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राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ के पूर्व घोषित निर्णय के अनुसार जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका बहनें जिला कार्यालय के समक्ष दोपहर 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना दिया। इसके बाद विशाल रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुॅची, जहां जबर्दस्त नारेबाजी के मध्य जिलीधीश के प्रतिनिधि के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा गया।
इसके पूर्व धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका संघ के प्रदेश प्रभारी योगेशदत्त मिश्रा ने प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार को आड़े हाथों लेते हुये उनके द्वारा चुनाव पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ किये गये वायदें को याद दिलाते हुये कहा कि राज्य सरकार के वर्तमान मुखिया ने उस दौरान अपने चुनाव घोषणा पत्र में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया था कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका बहनों को न्यूनतम वेतन दिया जायेगा। किन्तु सरकार बनने के दो साल बाद भी राज्य सरकार द्वारा इस तरह का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
मिश्रा ने सरकार पर वादा-खिलाफी का आरोप लगाते हुये कहा कि उस पर तुर्रा यह कि अक्टूबर 2018 में केन्द्र सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के वेतन वृद्धि का श्रेय खुद लेने की कोशिश करते हुये उस बढ़ोत्तरी को अपनी सरकार की बढ़ोत्तरी बताकर झूठा श्रेय लेने का प्रयत्न कर रहे है, जबकि केन्द्र सरकार की उक्त बढ़ोत्तरी के 9 महीने बाद बढ़ाये गये वेतनमान को छत्तीसगढ़ राज्य में लागू किया गया है। अतः राज्य सरकार को पहले उन 9 महीनों का एरियर्स देना चाहिये और झूठा श्रेय लेने के बजाय अपने चुनाव घोषणा पत्र में किये गये वादे के अनुरूप न्यूनतम वेतन लागू करना चाहिये। अन्यथा राज्य सरकार को इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगें।
मिश्रा ने आगे कहा कि आज का यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन देशभर के सभी जिला केन्द्रों में आयोजित किया गया हैं, जहां से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को मांग पत्र देकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने सामाजिक सुरक्षा देने, न्यूनतम वेतन 18000 रूपये प्रतिमाह देने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत देश के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो को प्राथमिक पाठशाला की मान्यता देने, इसमें कार्यरत कार्यकर्ता, मिनीकार्यकर्ता व सहायिकाओं को प्री-प्रायमरी शिक्षिका का दर्जा देने, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेजुएटी, चिकित्सा सुविधा देने तथा अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश व त्यौहारों पर छुट्टियॉ देने की मांग की गई है।
भामसं द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार रैली में प्रमुख रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिलाध्यक्ष हेमीन भगत, सचिव चित्ररेखा, जिलामंत्री विष्णुदास साहू, मीनाक्षी, अल्का, अनीता ठाकुर, शारदा धु्रव, रूखमणी वैष्णव, उमा ठाकर, अमरीका बाई, उत्तरा साहू, चित्ररेखा डोंगरे, पुष्पा धु्रव, खेमा झा, गजानंद मिश्रा, नरेश राम साहू तथा पुनाराम सहित सैकड़ो की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका उपस्थित थें।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
