January 26, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

शहीद गैंद सिंह नायक ने किया स्वाधीनता आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद
हल्बा-हल्बी समाज के शक्ति दिवस पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री
समाज के नवनिर्मित कार्यालय भवन के लोकार्पण सहित कई घोषणाएं

रायपुर / शौर्यपथ / स्वाधीनता आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी नायकों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। हल्बा, हल्बी एवं आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने हमारे देश में आजादी का आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद किया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जिला मुख्यालय दुर्ग के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित 35वां मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस पर्व को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण भी किया। श्री साय ने शक्ति स्थल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हल्बा समाज के युवा-युवतियों को आवासीय कोचिंग सुविधा प्रदान करने हेतु 50 लाख रूपए तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु 25 लाख रूपए की स्वीकृत किए जाने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उन्होंने हल्बा-हल्बी समाज के सामाजिक पत्रिका ’समाज’ का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में आजादी के आंदोलन का सूत्रपात सर्वप्रथम जनजातीय समाज के नायको ने किया था। शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक सहित जनजाति नायकों एवं देशभक्तों ने अंग्रेजों के खिलाफ कुल 14 क्रांतियों का शंखनाद किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी ने जनजाति वर्ग के उत्थान एवं विकास के लिए सर्वप्रथम केन्द्रीय जनजाति कार्यालय मंत्रालय का गठन भी किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राजधानी रायपुर में जनजाति समाज के नायकों एवं वीर सपूतों के योगदान तथा अमर गाथाओं को नई पीढ़ी को परिचित कराने साथ-साथ उसके संरक्षण और संवर्धन हेतु विशाल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की अधिकांश गारंटियों को प्राथमिकता से पूरा किया है। राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रूपए प्रति मानक बोरा के हिसाब से पारिश्रमिक तथा किसानों को धान का मूल्य 3100 रूपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। 26 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की मंजूरी दी गई है। राज्य में भी नक्सलवाद अपने अंतिम सांस गिन रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक गांवों में विकास के काम तेजी से हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर पूरे देश में अग्रणी राज्य बनाने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम को सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, हल्बा-हल्बी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री खलेन्द्र ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष ललित चन्द्राकर, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

durg  / shouryapath / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जयंती स्टेडियम मैदान भिलाई में आयोजित 5 दिवसीय दिव्य श्री हनुमंत कथा समारोह में आज सपत्निक सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के लिए बड़े सौभाग्य की बात है। पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज जी का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को हमेशा मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवासकाल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताए है। छत्तीसगढ़ माता शबरी का भी यह जगह है। इस दौरान उन्होंने भक्त माता ने जूठे भोजन को खिलाई थी।

मुख्यमंत्री ने श्रीराम लला अयोध्या धाम योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन करा चुके हैं और लगातार भक्तों को दर्शन करा रहे हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि विगत 5 वर्षों से बंद यह योजना पुनः प्रारम्भ की गई। अभी तक 5000 बुजुर्ग लाभान्वित हो चुके है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना शुरू कर एक हजार रूपए प्रतिमाह दिया जा रहा है। इस योजना से लगभग 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि सारंगढ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि का चंदा करके प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अखंड भारत की जो कल्पना की है, वह एक दिन जरूर पूरा होगा। देश-दुनिया में जागृति का यह समय आ चुका है और आप सब जिस भाव के साथ शामिल हुए हैं, उससे ऐसा लगता है कि भारत को विश्व गुरू बनाने का समय आ चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सपत्निक आरती में शामिल हुए और उन्होंने प्रदेश की सुख- समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन 25 दिसम्बर से 29 दिसम्बर 2025 तक सेवा समर्पण समिति द्वारा किया जा रहा है।

इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग अन्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना, श्री अरूण वोरा एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रख्यात राजनेता कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि (28 दिसम्बर) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा को समर्पित रहा। वे सत्ता के माध्यम से नहीं, बल्कि मूल्य और संस्कार के माध्यम से राजनीति में सकारात्मक परिवर्तन लाने के पक्षधर थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की सादगी, अनुशासन, निष्ठा और आत्मीयता उनके व्यक्तित्व की पहचान थी। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने और जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से कुशाभाऊ ठाकरे जी का विशेष संबंध रहा है। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि राजनीति का मूल उद्देश्य सेवा, राष्ट्रहित और समाज कल्याण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की पावन स्मृतियाँ हम सभी को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की निरंतर प्रेरणा देती रहती है।

शौर्यपथ धर्म विशेष क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया की सबसे मंहगी ज़मीन मात्र 4 वर्ग मीटर की हो सकती है? यह कोई साधारण…
रातभर खुले पंडाल में ज़मीन पर बैठे श्रद्धालु बनाम खाली VIP-VVIP पंडाल—चित्र खुद बता रहे हैं श्रद्धा, समर्पण और अनुयायित्व की सच्ची परिभाषा SHOURYAPATH NEWS श्रद्धा की असली परीक्षा :…

उपभोक्ता 2.94 लाख बढ़े, अधिकतम मांग में 1,605 मेगावाट उछाल

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज ने विगत दो वर्षों में विद्युत अधोसंरचना के विस्तार में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान 5 अति उच्चदाब और 28,715 निम्नदाब उपकेंद्र स्थापित हुए। कुल 34,239 सर्किट किलोमीटर लाइनें बिछाई गईं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर तेजी से पूरा हुआ यह कार्य प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्रदान कर रहा है। प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 2,94,318 बढ़कर 65,35,373 हो गई। विद्युतीकृत पंपों की संख्या 3,04,786 बढ़कर 8,39,992 पहुंची। अधिकतम मांग में 1,605 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई।

**उपकेंद्र क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि:**
- 400 केवी उपकेंद्र: 3 से 5, क्षमता 3,150 से 4,410 एमवीए
- 220 केवी उपकेंद्र: 26 से 27, क्षमता 10,160 से 11,280 एमवीए
- 132 केवी उपकेंद्र: 102 से 105, क्षमता 10,917 से 12,130 एमवीए
- 33 केवी उपकेंद्र: 1,352 से 1,474, क्षमता 9,075 से 10,295 एमवीए
- 11 केवी उपकेंद्र: 2,23,131 से 2,51,724, क्षमता 12,507 से 14,595 एमवीए

मुंगेली जिले के धरदेही में 400 केवी का 5वां उपकेंद्र चालू किया गया। कंपनी के अध्यक्ष (ट्रांसमिशन) सुबोध कुमार सिंह, अध्यक्ष (डिस्ट्रिब्यूशन) डॉ. रोहित यादव तथा प्रबंध निदेशक आर.के. शुक्ला और भीमसिंह कंवर के नेतृत्व में यह उपलब्धि संभव हुई।

श्रीरामजी के बिना हनुमानजी अधूरे, चौपाई वार महत्व बताया पंडित धीरेंद्र शास्त्रीजी ने... आज दोपहर 1 बजे लगेगा दिव्य दरबार

भिलाई / शौर्यपथ / औद्योगिक नगरी भिलाई में सेवा समर्पण संस्था के संयोजक राकेश पाण्डेयजी के नेतृत्व में चल रही **दिव्य हनुमंत कथा** के द्वितीय दिवस पंडित धीरेंद्र शास्त्रीजी (बागेश्वर धाम) ने हनुमान चालीसा के षष्ठ चौपाई **"हाथ बज्र व ध्वजा विराजे"** का दिव्य भाष्य करते हुए कहा—जैसे बांग्लादेश में निर्दोष हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, वैसे ही आज के काल में सनातन धर्म की रक्षा एवं हिंदू भक्तों की सुरक्षा हेतु **ध्वज, माला एवं भाला** तीनों सदा धारण करना अत्यावश्यक है। हे भक्तगण! अधर्म के विरुद्ध यह त्रिशूल हनुमानजी का प्रतीक है।
कथा स्थल पर भक्तों की भारी वर्षा हुई। दुर्ग-भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव सहित छत्तीसगढ़ एवं अन्य प्रांतों से सैकड़ों भक्तगण पधारे। इनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायजी की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय , भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय , सांसद विजय बघेल एवं धर्मपत्नी श्रीमती रजनी बघेल , अहिवारा विधायक डोमन लाल कोसेवाड़ा, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष सुष्री विभा अवस्थी, दुर्ग-महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की माता पुष्पा देवी यादव, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, सांवला राम डाहरे, बस्तर राजा कमल सिंह भंजदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने कथा श्रवण कर पंडित शास्त्रीजी के चरणों में आशीर्वाद ग्रहण किया।

हनुमान चालीसा का दसवां भाग: श्रीराम भक्ति का सार
पंडित धीरेंद्र शास्त्रीजी ने हनुमान चालीसा के दसवें भाग तक के प्रत्येक चौपाई का निहितार्थ प्रकट करते हुए कहा—**"श्रीरामजी के बिना हनुमानजी अधूरे हैं, हनुमानजी के बिना श्रीरामजी अधूरे!"** यह भक्ति का परम सत्य है। गोस्वामी तुलसीदासजी ने चालीसा में लिखा प्रत्येक शब्द भक्त-भगवान की महिमा ही नहीं, मानव जीवन का सार है। बुरी शक्तियों एवं अधर्मियों के विरुद्ध हनुमान चालीसा **वज्र बाण** है। इसे आचरण में आत्मसात कर धर्ममार्ग पर चलो, तो कल्याण निश्चित। श्रीराम-हनुमान भक्ति के पावन भजनों में समस्त भक्तगण झूम उठे।

आज का दिव्य कार्यक्रम:
शनिवार को तृतीय दिवस दोपहर 1 से 3 बजे तक दिव्य दरबार —पर्ची के माध्यम से दुख-समस्याओं का निवारण। तत्पश्चात 3 से 6 बजे तक पुनः कथा वाचन । हे भक्तो! आइये, हनुमानजी की कृपा पाइये। जय बजरंगबली!

    दुर्ग / शौर्यपथ / राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में सुव्यवस्थित धान खरीदी की नीति से किसानों के जीवन में खुशहाली आयी है। समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री और समय पर राशि भुगतान होने पर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। बैंक के पुराने ऋण चुकता करने के बाद बची राशि परिवार की मॉली हालत सुधारने में सहायक रही है। इन्हीं में से ग्राम कातरों के उन्नत लघु कृषक श्री सदाराम भी है, जिन्होंने अपने 4.28 एकड़ की कृषि भूमि पर धान की खेती कर अपने उपज को आसानी से समर्थन मूल्य में बेचने में कामयाबी हासिल की है। सदाराम ने बताया कि सरकार द्वारा इस वर्ष धान खरीदी के लिए तुंहर टोकन एप से उन्हें टोकन प्राप्ति में कोई परेशानी नहीं हुई। पहली बार उन्होंने उपार्जन केन्द्र में 167 कट्टा धान की बिक्री और दूसरी बार 67 कट्टा धान की बिक्री की। अब वह अपने द्वारा उपार्जित धान बेच चुके हैं। धान बिक्री के पश्चात् भुगतान भी उन्हें एक सप्ताह के भीतर प्राप्त हो चुका हैं। प्राप्त राशि से उन्होंने 70 हजार रूपए की बैंक ऋण चुकता किया है, शेष राशि का उपयोग वह रबी फसल की तैयारी और पारिवारिक खर्च में व्यय करने की बातें कहीं। वे कहते हैं कि धान खरीदी की व्यवस्था पहले से कही बेहतर है ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था से किसानों को बहुत सुविधा दी गई है। घर बैठे टोकन मिलने से समिति में टोकन के लिए लाइन लगाने की नौबत नहीं है, साथ ही समय की बचत भी हुई है।
श्री सदाराम का कहना है कि 3100 रूपए प्रति क्विंटल दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की व्यवस्था किसानों की आर्थिक स्तर को मजबूती प्रदान की है। सरकार की इस पहल के लिए सदाराम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है। सदाराम जैसे अनेकों कृषक है जिन्‍होंने तुंहर टोकन एप के माध्यम से सुगमतापूर्वक उपार्जन केन्द्रों में अपना उपज को बेचने सफल हुए हैं।

 भिलाई / शौर्यपथ /
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र ने उत्पादन उत्कृष्टता की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस–8 (महामाया) ने एक ही दिन में 10,025 टन हॉट मेटल उत्पादन कर अब तक का सर्वाधिक एक-दिवसीय उत्पादन दर्ज करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ फर्नेस ने अपने ही पूर्व सर्वश्रेष्ठ एक-दिवसीय उत्पादन रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
इस अभूतपूर्व उपलब्धि के उपलक्ष्य में ब्लास्ट फर्नेस–8 के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (सेंट्रल कंट्रोल रूम) में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री तापस दासगुप्ता रहे। अपने संबोधन में उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को विभिन्न विभागों एवं अनुभागों के सामूहिक, समन्वित और सतत प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कोक ओवन, सिंटर प्लांट, ओर हैंडलिंग प्लांट, रॉ मटेरियल डिपार्टमेंट, ऑक्सीजन प्लांट, इंस्ट्रूमेंटेशन, पावर ब्लोइंग स्टेशन, रेल एवं कोल लॉजिस्टिक्स, स्टील मेल्टिंग शॉप, ट्रांसपोर्टेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रॉ एनर्जी डिपार्टमेंट सहित सभी सहयोगी विभागों की भूमिका सराहनीय रही है। श्री दासगुप्ता ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए प्रतिदिन 10,000 टन प्रति दिवस हॉट मेटल उत्पादन को निरंतर बनाए रखने तथा इस उत्कृष्ट प्रदर्शन को दोहराने पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) मनोज कुमार ने भी ब्लास्ट फर्नेस–8 की टीम को बधाई देते हुए उत्पादन में आई इस सकारात्मक गति को आगे भी बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएं) तुषार कान्त, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मैटेरियल्स एंड यूटिलिटीज) बिजय कुमार बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (कोक ओवन) तुलाराम बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) प्रमोद कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (रॉ एनर्जी डिपार्टमेंट) प्रोसेनजीत दास, मुख्य महाप्रबंधक (प्रोडक्शन प्लानिंग एंड कंट्रोल) प्रवीण राय भल्ला, मुख्य महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप–3) त्रिभुवन बैठा, मुख्य महाप्रबंधक (रेल एवं कोल लॉजिस्टिक्स) राहुल श्रीवास्तव, महाप्रबंधक प्रभारी (ट्रांसपोर्टेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) गोपीनाथ मल्लिक, महाप्रबंधक प्रभारी (पावर ब्लोइंग स्टेशन) जाकिर शैख़, महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट–2) जगेन्द्र कुमार सहित ब्लास्ट फर्नेस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं ब्लास्ट फर्नेस–8 की समर्पित टीम के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह उपलब्धि सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र की तकनीकी दक्षता, परिचालन अनुशासन और टीम भावना को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय इस्पात उत्पादन में इसके महत्वपूर्ण योगदान को और सुदृढ़ करती है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आज चार हितग्राहियों को निःशुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर वितरित किए गए। जैसे ही महिलाओं को सिलेंडर मिला, उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। यह खुशी सिर्फ सुविधा मिलने की नहीं थी, बल्कि वर्षों से चली आ रही परेशानियों से राहत पाने की थी। छोटे से कच्चे मकान में जीवन गुजार रहीं राजेश्वरी साहू, मीना यादव, परमेश्वरी वर्मा और पावर्ती के लिए यह दिन किसी सपने के पूरे होने जैसा था। चूल्हे पर खाना बनाते समय धुएं, आंखों में जलन और सांस की तकलीफ से जूझना उनकी रोजमर्रा की मजबूरी थी। उज्ज्वला योजना के तहत स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध होने से अब उनके घरों में धुएं से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों में कमी आई है।
मेड़ेसरा निवासी श्रीमती राजेश्वरी साहू ने बताया कि निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती खाना पकाने का ईंधन मिला है, जिससे उन्हें काफी सुविधा हो रही है। आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पासपोर्ट आकार का फोटो, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं बैंक खाते का विवरण जमा किया गया। गरीब परिवारों की महिलाओं को बिना किसी जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, जिससे उन पर किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। कनेक्शन मिलने से न केवल घरों में धुएं से होने वाला प्रदूषण कम हुआ है, बल्कि घरेलू श्रम और समय की भी बचत हो रही है।
रवेली निवासी परमेश्वरी वर्मा ने बताया कि पहले चूल्हे के धुएं से घर के छोटे-छोटे बच्चों को भी परेशानी होती थी। अब गैस सिलेंडर मिलने से बच्चों को धुएं से राहत मिलेगी और खाना बनाने में समय भी बचेगा। छोटा-मोटा काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली मीना यादव ने बताया कि उन्हें इस योजना का लंबे समय से इंतजार था। पहले भी उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन तब लाभ नहीं मिल पाया। अब वर्षों के इंतजार के बाद गैस कनेक्शन मिलने से उनके घर में खुशी का माहौल है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रही है। यह योजना न सिर्फ स्वच्छ रसोई का सपना साकार कर रही है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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