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March 07, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

नई दिल्ली / शौर्यपथ / चीन ने भूटान के इलाके में 2 किमी भीतर एक गांव बसाया है, जो डोकलाम के बहुत करीब है. जहां 2017 में चीनी और भारतीय…

नई दिल्ली / शौर्यपथ / देश में कोरोना (Coronavirus India) के संक्रमण की चपेट में आए करीब 94 फीसदी मरीज ठीक हो चुके हैं और 5 फीसदी से कम मरीजों का ही इलाज चल रहा है. केंद्र सरकार ने गुरुवार को कोविड-19 के आंकड़े जारी करते हुए यह जानकारी दी. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने कहा कि लगातार 47 दिनों से ऐसा है कि रोज संक्रमण के नए मामलों के मुकाबले स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रही.
देश में कोविड-19 से 48,493 और लोग गुरुवार को स्वस्थ हो गए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में 83 लाख 83 हजार 602 लोगों के स्वस्थ होने के साथ ही स्वस्थ होने की दर (रिकवरी रेट) सुधरकर 93.58 प्रतिशत हो गया है. संक्रमण के नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. देश में संक्रमण के 4,43,303 मामले हैं जो कि कुल मामलों का महज 4.95 प्रतिशत है. स्वस्थ होने वालों में 77.27 प्रतिशत मरीज 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के हैं. केरल में एक ही दिन में 7066 लोग बीमारी से उबर गए. दिल्ली में 6901 लोग और महाराष्ट्र में 6608 लोग 24 घंटे में स्वस्थ हुए.
संक्रमितों की संख्या 90 लाख के करीब
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमण के 45,576 नए मामलों से भारत में कुल 89.58 लाख संक्रमित हो गए हैं. संक्रमण के कारण 585 और लोगों ने दम तोड़ा और मृतकों की संख्या 1,31,578 पहुंच गई. कोविड-19 के 77.28 प्रतिशत नए मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए. दिल्ली में 24 घंटे में 7486 मामले आए. केरल में 6419 और महाराष्ट्र में 5011 नए मामले आए.

महाराष्ट्र और बंगाल में सर्वाधिक मौतें
कुल 585 मौत में से 79.49 प्रतिशत मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए. दिल्ली में 131 लोगों की मौत हुई. महाराष्ट्र में 100 और पश्चिम बंगाल में 54 और मरीजों की मौत हो गई.

रायपुर / शौर्यपथ / विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर राज्य स्वच्छता पुरस्कार 2020 में सरगुजा जिले को राज्य में प्रथम स्थान मिलने पर प्रभारी मंत्री एवं नगरीय प्रशासन विकास, श्रम विभाग मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने सरगुजावासियों को बधाई दी। महानदी भवन से आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार राशि का वितरण भी किया। इस दौरान उन्होेंने कहा कि सरगुजा छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण जिला है। जिस तरह से नगरीय निकाय क्षेत्र स्वच्छता के क्षेत्र में अव्वल स्थान हासिल करता है, उसी तरह सरगुजा जिला ने भी स्वच्छता में प्रथम स्थान हासिल कर प्रदेश में अपनी पहचान बनाई है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। मंत्री डॉ. डहरिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, उपाध्यक्ष राकेश गुप्ता, कलेक्टर संजीव कुमार, जिला पंचायत सीईओ कुलदीप शर्मा सहित जनपद स्तर के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को बधाई दी।
स्वच्छता के अंतर्गत राज्य स्तर पर सरगुजा जिले से 9 श्रेणियों में 11 विजेताओं का और जिला स्तर पर 8 श्रेणियों में 19 विजेता प्रतिभागियों का चयन किया गया था। सरगुजा जिले को राज्य में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रथन स्थान प्राप्त हुआ। जिसके तहत जिले को एक करोड़ रुपए की राशि तथा जनपद पंचायत लुण्ड्रा को ओडीएफ स्थायित्व हेतु 50 लाख रूपए व ग्राम पंचायत पुहपुटरा को ओडीएफ स्थायित्व के लिए 20 लाख रुपए से पुरस्कृत किया गया। कुल 4 करोड 35 लाख में से एक करोड़ 70 लाख की राशि सरगुजा को मिली है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत वर्चुअल सम्मान समारोह में प्रभारी मंत्री डॉ. डहरिया ने स्वच्छ सुंदर शौचालय के अंतर्गत लुण्ड्रा ब्लॉक के श्री रामलाल, अलबिना, सरजूराम, पतिराम को अलग-अलग पांच हजार एक रुपए, स्वच्छ सुंदर सामुदायिक शौचालय अंतर्गत ग्राम पंचायत लुण्ड्रा को 21 हजार रुपए, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन युक्त गांव अंतर्गत ग्राम पंचायत-दोरना, लुण्ड्रा को 21 हजार, प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत-बटवाही को 21 हजार, स्वच्छ सुन्दर शौचालय अंतर्गत बेलगांव सीतापुर के हितग्राही मनबोध व अगरसाय को पांच हजार एक रुपए, स्वच्छाग्राही समूह द्वारा उत्कृष्ट दीवार लेखन अंतर्गत दुर्गा स्व सहायता समूह बेलगांव को पांच हजार एक रुपए, उत्कृष्ट निबंध लेखन में खुशी कुमारी अच्चगले जवाहर नवोदय विद्यालय बतौली को 21 हजार, उत्कृष्ट स्वच्छाग्राही समूह अंतर्गत जीवन दीप महिला स्व सहायता समूह पंडरीपानी को 21 हजार, स्वच्छाग्राही समूह द्वारा उत्कृष्ट दीवार लेखन अंतर्गत प्रथम पुरस्कार जीवन दीप महिला स्व-सहायता समूह पंडरीपानी और द्वितीय पुरस्कार गौरी मां स्वयं सहायता समूह देवटिकरा को पांच हजार एक रुपए, मिछिल स्कूल अंतर्गत उत्कृष्ट निबंध लेखन में पूजा गुप्ता को प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपए, पुनिया धीचा को 11 हजार और अंकुश पैकरा को 5 हजार की राशि प्रदान किया। उत्कृष्ट नारा सृजन लेखन अंतर्गत प्रथम पुरस्कार श्रीमती मीना राजवाड़े पुहपुटरा को 21 हजार, द्वितीय श्रीमती करूणा (करूणा महिला स्वयं सहायता समूह काराबेल) को 11 हजार और तृतीय पुरस्कार, श्रीमती आभा (ज्योति स्व-सहायता समूह जजगा) को पांच हजार की राशि दी गई।

प्रधान आरक्षक, आरक्षकों के लिए सर्व सुविधायुक्त हॉस्टल का डीजीपी ने किया भूमि पूजन

रायपुर / शौर्यपथ / डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज पुलिस लाईन परिसर रायपुर में प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक हॉस्टल का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर डीजीपी ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस जवानों के हितों के लिए हमेशा तत्पर है। छत्तीसगढ़ पुलिस में सबसे ज्यादा संख्या प्रधान आरक्षक एवं आरक्षकों की है। विगत कई वर्षों से राजधानी रायपुर में उनके अस्थाई रूप से ठहरने हेतु हॉस्टल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। प्रधान आरक्षक, आरक्षक एवं उनके परिजनों का स्वास्थ्यगत, कार्यालयीन एवं अन्य कार्यों के लिए रायपुर अक्सर आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में उन्हें ठहरने के लिए होटलों में बहुत पैसा खर्च करना पड़ता था। इसलिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा अपने जवानों एवं उनके परिजनों के हितों को ध्यान में रखते हुए उक्त हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है। हॉस्टल का निर्माण केंद्रीय कल्याण निधि द्वारा कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि एएसआई एवं उसके ऊपर रैंक के जवानों के लिए पहले से ही पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल एवं मैस की सुविधा है।
सर्व सुविधायुक्त रहेगा हॉस्टल - प्रधान आरक्षकों एवं आरक्षकों के लिए निर्माणाधीन हॉस्टल में सभी सुविधाएं होंगी। उक्त हॉस्टल में ठहरने के लिए 12 कमरे, हॉल एवं एक डॉरमेट्री प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 3 दर्जन व्यक्ति रुक सकेंगे। हॉस्टल में किचन की सुविधा भी होगी जहां जवान और उनके परिजनों के लिए भोजन उपलब्ध रहेगा। हॉस्टल भूमि पूजन के अवसर पर आईजी रायपुर डॉ आंनद छाबड़ा, एसएसपी रायपुर अजय यादव, एएसपी तारकेश्वर पटेल, डीएसपी मणि शंकर चन्द्रा, आरआई चन्द्र प्रकाश तिवारी उपस्थित रहे।

रायपुर / शौर्यपथ / अजीत जोगी के निधन के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे में जान फूंकने के लिए उनकी पत्नी डॉ. रेणु जोगी अब पूरी तरह से मैदान में उतर आयी हैं। पार्टी की विशेष बैठक में पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्होंने पार्टी की प्राथमिकताएं भी तय कर दिया है।
उन्होंने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी मुख्य रुप से धान खरीदी, युवाओं को रोजगार और शराबबंदी के मुद्दे पर फोकस करेगी और इसके लिए संघर्ष का रास्ता चुनेगी।

यह बनी रणनीति
1 दिसंबर 2020 से राज्य सरकार द्वारा शुरू की जा रही धान खरीदी पर किसानों को उनके उपज का समय पर समर्थन मूल्य दिलवाना, किसानों को खरीदी केंद्र में समय से टोकन दिलवाने और उनकी अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए काम करना।
राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए भूपेश सरकार से नौकरी की मांग करना।
जिस प्रकार विधानसभा चुनाव के अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस ने सरकार बनते ही पूर्ण शराबबंदी करने की बात कही थी, उसे लागू करवाने के लिए प्रयास करना।
इन तीन प्रमुख मुद्दों पर डॉ. रेणु जोगी ने काम करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मुझे अपने स्व. पति, जिन्होंने छत्तीसगढ़िया प्रथम के उद्देश्य से पार्टी का गठन किया था उसको आगे बढ़ाना है और छत्तीसगढ़िया लोगों को छतीसगढ़ का भाग्य विधाता बनाना है। अब मेरा और मेरी पार्टी का मुख्य काम जनहित के मुद्दों के लिए लंबी लड़ाई लड़ना है।

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान बिना अनुमति सीमावर्ती राज्यों से छत्तीसगढ़ में धान आयात करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। खाद्य विभाग द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के द्वौरान 1900 रूपए प्रति क्विंटल से अधिक कीमत का धान अन्य राज्यों से आयात के लिए संचालक खाद्य से अनुमति लेना आवश्यक नहीं है, किन्तु आयातक को इस किस्म के धान आयात करने की सूचना संबंधित जिले के खाद्य नियंत्रक या खाद्य अधिकारी को देना होगा। खाद्य विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि धान उपार्जन अवधि के दौरान सीमावर्ती राज्यों से धान लाकर राज्य के उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर बेचने की आशंका बनी रहती है। इसलिए धान खरीदी केन्द्रों में अन्य राज्यों के अवैध धान की आवक एवं बिक्री को रोकने के लिए राज्य शासन द्वारा अन्य राज्यों से बिना अनुमति के धान आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है। कोई भी राइस मिलर अथवा धान के व्यापारी, कमीशन एजेंट, आगामी आदेश तक अन्य राज्यों से धान लाने के लिए पूर्व अनुमति हेतु संबंधित जिले के कलेक्टर अथवा सीधे संचालक खाद्य को आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदन पत्र में राइस मिलर, व्यापारी द्वारा धान विक्रयकर्ता फर्म, व्यक्ति का नाम, उसका पूरा पता, परिवहन, आयात की जाने वाली धान की किस्म एवं प्रति क्विंटल मूल्य संबंधी जानकारी के साथ-साथ, आयात किए जाने वाले धान जिस स्थान पर क्रय उपरांत भंडारित होगा उसकी जानकारी देना अनिवार्य है। आवेदक द्वारा आयात किए जाने वाले धान को सड़क अथवा रेल मार्ग से मंगाया जाएगा। उस मार्ग के विपणन की जानकारी भी आवेदन में देना होगा ताकि रेलवे एवं परिवहन विभाग को इस संबंध में आवश्यक जानकारी दी जा सके। आवेदन पर संचालक खाद्य द्वारा परीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी और अनुमति जारी होने के उपरान्त ही आवेदक द्वारा धान का आयात किया जा सकेगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा राज्य के सभी कलेक्टरों को राज्य में धान के आयात के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है, जिसमें संबंधित जिले में संचालित राइस मिलों के धान एवं चावल के स्टाॅक का सत्यापन 20 नवंबर 2020 की स्थिति में अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया है। इस स्टाक की जानकारी राइस मिलों द्वारा मिलर्स माडयूल में अनिवार्य रूप से दर्ज करने तथा आयात किए जाने वाले धान तथा इससे निर्मित होने वाले चावल की साप्ताहिक अद्यतन जानकारी वेबसाइट में अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है। राज्य शासन द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / शिक्षा का अधिकार कानून का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की है, लेकिन जिले में पांच सौ…

मुख्यमंत्री ने दाई-दीदी क्लीनिक का किया शुभारंभ : दाई-दीदी क्लीनिक की वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के जन्म दिवस पर महिलाओं के लिए क्लीनिक दाई-दीदी क्लीनिक का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के लिए 03 स्पेशल मोबाइल दाई-दीदी क्लीनिक को अपने निवास से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने मोबाइल क्लीनिक के भीतर जाकर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन भी किया और अपने ब्लड प्रेशर की जांच भी करायी। इस दाई-दीदी स्पेशल क्लीनिक में डॉक्टर सहित सभी चिकित्सकीय स्टाफ महिलाएं होंगी और केवल महिलाओं का ही निःशुल्क इलाज किया जाएगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दाई-दीदी क्लीनिक देश में अपनी तरह का पहला क्लीनिक है, जो केवल महिलाओं का इलाज करेगा। वर्तमान में इसे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर निगम क्षेत्र में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है और आगे इसका विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकोच के कारण महिलाएं अपनी बीमारी को खुलकर नहीं बता पाती हैं। इस कारण उनकी बीमारी का सही उपचार नहीं हो पाता। अब दाई-दीदी क्लीनिक में महिला चिकित्सक और महिला स्टाफ होने से वे निःसंकोच अपना समुचित इलाज करा सकेंगी। इसमें महिलाओं को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। उन्हें अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से इस क्लीनिक का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की अपील की है।
इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, राज्य गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़, सचिव नगरीय प्रशासन श्रीमती अलरमेल मंगई डी., रायपुर कलेक्टर भारतीदासन, नगर निगम कमिश्नर रायपुर, डॉक्टर, नर्स सहित उपस्थित थे।
गौरतलब है कि दाई-दीदी क्लीनिक में महिलाओं के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ महिला चिकित्सक द्वारा स्तन कैंसर की जांच, हितग्राहियों को स्व स्तन जांच का प्रशिक्षण, गर्भवती महिलाओं की नियमित एवं विशेष जांच आदि की अतिरिक्त सुविधा होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से शहरों में स्थित आंगनबाड़ी के निकट पूर्व निर्धारित दिवसों में यह क्लीनिक स्लम क्षेत्र में लगाया जाएगा। इस क्लीनिक के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, बच्चों आदि के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न हितग्राहीमूलक परियोजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।
जनरल क्लीनिक में महिलाओं के लिए पृथक जांच कक्ष और काउंसलर नहीं होने से महिलाएं परिवार नियोजन के साधन, कॉपर-टी निवेशन, आपातकालीन पिल्स की उपलब्धता, गर्भनिरोधक गोलियां, साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली, गर्भनिरोधक इंजेक्शन, परिवार नियोजन परामर्श, एसटीडी परामर्श में शर्म का अनुभव करती है। इस महिला क्लीनिक में डेडीकेटेड महिला स्टाफ होने से अब इस प्रकार के परामर्श निःसंकोच ले सकेंगी।

रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने देश के प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा प्रियदर्शनी गांधी जी को नमन करते हुए कहा कि देश के प्रति इंदिरा जी के योगदान को भूलाया नही सकता इंदिरा जी ने बैकों का राष्ट्रीयकरण किया, अनाज की कमी को दूर करने हरित क्रांति की शुरुवात कर कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाये। विश्व मे इंदिरा जी की पहचान एक मजबूत एवँ सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में है उन्हें ऑयरन लेडी के नाम से जाना जाता है, देश इंदिरा जी को हमेशा याद करता है और हमेशा याद करता रहेगा। भाजपा सरकार बैंकों का निजीकरण कर बैंकों को डुबाने का काम कर रही है।गरीबो के पैसे बैंकों में डूब रहे है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अमेरिका के खिलाफ दुनिया का कोई नेता काम नहीं करता। अमेरिका अन्य देशों को झुकने के लिये कहता है। लेकिन इंदिरा जी कभी नहीं झुकी। शांति सेना उन्होने बांग्लादेश भेजा। दुनिया में सबसे ज्यादा सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया वह इंदिरा जी के शासनकाल में ही किया। 90,000 सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। आज लोग हमसे राष्ट्रभक्ति का प्रमाण मांगते है। हमारी विरासत है कि हमारे नेताओं ने देश की एकता और अखंडता के लिये अपने प्राणों की आहूति दी, लेकिन ये लोग सत्ता के लिये दूसरे की बलि चढ़ा देते है। ये कह नहीं सकते कि हमने अपराध किया है। महात्मा गांधी कोर्ट में खड़े होकर कहते थे कि हां मैने अपराध किया है। ये कहते है कि बाबरी मजिस्द हमने नहीं गिराया। जेल जाने से डरने वाले ये मुखबिरी करने वाले लोग हमें राष्ट्रवाद की नसीहत देते है। यह दुर्भाग्य है। हमारे साथियों को भी मुंहतोड़ जवाब देना चाहिये। ये लोग राष्ट्रवाद की बात करते है। गौ माता की जय बोलते हैं, लेकिन इसी छत्तीसगढ़ में गौ मांस समेत उसकी हड्डियों और चमड़ी तक को बेचने वाले भाजपा हमें न सिखाए। हमने गौ सेवा की नीति पर काम किया है। गोबर खरीदी योजना से लेकर गौ पालकों तक के लिए योजनाएं चल रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इंदिरा जी ने उस वक्त नारा दिया गरीबी हटाओं, तब भी लोग इंदिरा हटाओ का नारा दिया करते थे। आज उन्हें सिर्फ स्मरण करने से काम नहीं चलेगा। उनके बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। कट्टरपंथी लगातार हमला कर रहे है। वे सीना तान कर खड़े है। किसान, मजदूर खुशहाल हो, रोजगार मिले जो 2018 में चुनाव लड़े वो अदभुत था। दंतेवाड़ा में 12 हजार, चित्रकोट में 17 हजार, मरवाही साढ़े 38 हजार का रिकार्ड बनाया। जिस सीट को लेकर कहा जा सकता था कि कोई दूसरा उस सीट पर काबिज नहीं हो सकता लेकिन आज तक मरवाही में उतना वोट किसी को नहीं मिला। लोग कहते थे कि जोगी के 70 हजार वोट जिधर जाएंगे वह जीतेगा, लेकिन मरवाही की महान जनता को धन्यवाद कि उन्होने कांग्रेस पर भरोसा जताया। नगरीय निकाय, जिला पंचायत चुनाव हमने जीता। ऋणमाफी से लेकर 2500 रू. प्रति क्विंटल धान खरीदी, तेंदूपत्ता खरीदी व्यवस्था के अपने वादे को कांग्रेस ने पूरा किया, देश में सबसे ज्यादा फारेस्ट एक्ट के तहत जमीन आबंटन का काम हमने किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इंदिरा गांधी बाल्यकाल से ही क्रांतिकारी विचारधारा से ओतप्रोत रही, आजादी की लड़ाई के दौरान उनकी बनाई वानर सेना गुप्तचर के रूप में काम करती थी, 19़42 के आंदोलन में इंदिरा गांधी ने जेल की यात्रा भी की, ऐसी महान नेता को तब विपक्ष के लोग गूंगी गुडिय़ा कहकर दुष्प्रचारित किया करते थे। आज भी उन्हे सबसे ज्यादा डर किसी से है वह गांधी-नेहरू परिवार से है, चाहे वह सोनिया जी हो, राहुल गांधी हो,उनके खिलाफ दुष्प्रचारित करने का कोई मौका नही छोड़ते, इंदिरा गांधी के नेतृत्व का जिक्र करते हुये उन्होने कहा कि नेहरू समेत अन्य नेताओं के सामने चुनौतिया रही है। लेकिन जो चुनौतिया इंदिरा गांधी के सामने थी, वह किसी के नेता के सामने नही रही, देश की चुनौतियों के साथ-साथ आंतरिक चुनौतियों से उन्हे जूझना पड़ा। पार्टी में दो फाड़ के हालात बने। पार्टी के अंदर और पार्टी के बाहर, देश के भीतर और देश के बाहर जिन चुनौतियों का सामना करते दिखाई नही पड़ता, शास्त्री जी के निधन के बाद इंदिरा जी ने जब प्रधानमंत्री पद संभाला, तब उनके क्रांतिकारी निर्णयों को दुनिया देखते रही, बैंक बड़े-बड़े लोगो के उपयोग में आते थे। किसान, मजदूर, गरीब, अनुसूचित जाति बैंक नही जाते थे। बैंको का राष्ट्रीयकरण इंदिरा जी ने किया था। आज क्या स्थिति है, धीरे-धीरे बैंक दिवालिया होते जा रहे है, सिर्फ कुछ लोगों तक इसे सीमित करने का काम किया जा रहा है। देश में जब अनाज की कमी थी, तब इंदिरा जी को अमेरिका के सामने हाथ फैलाना पड़ा था, वहा से अनाज मंगाया गया, देश की जनता का भरण-पोषण किया गया। उन्होने तब ठान लिया था कि अनाज के जरिए देश को आत्मनिर्भर करना है। इंदिरा जी ने देश के किसानो से आहान किया। हरित क्रांति का नारा दिया। किसानो ने इंदिरा जी के बाद से इतना अनाज का उत्पादन किया कि एनडीए सरकार के गोडाउन मे अनाज रखने की जगह नही, तीन साल तक भी अकाल पड़ जाए, तो देश के लोगो के लिए पर्याप्त अनाज है। यह व्यवस्था इंदिरा जी करके गई है। यह उनकी दूरदृष्टि रही है। वह ऐसी नेता रही है। उन्हे आदिवासियों से बहुत लगाव था, उन्हे प्रेम था। वह कहती भी थी कि पिछले जन्म में शायद मैं आदिवासी परिवार में जन्मी थी।

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि दाई दीदी क्लिनिक योजना से माताओं एवं बहनों को सीधा-सीधा फायदा मिलेगा। दाई दीदी योजना पूर्ण रूप से महिलाओं की निःशुल्क उपचार होने से शहरी स्लम एरिया में रहने वाले गरीब एवं मध्यमवर्गीय महिला, बहनों बीमारियों की जांच एवं उपचार करा सकेगें। माताओं एवं बहनों जो बीमारियों के इलाज नहीं करा पाती थी उन्हें दाई दीदी योजना से पूर्णतः उपचार का लाभ प्राप्त होगा जिससे माताएँ एवं बहनों की स्वास्थ्य में सुधार होगी। दाई दीदी क्लिनिक योजना के अन्तर्गत मोबाइल क्लिनिक में सभी स्टाफ महिलाएं होगी, जिससे माताओं एवं बहनों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बताने में किसी भी प्रकार की संकोच नहीं होगी। इस योजना में माताओं एवं बहनों को प्राथमिक उपचार के अलावा गंभीर प्रकृति के बीमारी एवं गर्भवती बहनों की नियमित जांच एवं अन्य सुविधाएं मिलने से स्वस्थ रहेगे। महिलाएं स्वस्थ तो घर परिवार भी स्वस्थ रहेगे। घर की सबसे बड़ी एवं अहम जिम्मेदारी औरते निभाती है। हम सब बहुत ही भाग्यशाली है कि हमारे मुखिया भूपेश भैया है। महिला बहनों की स्वास्थ्य के लिये चिंतित थे। दाई दीदी योजना प्रांरभ किया। नरवा, गरवा, गुरुआ, बारी योजना से महिलाएं रोजगार प्राप्त कर आर्थिक स्थिति से भी मजबूत हो रही है।

राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा की सरकार 15 साल तक शासन में रहे और माताओं बहनों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते रहे। स्वास्थ्य के लचर व्यवस्था के कारण कभी आंखफोडवा कांड, तो कभी गर्भाशय कांड जैसे अन्य घटनाएँ अनगिनत हुए।
दाई दीदी सराहनीय योजना के लिये हमारे मुखिया भूपेश भैया को मेरी तरफ से एवं सभी माताओं, बहनों की तरफ से बहुत- बहुत धन्यवाद देती हूँ।

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