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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / रियासतकालीन प्राचीन रानी मंदिर छुईखदान में जय बजरंग मानस मंडली बाजार लाईन द्वारा रामायण पाठ संपन्न हुआ। रानी मंदिर के संरक्षक लाल जेके वैष्णव ने जानकारी दी कि रामायण पाठ में भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर विभिन्न लीलाओं का अर्थ, टीका द्वारा भक्तजनों को बताया गया। जिसमें मानस प्रेमी मोहन कामड़े गुरूजी, गौकरण रजक, सतीश महोबिया, राघव महोबिया, पंडुप प्रेम चंद्राकर, अमर सिंह ठाकुर, रामकुमार कुम्भकार, गेंदू राम निषाद, नारायण निषाद, श्रीधर वैष्णव, अनिल पुजारी रानी मंदिर, रत्नाकर महोबिया, दिनेश महोबिया, मुकेश महोबिया, लतेल राम ध्रुवे, संजय लल्ला, शिवेन्द्र किशोर दास, माधव शास्वत दास सहित बड़ी संख्या में रामायण समिति के सदस्य एवं भक्तगण उपस्थित रहे। आदर्श महिला रामायण मण्डली बाई साहब मंदिर द्वारा भी रामायण पाठ रानी मंदिर में सम्पन्न हुआ। समाजसेवी अशोक चंद्राकर एवं शरद डब्बू श्रीवास्तव जय जगन्नाथ सेवा समिति ने रामायण पाठ आयोजन हेतु बधाई, शुभकामनाएँ दी। लाल जितेन्द्र किशोर वैष्णव ने रामचरित मानस के दर्शन को आज की युवा पीढ़ी को अपने जीवन में आत्मसात करने की बात कहते हुए बताया कि यह हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। पूरा मंदिर परिसर रामायण पाठ द्वारा राममय रहा।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कृषि विभाग के अंतर्गत एक्सटेंशन रिफार्म्स आत्मा योजनांतर्गत गवर्निंग बोर्ड की बैठक ली। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि किसानों को जिन फसलों के उत्पादन से अधिक लाभ हो उसकी खेती करने के लिए प्रेरित करें। धान की खेती के अलावा अन्य फसलों को भी प्रोत्साहित करें और उसकी मार्कें टिंग पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि धान कटाई के बाद किसान पैरा जला देते है, जिससे प्रदूषण होता है। इसके लिए जागरूकता लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह को खेती किसानी एवं गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए कार्य करें। उन्होंने बताया कि औंधी,पानाबरस, भोजटोला में वनधन केन्द्र बनाए जा रहे हैं। जहां कोदो, कुटकी, मक्का एवं अन्य फसलों तथा वनीय उत्पादों का विक्रय किया जाएगा। उन्होंने कोदो प्रसंस्करण मशीन लगाने के लिए भी कहा। गौठान में वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन प्रारंभ हो गया है और महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट बनाया जा रहा है। इस अवसर पर उप संचालक कृषि जीएस धु्रर्वे, सहायक संचालक उद्यानिकी राजेश शर्मा एवं गवर्निंग बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे।
डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर आत्मा राजू ने बताया कि एक्सटेंशन रिफार्म्स आत्मा योजनांतर्गत रबी में 650 एकड़ की वृद्धि हुई। जिसमें गेंहू, सरसों, अलसी, मसूर जैसे फसल किसानों द्वारा ली गई। 668 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट क्रय किया गया है। उन्होंने बताया कि वनांचल क्षेत्रों के गौठान ग्रामों में कृषक समूह के लिए कोदो, रागी एवं मक्का प्रसंस्करण इकाई भी आरंभ किया जाना है। राज्य के बाहर शैक्षणिक भ्रमण के तहत किसानों को एग्रोविजन एक्सपो 2019 कृषक मेला में कृषकों की सहभागिता कराई गई कृषि उन्नति मेला में उन्नत तकनीकों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन एवं तकनीकी हस्तांतरण के लिए भ्रमण कराया गया। जैविक खेती कृषि, गौवंश संवर्धन, जैविक खाद उत्पादन तकनीक का भ्रमण कराया गया। कृषि के उन्नत तकनीकों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन एवं प्रशिक्षण, मशरूम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, डेयरी तकनीक, मत्स्य पालन आदि की उन्नत तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। रागी, कोदो, लघु धान्य उत्पादक कृषकों को उत्पादन की उन्नत तकनीक एवं मूल्य संवर्धन की तकनीक सीखी। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों की भर्ती के लिए भी कलेक्टर को जानकारी प्रदान की।
गवर्निंग बोर्ड के सदस्य एवं मलेशिया से पुरस्कृत तथा डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न अलंकरण से सम्मानित बिसेशर साहू ने कहा कि किसानों को विभिन्न तरह की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा और जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं के निदान खोजने होंगे। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों को नवाचार एवं तकनीक की जानकारी देनी चाहिए। जिससे किसान जागरूक बनेगें। कृषक श्री सलूजा ने कहा कि स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक अलसी जैसी फसलों को बढ़ावा देने की जरूरत है। फसल उत्पाद की मार्केटिंग एवं वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कोदो, कुटकी, रागी, सोयाबीन जैसे स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद लोगों तक पहुंचे। दुग्ध उत्पाद, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी में बहुत संभावनाएं है। सब्जियों की पैकेजिंग कर विक्रय किया जा सकता है। किसानों को चयनित कर उन्हें अलग-अलग तरह की फसल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस अवसर पर पशुपालन विभाग से डॉ. ममता मेश्राम, कृषक अशोक चौधरी, चैनदास बांधव एवं गर्वर्निंग बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
आत्मा योजनांतर्गत जिला वार्षिक कार्ययोजना 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य एवं प्रगति का अनुमोदन किया गया। विकासखंड, जिला, राज्य स्तरीय उत्कृष्ट कृषि उत्पादकता पुरस्कार वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 हेतु चयनित कृषकों की सूची का अनुमोदन किया। वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में बीटीटी कनवेनर एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी समस्त 9 विकासखंड समवर्गीय विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र को प्रदाय राशि का कार्येत्तर अनुमोदन के साथ एक्सटेंशन रिफार्म्स ‘‘आत्मा’’ योजनांतर्गत वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में राज्य के बाहर कृषकों का शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का कार्येत्तर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत। एक्सटेंशन रिफार्म्स ‘‘आत्मा’’ योजनांतर्गत जीबी, डीएफएसी, बीएफएसी एवं किसान मित्रों के सदस्यों का पुर्नगठन हेतु अनुमोदन एवं चर्चा। एक्सटेंशन रिफार्म्स ‘‘आत्मा’’ योजनांतर्गत जिला मुख्यालय एवं तीन अनुविभाग में कृषकों के प्रशिक्षण एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार कार्य हेतु 4 नग प्रोजेक्टर क्रय करने, गौठानों एवं जिले के जैविक उत्पादक कृषकों के उत्पादों के जिला कार्यालय परिसर में स्थायी विक्रय केन्द्र व्यवस्था हेतु अनुमोदन एवं चर्चा, कोदो एवं रागी प्रसंस्करण इकाई स्थापना हेतु अनुमोदन एवं चर्चा की गई। गौठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट का क्रय उत्पादक समूह एवं सेवा सहकारी समिति के माध्यम से क्रय करके योजनांतर्गत आयोजित होने वाले फसल प्रदर्शनों में उपयोग करने हेतु अनुमोदन एवं चर्चा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन एवं एक्सटेंशन रिफार्म्स ‘‘आत्मा’’ योजनांतर्गत रिक्त पदों पर भर्ती अनुमोदन एवं चर्चा। आत्मा योजनांतर्गत कार्यरत संविदा स्टॉफ की सेवा अवधि विस्तार का अनुमोदन। कृषि यांत्रिकीकरण सबमिशन योजनांतर्गत वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना का अनुमोदन। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजनांतर्गत 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 के भौतिक-वित्तीय प्रगति का अनुमोदन किया गया।
दुर्ग / शौर्यपथ / गोवर्धन पूजा के दिन निकाली जानी वाली गौरा गौरी शोभायात्रा में कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए गया नगर वार्ड 4 में समितियो के लोगो द्वारा कोरोना से बचाव हेतु मास्क पहन कर भगवान शंकर व माता पार्वती की शोभा यात्रा निकालकर मोहल्ले में भ्रमण करते हुए तालाब में विसर्जन किया इसके लिए गया नगर वार्ड 4 कि पार्षद श्रीमती लीना दिनेश देवांगन ने वार्ड में राजीव नगर व गया नगर से निकाली जाने वाली गौरा गौरी यात्रा के सभी चारो समितियों को अपनी ओर सौ से अधिक मास्क वितरित किया था ताकि जीवन की सुरक्षा के साथ साथ त्योहार का धार्मिक सांस्कृतिक पहचान भी कायम रह सके वार्ड में राजीव नगर,शिव नगर व गया नगर गौरा चौरा सहित कुल 4 स्थानों से शोभायात्रा निकाली गई थी जो विभिन्न गलियों में भ्रमण करते हुए पुलिस सुरक्षा के बीच तालाबों में विसर्जित की गई इस अवसर पर वार्ड पार्षद लीना दिनेश देवांगन ने गया नगर में निकली गौरा गौरी का पूजन व स्वागत कर समिति के लोगो को दीपावली पर्व की शुभकामना दी तथा कोविड 19 को ध्यान में रखकर ही त्योहार मानने की अपील की वार्ड पार्षद द्वारा किए गए इस पहल की लोगो ने सराहना करते हुए उनके इस कार्य की। इस अवसर पर गया नगर गौरा समिति अध्यक्ष भारत ठाकुर,राजू गो ड,सावित्री ठाकुर,कुमारी यादव,मुकेश ठाकुर,गंगा राम वर्मा सहित अनेक लोग मौजूद थे ।
मीडिया जगत सूचना प्रदान कर लोकतांत्रिक विमर्श को देता है नई दिशा
छत्तीसगढ़ सरकार लगातार बढ़ा रही है पत्रकारों के लिए सुविधाएं
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर मीडिया जगत के लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि मीडिया जगत निडरतापूर्वक निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से देश मे लोकतांत्रिक विमर्श को एक नई दिशा प्रदान करता है। नागरिको को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित में सक्षम बनाते है। उन्होंने कहा कि मीडिया प्रतिनिधियों ने
कोविड 19 जैसे महामारी में भी लोगो मे जागरूकता लाने में अहम भूमिका निभाई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्री प्रेस हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है । राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रेस की स्वतन्त्रता और जिम्मेदारियो की ओर ध्यान आकर्षित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पत्रकारों के लिए लगातार बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। जनसंपर्क विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की पात्रता एवं प्रावधानों में संशोधन कर ज्यादा से ज्यादा पत्रकारों को इनके दायरे में लाया जा रहा है। प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के लिए पिछले वर्ष ही वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि को पांच हजार रूपए से बढ़ाकर दस हजार रूपए प्रति माह किया है। अधिमान्यता नियमों में संशोधन कर विकासखंड स्तर के पत्रकारों के लिए भी अधिमान्यता का प्रावधान किया गया है। पत्रकार कल्याण कोष से जरूरतमंद पत्रकारों को आर्थिक सहायता की सीमा को 50 हजार रूपए से बढ़ाकर दो लाख रूपए किया गया है। राज्य शासन के श्रम विभाग ने पत्रकारों के हित में उनकी सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का आदेश जारी किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत पत्रकारों को श्रमजीवी पत्रकार के रूप में पहचान देने एवं उनके काम में सहूलियत के लिए साल भर पहले नए अधिमान्यता नियम लागू किए गए हैं। मीडिया के बदलते स्वरूप को देखते हुए टी.वी. चैनलों, वेब-पोर्टल, समाचार पत्रिका और समाचार एजेंसी के पत्रकारों को भी अधिमान्यता देने का प्रावधान किया गया है। मीडिया संस्थानों के लिए अधिमान्यता कोटा करीब-करीब दुगुना कर दिया गया है। नए नियमों के तहत राज्य में पहली बार विकासखंड स्तर के पत्रकारों के लिए भी अधिमान्यता का प्रावधान किया गया है। साथ ही लंबे समय तक इस पेशे में रहे सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए दीर्घकालिक सेवा पत्रकार अधिमान्यता भी शुरू किया गया है। नए अधिमान्यता नियमों के फलस्वरूप वर्तमान में 233 राज्य स्तरीय और 287 जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार हैं।
पत्रकारों को गंभीर बीमारी के इलाज, वृद्धावस्था में आर्थिक संकट, दैवीय विपत्ति जैसी परिस्थितियों में मदद का दायरा बढ़ाने के लिए पत्रकार कल्याण कोष के नियमों में पिछले वर्ष व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब आर्थिक सहायता की सीमा 50 हजार रूपए से बढ़ाकर दो लाख रूपए कर दी गई है। साथ ही दंगों, बाढ़ जैसी विषम परिस्थितियों में समाचार कवरेज के दौरान कैमरा एवं अन्य उपकरणों के नुकसान पर भी आर्थिक मदद का प्रावधान नए नियम में जोड़ा गया है। पिछले दो वर्षों में प्रदेश के 49 पत्रकारों को साढ़े 41 लाख रूपए से अधिक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई है।
वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि की राशि दुगुनी करने के साथ ही इसके दायरे में अधिक से अधिक पत्रकारों को लाने के लिए पात्रता की शर्तें शिथिल की गई हैं। योजना के तहत पहले जहां हर माह पांच हजार रूपए दिए जाते थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर दस हजार रूपए कर दिया गया है। पात्रता के लिए आयु सीमा भी 62 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष की गई है। पहले इस योजना में शामिल पत्रकारों की पात्रता की हर पांच वर्ष में समीक्षा की जाती थी। नए नियमों के तहत समीक्षा का प्रावधान समाप्त करते हुए अब इसे आजीवन कर दिया गया है। योजना में शामिल पत्रकारों को अक्टूबर-2019 से हर महीने दस हजार रूपए की सम्मान निधि दी जा रही है। वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि योजना के फलस्वरूप दो वर्ष पूर्व जहां आठ वरिष्ठ पत्रकारों को योजना का लाभ मिल रहा था, अब यह संख्या 23 हो गई है।
राज्य शासन द्वारा निर्भीक एवं निष्पक्ष पत्रकारिता में मदद के लिए छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून तैयार करवाया जा रहा है। इसके लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश न्यायमूर्ति श्री आफताब आलम की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, वरिष्ठ पत्रकार और महाधिवक्ता की 12 सदस्यीय समिति ने कानून का प्रथम प्रारूप तैयार कर माह नवम्बर-2019 में राज्य के पत्रकारों, पत्रकार संगठनों और आम नागरिकों की राय को शामिल कर इसका द्वितीय प्रारूप तैयार किया है। अभी इसके द्वितीय प्रारूप पर ऑनलाइन सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं जिसके आधार पर इस कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा। पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता शिवानंद तिवारी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि शिवानंद एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें ऐसे बयान देने के पहले सोचना चाहिए. कांग्रेस राजद की तरह नहीं है. राष्ट्रीय जनता दल एक क्षेत्रीय पार्टी है औऱ उसके नेता वहीं तक सीमित रहते हैं. राहुल गांधी ने कहा था कि जब कभी भी जरूरत होगी तो वह बिहार आएंगे. उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर ऐसा किया भी. वह आरजेडी के नेताओं की तरह काम नहीं कर सकते.
दरअसल, राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कहा था, "महागठबंधन को कांग्रेस ले डूबी. कांग्रेस ने 70 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन 70 चुनावी रैलियां भी प्नचार नहीं कीं. राहुल गांधी महज तीन दिन के लिए बिहार चुनाव प्रचार के दौरान आए, प्रियंका गांधी नहीं आईं. जिन्हें बिहार की जमीनी हकीकत की जानकारी भी नहीं था, उन्हें प्रचार में भेजा गया. यह सही नहीं है. ” राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों का महागठबंधन नतीजों में 110 सीटों पर सिमट गया. वह बहुमत से करीब एक दर्जन सीट दूर रह गया.
कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन सिर्फ 19 सीटों पर जीत दर्ज की. राजद 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और छोटे वाम दलों ने भी अच्छी खासी संख्या में सीटें जीतीं. तिवारी ने कहा था कि बिहार ही नहीं अन्य राज्यों में भी कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने पर जोर देती है, लेकिन सीटें जीतने में नाकाम रहती है. उन्होंने आरोप लगाया था, " जब चुनाव चरम पर थे, तब राहुल गांधी शिमला में प्रियंका जी के घर पर पिकनिक मना रहे थे. क्या पार्टी इस तरह से चलती है?
सबरीमाला / शौर्यपथ / कोरोनावायरस महामारी के बीच केरल के सबरीमाला में भगवान अयप्पा की दो महीने तक चलने वाली तीर्थ यात्रा आज शुरू हो गई. सबरीमाला मंदिर को वार्षिक तीर्थ यात्रा कार्यक्रम के लिए रविवार को खोला गया था. हालांकि, कड़े कोरोना रोकथाम उपायों के बीच श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट आज खोले गए हैं. मंदिर अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रियों को एक वर्चुअल कतार प्रणाली के माध्यम से सुबह 3 बजे ट्रेकिंग शुरू करने की अनुमति दी गई थी.
सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले अधिकांश तीर्थ यात्री आज पहुंचे. मास्क पहने मंदिर बोर्ड के कर्मचारी और पुलिसकर्मी तीर्थयात्रा में शामिल लोगों पर करीब से नजर रख रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी श्रद्धालु कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें. जिसमें कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट, फिटनेस सर्टिफिकेट और मास्क पहनाना अनिवार्य है.
मंदिर बोर्ड ने कहा, "62 दिन तक चलने वाले तीर्थयात्रा कार्यक्रम में हर साल लाखों लोग आते हैं. हालांकि, इस बार केवल 85000 श्रद्धालुओं को पूजा करने के लिए आने की अनुमति दी जाएगी. कोरोनावायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए भीड़भाड़ से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है."
बोर्ड की ओर से कहा गया है कि हर दिन केवल 1000 श्रद्धालुओं को पूजा की अनुमति दी जाएगी, जिन्होंने वर्चुअल कतार प्रणाली के माध्यम से दर्शन के लिए बुकिंग की होगी. शनिवार और रविवार को 2000 लोगों को दर्शन की अनुमति दी जाएगी."
पटना / शौर्यपथ / तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी के बयान से बिहार चुनाव में हार के बाद विपक्षी महागठबंधन में पहली बार दरार सामने आई. तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बिहार में आधी-अधूरी लड़ाई लड़ी.
शिवानंद तिवारी ने कहा, "कांग्रेस महागठबंधन को ले डूबी. उन्होंने 70 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन 70 रैलियां भी नहीं कीं. राहुल गांधी तीन दिन के लिए आए, प्रियंका [गांधी वाड्रा] नहीं आईं, जो आए वो बिहार से अपरिचित थे. यह सही नहीं है. ” बता दें कि राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों का महागठबंधन नतीजों में 110 सीटों पर सिमट गया.
तिवारी ने 243 सीटों में से 70 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस को व्यापक रूप से दोषी ठहराया. बता दें कि कांग्रेस ने सिर्फ19 सीटों पर जीत दर्ज की. नतीजों में राजद 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और वाम दलों ने भी आश्चर्यजनक रूप से अच्छा प्रदर्शन किया.
तिवारी ने कहा, "मुझे लगता है कि यह केवल बिहार में ही नहीं है. अन्य राज्यों में भी कांग्रेस अधिक से अधिक संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने पर जोर देती है, लेकिन वे अधिक से अधिक संख्या में सीटें जीतने में विफल रहती हैं. कांग्रेस को इस बारे में सोचना चाहिए."
उन्होंने कहा, "यहां चुनाव पूरे शबाब पर थे और राहुल गांधी शिमला में प्रियंका जी के घर पर पिकनिक मना रहे थे. क्या पार्टी इस तरह से चलती है? जिस तरह से कांग्रेस पार्टी चलाई जा रही है, उससे बीजेपी को फायदा हो रहा है?"
हालांकि, कांग्रेस ने पार्टी की बड़ी हार पर कहा कि बिहार चुनाव के लिए सीट-बंटवारे को अंतिम रूप देने में देरी ने गठबंधन के प्रदर्शन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया. पार्टी के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा कि परिणाम निश्चित रूप से "खराब" रहे.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कटिहार से चौथी बार निर्वाचित विधायक तारकिशोर प्रसाद को रविवार को बीजेपी विधानमंडल दल का नेता और बेतिया से पांचवी बार विधायक चुनी गईं रेणु देवी को उपनेता चुना गया. बाद में इन दोनों को बिहार का उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया गया. नीतीश कुमार नीत नई एनडीए सरकार में तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. रेणु देवी अति पिछड़ा वर्ग के तहत नोनिया समुदाय से आती हैं. रेणु देवी ने शपथ लेकर बिहार की पहली महिला उप मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रच दिया है.
बीजेपी की विधायक रेणु देवी बिहार की पहली महिला उप मुख्यमंत्री बनी हैं. बिहार में एनडीए के मुख्य घटक बीजेपी और जेडीयू में सत्ता के सर्वोच्च पदों का बंटवारा यूपी की तर्ज पर किया गया है. जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार जहां एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री बने हैं वहीं बीजेपी की तरफ से उप मुख्यमंत्री दो बनाए गए हैं. इसमें से एक पद महिला और एक पद पुरुष को दिया गया है. डिप्टी सीएम के लिए बीजेपी ने जहां पहला नाम कटिहार से विधायक तारकिशोर प्रसाद का तय किया था, तो वहीं दूसरा नाम रेणु देवी का है.
बिहार में पहली बार महिला उप मुख्यमंत्री बनीं रेणु देवी बेतिया की विधायक हैं. वे इस विधानसभा क्षेत्र से पांचवीं बार चुनी गई हैं. रेणु देवी पहली बार सन 2000 में एमएलए बनी थीं. इसके बाद वे साल 2005 और 2010 में भी विधायक बनीं. इसके बाद 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था.
इस बार के चुनाव में बीजेपी ने उन पर विश्वास किया और उन्हें फिर एक बार टिकट दिया. वे अपनी खोई हुई सीट फिर से जीतने में सफल रहीं. रेणु देवी 62 साल की हैं और उन्हें लंबा राजनीतिक अनुभव है. रेणु देवी की मां भी संघ परिवार से जुड़ी थीं. उनके ननिहाल पर भी बीजेपी और आरएसएस का प्रभाव रहा है. रेणु देवी बीजेपी के महिला मोर्चा में विभिन्न तरह की जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. वे नीतीश के नेतृत्व वाली साल 2005 में बनी सरकार में भी मंत्री का पद संभाल चुकी हैं. वे बीजेपी की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
