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April 06, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

दुर्ग / शौर्यपथ / गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू 18 अक्टूबर रविवार को दुर्ग जिले के दुर्ग विकासखण्ड के विभिन्न गांवों का दौरा कर स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मंत्री साहू सबेरे 10.30 बजे रायपुर से कार से प्रस्थान करेंगे और दोपहर 12 बजे ग्राम उमरपोटी, 12.45 बजे ग्राम पुरई, 1.30 बजे ग्राम खम्हरिया, 2.15 बजे ग्राम धनोरा, 3 बजे ग्राम हनोदा, 4 बजे ग्राम कोडि़या, 4.45 बजे ग्राम भानपुरी और 5.30 बजे ग्राम कोकड़ी में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे शाम 6 बजे कोकड़ी से प्रस्थान कर वापस रायपुर आएंगे।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अखिल भारतीय स्तर पर चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा…
भिलाई / शौर्यपथ / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के बार एवं राॅड मिल में 17 अक्टूबर, 2020 को विभाग के कार्मिकांे को “कर्म शिरोमणि पुरस्कार” से…

भिलाई / शौर्यपथ / कोविड-19 महामारी के मद्देनजर उत्पादन में प्रतिबंधों और रूकावटों के बावजूद, सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने वर्तमान वित्तवर्ष-2020-21 के अपै्रल से सितम्बर की अवधि के दौरान उत्पादन के विभिन्न क्षेत्रों में रिकाॅर्ड निष्पादन दर्ज किया है। साथ ही बीएसपी ने प्रथम तिमाही अपै्रल से जून की अवधि के मुकाबले दूसरे तिमाही जुलाई से सितम्बर की अवधि में उत्पादन में बेहतर वृद्धि दर्ज करने में सफलता प्राप्त किया है। विदित हो कि मार्च से जून-2020 के दौरान स्टील की माँग गिरने के पश्चात् फिर बढ़ोतरी की ओर है। सेल-बीएसपी बढ़ी हुई माँग का फायदा उठाने और प्रथम तिमाही मंें निष्पादन में कमी की भरपाई करने हेतु वर्तमान वित्तवर्ष की शेष अवधि में उत्पादन को अधिकतम करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसा करते हुए संयत्र प्रबंधन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा कार्य स्थलों में सैनिटाइजेशन, लोगों को फेस मास्क पहनने के लिए संवेदनशील बनाना और सोशल डिस्टेंसिंग आदि को बनाए रखने पर जोर दे रही है ताकि कोविड-19 के खतरे से बचाव हो सके।
सेल-बीएसपी द्वारा निष्पादन गति में निरंतर श्रेष्ठ वृद्धि की कड़ी में जहाँ ब्लास्ट फर्नेस-8 ने प्रथम तिमाही अवधि के दौरान 11,84,660 टन हाॅट मेटल का सर्वश्रेष्ठ संचयी उत्पादन किया, वहीं सभी ब्लास्ट फर्नेसों ने संयुक्त रूप से प्रथम तिमाही के मुकाबले में द्वितीय तिमाही में कुल हाॅट मेटल के उत्पादन में 48.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
जहाँ संयंत्र के एसएमएस-3 ने प्रथम तिमाही की अवधि में 8,87,128 टन सर्वाधिक कास्ट स्टील उत्पादन का कीर्तिमान रचा, वहीं दोनों स्टील मेल्टिंग शाॅप्स, एसएमएस-2 एवं एसएमएस-3 ने प्रथम तिमाही की तुलना में द्वितीय तिमाही में कुल क्रूड स्टील उत्पादन में 47.3 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। जिसमें प्रथम तिमाही की तुलना में द्वितीय तिमाही में एसएमएस-2 से 64 प्रतिशत और एसएमएस-3 से 33.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है।
संयंत्र ने यूनिवर्सल रेल मिल और रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल दोनों से वित्तवर्ष 2019-20 के प्रथम छमाही (अपै्रल से सितम्बर) के 5,89,391 टन पिछले सर्वश्रेष्ठ के मुकाबले वर्तमान वित्तवर्ष 2020-21 के प्रथम छमाही में 5,94,983 टन प्राइम रेल्स का सर्वाधिक उत्पादन किया है। जबकि यूआरएम ने 2019-20 के प्रथम छमाही अवधि में 2,38,842 टन के पिछले सर्वश्रेष्ठ के मुकाबले वर्तमान वित्तवर्ष 2020-21 की इसी अवधि में 2,95,228 टन प्राइम रेल्स का सबसे अधिक उत्पादन दर्ज किया। यूआरएम और आरएसएम दोनांे ने संयुक्त रूप से प्रथम तिमाही की तुलना में द्वितीय तिमाही में यूटीएस 90 प्राइम रेल्स के कुल उत्पादन में 25.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। जिसमें प्रथम तिमाही की तुलना मंें द्वितीय तिमाही में आरएसएम से 11.4 प्रतिशत और यूआरएम से 37 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है।
संयंत्र के बार एवं रॉड मिल ने वर्तमान वित्तवर्ष के दौरान सेल सिक्योर टीएमटी उत्पादों के नए ग्रेड को विभिन्न मापदंडों में रोलिंग किया है। वर्ष 2019-20 के प्रथम छमाही में 40,503 टन की तुलना में वर्तमान वित्तवर्ष के प्रथम छमाही में 1,25,176 टन उच्चतम उत्पादन दर्ज किया है।
संयंत्र की अन्य फिनिशिंग मिल्स में, मर्चेंट मिल को प्रथम तिमाही के अपै्रल महीने में प्रचालित नहीं किया गया और वायर रॉड मिल को मई और जून-2020 में प्रचालित नहीं किया गया। मर्चेन्ट मिल ने प्रथम तिमाही की तुलना में द्वितीय तिमाही में 246.7 प्रतिशत का उत्पादन वृद्धि दर्ज किया। जबकि वायर राॅड मिल ने 140.3 प्रतिशत उत्पादन वृद्धि दर्ज की। दूसरी ओर प्लेट मिल जो प्रथम तिमाही के तीनों महीनों के दौरान प्रचालन से बाहर रही, प्रथम छमाही अवधि में 2,17,000 टन का उत्पादन किया।
संयंत्र ने वर्तमान वित्तवर्ष के प्रथम तिमाही के मुकाबले कुल फिनिश्ड इस्पात और विक्रेय योग्य इस्पात उत्पादन में क्रमशः 102.7 प्रतिशत और 58.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

राज्य के 97.80 प्रतिशत प्रवासी श्रमिकों को मिला राशन
शत-प्रतिशत श्रमिकों को मिली क्वारंटाइन सुविधा
श्रमिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन, नगद सहायता, कृषि ऋण,
मनरेगा में रोजगार सहित मिली कई सुविधाएं

रायपुर / शौर्यपथ / लॉकडाउन के दौरान लौटे प्रवासी श्रमिकों को सुविधाएं देने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल राज्य रहा है। यह निष्कर्ष इंटरफेरेंशियल सर्वे स्टेटिक्स एण्ड रिसर्च फाउंडेशन (आईएसएसआरएफ) द्वारा किए गए सर्वे में सामने आया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य में प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न प्रकार की सुविधा देने के लिए तेजी से कदम उठाए और अनेक श्रमिक हितैषी निर्णय लिए गए।
इंटरफेरेंशियल सर्वे स्टेटिक्स एण्ड रिसर्च फाउंडेशन ने देश के छह प्रमुख प्रवासी श्रमिकों की वापसी वाले राज्यों छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सर्वे किया। जो लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को उपलब्ध कराई गई आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाओं पर केन्द्रित रहा।
छत्तीसगढ़ में लौटे शत-प्रतिशत प्रवासी श्रमिकों को क्वारेंटाईन की सुविधा उपलब्ध कराई गई, 97.80 प्रतिशत प्रवासी श्रमिकों को पात्रतानुसार निःशुल्क और रियायती दरों पर राशन दिया गया, इसी तरह श्रमिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन, नगद सहायता, कृषि और मनरेगा में रोजगार और कृषि ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। छत्तीसगढ़ श्रमिकों को निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन देने के मामले में सर्वेक्षित राज्यों में पहले स्थान पर है।
यह सर्वे बिलासपुर, दंतेवाड़ा, जशपुर, महासमुंद और राजनांदगांव की 99 ग्राम पंचायतों में किया गया। जिसमें पांच सौ से अधिक प्रवासी श्रमिकों को शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ में किए गए सर्वे में बिलासपुर जिले की 28, दंतेवाड़ा की 15, जशपुर की 20, महासमुंद की 19 और राजनांदगांव की 17 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों में 30 जून से 28 जुलाई के बीच सर्वेक्षण किया गया।
सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। पहली श्रेणी में गैर कृषि कार्य में संलग्न श्रमिक, जो 52.98 प्रतिशत स्किल्ड हैं और दूसरी श्रेणी में आयरन और वेल्डिंग, फेब्रीकेशन कार्यों में 40.43 प्रतिशत स्किल्ड हैं। कुशल श्रमिकों में छत्तीसगढ़ का योगदान एक तिहाई है। छत्तीसगढ़ से 63.94 प्रतिशत श्रमिक कंस्ट्रक्शन, पाइंप कटिंग वर्क में स्किल्ड हैं।
आईएसएसआरएफ द्वारा ‘ऑन माइग्रेन वर्कस‘ विषय पर किए गए सर्वे में शहरों से गांव में लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों पर लॉकडाउन के दौरान उनकी आजीविका और उनकी स्थित पर पड़ने वाले प्रभावों का छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 34 जिलों में अध्ययन किया गया।

दुर्ग / शौर्यपथ / सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त वाहन का बीमा दावा भुगतान करने से बीमा कंपनी ने इंकार कर दिया, इसे सेवा में निम्नता पाते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर 2 लाख 31 हजार रुपये हर्जाना लगाया।

ग्राहक की शिकायत
टाटीबंध रायपुर निवासी रमाकांत यादव का ट्रक सड़क दुर्घटना में दिनांक 11 जनवरी 2018 क्षतिग्रस्त हो गया। जिसकी पुलिस में सूचना देने के बाद वाहन को रिपेयर करवाया गया एवं वाहन में आए खर्च संबंधी बिल व रसीदों को बीमा कंपनी में जमा कर क्लेम फॉर्म जमा कराया गया लेकिन बीमा कंपनी ने दावा राशि का भुगतान नहीं किया।

बीमा कंपनी जवाब
बीमा कंपनी ने फोरम के समक्ष उपस्थित होकर कहा कि परिवादी ने अपने वाहन को दुर्घटना दिनांक से काफी पहले रामेश्वर यादव नामक व्यक्ति को विक्रय कर कागजात सौंप दिए थे। परिवादी घटना दिनांक को क्षतिग्रस्त वाहन का ना तो स्वामी था, ना ही कब्जाधारी था। परिवादी ने वाहन का बीमा कराते समय इस तथ्य को छुपाया और वाहन के विक्रय की लिखित सूचना आरटीओ कार्यालय और बीमा कंपनी नहीं दी। घटना दिनांक को परिवादी का वाहन में बीमा हित नहीं होने के कारण उसे बीमा दावा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। परिवादी के प्रति किसी प्रकार से सेवा में कोई कमी नहीं की गई है।


फोरम का फैसला
प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों एवं प्रमाणों के आधार पर जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने उपभोक्ता के प्रति बीमा कंपनी द्वारा सेवा में निम्नता का कृत्य किया जाना प्रमाणित पाया। आयोग ने विचारण के दौरान यह अभिनिर्धारित किया कि जिस व्यक्ति के नाम पर वाहन पंजीकृत है उसे ही मोटर व्हीकल एक्ट के प्रयोजनों के लिए वाहन का मालिक माना जाता है और पंजीकृत स्वामी के नाम पर ही बीमा करके बीमा पॉलिसी जारी की गई है इस कारण बीमा अवधि में हुई दुर्घटना से क्षति के परिणाम स्वरुप उत्पन्न दावे के लिए बीमा कंपनी उत्तरदायी है। बीमा कंपनी अपने दायित्व से बच नहीं सकती। परिवादी पंजीकृत वाहन स्वामी होने के साथ-साथ बीमा पालिसीधारक है, इसलिए वाहन में उसका बीमा हित विद्यमान है और वह बीमा दावा प्राप्त करने का अधिकारी है।


हर्जाना राशि
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने संयुक्त रूप से फैसला सुनाते हुए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर 2 लाख 31 हजार रुपये हर्जाना लगाया, जिसके तहत बीमा दावा राशि 210000 रुपये, मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति स्वरूप 20000 रुपये तथा वाद व्यय के रुप में 1000 रुपये देना होगा एवं दावा राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा।

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिला प्रशासन द्वारा अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही प्रशासन की कार्यशैली का हिस्सा है किन्तु क्या यह कार्य शैली सरकार की नीतियों का विरोध नहीं कर…
राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बिलासपुर को ‘स्टेट सेंटर ऑफ एक्सिलेंस‘ का दर्जाछत्तीसगढ़ को पहली बार खेलों के विकास में मिली बड़ी उपलब्धियां खेल सुविधाओं और खिलाडि़यों के प्रशिक्षण का बड़ा…

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने शारदीय नवरात्रि के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की है कि मां दुर्गा की आराधना एवं उपासना का यह पर्व प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि लेकर आए। राज्यपाल ने इस अवसर पर अपील की है कि इस कोरोना काल में शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप त्यौहार मनाएं और अपने और अपने परिवार का ध्यान रखें।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने सबके जीवन में सुख,समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। नवरात्रि की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि शक्ति उपासना के इस पर्व में 9 दिनों तक पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है,श्रद्धालु व्रत रखते हैं और कन्या पूजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि देवी को शक्ति, नारी, मां, बुद्धि और लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है।
नवरात्रि आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। इस अवसर पर हम सभी महिलाओं के मान-सम्मान,गौरव को बनाए रखने और उनके विरूद्ध हिंसा के विरोध का संकल्प लें। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि त्यौहार के दिनों में हम सभी को कोरोना संक्रमण के प्रति अधिक सावधान होने की जरूरत है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से अपील की है कि अधिक भीड़-भाड़ से बचें और कोरोना से बचाव के लिए जारी सभी दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

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