
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री शाहिद भाई ने भाजपाइयों के द्वारा किसानों को मिलने वाली राशि के संबंध में भ्रम फैलाने की नीति पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपाई पहले अपने 15 वर्षीय कुशासन के दौर में किसानों के साथ 21 सौ समर्थन मूल्य एवं 3 सौ रूपये बोनस की बात पर चिंतन कर सच्चाई पता करें उसके बाद किसान हितैषी होने का दंभ भरे।
प्रदेश महामंत्री शाहिद भाई ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जब से भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार आई है तब से किसानों की दशा सुधारने एवं उन्हें उनके फसल का वाजिब हक देने एवं जन घोषणा पत्र में किसानों से किए गए वायदे को पूरा करने का कार्य कर चुकी है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत राज्य के किसानों को धान का समर्थन मूल्य 25 सौ रु देने की घोषणा की गई तब केंद्र में बैठी मोदी सरकार धान खरीदी में अड़ंगा लगाते हुए छत्तीसगढ़ के किसानों को 25 सौ रु ना मिल सके, ऐसी साजिश रच कर सेंट्रल पूल का चावल नहीं खरीदने का फरमान जारी कर दिया था, लेकिन छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों को उनका हक देने के लिए दृढ़-संकल्पित थी जिसके कारण केंद्र के गतिरोध के बाद भी अपना वादा निभाते हुए किसानों को राशि वितरित की गई। अब जब कोरोना संक्रमण काल के दौर में किसानों को धान का समर्थन मूल्य मोटा के लिए 1815 रूपये एवं पतला 1835 रूपये तो दिया गया, लेकिन केंद्र सरकार के दबाव के चलते छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को 10 हजार प्रति एकड़ देने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना 21 मई 2020 से प्रारंभ की गई, इस योजना के अंतर्गत किसानों को उनके आवश्यकता के अनुसार चार किस्तों में राशि का भुगतान किया गया जिसमें मोटा धान 1815 रूपये भुगतान करने के बाद शेष 685 रूपये रुपए की दर से इसी प्रकार 1835 रूपये पतला धान भुगतान करने के बाद 665 रूपये अंतर की राशि किसानो दिए हैं यहां यह स्प्ष्ट करना जरूरी है कि किसानों को अंतर की राशि का भुगतान करते समय छत्तीसगढ़ सरकार ने मोटा धान बेचने वाले किसानों को 275 रुपए की राशि अधिक प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को उनके वाजिब हक की राशि में बिना कटौती कर भुगतान की है जिसका प्रमाण मोटा धान बेचने वाले किसानों को मिली राशि से हो जाता है, वहीं इसके विपरीत छत्तीसगढ़ में जब 15 साल भाजपा की सरकार थी और उनके घोषणा पत्र में किसानों को समर्थन मूल्य 21 सौ और 300 रु बोनस देने की बड़ी-बड़ी बातें तो की थी लेकिन 15 वर्ष के अपने कुशासन में इनके द्वारा मात्र चुनावी वर्ष में 3 साल का ही बोनस दिया गया था, जबकि प्रति किसान को बोनस की राशि ही 1 वर्ष में ?45 सौ रु प्रति एकड़ मिलनी थी, उसके हिसाब से 15 वर्ष में प्रत्येक किसान को 67500 रुपए की राशि प्रति एकड़ मिलना था, लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों के साथ अन्याय करते हुए चुनावी वर्षो में मात्र 900 रु लगभग की राशि का भुगतान कर शेष लगभग 66600 रु हड़पने की नियत से किसानों को भुगतान नहीं कराया सबसे बड़ी विडंबना यह है कि राज्य और केंद्र में भी भाजपा की सरकार रहने के बाद राज्य सरकार ने किसानों के धान का समर्थन मूल्य 21 सौ रूपये करने की कोई पहल ना कर अपनी किसान विरोधी चेहरे को उजागर किया था, अब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार आने के बाद किसानों के चेहरे खिलने लगे हैं, तब ऐसी दशा में भाजपाइयों के पेट में दर्द होने के साथ-साथ किसानों को भड़काने की नाकाम कोशिश में भाजपा के लोग लगे हुए हैं, जिस पर उन्हें कोई सफलता मिलने वाली नहीं है। भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण ही राज्य की जनता ने उन्हें उंगलियों में गिनने मात्र 14 विधायक की संख्या में सीमित कर दिया है। राज्य सरकार ने किसान न्याय योजना की राशि का आवश्यक अवसर पर वितरित कर किसानों को आर्थिक भार की चिंता से भी मुक्त कराया है, जैसे योजना लागू होने पर प्रथम किस्त 21 मई को व रोपा बयासी के समय अगस्त माह में 20 तारीख को दूसरा किस्त राज्योत्सव के पावन अवसर पर 1 नवंबर को तीसरा किस्त व अंतिम किस्त होली त्यौहार के पूर्व भुगतान कर किसान और उनके परिवार को रंगों से खुशहाल करने का काम छत्तीसगढ़ सरकार ने करते हुए अपना किसान हितेषी और किसान न्याय योजना की सार्थकता को अक्षरसः साबित किया है।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
