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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
मनोरंजन / शौर्यपथ /बॉलीवुड एक्टर अली फजल ने टैलेंट के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी खास बनाई है। अपनी एक्टिंग से उन्होंने लोगों के दिलों को जीत लिया है। अली ने बॉलीवुड के अलावा कई हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है, लेकिन वेब सीरीज मिर्जापुर में गुड्डू पंडित के किरदार से अली को जबरदस्त पॉप्युलैरिटी मिली। आज यानी 15 अक्टूबर को अली फजल अपना 34वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। इस खास मौके पर उनके करियर के कुछ अनछुए पहलुओं के बारे में जानते हैं।
अजी फजल ने आमिर खान की फिल्म पीके से बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म में उन्होंने जॉय लोबो का रोल निभाया। हालांकि यह काफी छोटा रोल था। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन कुछ खास पहचान नहीं मिली। साल 2013 में वह फिल्म फुकरे में नजर आए, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई। वेब सीरीज मिर्जापुर में उनके काम को इतना पसंद किया गया कि फैन्स अब उन्हें गुड्डू पंडित के नाम से ही बुलाते हैं।
हॉलीवुड में दिखाया अपना हुनर
अली का हॉलीवुड करियर साल 2015 में फिल्म फास्ट एंड फ्यूरियस 7 से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कैमियो किया था। इसके बाद 2017 में आई फिल्म विक्टोरिया एंड अब्दुल के जरिए अली को जूडी डेंच जैसी दिगग्ज एक्ट्रेस के साथ पैरेलल लीड रोल निभाने का मौका मिला था। इसमें उनके काम को बहुत पसंद किया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में अली फजल के हाथ एक और हॉलीवुड प्रोजेक्ट लगा है। अली वॉर फिल्म में लीड रोल निभाने वाले हैं, जिसका नाम फिलहाल कोडनेम- जॉनी वॉकर रखा गया है। वह जल्द ही इस फिल्म की शूटिंग लॉस एंजेलिस में शुरू करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ वह अपनी हॉलीवुड फिल्म डेथ ऑफ नाइल की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।
मनोरंजन / शौर्यपथ /अक्षय कुमार का इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें अक्षय कुमार अपने पति के रूप में सबसे खराब आदत के बारे में बात कर रहे हैं। अक्षय कॉफी विद करण शो में कहते हैं कि शूट से घर लौटने के बाद उनकी सबसे खराब आदत मैच देखना है। उन्होंने कहा, "जब मैं 6.30 बजे अपने काम के बाद घर लौटता हूं। मैं पायजामा पहनने के बाद कोई स्पोर्ट्स देखता हूं।"
यहां तक कि अक्षय को स्पोर्ट्स देखना इतना पसंद है कि वह ट्विंकल की बुक लॉन्च के दौरान भी इससे दूर नहीं रह सके। उन्होंने आगे कहा, "मुझे अब भी याद है कि जब आप लोग बुक लॉन्च के लिए आए थे। मुझे क्रिकेट और स्पोर्ट्स देखना बहुत पसंद है। जब वह बात कर रही थी, तो मैंने स्कोर पर एक नजर डाली और उसे पता था कि मैं स्कोर देख रहा हूं। यह मेरी सबसे बुरी आदत है।"
वर्कफ्रंट की बात करें तो अक्षय कुमार की कॉमेडी हॉरर फिल्म 'लक्ष्मी बॉम्ब' जल्द ही रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में अक्षय ट्रांसजेंडर का रोल अदा कर रहे हैं। अक्षय कुमार के अलावा कियारा आडवाणी भी लीड भूमिका में हैं। फिल्म डिजनी प्लस हॉटस्टार पर 9 नवंबर को रिलीज होने वाली है। इसके अलावा यह इंटरनेशनल मार्केट ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूएई के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
अक्षय ने इसके अलावा अपनी अपकमिंग जासूसी थ्रिलर 'बेलबॉटम' की शूटिंग पूरी की है। कहा जाता है कि फिल्म कोविड -19 महामारी के दौरान स्टार्ट-टू-फिनिश शेड्यूल को पूरा करने वाली दुनिया की पहली फिल्म है।
दुर्ग / शौर्यपथ / होम आइसोलेशन का दुर्ग माडल बेहद कारगर साबित हुआ है। मरीजों की अंडरटेकिंग लेने के बाद और डॉक्टरों की अनुमति के पश्चात कम लक्षणों वाले जिन मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी गई थी, उनमें से अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया जा चुका है। अभी तक 7329 मरीजों को होम आइसोलेशन की स्वीकृति दी गई। इसमें अब तक 6216 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। अभी 829 एक्टिव पेशेंट होम आइसोलेशन में हैं। मरीजों के स्वस्थ होते जाने से रिकवरी रेट तेजी से बढ़ रहा है और अभी 84 प्रतिशत तक पहुंच गया है। एक्टिव मरीजों की समयावधि पूरी होने पर रिकवरी रेट भी बढ़ती जाएगी। होम आइसोलेशन कंट्रोल सेंटर के माध्यम से मरीजों को दवा की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाती हैं और इनके स्वास्थ्य पर नजर भी रखी जाती है। होम आइसोलेशन कंट्रोल सेंटर में प्रशासकीय व्यवस्था डिप्टी कलेक्टर सुश्री दिव्या वैष्णव देखती हैं। मरीजों के स्वास्थ्य की मानिटरिंग सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर नियमित रूप से करते हैं। मरीजों की स्थिति पर डाक्टरों की टीम लगातार नजर रखती है। स्वास्थ्य में किसी तरह की दिक्कत होने पर मेडिकल कंसलटेंट डॉ. रश्मि भुरे की मानिटरिंग में मेडिकल टीम रिफर किये जाने अथवा ट्रीटमेंट में बदलाव किये जाने का निर्णय लेती हैं। रिफर किये जाने का निर्णय लिये जाने पर अतिशीघ्र मरीज को कोविड हॉस्पिटल पहुंचाया जाता है।
जामुल की बिटावन बाई जो सलाह से अस्पताल जाने तैयार हुईं- जामुल की बिटावन बाई पाजिटिव आईं और शुरू में उनके लक्षण एकदम सामान्य होने पर उनके होम आइसोलेशन को स्वीकृति दी गई। अचानक आक्सीजन लेवल के डाउन होने पर परिजनों को चिंता हुई। बिटावन बाई अस्पताल जाने को तैयार नहीं थीं लेकिन कंट्रोल रूम के स्टाफ के नियमित काल किये जाने की वजह से उनके अच्छे संबंध बन गए थे। उन्होंने बिटावन बाई को समझाया कि देखो आप जल्दी आ जाओगे, हमारे सहयोगी सब अस्पताल में भी हैं आपका पूरा ध्यान रखेंगे। यह सारी बातें छत्तीसगढ़ी में की गईं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में तो पइसा लगहि। कंट्रोल रूम ने बताया कि सरकार फोकट म इलाज कराहि अउ बढिय़ा स्वस्थ करके घर भेजहि। वे अस्पताल जाने तैयार हो गईं। अब वे वहां से डिस्चार्ज हो गई हैं।
बिलासपुर / शौर्यपथ / मरवाही विधानसभा क्षेत्र में कुल 237 मतदान केन्द्र है, और मतदाताओं की संख्या एक लाख 90 हजार 254 के लगभग है। जिसमें से महिलाओं मतदाताओं की संख्या 96 हजार और पुरूष मतदाता 93 हजार के लगभग है। इन मतदाताओं को संभालने के लिए कांग्रेस ने अपने 48 विधायकों को सैक्टरवाईज़ जिम्मेदारी दी है। चार मंत्रियों को ही उतार दिया है। छत्तीसगढ़ एक ऐास प्रदेश है जिसने दो बरा उपचुनाव में मुख्यमंत्री को चुनाव लड़ते देखा। पहली बार विभाजित मध्यप्रदेश के वक्त अर्जुन सिंह ने खरसियां जिला रायगढ़ से चुनाव लड़ा और दुसरी बार छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 2001 में अजीत जोगी ने मरवाही विधानसभा से उपचुनाव लड़ा।
दोनो चुनाव के बीच लंबा अंतराल था, और दो बड़े अंतर थे अर्जुन सिंह के चुनाव में कांग्रेस के विधायक लक्ष्मी पटेल ने इस्तिफा देकर सीट खाली की थी जबकि मरवाही में भाजपा के रामदयाल उईके ने अपनी सीट छोड़ दी थी। खरसियां का उपचुनाव राजनैतिक इतिहास में हमेशा याद किया जाता है। क्योंकि यहां पर अर्जन सिंह जैसे दिग्गज राजनेता को जीत के लिए एड़ीचोटी का जोड़ लगाना पड़ा। वे मात्र 8 हजार वोट से जीत पाए थे और हारने के बावजूद पराजीत प्रत्याशी दिलीप सिंह जुदैव का जुलूस आज भी खरसियां की जनता को याद है। इससे उल्ट कहानी मरवाही की थी। 2001 में मरवाही ने अजीत जोगी ने जीत की जो इमारत खड़ी की वह 2018 तक बढ़ती ही चली गई। फिर चाहे चुनाव अजीत जोगी लड़ रहे हो या अमित जोगी। कभी भी कैसी भी परिस्थिति में जीत का आकड़ा 40 हजार से नीचे नहीं गया। वर्ष 2018 के चुनाव में अजीत जोगी को मात्र एक मतदान के लिए कटरा में हार मिली और वहां भी वे प्रत्याशी से नही नोटा से हारे।
2018 के चुनाव में मरवाही में नोटा को 4 हजार 501 वोट मिला। कटरा में नोटा 89, जोगी 78, कांग्रेस गुलाब सिंह राज 64 और भाजपा अर्चना पोर्ते 58 मत पाएं थे। मरवाही जैसे आदिवासी बहुल्य क्षेत्र में नोटा को प्राप्त होने वाला वोट राजनैतिक पंडितों को आश्र्चय में डालता है। 4 सेक्टरों में कांग्रेस ने जिन लोगों को जिम्मेदारी दी है। उसमें सासंद, संसदीय सचिव और विधायक शामिल है। उत्तर क्षेत्र में के प्रभारी उत्तम वासुदेव और मंत्री गुरू रूद्र कुमार है। दक्षिण क्षेत्र में विधायक शैलेष पांडेय और मंत्री डाॅक्टर प्रेम साय सिंह।
गौरेला क्षेत्र अर्जुन तिवारी और मोहम्मद अकबर, पेंड्रा क्षेत्र में मोहित केरकेटा और मंत्री कवासी लखमा को जिम्मेदारी मिलीं 4 मंत्री 48 विधायक आकड़ा थोड़ा छोटा है। असल में प्रदेश के मुखिया ने मरवाही में अपने मंत्री मंडल को उतार दिया है। प्रत्याशी भले ही केके धु्रव किन्तु चुनाव में सीधे मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा जुड़ी है। इस कथा का पुरा सार नामाकंन जांच के बाद पढ़ने मिलेगा।
रायपुर / शौर्यपथ / केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान की रायपुर में हुई प्रेस वार्ता में कही गयी बातों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि आखिरकार कांग्रेस के आरोप और किसानों की आशंकायें सच साबित हुईं। मोदी सरकार के तीनों कृषि कानूनों में एमएसपी में उपज खरीदने की अनिवार्यता का उल्लेख नहीं है और यह बिल किसान मजदूर विरोधी है।
उन्होंने कहा है कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान ने स्वीकार किया है कि इन क़ानूनों से उद्योगपति और व्यापारियों को छूट मिलेगी। ये उद्योगपति कौन हैं, यह सारा देश बखूबी समझ रहा है। एमएसपी के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर कानून में हर बात नहीं लिखी जा सकती। इससे स्पष्ट है कि नए कृषि बिल चंद बड़े पूंजीपतियों को किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम में बेचने के लिये मजबूर करने का लाइसेंस है। किसानों के साथ कांट्रेक्ट फार्मिंग कर पूँजीपति किसानों को पांच साल के लिए गुलाम बनायेंगें।चंद बड़े व्यापारियों की अपनी मर्जी की कीमत में किसान की फसल लेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान ने किसानों की फसल के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर अन्नदाताओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता का जूता चप्पल देश भर में बिक सकता है तो किसानों की फसल क्यों नहीं? उन्होंने कहा है कि केंद्रीय मंत्री को इस प्रकार के उदाहरण देने से बचना चाहिए। जूता चप्पल के साथ किसानों की फसल की तुलना नहीं की जा सकती। भाजपा शासनकाल में बीएसएनएल की जो हालात खराब हुई है उसके लिए भाजपा सरकार के निजीकरण की नीतियां जिम्मेदार है ठीक उसी तरह अब मोदी सरकार कृषि क्षेत्र का निजीकरण कर किसानों की भी हालात को बीएसएनएल की तरह करना चाहती हैं। यह केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के द्वारा दिये गये उदाहरण से स्पष्ट हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान किसान विरोधी तीन काले कानून को सही ठहराने के लिए कांग्रेस के 2019 के घोषणा पत्र को आधार बना रहे तो केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान को कांग्रेस के घोषणा पत्र के आधार पर कृषि बिल को तैयार करना था कांग्रेस के घोषणा पत्र में किसानों को सब्सिडी में खाद बीज डीजल दवाइयां के साथ किसानों के लिए प्रत्येक ब्लाक में आधुनिक गोदाम, कोल्ड स्टोरेज,खाद्य प्रसंस्करण की स्थापना,किसानों के घर के नजदीक सर्वसुविधायुक्त बाजार जिसमे किसानों को फसल बेचने में सहजता हो समर्थन मूल्य मिले, सहित अनेक किसान हितैषी योजना शामिल है उसे लागू कर दे।
रायपुर / शौर्यपथ / नगरनार स्टील प्लांट को एनएमडीसी से अलग करने और बेचने की तैयारी करने के फ़ैसले को कांग्रेस ने बस्तर और छत्तीसगढ़ की जनता के साथ छल करार दिया है। इस फ़ैसले पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यह छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों पर बालकों के बाद एक और खुली डकैती की घटना है और इसका जवाब जनता देगी।
उन्होंने कहा है कि नगरनार स्टील प्लांट के लिए जमीन देने वाले भूमि विस्थापितों के अलावा बस्तर की जनता के तमाम सपने केंद्र सरकार के इस फैसले से चकनाचूर हो गए। नगरनार प्लांट के निजीकरण से छत्तीसगढ़ के और खासकर बस्तर के अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग और गरीब लोगों की नौकरी पाने की उम्मीदों को धक्का लगा है। अभी छत्तीसगढ़ के लोग बालकों को बेचने को भूले नहीं है जब बालकों को एनडीए की सरकार ने 500 करोड़ रुपए में निजी हाथों में सौंप दिया गया था। जबकि बालकों के अंदर उपलब्ध स्क्रैप का मूल्य ही इससे कहीं ज्यादा था। नगरनार के निजीकरण से बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास का केंद्र सरकार का वादा ख़त्म हो जाएगा। नगरनार स्टील प्लांट अब निजी हाथों में जाकर किसी उद्योगपति के लिए लाभ कमाने की संस्था बनेगा।
अब छत्तीसगढ़ से संसद में चुनकर गए सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को बताना चाहिए कि वे केंद्र में बैठी भाजपा सरकार के इस फ़ैसले पर क्या सोचते हैं? क्या वे बस्तर की जनता के साथ खड़े होकर नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का विरोध करेंगे? या फिर नरेंद्र मोदी जी के डर से चुप्पी साधे बैठे रह जाएंगे? छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश के भाजपा नेताओं की चुप्पी को देख रही है और इसका मतलब भी समझ रही है।
बेमेतरा / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत अखिल भारतीय मंडल प्रशिक्षण शिविर योजना के तहत केंद्रीय प्रशिक्षण टोली, प्रदेश प्रशिक्षण टोली, जिला प्रशिक्षण टोली व मंडल प्रशिक्षण टोली का गठन किया गया है। जिसमें इस अभियान के प्रदेश संयोजक दीपक पटेल,सहसंयोजक अवधेश जैन, संभागीय संयोजक अनिल केसरवानी एवं प्रशांत ठाकुर ने बेमेतरा जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश जोशी की अनुशंसा पर भाजपा जिला महामंत्री विकास धर दीवान को जिला प्रशिक्षण टोली का जिला संयोजक नियुक्त किया है। इनके साथ जिला प्रशिक्षण टोली में जिला प्सदस्य भाजयुमो जिलाध्यक्ष विकास घरडे, परमेश्वर वर्मा एवं दीपेश साहू को बनाया गया है। यह सभी प्रभारी पूरे जिले में मंडल प्रशिक्षण का संचालन कराएंगे।
बुधवार को मंडल प्रशिक्षण शिविर योजना का उद्घाटन कार्यक्रम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा कार्यशाला के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण से शुरू हुआ। जिसमें उन्होंने प्रमुख विषयों पर कार्यकर्ताओ एवं प्रशिक्षण प्रभारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। भाजपा कार्यालय बेमेतरा में इस अभियान के जिला संयोजक विकास दीवान, जिला सदस्य विकास घरडे,परमेश्वर वर्मा एवं दीपेश साहू, बेमेतरा शहर मंडल अध्यक्ष मोंटी साहू भाजयुमो जिला सदस्य प्रणय दीवान सहित भाजपा नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का उद्बोधन ऑनलाइन लिंक के जरिए सुना।
इसी तरह मण्डल स्तर पर भी प्रशिक्षण प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।जिसमें बेमेतरा शहर मंडल से विजय सुखवानी व नीलू राजपूत, बेमेतरा ग्रामीण मंडल से भीम वर्मा व प्रबल सिंह ठाकुर, नवागढ़ मंडल से देवादास चतुर्वेदी व संतोष देवांगन, मारो मंडल से बाबूलाल राजपूत व प्रमोद कुर्रे, थान खम्हरिया मंडल से राजेश ठाकुर व पूरन पटेल, साजा मंडल से रोहित सिंह राजपूत व धर्मचंद जैन पपरपोड़ी मंडल से संतोष वर्मा व राजेश देवांगन, खंडसरा मंडल से संतोष पुरी गोस्वामी व तानसेन पटेल, बेरला मंडल से संजीव तिवारी व महेंद्र राजपूत, भिम्भोरी मंडल से त्रिलोचन वर्मा व भोला वर्मा को मंडल प्रभारी बनाया गया है।
जिला संयोजक विकास दीवान ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए भाजपा प्रदेश नेतृत्व द्वारा बेमेतरा जिला में वक्ताओं को सूची जारी की गई है। जो 10 विषयों पर अपना अपना वक्तव्य देंगे। उन विषयों में 2014 के बाद भारत की राजनीति में बदलाव, पिछले 6 सालों में हुए अंत्योदय प्रयत्न, सुरक्षा सामर्थ्य के साथ आत्मनिर्भर भारत का संकल्प, आज के भारत की वैचारिक मुख्यधारा हमारी विचारधारा, हमारी कार्य पद्धति एवं संगठन संरचना में हमारी भूमिका, सोशल मीडिया का उपयोग, व्यक्तित्व विकास, हमारा विचार परिवार, भाजपा का इतिहास एवं विकास, प्रदेश भाजपा सरकार की उपलब्धियां/राज्य की कांग्रेस सरकार की असफलता/ राज्य की राजनीतिक पृष्ठभूमि एवं भाजपा की भूमिका विषयों को समाहित किया गया है।
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रमन भाजपा के 15 साल के शासनकाल में दक्षिण बस्तर के 3 विकासखंड तक सीमित माओवाद 14 जिले तक पहुंच गया। तस्करों और अपराधियों के हौसले बुलंद रहे हैं। अवैध कार्यों में संलिप्त लोगो को भाजपा नेताओं का संरक्षण रहा है। रमन सिंह के ओएसडी रहे ओपी गुप्ता पर जिस नाबालिक ने रेप का आरोप लगाया उस पीड़िता का चार साल तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। भाजपा नेत्री जबिता मंडावी पीड़िता का अपहरण कर लेती है। रमन शासनकाल में भाजपा के नेता पुलिस थानों में घुसकर गुंडागर्दी करते थे। पुलिस के अधिकारियों को डराते धमकाते थे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तबादला कर देने की धमकियां देते थे। आम जनता परेशान था और अपराधियों के हौसले उस दौरान बुलंद थे। मॉर्निंग वॉक इवनिंग वॉक पर महिलाये जाने से डरती थी। व्यापारियों की हत्या और लूटपाट की घटनाएं आम हो गई थी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार रमन भाजपा शासनकाल में पनपे अपराधियों तस्करों पर कड़ी कार्यवाही कर रही है। महिलाओं, बेटियों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम कर रही है। अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पीड़िता को न्याय दिलाने पूरी राज्य सरकार लगी हुई है और कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले गैर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्यवाही की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 20 महीने के जन हितैषी कार्यकाल के बाद भाजपा नेताओं को मुद्दा नहीं मिल रहा, मुद्दों के दिवालियापन के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में भाजपा के नेता आधारहीन तथ्यहीन मनगढ़ंत झूठे आरोप लगाकर मात्र राजनीति कर रहे हैं।
नवागढ़ / शौर्यपथ / जन सेवा समिति छुईखदान व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से मनोज चौबे के द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख, राष्ट्रपति, पूर्व मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय, प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री के संबंध में जानबूझकर अपमानजनक टिप्पणी किये जाने की शिकायत को लेकर कड़ी कार्यवाही के लिए नवागढ़ के सस्वयंसेवको ने थाना प्रभारी नवागढ़ अम्बर सिंह भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इन सभी शीर्ष पदों पर मनोज चौबे के द्वारा अभद्र टिप्पणी की गई है। जिससे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों को गहरा आघात पहुंचा है तथा राष्ट्रपति के प्रोटोकाल के विपरीत है। यह कार्य अपराधिक एवं दंडात्मक है, न्यायपालिका पर गहरा आघात पहुंचाने वाला है। उन्होंने मांग किया कि मनोज चौबे के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर भारतीय दंड संहिता एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम धारा 66 क,ख, ग के तहत कार्यवाही किया जाए।
इस दैरान प्रवीण दत्त दुबे, सन्तोष खुराना, सन्तोष देवांगन, गोपेश साहू,मण्डल अध्यक्ष चन्द्रपाल साहू, महामंत्री मिन्टू बिसेन, पूर्व नप अध्यक्ष गिरेन्द्र महिलांग, महामन्त्री सुरेश साहू, रुम्पल टूटेजा,टीकम पूरी गोस्वामी,रिंकू चौहान, राजेश साहू,दिलीप जायसवाल, नारायण निर्मलकर, मनीष श्रीवास, दिनेश साहू सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
