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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
कपड़ा लाइन में दिखावटी कार्रवाई, कुआं चौक-गढ़ कलेवा-पोस्ट ऑफिस क्षेत्र में खुलेआम अवैध गुमठियां, ₹200-₹500 के चालान में निपट रहा कानून
दुर्ग नगर पालिक निगम का अतिक्रमण विभाग एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। जिस विभाग की जिम्मेदारी शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने की है, वह अब कार्यवाही के नाम पर केवल चाय-नाश्ते तक सीमित नजर आ रहा है।
कपड़ा लाइन में हर बार वही कुछ दुकानदारों पर कार्रवाई कर अपनी “सक्रियता” साबित करने वाला निगम अमला, कुआं चौक जैसे व्यस्त इलाके में सड़कों तक फैले ठेले-गुमठियों पर पूरी तरह मौन दिखाई देता है। यातायात बाधित हो रहा है, आम नागरिक परेशान हैं, लेकिन अतिक्रमण विभाग की आंखें मानो बंद हैं।
पांडे जूस सेंटर द्वारा सड़क तक सामान फैलाने की कई बार लिखित व मौखिक शिकायतों के बावजूद, कार्रवाई केवल ₹200 से ₹500 के औपचारिक चालान तक सिमट जाती है। यह कार्रवाई नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से बचने का तरीका प्रतीत होती है।
सबसे गंभीर मामला पोस्ट ऑफिस के बगल, शासकीय गढ़ कलेवा के सामने स्थापित अवैध गुमठी का है। यह गुमठी न केवल अवैध है, बल्कि विवादों से भी घिरी रही है। इसके बावजूद इसी गुमठी से हजारों रुपये के चाय-नाश्ते के बिल जिला पंचायत में पास होना, कई बड़े सवाल खड़े करता है।
जब यहां केवल चाय के अलावा कुछ भी उपलब्ध नहीं, तो आखिर इतने बड़े बिल किस आधार पर पास हो रहे हैं? और इस अवैध गुमठी को बचाने के लिए कौन अधिकारी अपनी संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है—यह अब जांच का विषय बन चुका है।
हैरानी की बात यह है कि निगम का अतिक्रमण अमला इस गुमठी तक “कार्रवाई” के लिए पहुंचता तो है, लेकिन तस्वीरें खिंचवाकर बिना किसी ठोस कार्रवाई के लौट आता है। यह दृश्य साफ संकेत देता है कि कार्रवाई केवल कागजों और कैमरों तक सीमित है।
शहर में ऐसे कई कबाड़ी व्यवसाय भी संचालित हो रहे हैं, जिनके पास न तो निगम की अनुज्ञप्ति है और न ही वैध लाइसेंस। लाइसेंस विभाग, राजस्व विभाग और अतिक्रमण विभाग—तीनों को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न होना, मिलीभगत की आशंकाओं को और मजबूत करता है।
इस पूरे घटनाक्रम की सीधी प्रशासनिक जिम्मेदारी निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल पर आती है। प्रशासनिक मुखिया होने के नाते निगम के कार्यों की निगरानी, कर्मचारियों पर नियंत्रण और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना उनकी संवैधानिक व नैतिक जिम्मेदारी है। लेकिन लगातार सामने आ रही भेदभावपूर्ण कार्रवाइयों ने आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।
वहीं जनप्रतिनिधि के रूप में महापौर अलका बाघमार की चुप्पी और निष्क्रियता भी अब चर्चा का विषय बन चुकी है। जनता के हितों से जुड़े इतने गंभीर मामलों पर मौन रहना, शहरी सरकार की मुखिया की भूमिका पर सवाल खड़े करता है।
आज निगम कर्मचारियों से लेकर आम नागरिकों तक के बीच यही चर्चा है कि—
क्या दुर्ग नगर निगम में कानून सबके लिए बराबर है? या फिर अतिक्रमण पर कार्रवाई केवल कमजोरों तक सीमित रह गई है?
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की। उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनस्र्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।
इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ओडिशा के कंधमाल-गंजाम सीमावर्ती वन क्षेत्रों में संचालित संयुक्त सुरक्षा अभियान में सीपीआई (माओवादी) संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल गणेश उइके के न्यूट्रलाइज किए जाने को नक्सलवाद के विरुद्ध चल रही निर्णायक लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई नक्सल तंत्र की रीढ़ पर सीधा प्रहार है तथा स्पष्ट संदेश है कि अब नक्सल हिंसा के लिए देश में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना शेष नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में यह एक ठोस और निर्णायक कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दृढ़ नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के सशक्त मार्गदर्शन में देश नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन की ओर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। एक-भारत श्रेष्ठ-भारत की भावना के साथ केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के जवानों और अधिकारियों के अदम्य साहस, पराक्रम और पेशेवर दक्षता को नमन किया तथा उनके उत्कृष्ट मनोबल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—"हिंसा का रास्ता छोडि़ए, मुख्यधारा से जुडि़ए; अन्यथा कानून अपना कार्य करेगा।"
उन्होंने कहा कि शांति, विकास और विश्वास ही नए भारत की पहचान है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के नए अवसर निरंतर सृजित किए जा रहे हैं। साथ ही हिंसा के मार्ग पर भटके युवाओं के पुनर्वास और मुख्यधारा में सम्मानजनक वापसी के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता-जनार्दन के सहयोग, सुरक्षा बलों के साहस तथा स्पष्ट नीतिगत प्रतिबद्धता के बल पर नक्सल-मुक्त भारत का संकल्प शीघ्र ही पूर्णत: साकार होगा।
रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर राज्य के 115 नगरीय निकायों में बने अटल परिसरों का लोकार्पण किया। रायपुर के फुंडहर चौक स्थित अटल एक्सप्रेस-वे पर वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में वर्चुअल रूप से जुड़े कार्यक्रमों में परिसरों का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित रहे। फुंडहर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम क्षेत्र के 186.98 करोड़ रुपये के 23 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। साथ ही नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा प्रकाशित 'अटल परिसरÓ आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी हुआ। पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के पाँच हितग्राहियों को भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्र तथा पीएम स्वनिधि योजना के तहत पाँच महिला लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने अटल वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से उन्होंने गांवों को बारहमासी सड़कों से जोडऩे का ऐतिहासिक कार्य किया। किसान क्रेडिट कार्ड, आदिवासी कल्याण मंत्रालय जैसे कई फैसलों ने देश के ग्रामीण और कमजोर वर्गों को मजबूत किया। उन्होंने बताया कि जन्म–शताब्दी वर्ष में प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर बनाए जा रहे हैं, जिससे अटलजी की स्मृतियाँ चिरस्थायी रहें।
विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि अटल वाजपेयी ने अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप दिया। विधायक मोतीलाल साहू ने बताया कि रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में दो वर्षों में लगभग 500 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हुए हैं। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर का सर्वांगीण विकास तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, इंद्रकुमार साहू, अनुज शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, आरडीए अध्यक्ष नंदकुमार साहू सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
दुर्ग भिलाई (शौर्यपथ )
भिलाई के जयंती स्टेडियम में श्री हनुमंत कथा और दिव्य दरबार का भव्य पांच दिवसीय आयोजन गुरुवार से प्रारंभ हो गया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज भिलाई पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिंदू एकता, राष्ट्रवाद और सनातन धर्म की रक्षा का प्रबल संदेश दिया।
सनातन धर्म के ध्वजवाहक बाबा बागेश्वर धाम ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि हिंदुओं को जोडऩा, हनुमान जी की भक्ति जगाना और राष्ट्रवाद की जागृति यदि किसी को 'अंधभक्तिÓ लगे, तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।यह आयोजन 25 से 29 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 27 दिसंबर को विशेष रूप से देवी दरबार का आयोजन होगा।
आयोजको द्वरा सुबह 10 बजे सिविक सेंटर चौक से कलश यात्रा प्रारंभ हुई , जिसमें मातृ शक्तियां पीला वस्त्र धारण कर कलश सजाया गया । प्रथम दिवस की कथा में लाखों श्रद्धालुओं के सम्मिलित हुए , जिन्होंने हनुमान भक्ति में डूबकर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की ।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का प्रेस कॉन्फ्रेंस:
हिंदू एकता का अलख जगाया -प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदू युवक को जिंदा जलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि भारत के सनातनियों को कान खोलकर सुन लेना चाहिए—बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध है, तो भारत में भी वह दिन दूर नहीं। उन्होंने जोरदार अपील की, "अभी नहीं तो कभी नहीं!" यही समय है जब हिंदू एकजुट होकर हिंदू राष्ट्र बनाएं। बाबा ने स्पष्ट कहा कि जब तक भारत हिंदू राष्ट्र न बनेगा, उनकी यात्रा जारी रहेगी। जातिवाद को त्यागकर राष्ट्रवाद से ही देश की उन्नति होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अंधविश्वास वाले बयान पर बाबा बोले, "हम नेता नहीं, संत हैं। जिन्हें हिंदू धर्म में विश्वास न हो, उन्हें यहां रहने की जरूरत नहीं।" छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के तीन प्रमुख कारण—आर्थिक तंगी, अशिक्षा और अंधविश्वास—को समाप्त करने का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने पदयात्रा की घोषणा की, जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं: 600 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से किलेबंदीसुरक्षा के मद्देनजर दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर जयंती स्टेडियम में 600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों और विशेष मॉनिटरिंग कक्ष से पूर्ण निगरानी सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सफाई, पार्किंग, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं पूर्ण हैं।
आयोजक राकेश पांडेय ने अपील की कि सभी अनुशासित भाव से भाग लें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।यह कथा न केवल धार्मिक, अपितु सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगी, जो छत्तीसगढ़वासियों के हृदय में हनुमान भक्ति की ज्योति प्रज्वलित करेगी।
बालोद / शौर्यपथ /
भारत सरकार के निर्देशानुसार जिला पंचायत बालोद में 26 दिसंबर को जिला स्तरीय वीर बाल दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दसवें सिक्ख गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के वीर पुत्रों साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके साथ ही वीर बाल दिवस 2025 का राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम 26 दिसंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा बच्चों और युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और योगदान को रेखांकित करेंगे।
- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जिला स्तरीय बाल हृदय रोग स्वास्थ्य जांच शिविर में हुए शामिल
- शिविर में नन्हें बच्चों की जांच हो जाने से सर्जरी होने के बाद बच्चे होंगे स्वस्थ : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
- चिन्हांकित लगभग 45 बच्चों का होगा नि:शुल्क उपचार
- श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल नवा रायपुर में 22 देशों के लगभग 21 हजार से अधिक मरीजों का किया गया नि:शुल्क इलाज
- चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान एवं तकनीक से गंभीर बीमारियों का उपचार हो रहा संभव
- प्रोजेक्ट निरामया नव्या के वेबसाईट से किशोरी बालिकाओं को मिलेगी स्वास्थ्य संबंधी सलाह एवं परामर्श
- जनमानस के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए मजबूती से करें कार्य
राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारत रत्न पंडित अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर सुशासन दिवस अंतर्गत विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबंद्ध चिकित्सालय राजनांदगांव में श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल नवा रायपुर के सहयोग से आयोजित जिला स्तरीय बाल हृदय रोग स्वास्थ्य जांच शिविर में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल नवा रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा शिविर में नन्हें बच्चों के हार्ट की स्क्रीनिंग की जा रही है। इको एवं ईसीजी के माध्यम से जांच करने पर यह पता चला है कि लगभग 45 बच्चों को सर्जरी करना जरूरी है। यह स्क्रीनिंग होने से यह पता चल पाया कि उन्हें जन्मजात हृदय की बीमारी है, जिससे बच्चों का विकास बाधित होता। शिविर में नन्हें बच्चों की जांच हो जाने से सर्जरी होने के बाद बच्चे स्वस्थ हो जाएंगे। प्रारंभिक स्तर पर बच्चों की बीमारी का पता चलने पर शत-प्रतिशत इलाज होगा तथा कोई दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से कहा कि बच्चों के उपचार में मदद मिलेगी तथा उनके इलाज का लगातार फॉलोअप लिया जाएगा। चिन्हांकित लगभग 45 बच्चों का नि:शुल्क उपचार होगा। उन्होंने कहा कि श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल नवा रायपुर ने 22 देशों के लगभग 21 हजार से अधिक मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया है। यह रायपुर में एक ऐसा अस्पताल है, जो ऐसे गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल नवा रायपुर के लिए भूमि प्रदान की गई थी तथा एक वर्ष में यह हॉस्पिटल बनकर तैयार हो गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ऐसे आपरेशन किए जा रहे हैं, जो दिल्ली, चेन्नई जैसे महानगरों में होते है। देश-विदेश के मरीज दूर-दूर से यहां इलाज कराने आते हंै तथा कुछ माह रहकर स्वस्थ होकर चले जाते है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट निरामया नव्या का शुभारंभ किया गया है। किशोरी बालिकाओं को इस वेबसाईट के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी सलाह एवं परामर्श मिलेगा। किशोरी बालिकाएं माहवारी, हार्मोंस में आने वाले परिवर्तन, एनीमिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को बिना किसी संकोच के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श ले सकेंगी और उनकी काउंसलिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतरीन प्रोजेक्ट है, इसके लिए किशोरी बालिकाओं को अधिक से अधिक जानकारी प्रदान करें। उन्होंने श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल नवा रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. योगेश साठी, डीन मेडीकल कालेज डॉ. पंकज लुका एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाए दी। उन्होंने कहा कि सभी स्वयं सेवी संस्थाएं स्वास्थ्य के दृष्टिगत जनमानस के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए मजबूती से कार्य करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान एवं तकनीक से गंभीर बीमारियों का उपचार संभव हो सका है। इस अवसर पर उन्होंने हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरण किया।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने अपना जीवन देश के लिए समर्पित किया। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी केवल राजनेता ही नहीं थे वह एक लेखक, साहित्यकार, संपादक एवं कुशल वक्ता भी थे। उन्होंने उत्कृष्ट कविताओं की रचना की है। उनके कार्यकाल मेें पोखरण में परमाणु परीक्षण किया गया। गांव-गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का निर्माण कराया गया तथा गांवों को शहरों से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि इस शिविर में गरीब एवं जरूरतमंद परिवार से अपने नन्हें बच्चों को लेकर जनसामान्य आए हैं। उन्होंने कहा कि हृदय रोग के ईलाज के लिए नया रायपुर में श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल स्थापित किया गया है। यहां कई देशों से ईलाज कराने के लिए लोग आते हैं। छत्तीसगढ़ में एम्स की स्थापना हुई है और स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। विकसित भारत 2047 का संकल्प सभी के सहयोग से पूरा होगा। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं तभी फलीभूत होगी जब हम सभी मिलकर अन्त्योदय तक पहुंचाएंगे।
उल्लेखनीय है कि शिविर में चिरायु टीम द्वारा कुल 126 संभावित बच्चों का पंजीयन किया गया। जिसमें सभी बच्चों का नि:शुल्क ईसीजी एवं ईको टेस्ट किया गया। नन्हे बच्चों का ऑपरेशन चिरायु कार्यक्रम अंतर्गत श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल नवा रायपुर में किया जाएगा। इस दौरान श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल नवा रायपुर के मुख्य ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश साठे, शिशु ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीनदयाल नागर, ट्रस्ट ऑफिसर श्री एस जगदीश राव वेंकट कोमपेला, कॉडिनेटर मेंडिकल सर्विसेस डॉ. निखिल शुक्ला सहित अन्य स्टॉफ उपस्थित थे। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सचिन बघेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता मंडावी, श्री खूबचंद पारख, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री रमेश पटेल, श्री भरत वर्मा, श्री कोमल जंघेल, श्री संतोष अग्रवाल, श्री राजेन्द्र गोलछा, श्री सौरभ कोठारी, श्री तरूण लहरवानी, श्री गोलू गुप्ता, श्री सुमित भाटिया, श्री मोनू बहादुर, श्री प्रखर श्रीवास्तव, पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, वन मंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अधिष्ठाता मेडिकल कालेज डॉ. पीएम लुका, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, संयुक्त संचालक सह अधीक्षक डॉ. अतुल देशकर, डॉ. पवन जेठानी, डॉ. मीना आरमो, श्री संदीप ताम्रकार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
दुर्ग । शौर्यपथ । न्यायपालिका की भाषा में प्रयुक्त प्रत्येक शब्द का अपना संवैधानिक और कानूनी महत्व होता है। इनमें से दो शब्द—“आरोपी” और “दोषी”—ऐसे हैं, जो किसी व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा, कानूनी स्थिति और पूरे जीवन की दिशा बदल सकते हैं। अक्सर सार्वजनिक विमर्श, मीडिया रिपोर्टिंग और राजनीतिक बयानबाज़ी में इन शब्दों का गलत या लापरवाह प्रयोग देखा जाता है, जो न केवल व्यक्ति के अधिकारों का हनन करता है, बल्कि संविधान की मूल भावना के भी विरुद्ध जाता है।
आरोपी कौन होता है?
किसी व्यक्ति के विरुद्ध जब पुलिस या जांच एजेंसी किसी मामले में उसका नाम दर्ज करती है, तब वह व्यक्ति आरोपी कहलाता है। इसका सीधा और स्पष्ट अर्थ है कि वह व्यक्ति जांच की प्रक्रिया में है। आरोपी होने का अर्थ यह कदापि नहीं है कि उसने अपराध किया ही है।
संविधान और कानून की दृष्टि में आरोपी के संबंध में यह मान्यता सर्वोपरि है कि—जब तक माननीय न्यायालय द्वारा सभी तथ्यों, साक्ष्यों और दलीलों की जांच के बाद कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया जाता, तब तक उस व्यक्ति को दोषी नहीं कहा जा सकता। यही कारण है कि संविधान की भाषा में उसे केवल और केवल आरोपी कहा जाता है।
दोषी कब कहलाता है व्यक्ति?
दोषी शब्द का प्रयोग तब होता है, जब न्यायपालिका यह तय कर देती है कि संबंधित व्यक्ति ने भारत के संविधान और कानून व्यवस्था की अवहेलना की है और वह कानून के विरुद्ध अपराध का दोषी पाया गया है।
दोषी करार दिए जाने से पहले न्यायालय:
उपलब्ध सभी साक्ष्यों की गहन जांच करता है,अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनता है,कानून की कसौटी पर तथ्यों को परखता है। इन सभी प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद यदि न्यायालय सजा देता है, तभी व्यक्ति दोषी कहलाता है। यदि सजा नहीं दी जाती, तो वही व्यक्ति निर्दोष माना जाता है।
निर्दोषता की संवैधानिक धारणा
भारतीय संविधान और न्यायिक प्रणाली का एक मूल सिद्धांत है—निर्दोषता की धारणा (Presumption of Innocence)। इसका अर्थ है कि जब तक अपराध सिद्ध न हो जाए, तब तक प्रत्येक व्यक्ति निर्दोष माना जाता है। यह सिद्धांत नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है और किसी भी व्यक्ति को जल्दबाज़ी में अपराधी ठहराए जाने से रोकता है।
शब्दों की लापरवाही और उसके दुष्परिणाम
आरोपी को दोषी कह देना केवल शब्दों की गलती नहीं, बल्कि यह व्यक्ति की सामाजिक छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकता है,निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकता है,न्यायालयीन प्रक्रिया पर दबाव बना सकता है और संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है।
इसीलिए मीडिया, राजनेताओं और सार्वजनिक मंचों पर बोलने वालों से अपेक्षा की जाती है कि वे न्यायपालिका की भाषा का सम्मान करें और निर्णय आने से पहले किसी को दोषी घोषित न करें।
हाल ही देखा गया है कि बलोदा बाजार आगजनी की घटना जो अभी माननीय न्यायालय में विचाराधीन है इस पर माननीय न्यायालय का कोई फैसला नहीं आया है ऐसे में मिडिया संस्था/ संस्थाओ द्वारा विधायक देवेन्द्र यादव को दोषी करार देना कही ना कही संविधान से प्राप्त अधिकारों का हनन माना जा सकता है
न्याय, भाषा और जिम्मेदारी
आरोपी और दोषी के बीच का अंतर केवल कानूनी नहीं, बल्कि संवैधानिक, नैतिक और मानवीय भी है। आरोपी वह है, जिस पर अभी निर्णय आना बाकी है; दोषी वह है, जिसे न्यायपालिका ने अपराध सिद्ध होने के बाद सजा दी है। एक जिम्मेदार समाज वही होता है, जो न्यायालय के फैसले का इंतजार करता है, कानून की प्रक्रिया में विश्वास रखता है और शब्दों के प्रयोग में संयम बरतता है। यही लोकतंत्र की मजबूती और संविधान के सम्मान की सच्ची पहचान है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्रिसमस पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी हैं। उन्होंने कहा कि क्रिसमस का पर्व प्रेम, करुणा, त्याग और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कामना की कि क्रिसमस का यह पर्व प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति लेकर आए तथा सभी के प्रयासों से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय श्री विनोद कुमार शुक्ल के निवास पहुँचे और उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं तथा असंख्य पाठकों और साहित्य-प्रेमियों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से हिंदी साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है। उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता, मानवीय सरोकारों और सरल किंतु गहन अभिव्यक्ति की अनुपम मिसाल हैं।उन्होंने कहा कि श्री शुक्ल की लेखनी ने हिंदी साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। उनका साहित्य न केवल पाठकों को गहराई से स्पर्श करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना रहेगा। साहित्य जगत में उनका अवदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह एक ऐसे सृजनशील व्यक्तित्व की अंतिम यात्रा थी, जिन्होंने साहित्य जगत को ऐसी अनमोल कृतियाँ दीं, जो साहित्य संसार की थाती है। साहित्यकार और कवि के विचार सदैव जीवित रहते हैं, उनकी कलम की स्याही, शब्दों में अमर हो जाती है। विनोदजी का साहित्य हमारी सांस्कृतिक चेतना को दिशा देता रहेगा, उनकी स्मृतियाँ सदैव हमारे बीच जीवंत रहेंगी।
श्री शुक्ल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।इस अवसर पर कवि डॉ. कुमार विश्वास, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी अलोक सिंह, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार, जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
