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दुर्ग । शौर्यपथ । ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से खरीदा गया मोबाइल वारंटी अवधि में खराब हुआ तो उसे सुधारा नहीं गया। समस्याग्रस्त मोबाइल बेचने और उसमें सुधार नहीं करने के लिये निर्माता कंपनी पैनासोनिक इंडिया, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट एवं सुपेला भिलाई स्थित सर्विस सेंटर आरवी सोलुशन को जिला उपभोक्ता फोरम दुर्ग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने व्यवसायिक कदाचरण एवं सेवा में निम्नता का जिम्मेदार माना और 15 हजार रुपये हर्जाना लगाया।
ग्राहक की शिकायत
परिवाद के मुताबिक कैंप 1 भिलाई निवासी ओमप्रकाश साहू ने पैनासोनिक इंडिया कंपनी का मोबाइल ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से दिनांक 23 अप्रैल 2017 को 8999 रुपये में खरीदा था, जिसमें कंपनी द्वारा 1 वर्ष की वारंटी प्रदान की गई थी लेकिन मोबाइल में खरीदने के बाद ही समस्या आनी शुरू हो गई। मोबाइल हैंग हो जाता था और अपने आप बंद हो जाता था, जिससे परेशान होकर परिवादी ने उसे भिलाई स्थित सर्विस सेंटर आरवी सोलुशन के पास दिखाया तब सर्विस सेंटर द्वारा मोबाइल का सॉफ्टवेयर अपडेट कर परिवादी को वापस कर दिया गया। मोबाइल में बार-बार खराबी आने लगी मोबाइल की समस्या लेकर परिवादी 12 जून 2017, 22 जून 2017, 09 जुलाई 2017 तथा 28 जुलाई 2017 को सर्विस सेंटर गया लेकिन कुछ दिन चलने के बाद मोबाइल पुनः खराब हो जाता था। अंत में दिनांक 20 सितंबर 2017 को मोबाइल के टच पैनल ने काम करना बंद कर दिया और मोबाइल हैंग होने लगा, जिसके बाद सर्विस सेंटर ने मोबाइल को सुधारने के लिए अपने पास रखा लेकिन कोई समाधान नहीं किया। जिसके बाद परिवादी ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली।
अनावेदकगण का जवाब
प्रकरण में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट ने कहा कि उसका काम विक्रेताओं से सामान लेकर क्रेता तक पहुंचाने का है। मोबाइल में यदि कोई त्रुटि थी तो उसके लिए निर्माता कंपनी के सर्विस सेंटर से संपर्क किया जाना था। सर्विस सेंटर ने लिखित जवाब दिया कि परिवादी जितनी बार मोबाइल लेकर सर्विस सेंटर आया उसे उतनी बार भली-भांति सुधार कर दिया गया था। ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से क्रय किए गए मोबाइल की जवाबदारी ऑनलाइन विक्रेता कंपनी तथा निर्माता कंपनी की होती है।
फोरम का फैसला
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये एवं लता चंद्राकर ने प्रकरण में पेश दस्तावेजों और तर्कों के आधार पर यह पाया कि मोबाइल सुधार के समय जारी किए गए कस्टमर डिटेल से मोबाइल के सर्विस सेंटर में बनने के लिए बार-बार दिए जाने की पुष्टि होती है। मोबाइल में हैंग होने और बार-बार बंद होने जैसी समस्याएं थी। कंपनी द्वारा परिवादी को नया मोबाइल प्रदान करने की पेशकश से भी इस बात की पुष्टि होती है कि परिवादी द्वारा खरीदे गए मोबाइल में निर्माणगत त्रुटि थी। जिसका निदान करने में अनावेदकगण असफल रहे थे। मोबाइल खरीदने के 3 महीने में वारंटी अवधि में ही हैंग होने लगा था जिसे सुधार कर देने में अनावेदकगण असफल रहे। कंपनी द्वारा किए गए दावे के अनुसार मोबाइल नहीं था, परिवादी के साथ व्यवसायिक कदाचरण किया गया है।
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये एवं लता चंद्राकर ने मोबाइल की कीमत 8999 रुपये, मानसिक क्षतिपूर्ति स्वरूप 5000 रुपये, तथा वाद व्यय के रूप में 1000 रुपये कुल मिलाकर 14999 रुपये निर्माता कंपनी पैनासोनिक इंडिया, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट एवं सुपेला भिलाई स्थित सर्विस सेंटर आरवी सोलुशन पर हर्जाना लगाते हुए एक माह के भीतर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित परिवादी को अदा करने का आदेश दिया।
दुर्ग । शौर्यपथ । अवैध व्यापार पर लगाम लगाने में दुर्ग निगम सदैव से उदासीन रहा । शहर के पटरी पार इलाके में पिछले साल भी सालो से चल रहे पानी पाउच की फैक्ट्री पर निगम द्वारा समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद कार्यवाही की गई । अब एक नया मामला सामने आया है । पटरी पार क्षेत्र में स्थित कादंबरी नगर में सेव नमकीन की फैक्ट्री संचालित है । आवासीय क्षेत्र में संचालित इस उद्योग के मालिक का कहना है कि शासन से सभी अनुमति प्राप्त है । हो सकता है अनुमति भी मिली हो किन्तु आवासीय इलाके में शासन से सेव , नमकीन उद्योग के लिए अनुमति किस आधार पर प्राप्त हुई .
आवासीय क्षेत्र में व्यापार ...
प्राप्त जानकारी के अनुसार आनंद नमकीन ( राज फ़ूड प्रोडक्ट ) कादंबरी नगर के दो मंजिला आवास में सेव / मिक्स्जर की एक छोटी सी फेक्ट्री है . जिसमे 10 से 12 लोगो के काम करने की भी खबर है . आवासीय क्षेत्र में नमकीन फेक्ट्री में . नमकीन के निर्माण में भट्टी का भी उपयोग होता है ऐसे में आवासीय क्षेत्र में क्या संचालक द्वारा अग्नि शमन , प्रदुषण आदि के नियमो का पालन किया जाता है . जाँच का विषय यह भी है कि जिस भवन में यह संस्था संचालित है उस भवन का निगम को टेक्स आवासीय के रूप में दिया जाता है साथ ही इस भवन में संचालित संस्था को निगम के लाइसेंस विभाग द्वारा व्यापार करने की अनुमति भी प्राप्त है .
होनी चाहिए लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारी की जाँच
आनंद नमकीन एक आवासीय परिसर में संचालित है और इसे गुमास्ता लाइसेंस निगम दुर्ग में ज़ारी हुआ है साथ ही ट्रेड लाइसेंस भी दुर्ग निगम द्वारा जारी हुआ है . आवासीय परिसर पर लघु उद्योग के रूप में संचालित संस्था को लाइसेंस देते समय तात्कालिक अधिकारी द्वारा आखिर किस पैमाना के तहत ट्रेड व गुमास्ता लाइसेंस जारी किया गया है यह भी जाँच का विषय है क्या तात्कालिक लाइसेंस प्रभारी दुर्गेश गुप्ता द्वारा मामले को संज्ञान में लेकर मामले की निष्पक्ष जाँच की जाएगी और दोषी सम्बंधित अधिकारियों पर निगम प्रशासन कार्यवाही करेगा .
बड़ा सवाल ...
सालो से लघु उद्योग संचालित इस भवन में आखिर शासन के किन किन नियमो के तहत निरिक्षण कर अनुमति प्रदान की गयी. भवन के आधे हिस्से का व्यावसायिक उपयोग करने वाले संचालक द्वारा आखिर व्यवसायिक भवन का आवासीय टेक्स देकर शासन को अँधेरे में रखा जा रहा है क्या निगम प्रशासन मामले को संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्यवाही करेगा ?
बता दे कि परिसर के आज बाजू आवासीय इलाका है साथ ही प्रथम तल में जो फेक्ट्री संचालित है उसके भूतल में निवास स्थान है । बता दे कि सेव फेक्ट्री में बड़ी बड़ी भट्टियों का उपयोग होता है इस स्थिति में सुरक्षा मानकों का भी विशेष ख्याल रखना पड़ता है । क्या आवासीय कॉलोनी में इस तरह के लघु उद्योग के लिए आवासीय बिल्डिग का व्यवसायिक उपयोग कर संचालन कर्ता द्वारा शासन की आंख में धूल झोंका जा रहा है ? क्या दुर्ग निगम मामले को संज्ञान में ले निष्पक्ष जांच व कार्यवाही करेगा ?
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिले भर के जनप्रतिनिधियों से कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन को लेकर चर्चा की। प्रदेश में लॉकडाउन में छूट देने के बाद की परिस्थितियों पर विचार विमर्श किया। प्रभारी मंत्री ने कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने और लॉकडाउन को लेकर जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे। इन सुझावों के आधार पर राज्य सरकार आगे की रणनीति तय करेगी।
वीडियो कांफ्रेंस के दौरान प्रभारी मंत्री अकबर से दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल ने दुर्ग जिले सहित पूरे प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढऩे पर चिंता जताते हुए कहा कि बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिएं ,कारोबार और व्यवसाय को बंद नहीं किया जा सकता है , इसके लिए ऐसे कदम उठाने होंगे जिससे बाजार में भीड़ ना हो साथ ही आम जनता को इस जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए आर्थिक गतिविधियों को चालू रखकर मास्क पहनना अनिवार्य करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने सहित सभी जरूरी सावधानियां बरतने ठोस कदम उठाना चाहिए। इससे बीमारी का संक्रमण रोकने में मदद मिलेगी .
महापौर बाकलीवाल ने कहा कि लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद लोग मास्क पहने बिना घर से बाहर निकल रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा है। अन्य सावधानी बरतना भी जरूरी है। ज्यादा देर तक दुकानें खुलने पर संक्रमण का खतरा बढ़ेगा। व्यवसायिक गतिविधियां जरूरी हैं। मार्केट के व्यवसायिक संस्थानों समेत सभी स्थानों की दुकानें खुलने का समय कम करते हुए नियमों का पालन कड़ाई से होना चाहिए। बाकलीवाल ने साप्ताहिक बाजारों को भी बंद रखने पर जोर दिया है। बाकलीवाल ने कहा कि महामारी फैलने से लोगों का जीवन बचाने जरूरी होने पर 14 या 21 दिनों का पूर्ण लाकडाउन भी लागू करने के विकल्प पर भी विचार करना चाहिए।
कोरोना पेशेंट के साथ परिजनों के लिए बने क्वारेंटाइन सेंटर
बाकलीवाल ने एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर पेशेंट को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था होती है। पेशेंट के अस्पताल में भर्ती होने के बाद घर पर रहने वाले परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। महामारी से बचाव और डर के कारण आसपास के लोग कोरोना पॉजिटिव पेशेंट के परिजनों को बोर या नल से पानी लेने नहीं देते। उन्हें राशन दुकान से राशन न मिलने की जानकारी भी मिली है। बाकलीवाल ने कहा कि कोरोना पेशेंट के साथ उनके संपर्क में आने वाले परिजनों समेत अन्य लोगों के लिए अलग से क्वारेंटाइन सेंटर बनाया जाना चाहिए। जब तक सभी की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक परिजनों को भी क्वारेंटाइन सेंटर में रहने की व्यवस्था होना चाहिए। इससे पेशेंट के परिजनों को राहत और सुविधाएं मिलेगी।
// जिले के नागरिकों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने पहल,
// मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर कांफ्रेंस में दिये थे निर्देश, कहा है कि दुर्ग-भिलाई के नागरिकों को महानगरों की ओर नहीं करना पड़े रूख
// हफ्ते भर पहले भिलाई विधायक यादव ने रखी थी मांग
दुर्ग / शौर्यपथ / सेक्टर नौ हास्पिटल को अत्याधुनिक बनाने अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन मिलकर इसको अत्याधुनिक बनाने योजना बना रहे हैं, ताकि उसके पुरानी दिन वापस आ जाये और दुर्ग भिलाई के लोगों को महानगरों की ओर रूख नही करना पड़े। इसका निर्देश बुधवार को कलेक्टर प्रेस कांफ्रेस में कल मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिये थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गुरूवार को सुबह ही कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे इस उद्देश्य से सेक्टर 9 हॉस्पिटल पहुंचे और उन्होंने प्रबंधन के साथ बैठक में इस संबंध में लंबी चर्चा की। चर्चा के उपरांत यह तय हुआ कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल इस संबंध में प्लान बनाकर देगा। कलेक्टर ने बताया कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल में अधोसंरचना पर्याप्त है इसे अद्यतन किया जा सकता है। राज्य शासन की अनेक योजनाओं का लाभ लेकर यहां जिले के नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें सुनिश्चित की जा सकती हैं।
बैठक में सेक्टर 9 हॉस्पिटल प्रबंधन ने वर्तमान स्थिति, मानव संसाधन एवं अस्पताल में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की जानकारी दी। महानगरों के अस्पतालों की तुलना में प्रशिक्षित स्टाफ एवं अधोसंरचना की जानकारी भी दी। कलेक्टर ने कहा कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल देश का प्रतिष्ठित संस्थान है। इसकी स्थिति निरंतर बेहतर हो और यह देश के सबसे शीर्ष मेडिकल संस्थानों में से एक हो, इस दिशा में हम सबको मिलकर काम करना है ताकि दुर्ग जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतरीन हो। इस दिशा में जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग सेक्टर 9 हॉस्पिटल को किया जाएगा। चाहे मैनपावर के संबंध में हो, विशेषज्ञ चिकित्सकों के संबंध में हों अथवा किसी तरह से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने अन्य तरीके के प्रयोग हों, इस दिशा में अस्पताल प्रबंधन जो प्रस्ताव रखेगा। उस पर विचार कर राज्य शासन के मार्गदर्शन से इस पर प्रभावी अमल किया जाएगा। सेक्टर 9 हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. संजीव इस्सर ने विस्तार से इस संबंध में अपनी बात रखी और उपलब्ध अधोसंरचना के संबंध में अवगत कराया। इस दौरान बीएसपी के ईडी श्री दुबे एवं सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह के प्रस्ताव आने के बाद सहमति मिलने पर एमओयू हो सकेगा। इसके माध्यम से जिले के नागरिकों को भी बिना बाहर का रूख किए स्तरीय इलाज मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि चूंकि सेक्टर 9 हास्पिटल में प्रभावी अधोसंरचना पहले ही मौजूद है इसलिए यहां पर कुछ अतिरिक्त कदम उठाकर हम बेहतरीन स्वास्थ्य अधोसंरचना बना सकते हैं। इसका लाभ सेल एम्प्लाई को भी मिलेगा और दुर्ग के नागरिकों को भी इसका पूरा लाभ मिल पाएगा। उल्लेखनीय है कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल में 800 बेड की सुविधा है। अस्पताल की बड़ी क्षमता को देखते हुए इसे अद्यतन करने अतिरिक्त योजना के क्रियान्वयन होने पर जिले की बडी आबादी को पहले से ज्यादा लाभ मिल सकता है।
एक सप्ताह पूर्व विधायक देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री से की थी मांग
बहुत जल्द पब्लिक सेक्टर यूनिट के सबसे बड़े अस्पताल भिलाई के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल सेक्टर-9 की जो तस्वीर बदलने जा रही है। इसकी पहल एक सप्ताह पूर्व भिलाई के विधायक एवं महापौर देवेन्द्र यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश से इस अस्पताल को फिर से प्रतिष्ठित अस्पताल बनाये जाने की मांग की थी। लोग ये सवाल कर रहे हैं कि आखिर सरकार ने कैसे सेक्टर-9 अस्पताल की सुध ली है? इसके पीछे भिलाई नगर विधायक देवेंद्र का हाथ है। इसके अलावा देवेंद्र ने सेक्टर-9 अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग की थी। देवेंद्र ने तब तर्क देते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और भिलाई के सबसे बड़े हॉस्पिटल सेक्टर-9 हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा देना चाहिए। बीएसपी द्वारा सन 1955 से संचालित है। यहां भिलाई स्टील प्लांट के कर्मियों के अलावा प्रदेश व देशभर के लोग उपचार कराने के लिए आते हैं। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने से काफी सुविधाएं बढ़ेंगी। देवेंद्र की इस पहल के बाद कल कलेक्टर कान्फ्रेंस मीटिंग में सीएम भूपेश ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को निर्देश दिए कि सेक्टर-9 अस्पताल को पहले की तरह अपग्रेड किया जाए। इसके लिए रोडमैप बनाए। जो भी जरूरी चीजों की आवश्यकता होगी, उसके लिए सेल प्रबंधन से बात करें और सरकार भी मदद करेगी।
देवेन्द्र यादव ने सीएम से मिल जताया आभार
भिलाई विधायक एवं महापौर देवेन्द्र यादव ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। इस दौरान श्री यादव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सेक्टर हॉस्पिटल का सुध लेने एवं उसको अत्याधुनिक अस्पताल बनाने के लिए संज्ञान मेंं लेने पर आभार जताया। बता दें कि सेक्टर-9 अस्पताल को फिर से जनउपयोगी बनाने विधायक व महापौर देवेन्द्र यादव ने पहल की थी। देवेंद यादव ने 2 जून को भूपेश सरकार से सेक्टर-9 अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग की थी। देवेंद्र ने तब तर्क देते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और भिलाई के सबसे बड़े हॉस्पिटल सेक्टर-9 हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा देना चाहिए। बीएसपी द्वारा सन 1955 से संचालित है। यहां भिलाई स्टील प्लांट के कर्मियों के अलावा प्रदेश व देशभर के लोग उपचार कराने के लिए आते हैं। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने से काफी सुविधाएं बढ़ेंगी। देवेंद्र की इस पहल के बाद कल कलेक्टर कान्फ्रेंस मीटिंग में सीएम भूपेश ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को निर्देश दिए कि सेक्टर-9 अस्पताल को पहले की तरह अपग्रेड किया जाए। इसके लिए रोडमैप बनाए। जो भी जरूरी चीजों की आवश्यकता होगी, उसके लिए सेल प्रबंधन से बात करें और सरकार भी मदद करेगी।
दुर्ग / शौर्यपथ / विधायक अरुण वोरा की पहल पर जिला चिकित्सालय दुर्ग के सर्जिकल वार्ड के जीर्णोद्धार हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास निधि से 1.5 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति मिली है। जिला अस्पताल में मरीजों के बढ़ते दबाव को देख कर लंबे समय से जर्जर भवन के संधारण की मांग उठ रही थी जिसके लिए पूर्व में 5.61 करोड की राशि डीएमएफ से स्वीकृत कराई थी जिससे नवीन ओपीडी भवन व सर्जिकल वार्ड के जीर्णोद्धार फेस 1 का कार्य निष्पादित किया गया था.
अब और राशि की आवश्यकता बताए जाने पर पिछले माह हुई खनिज न्यास की बैठक में प्रभारी मंत्री व समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अकबर से चर्चा कर अस्पताल के साथ ही साइंस कालेज दुर्ग में नए व पुराने भवन में पेयजल व्यवस्था के लिए भी 22 लाख की स्वीकृति न्यास निधि से स्वीकृत कराई गई है। दुर्ग जिला अस्पताल 500 बिस्तरों के साथ आस पास के क्षेत्रों का सबसे बडा चिकित्सालय है जहां सभी तरह के मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से भी अपना इलाज कराने आते हैं। 100 बिस्तर वाले जच्चा बच्चा अस्पताल व 20 बिस्तरों वाले ट्रॉमा सेंटर के नवीन भवन बनने के बाद पुराने भवन के जीर्णोद्धार की आवश्यकता थी।
रायपुर / शौर्यपथ / गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कोरोना बीमारी की संक्रमण की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने को कहा है। उन्होंने इस बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतने तथा देश के अन्य राज्यों से आए श्रमिकों एवं अन्य लोग जिन्हें क्वारेंटाईन सेंटरों में रखा गया हैं वे बाहर नहीं जाएं इसके लिए सरपंच, सचिव एवं पटवारी की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने क्वारेंटाईन सेंटरों में चाय, नाश्ता, भोजन-पानी और समुचित सुरक्षा व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं। मंत्री साहू ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गरियाबंद जिले के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों के जिला अधिकारियों से विभागवार योजनाओं की प्रगति और विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली।
मंत्री साहू ने जिले के पहुंच विहीन क्षेत्रों में बरसात के पहले खाद्यान्न का भण्डारण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि मानसून के पहले खाद और बीजों का पर्याप्त भण्डारण सुनिश्चित कर लें, ताकि किसानों को खाद, बीज की कमी नहीं हो। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी विकास के तहत लक्ष्य निर्धारित कर परिणाम मूलक कार्य करने को कहा। मंत्री श्री साहू ने निर्माण कर्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में आवागमन नहीं रूके और कोई भी गांव पहुंच विहीन नहीं रहे, इसके लिए जिन नदी-नलों पर पूल बनाना हो उसे चिन्हित करें और प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। उन्होंने लोक निर्माण, जल संसाधन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित विभिन्न निर्माण विभागों को आय का श्रोत बढ़ाने के लिए खाली पड़े शासकीय भूमि एवं अधिकारियों-कर्मचारियों के ऐसे आवासीय परिसर जो काफी पुराने और जीर्ण हो गए है उन स्थानों पर नये आवासीय कॉम्लेक्स के साथ ही शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाने को कहा, ताकि उन स्थानों का उपयोग नए आवास के साथ ही व्यवसायिक रूप से किया जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक में मंत्री साहू ने नियमित रूप से राशन दुकान खुलने, सूखा मध्यान भोजन और रेडी-टू-ईट वितरण, सही समय पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान, नदी किनारे और सड़कों के किनारे सघन वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस जवानों को अनुशासित रहने और आम जनता से अच्छा व्यवहार करने को कहा। उन्होंने भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों का त्वरित निराकरण, सिंचाई का रकबा बढ़ाने एनीकटों का रख-रखाव, फूड प्रोसेसिंग के लिए कार्य योजना, समर्थन मूल्य पर लघु वनोपजों की खरीदी, रोजगार सृजन, पेय जल, मौसमी बीमारियों से बचाव की तैयारी, पट्टा वितरण एवं नवनीकरण, डूबान क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां आवश्यक तैयारी, नदी-नालों की सफाई के साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत् समयसीमा में प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए।
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने आज जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरी बिल्डिंग देखी और एमसीएच तथा प्रस्तावित लेआउट प्लान देखा। उन्होंने प्रस्तावित लेआउट प्लान के बारे में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और सिविल सर्जन को मिलकर बैठने तथा बारीकियों पर विचारविमर्श करने कहा। उन्होंने कहा कि हास्पिटल के रिनोवेशन का कार्य अभी हो रहा है। यह ऐसा मौका है जिसमें तकनीकी पक्षों को पूरी तरह दृढता से देखने की जरूरत है ताकि कोई त्रुटि नहीं रह जाए। ऐसा स्ट्रक्चर तैयार हो जो आने वाले कई सालों तक उपयोगी बना रहे।
अस्पताल परिसर देखने में भी अच्छा हो और यहां नागरिक सुविधाएं भी अच्छी हों। अस्पताल के भीतर के पैसेज ऐसे हों जिससे पूरे परिसर में आवागमन में पेशेंट और उनके परिजनों के लिए आसानी हो। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे स्ट्रक्चर जिन्हें डिसमैंटल करने की जरूरत है उन्हें डिस्मैंटल करें। जिन्हें किसी दूसरे उपयोग में लाया जा सकता है उन्हें दूसरी तरह से उपयोग कर लें। जैसाकि प्रपोस्ड लेआउट में सुलभ शौचालय को हटाने का प्लान है क्योंकि यहां से काफी बदबू आसपास बिखरती है। कलेक्टर ने कहा कि यहां पर थो?ा रिनोवेशन कर ड्रग स्टोर बना सकते हैं क्योंकि बिल्डिंग में किसी तरह की दिक्कत नहीं है।
अस्पताल परिसर की सुंदरता के लिए थोडा सा लैंडस्केपिंग भी जरूरी है। जहां पैबर ब्लाक लगाए जाने हैं। वहां पैबर ब्लाक लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन इमारतों में सीपेज है उसे डिस्मैंटल किया जाए क्योंकि सरिया काफी समय पुराने होने से खराब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इमारत के फ्रंट पर भी थो?ा सा प्लान करें ताकि एन्ट्रेंस अच्छा लगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लेआउट प्लान में ऐसी चीजें करनी हैं जिससे काफी कम खर्च में अच्छा लुक आ जाए। जो बचत होगी, उसका इस्तेमाल अस्पताल की अधोसंरचना में और सुविधाएं ब?ाने पर खर्च किया जा सकता है। कलेक्टर ने कहा कि शौचालय बहुत अच्छे बनाएं। साफसफाई की मुकम्मल व्यवस्था रखें।
उन्होंने कहा कि दीवारों के टाइल्स हटाना जरूरी नहीं है। उन्हें वैसे ही रहने दिया जाए। फर्श की टाइल्स पर काम जरूरी है। ग्रील्स में जहां रंगरोगन की जरूरत है। रंगरोगन करें। अस्पताल का ड्रेनेज बहुत अच्छा होना चाहिए। कलेक्टर ने प्रस्तावित लेआउट में ओटी भी देखा। उन्होंने कहा कि अस्पताल के बेहतरीन फंक्शन के लिए जितनी जरूरत है उस दृष्टि से कार्य करें। कलेक्टर सभी वार्डों में भी घूमे और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल का रिनोवेशन कार्य गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। यह ऐसा हो कि न्यूनतम खर्च में अधिकतम अधोसंरचना उपलब्ध हो जाए। जहां पर गैरजरूरी खर्च लग रहा है उसे घटाया जा सकता है जो जरूरी चीजें हैं वो जो?ी जा सकती हैं। कलेक्टर के दौरे के दौरान सिविल सर्जन डॉ. बालकिशोर तथा पीडब्लूडी ईई अशोक श्रीवास सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के पुलिस को आज बड़ी कामयाबी मिली। पुलिस से दो शातिर चोरों को पकडकर उनके पास से 14 लाख रूपये नगदी सहित सोने चांदी के जेवरात बरामद की है।मामले में पुलिस ने आरोपी प्रकाश महिलांग व प्रमोद तांडी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इन दोनो चोरों ने जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से लंबा हाथ मारते हुए 6 जगहों पर चोरी की थी। ये सूने मकानों में चोरी करने में माहिर थे। चोरों ने थाना अमलेश्वर क्षेत्र में तीन, सुपेला थाना क्षेत्र में दो और जामुल थाना क्षेत्र में एक चोरी की है।
इस संंबंध में आज पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर -6 में एसपी अजय यादव ने एएसपी रोहित झा, एएसपी ग्रामीण लखन पटले की उपस्थिति में उक्त चोरी के प्रकरणों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 7 जून को वुड आईलैंड सिटी अमलेश्वर निवासी चंदन गोपलानी ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चंदन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनके घर से लगभग 14 लाख रुपए से अधिक नगद व तीन लाख रुपए के सोने चांदी के जेवर चोरी हो गए हैं। इस मामले में थाना अमलेश्वर में अज्ञात के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई। मामले की पतासाजी के दौरान पुलिस ने अमलेश्वर व करीबी जिले रायपुर के आसपास सैकड़ों सीसी टीवी फुटेज खंगाले और 100 से अधिक संदेहियों से की पूछताछ
एसपी अजय यादव ने बताया कि इसी कड़ी में मुखबिर से सूचना मिली कि चोर रायपुर के गोकुल नगर में देखा गया है। पुलिस ने संदेही को प्रकाश महिलांग को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में प्रकाश महिलांग ने अमलेश्वर वुड आईलैंड कॉलोनी 29 मई को विनोद सिंह के सूने मकान से व 4 जून को एक अन्य मकान में चोरी की। इसके अलावा भिलाई टाउनशिप में दो जगह, नेहरूनगर, स्मृति नगर च जामुल में अपने सहयोगी प्रमोद तांडी के साथ मिलकर चोरी करना बताया। प्रकाश के बताए अनुसार प्रमोद तांडी को भी गिरफ्तार किया गया और चोरी का मशरुका बरामद किया गया।
भिलाई / शौर्यपथ / स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के निदेशक कार्मिक अतुल श्रीवास्तव का 10 जून, को रात 10 बजे कार्डियक अरेस्ट से नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। श्री श्रीवास्तव का कोरोना रिजल्ट नेगेटिव आया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उन्हें 101़ बुखार डिग्री सेल्सियस था। इससे कारण जब उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, इसके बाद उन्हें कल शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने रात को डिनर किया और सोने चले गए। उन्हें देर रात कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिसके बाद उन्हें इमरजेंसी में शिफ्ट कर दिया गया, जहां डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। श्री श्रीवास्तव की इससे पहले भी एंजियोप्लास्टी हुई थी और उन्हें हृदय रोग, मधुमेह संबधित बीमारियां भी थीं। श्री श्रीवास्तव ने 12 मार्च, 2018 को सेल के निदेशक कार्मिक का कार्यभार संभाला। सेल में अपने 35 वर्षों से भी अधिक के लंबे कार्यकाल के दौरान, सेल के विभिन्न संयंत्रों समेत सेल कार्पोरेट ऑफिस में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभाये है।,
श्री श्रीवास्तव के निधन पर भिलाई इस्पात संयंत्र के सीईओ अनिर्बान दासगुप्ता सहित कार्यपालक निदेशक खदान एवं रावघाट मानस बिस्वास, निदेशक प्रभारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ एस के इस्सर, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) राकेश, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएँ) ए के भट्टा, कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) एस के दुबे, कार्यपालक निदेशक (वक्र्स) बी पी सिंह, डीआईजी, सीआईएसएफ यू के सरकार, सेफी चेयरमैन व ओए बीएसपी के अध्यक्ष एन के बंछोर तथा इन्टूक यूनियन के अध्यक्ष एस के बघेल एवं संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधकगण व वरिष्ठ अधिकारीगणों ने भी डिजिटली श्रद्धांजलि अर्पित की।
दुर्ग / शौर्यपथ / विधायक अरुण वोरा की पहल पर जिला चिकित्सालय दुर्ग के सर्जिकल वार्ड के जीर्णोद्धार हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास निधि से 1.5 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति मिली है। जिला अस्पताल में मरीजों के बढ़ते दबाव को देख कर लंबे समय से जर्जर भवन के संधारण की मांग उठ रही थी जिसके लिए पूर्व में 5.61 करोड की राशि डीएमएफ से स्वीकृत कराई थी जिससे नवीन ओपीडी भवन व सर्जिकल वार्ड के जीर्णोद्धार फेस 1 का कार्य निष्पादित किया गया था, अब और राशि की आवश्यकता बताए जाने पर पिछले माह हुई खनिज न्यास की बैठक में प्रभारी मंत्री व समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अकबर से चर्चा कर अस्पताल के साथ ही साइंस कालेज दुर्ग में नए व पुराने भवन में पेयजल व्यवस्था के लिए भी 22 लाख की स्वीकृति न्यास निधि से स्वीकृत कराई गई है। दुर्ग जिला अस्पताल 500 बिस्तरों के साथ आस पास के क्षेत्रों का सबसे बडा चिकित्सालय है जहां सभी तरह के मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से भी अपना इलाज कराने आते हैं। 100 बिस्तर वाले जच्चा बच्चा अस्पताल व 20 बिस्तरों वाले ट्रॉमा सेंटर के नवीन भवन बनने के बाद पुराने भवन के जीर्णोद्धार की आवश्यकता थी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
