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May 26, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

शौर्यपथ / कार्यक्षेत्र और व्यापार में बढ़ते काम के दबाव से काम में नीरसता आने लगती है। ऐसे में अपने आसपास सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह…
धर्म संसार / शौर्यपथ / सूर्यदेव को अग्नि का स्वरूप एवं प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वास्तु शास्त्र में सूर्य का विशेष महत्व है। ऊर्जा…

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बारदानों की कमी को देखते हुए किसानों के पुराने बारदानों का उपयोग खरीदी के लिए करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन से खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा किसानों के पुराने जूट बारदानों में धान खरीदी करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार बेमेतरा, बीजापुर, बालोद समेत राज्य के विभिन्न जिलों से धान खरीदी के लिए पुरानों बारदानों की कमी होने के कारण विकल्प के रूप में किसानों के पास उपलब्ध पुराने बारदानों का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए केवल पुराने जूट बारदानों में ही धान खरीदी करने की अनुमति दी गई है। किसानों के बोरे का धान खरीदी में उपयोग होने पर उसे मिलिंग पश्चात किसानों को वापस किया जाएगा। बोरा उपयोग के लिए किसानों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित उपयोगिता शुल्क देने के निर्देश दिए गए हैं। जिलों में किसानों के बारदाने के उपयोग करने की अनुमति प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा कलेक्टर से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर विशिष्ट समितियों हेतु आवश्यकता एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दी जा सकेगी। धान खरीदी के लिए किसान द्वारा उपलब्ध कराए गए पुराने बारदाने अच्छी अवस्था में एवं उपयोगी किस्म के होनी चाहिए, जिसमें 40 किलोग्राम धान की भरती हो सके।

     रायपुर / शौर्यपथ / महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री तथा कबीरधाम जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने मंगलवार को कवर्धा के सर्किट आउस में में प्रेस वार्ता लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियां बताई। श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य का चहुमुखी विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हम गड़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ काम कर रहे है। इन दो वर्षों में हमने 24 बड़े-बड़े वायदे पूरे किए हैं। आने वाले वर्षों में सभी वायदे पूरे किए जाएंगे। इस अवसर पर पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चन्द्राकर, कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि शर्मा, बोड़ला नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री साहू, कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।
         श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि प्रदेश की जनता से किए वायदे पर हमारी सरकार ने पहले दिन से ही अमल करना शुरू कर दिया है। शपथ ग्रहण के तत्काल बाद ही किसानों की कर्ज माफी और 2500 रूपए में धान खरीदी के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, वनआश्रितों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं सहित प्रदेश के सभी वर्गो के विकास के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को उनकी विशेषता के अनुरूप विकास की नई दिशा दी जा रही है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने धान से बायो एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। नवीन औद्यौगिक नीति के तहत उच्च प्राथमिकता सूची में जैव ईधन शामिल है। इस नीति के तहत कबीरधाम जिले के भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में एथेनॉल उत्पादन आने वाले समय किया जा सकेगा। इससे कबीरधाम जिले के युवाओं के लिए एक नए रोजगार का द्वार खुलेगा। कबीरधाम जिले मे रोजगार सृजन के साथ-साथ पर्यटन विकास को विशेष जोर दिया जा रहा है।
     श्रीमती भेंड़िया ने बताया कि प्रदेश के 18 लाख किसानों का करीब 9 हजार करोड़ रूपए अल्पकालीन कृषि ऋण माफ, जल कर के रूप में 17 लाख किसानों का 244 करोड़ रुपए बकाया माफ किया गया है। बस्तर जिले में किसानों की 1764.61 हेक्टेयर अधिग्रहित भूमि वापस की गई है। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने तथा फसल उत्पादकता में वृद्धि के उद्देश्य से प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है इससे 19 लाख से अधिक किसानों को 5750 करोड़ रुपए की आदान सहायता चार किश्तों में प्रदान किया जा रहा है। किसानों को तीन किश्तों में 4500 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है अंतिम किश्त आगामी मार्च महीने में दी जाएगी। हमारी सरकार ने देश में अपने तरह की पहली अनूठी योजना-गोधन न्याय योजना शुरू की है, जिसके तहत 2 रुपए किलो की दर से गोठानों में गोबर की खरीदी की जा रही। इस योजना के माध्यम से जैविक खेती, पशुओं की देखभाल के साथ फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। यह किसानों की अतिरिक्त आय का यह जरिया साबित हुई है। गोधन न्याय योजना के तहत अब 1.36 लाख गोबर विक्रेताओं को 59 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राज्य सरकार ने गोठानों में निर्मित वर्मी कम्पोस्ट की न्यूनतम विक्रय दर को 8 रूपए से बढ़ाकर 10 रूपए कर दिया है।
       प्रदेश के सभी छोटे-बड़े नालों को पुनर्जीवित करने एवं जल संरक्षण तथा भू-जल संवर्धन के लिए सभी जिलों में नरवा विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 1028 नालों का चयन कर संवर्धन की योजना बनाई गई है। देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ के कृषि सहित सभी क्षेत्रों में आर्थिक तेजी रही। रिजर्व बैंक सहित अनेक राष्ट्रीय एजेंसियों ने इसे सराहा है। लाख की खेती के लिए किसानों को अब सहकारी समितियों से अन्य फसलों की तरह अल्पकालीन ऋण सुविधा दी गई है। कृषि पंप ऊर्जीकरण के लिए विद्युत लाइनों के विस्तार हेतु प्रति पंप एक लाख रुपए का अनुदान। दो वर्षों में 57 हजार से अधिकपंपों का ऊर्जीकरण किया गया है। 3 हार्स पावर तक कृषि पंपों में 6000 यूनिट प्रतिवर्ष एवं 03 से 05 हार्स पावर के कृषि पंपों में 7500 यूनिट प्रति वर्ष छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा फ्लेट रेट में बिजली प्राप्त करने का भी विकल्प है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए विद्युत खपत की कोई सीमा नहीं पूरी बिजली निःशुल्क है। विद्युत पहुंच विहीन क्षेत्रों में दो वर्षों में 25000 से अधिक सोलर पंपों की स्थापना की गयी है। विभिन्न योजनाओं के लिए किसानों की भूमि के अधिग्रहण पर मुआवजा राशि 2 गुना से बढ़ाकर अब 4 गुना कर दिया गया है। 57 नवीन पशु औषधालयों की स्थापना की गई और 29 पशु औषधालयों, कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों का पशु चिकित्सालयों में उन्नयन किया गया। इंद्रावती नदी पर 22 हजार 653 करोड़ रुपए की बोधघाट बहुदेशीय परियोजना का काम आगे बढ़ा है। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 03 लाख 66 हजार हेक्टेयर में नयी सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। मनरेगा से इस वर्ष अब तक करीब 27 लाख परिवारों के करीब 51 लाख श्रमिकों को काम दिया गया। इसके तहत साढ़े दस करोड़ मानव दिवस रोजगार का सृजन कर 2305 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। प्रदेश में इस साल 1.28 लाख परिवारों को 100 दिनों का रोजगार दिया गया है। वन अधिकार पट्टाधारी 21 हजार से अधिक परिवारों को भी 100 दिनों से अधिक का रोजगार दिया गया है। मनरेगा अभिसरण से धान उपार्जन केंद्रों में 6692 पक्के चबूतरों का निर्माण किया गया है। दो वर्ष पूरे होने पर 16 हजार 278 शिक्षाकर्मियों का संविलयन किया गया है। 14 हजार 580 नियमित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही श्रीमती भेंड़िया ने विभागवार दो वर्ष की उलब्धियां भी बर्ताइं।

रायपुर / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 15 दिसम्बर 2020 तक 23 लाख 10 हजार मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 6 लाख 34 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 5 लाख 54 हजार 349 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक एक लाख हजार 93 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
खरीफ वर्ष 2020-21 में 15 दिसम्बर 2020 तक राज्य के महासमुंद जिले में एक लाख 64 हजार 250 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बस्तर जिले में 26 हजार 138 मीट्रिक टन, बीजापुर जिले में 7 हजार 60 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में एक हजार 412 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 75 हजार 222 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में 36 हजार 440 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 3 हजार 171 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 5 हजार 233 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में एक लाख 16 हजार 267 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 16 हजार 98 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में एक लाख 87 हजार 139 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 21 हजार 605 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 91 हजार 137 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।
इसी तरह रायगढ़ जिले में एक लाख 40 हजार 299 मीट्रिक टन, बालोद जिले में एक लाख 54 हजार 381 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में एक लाख 57 हजार 95 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में एक लाख 18 हजार 18 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में एक लाख 17 हजार 920 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में दो लाख 7 हजार 459 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में एक लाख 45 हजार 842 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में एक लाख 19 हजार 529 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 92 हजार 124 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में एक लाख 49 हजार 126 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 28 हजार 208 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 21 हजार 772 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 19 हजार 748 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 38 हजार 534 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 48 हजार 570 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम धान खरीदी केन्द्र में किसानों की शिकायत पर धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की गई है। गीदम धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी श्री विजेन्द्र ठाकुर को अपने पदीय कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सहकारी समिति सेवा नियम के उल्लंघन के कारण उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इस आशय का आदेश आदिम जाति कृषक सेवा सहकारी समिति गीदम के प्राधिकृत अधिकारी ने जारी कर दिया है। जांच दल द्वारा धान खरीदी केन्द्र में कृषि उपज के मालिक शुभम् राय का 6.31 क्विंटल 12 बोरा धान को जप्त किया गया।
किसानों की शिकायतो को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर दंतेवाड़ा के निर्देश पर धान खरीदी केन्द्र का खाद्य निरीक्षक गीदम, मंडी उप निरीक्षक और राजस्व निरीक्षक द्वारा लैम्पस प्रबंधक, ऑपरेटर और किसानों की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि धान विक्रय के लिए आज कुल 14 किसानों से 564.80 क्विंटल अनुमानित धान के लिए टोकन जारी किया गया था। टोकन क्रमांक 61001401202100117 किसान कोड एफसी610140180593 किसान श्री लालजीध्फागू द्वारा टोकन में अनुमानित धान 77.60 क्विंटल धान विक्रय के लिए खरीदी केन्द्र लाया गया। खरीदी केन्द्र प्रभारी की अनुपस्थिति में कृषक श्री लालजी के सुपुत्र दशरथ साहू द्वारा ढेरी लगाकर हमालों की उपस्थिति में धान का कांटा कराया गया। तौल करने के दौरान हमालों द्वारा प्रति बोरा 41-42 किलो धान की भर्ती की जा रही थी, जो कि शासन द्वारा निर्धारित 40.700 किलोग्राम (बोरा सहित) से अधिक है। कृषक श्री लालजी द्वारा तौल कराए गए 90 धान की बोरियों में निर्धारित मानक 40.700 किलोग्राम से अधिक भरकर तौल किया गया।

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में सहकार भारती की राष्ट्रीय महिला प्रमुख श्रीमती शताब्दी सुबोध पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को बस्तर के महिला स्वसहायता समूह द्वारा बनाए गए कपड़ों के बैग तथा उत्पाद भेंट स्वरूप दी। राज्यपाल ने कहा कि समाज सेवा को कार्य करने का माध्यम बनाएं, क्योंकि यही वो माध्यम है जिससे व्यक्ति मन से जुड़ता है। जिन्हें जोड़ना चाहते हैं, उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को समझिए और समाधान करने का प्रयास कीजिए, वे अवश्य जुड़ेंगी। महिलाओं को छोटे-छोटे लघु उद्योगों को स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए, इसके लिए खादी ग्रामोद्योग आयोग तथा शासन के अन्य योजनाओं की जानकारी दीजिए और जोड़िए। राज्यपाल ने कहा कि कोरोनाकाल में परिस्थितियां बदली है। अतः आत्मनिर्भर भारत अभियान को आधार बनाकर कार्य कीजिए। इसके लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दीजिए। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उत्पादों को प्रोत्साहित करें। राज्यपाल ने महिलाओं की क्षमता वृद्धि और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को कोरोनाकाल के दौरान विभिन्न विषयों पर आधारित सर्वे का प्रतिवेदन सौंपा। साथ ही उन्हें बताया कि राष्ट्रसेविका समिति की स्वालंबन प्रकल्प द्वारा किए गए कार्यों से कोरोनाकाल में महिलाएं अपने पारंपरिक स्वरोजगार से जुड़ी हैं। इसमें बस्तर के महिला समूह द्वारा कपड़ों का बैग, साड़ी कव्हर तथा अन्य वस्तुओं का घर पर ही निर्माण किया गया है। प्रतिनिधिमण्डल में श्रीमती मीना नशीने, सुश्री प्राची पाटिल, श्रीमती अजिता गनोदवाले, श्रीमती चन्द्रकांती वर्मा, श्रीमती बानीश्री चन्द्रवंशी, सुश्री प्रगति यादव, सुश्री श्रद्धा गनोदवाले, सुश्री निधि निषाद उपस्थित थीं।

हाई-टेक बस स्टैंड से यात्रियों के लिए आवागमन सुविधाजनक होगा: मुख्यमंत्री बघेल
बस स्टैंड में 8 टिकट घर, पुलिस सहायता केंद्र सहित 49 दुकानें होंगी संचालित

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय सूरजपुर में 3 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित हाई-टेक बस स्टैंड का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हाई-टेक बस स्टैंड के बनने से यात्रियों के लिए आवागमन सुविधाजनक होगा। उच्च शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री उमेश पटेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव एवं विधायक भटगांव पारसनाथ राजवाडे़ तथा नगरपालिका अध्यक्ष श्री के.के. अग्रवाल शामिल हुये।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा की राज्य सरकार ने मनरेगा में मजदूरों को संकट काल में बड़े पैमाने पर रोजगार मुहैया कराने के साथ राज्य सरकार ने वनवासियों को वन अधिकार दिलाने, लघु वनोपजों के संग्रहण, पशुधन के संरक्षण संवर्धन तथा उनके सुरक्षा के लिए गौठान का निर्माण, हॉट बाजारों में जाकर आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए योजनाएं लागू की। बच्चों को प्रारंभ से ही अंग्रेजी शिक्षा देने का इंतजाम किया जा रहा है। साथ ही सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नगरीय क्षेत्र के हितग्राहियों को फ्री होल्ड पट्टा का वितरण किया तथा नगरपालिका परिषद के प्रतिनिधियों को नगर के विकास की चाबी सौंपी।
हाईटेक सुविधाओं से लेस है, जिले का नवीन बस स्टैण्ड-
हाईटेक बस स्टैण्ड में 20 बसों के एक साथ खडे होने की क्षमता वाले बस यार्ड, 08 टिकट घर, पुलिस सहायता केन्द्र, पूछताछ केन्द्र के साथ-साथ महिला एवं पुरूष प्रसाधन का निर्माण किया गया हैं। साथ ही भूतल पर 43 एवं प्रथम तल पर 06 दुकान कुल 49 दुकानों का निर्माण किया गया है। बस स्टैण्ड के सामने पार्क के साथ-साथ पार्किंग व्यवस्था, नाली, टैक्सी पार्किंग, रिटेनिंग वॉल का निर्माण प्रस्तावित हैं तथा हाईटेक बस स्टैण्ड परिसर में सुलभ शौचालय का कार्य प्रगति पर हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय टेकाम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नया बस स्टेशन के शुभारंभ होने से शहर की सुविधाओं में विस्तार होगा। छत्तीसगढ़ सरकार अपने किए गए वादों पर खरा उतर रही है। सरकार बनने के महज 2 वर्षों में ही छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने किये गये 36 वादों में 24 वादों को पूरा किया है।
पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा की कोविड़-19 के कारण कोरोना संक्रमण काल में भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में विकास मूलक कार्य बाधित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कर कमलों से गुणवत्तापूर्ण, सुविधायुक्त पर्याप्त जगह वाला हाईटेक बस स्टैण्ड यहां कि जनता को समर्पित है। राज्य सरकार प्रदेश की जनता की बेहतरी के लिए कई उल्लेखनीय काम कर रही हैं। शहरी क्षेत्रों में पट्टा देने, राजीव गांधी आश्रय योजना के पट्टों का नवीनीकरण, भूखंडों का स्वामित्व देने का निर्णय लिया गया, प्रत्येक व्यक्ति को राशन कार्ड दिए गए।
नगरी प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार लोगों की सुध लेकर कार्य कर रही है। आज प्रदेश के किसान, वनवासी सभी खुश हैं। उन्होंने कहा कि राम वन गमन पथ को कोरिया के हरचौका से लेकर रामाराम तक पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार द्वारा स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा पुलिस विभाग में भर्ती की जा रही हैं। उच्च शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्षो के कार्यो से प्रदेश की जनता उत्साहित है, उन्हें खुशी मिल रही है।

पर्यटन रथ के लिए राहों पर बिछा फूलों का बिछौना
राम वन गमन पर्यटन रथ यात्रा एवं विराट बाइक रैली का सूरजपुर एवं बारसूर में भव्य स्वागत
सांसद दीपक बैज बारसूर में पर्यटन रथ की अगवानी के साथ कोण्डागांव तक शामिल हुए बाईक रैली में

रायपुर / शौर्यपथ / राम वन गमन पर्यटन पथ पर अपने ननिहाल की ओर बढ़ रहे राम, लक्ष्मण और सीता की अगवानी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूरजपुर में पूजा-अर्चना करके के की। छत्तीसगढ़ की परंपरा के अनुरूप उन्होंने भांजे राम का स्वागत आगे बढ़कर किया। भगवान राम पर्यटन रथ पर सवार होकर चंदखुरी की ओर बढ़ रहे है, जो उनका ननिहाल है। रथ के साथ बाईक रैली चल रही है, ऐसा ही एक रथ दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा से भी चंदखुरी की ओर बढ़ रहा है। दोनों मार्गों पर राम, लक्ष्मण और सीता के स्वागत के लिए भीड़ उमड़ रही है, उनका स्वागत कलश, दीयों और फूलों से किया जा रहा है। उनके रास्तों पर फूल बिछाये जा रहे है।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर 14 दिसंबर को कोरिया और सुकमा जिले से एक साथ प्रारभ हुई विराट बाईक रैली अपने निर्धारित गतव्य स्थल पर बढ़ते हुए आज प्रातः उत्तर में सूरजपुर और दक्षिण में बारसूर से रवाना हुई। राममंदिर सूरजपुर में पूजा-अर्चना के पश्चात् मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंदिर परिसर में राम वन गमन पर्यटन रथ और विराट बाईक रैली को हरी झंडी दिखाकर सरगुजा के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल उपस्थित थे। सूरजपुर से रवाना हुई विराट बाइक रैली विभिन्न निर्धारित स्थलों से गुजरती हुई लगभग 300 कि.मी. की दूरी तय कर देर रात रायगढ़ पहुंचेगी। वही दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र बारसूर में बस्तर सांसद श्री दीपक बैज ने हरी झंडी दिखाकर बाइकर्स को रवाना किया। इस अवसर पर चित्रकोट के विधायक श्री राजमन बेंजाम, ग्राम पंचायत के सरपंच, नगर पंचायत अध्यक्ष, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। विराट बाईक रैली में शामिल बाइकर्स के उत्साहवर्धन के लिए सांसद दीपक बैज स्वयं बाईक में सवार होकर बस्तानार, लोहाण्डीगुडा, जटायुशीला, गढ़घनौरा होते हुए लगभग 200 कि.मी. की दूरी तय कर कोण्डागांव पहुंचे। इस दौरान गीदम, चित्रकोट एवं भानपुरी में पर्यटन स्थ और बाइक रैली का आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया। कोण्डागांव के जटायुशीला और गढ़घनौरा में रामायण पाठ और लोकनृत्य के साथ स्थानीय जनसमुदाय ने प्रभु श्रीराम के स्वागत में मंगल प्रस्तुतियां दी। इन सभी स्थलों पर स्थानीय निवासियों का जन सैलाब अपने आराध्य प्रभु श्री राम की अगवानी के लिए उमड़ पड़ा। बाईक रैली में सवार लोगों का पुष्प वर्षा एवं आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह पर महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर रैली का स्वागत किया। कल 16 दिसंबर को विराट बाईक रैली उत्तर में रायगढ़ से प्रारंभ होगी एवं दक्षिण में कांकेर से प्रारंभ होगी।

दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, विष्णु देव साय सहित प्रदेश के भाजपा नेताओं के बयान पर पलटवार करते हुए सवाल दागे हैं। राजेंद्र ने कहा कि प्रदेश के भाजपा नेताओं द्वारा बार-बार बयान दिया जा रहा है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार द्वारा घोषणा पत्र में किये गए वायदों को पूरा होते देखना चाहती है। भाजपा नेताओं का बयान पूरी तरह हास्यास्पद है।
राजेंद्र ने कहा कि डॉ. रमन सिंह समेत सभी भाजपा नेता बताएं कि 2003, 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों में भाजपा द्वारा किए गए कितने वायदों को तत्कालीन रमन सरकार ने पूरा किया। यह भी बताएं कि तीन-तीन विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 15 साल छत्तीसगढ़ सरकार चलाने वाली भाजपा कितने वादों से पूरी तरह मुकर गई।
राजेंद्र ने कहा कि 2100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, किसानों की कर्ज माफी, 300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को बोनस, आदिवासी परिवारों को गाय देने, किसानों को 5 हार्स पावर तक बिजली माफ, अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को दो हेक्टेयर जमीन देने सहित अनेक वायदे किए गए थे, लेकिन इन वायदों को रमन सरकार के साथ-साथ भाजपा के संगठन नेता भी भूल गए।
राजेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि जनता का हित करने की बजाय चावल घोटाला, बिजली बिल में बढ़ोतरी, आदिवासियों की जमीन को उद्योगपतियों को देना, अनुसूचित जाति के आरक्षण को घटाने का काम भाजपा सरकार ने किया। 15 साल तक प्रदेश की खनिज, वन संपदा का दोहन होने के साथ ही जमकर भ्रष्टाचार और गड़बड़ी का खेल होता रहा।
इसी तरह केंद्र की भाजपा सरकार ने भी चुनाव के पहले किए गए वायदों को पूरा नहीं किया। 15 लाख रुपए हरेक नागरिक के खाते में जमा होने, दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार देने, किसानों की आय दुगुना करने, महंगाई कम करने, महिलाओं को सुरक्षा देने सहित कई वायदों के बल पर सत्ता हासिल करने के बाद भाजपा नेता इन वायदों को भूलते रहे।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री साहू ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किए गए अधिकांश वायदे मात्र दो साल में ही पूरा कर दिये हैं। किसानों की कर्ज माफी, बिजली बिल हाफ, 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों से वापस लेने, चिटफंड कंपनी से पैसा वापस दिलाने, गोधन न्याय योजना के तहत दो रुपए किलो की दर से गोबर खरीदी, नदी-नालों और तालाबों के उन्नयन, राम वन गमन पथ का निर्माण सहित अनेक घोषणाओं को भूपेश सरकार ने पूरा कर दिखाया है।
राजेंद्र ने कहा कि रमन सरकार द्वारा चुनावी वायदों को पूरा न करने और बार-बार वायदों से मुकरने के कारण ही जनता ने 2018 के चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया। आम जनता अच्छी तरह समझ चुकी है कि सिर्फ दो साल के कार्यकाल में अधिकांश वायदों को पूरा करने वाली सरकार ही छत्तीसगढ़ की हितैषी सरकार है। आम जनता के पास भाजपा सरकार के 15 साल के कार्यकाल का पूरा हिसाब किताब भी है। भाजपा नेता छत्तीसगढ़ की जनता को अपने बयानों से गुमराह करने की कोशिश न करें।

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