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कलेक्टर ने ली जिला समन्वय समिति की बैठक
मुंगेली / शौर्यपथ / राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम व कृमि मुक्ति दिवस के तहत सामूहिक दवा सेवन 10 अगस्त से 16 अगस्त तक किया जाएगा। कलेक्टर श्री राहुल देव ने बुधवार को जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जिला समन्वय समिति की बैठक लेकर जिले में फाईलेरिया उन्मूलन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर फाइलेरिया रोग के नियंत्रण और इससे बचाव हेतु लोगों को जागरूक करें। फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन गतिविधि के पूर्व ग्रामवार-विकासखण्डवार सूक्ष्म कार्ययोजना की तैयारी, मैदानी स्तर पर जनसंख्या के आधार पर दवा उपलब्धता, उप स्वास्थ्य केन्द्रवार फाईलेरिया प्रकरण की लिस्टिंग एवं मैपिंग, दवा वितरक का चयन, प्रशिक्षण, रैपिड रिस्पांस दल का गठन आदि गतिविधियां समयावधि में पूर्ण किया जाए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. देवेन्द्र पैकरा ने बताया कि जिले में ट्रांसमिसन असेसमेंट सर्वे के पूर्व रात्रिकालीन माइक्रो-फाईलेरिया सर्वे गतिविधि के दौरान लोरमी विकासखण्ड में माइक्रो-फाईलेरिया दर 01 से अधिक पाया गया है। माइक्रो-फाईलेरिया दर 01 से अधिक पाए गए विकासखण्डों में दो बार सामूहिक दवा सेवन के पश्चात पुनः ट्रांसमिसन असेसमेंट सर्वे किया जाएगा। सामूहिक दवा सेवन गतिविधि के दौरान दवा सेवन कराने वाले ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा दी जाने वाली दवाईयां घर-घर जाकर डाट्स पद्धति के अनुसार अपने समक्ष खिलाई जाए। दवा खाली पेट नहीं दी जाए एवं घर में न छोड़ जाए। दवा सेवन कराने वाले ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा फाईलेरिया से बचाव, दवा सेवन से लाभ तथा बीमारी से होने वाली जटिलताओं के बारे में भी पूर्ण जानकारी दिया जाए। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे, श्री अजीत पुजारी, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रवीण तिवारी सहित तीनों अनुविभागों के एसडीएम, जिला मलेरिया अधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
फाइलेरिया के लक्षण एवं बचाव हेतु सावधानी
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार डाॅ. स्नेहलता ने बताया कि फाईलेरिया निमेटोड परजीवियों की वजह से होता है। निमेटोड परजीवी, मच्छरों और अन्य खून पीने वाले जीवों या कीट की मदद से व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करते हैं और फिर फाईलेरिया हो जाता है। फाईलेरिया के लक्षण हाथ व पैर में सूजन व हाईड्रोसील (अण्डकोष में सूजन) है। फाईलेरिया का संक्रमण होने पर बार-बार बुखार आने की समस्या हो सकती है। फाईलेरिया का संक्रमण होने पर शरीर में लगातार खुजली की समस्या बनी रह सकती है। लगातार खुजली होने पर डॉक्टर से संपर्क कर सलाह जरूर लेनी चाहिए। फाईलेरिया के फैलने की मुख्य वजह मच्छर हैं, इसलिए उनसे बचाव करना जरूरी है। घर के आस-पास सफाई रखें, ताकि मच्छर अपना प्रभाव नहीं डालें।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
