा। खेल प्रतिभाओं को निखारने का कार्य एक्सीलेंस सेन्टर के माध्यम से किया जाएगा। इस सेन्टर के खुलने से बिलासपुर के साथ-साथ राज्य के अन्य खिलाडिय़ो को उच्च स्तर के प्रशिक्षण प्राप्त हो सकेगा।
    महिला एवं पुरुष खिलाडिय़ों के लिए आवासीय हॉकी अकादमी की स्थापना रायपुर में की जायेगी। जिससे राज्य के हॉकी खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा मिलेगी। खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा शीध्र ही आवासीय हॉकी अकादमी के लिए खिलाडिय़ों का चयन किया जायेगा। चयनित खिलाडियों को छात्रावास, भोजन एवं अन्य खेल संबंधी समस्त सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। तीरंदाजी का प्रशिक्षण राज्य के खिलाडियों को पहले से रायपुर में दिया जा रहा है। राज्य में छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, ताकि खेलों के विकास के लिए अधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा सके। खिलाडियों के प्रशिक्षण के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश भर में प्रशिक्षकों के नए पदों के सृजन की कार्यवाही की जा रही है।

    रायपुर / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का बेचने वाले नये किसानों का पंजीयन 31 अक्टूबर तक किया जाएगा। राज्य शासन के निर्देशानुसार धान और मक्का बेचने के लिए पुराने पंजीकृत किसानो को फिर से पंजीयन कराने समिति में आने की आवश्यकता नहीं है। धान और मक्का बेचने के इच्छुक नए किसान 31 अक्टूबर तक पंजीयन के लिए आवेदन कर सकते हैं। धान-मक्का बेचने वाले नए किसान पंजीयन के लिए संबंधित दस्तावेजों के साथ तहसील कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
    राज्य के जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2019-20 में धान और मक्का बेचने का पंजीयन करा लिया था, उन्हें नए पंजीयन की जरूरत नहीं है। पिछले सीजन में पंजीकृत किसानों की दर्ज भूमि, धान और मक्के के रकबे और खसरे को राजस्व विभाग द्वारा अद्यतन किया किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2020-21 में किसान पंजीयन के लिए पिछले वर्ष 2019-20 में पंजीकृत किसानों का डाटा कैरी-फॉरवर्ड किया गया है। पुराने पंजीकृत किसान अपने पंजीयन में संशोधन कराना चाहते हैं तो समिति मॉड्युल के माध्यम से संशोधन करने की सुविधा दी जा रही है।

    नई दिल्ली/ शौर्यपथ /गिरते जीडीपी ग्रोथ और कोरोनावायरस के मामलों में कोई राहत मिलने की स्थिति को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी हर रोज आंकड़ों के हवाले से…
    नई दिल्ली / शौर्यपथ / फरीदाबाद में जीजा की पीट पीटकर बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी साले इमरान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साले ने जीजा के…

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision