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लौट रहा गौरव और आत्म सम्मान, देश में बढ़ रही छत्तीसगढ़ की पहचान
लेख - कमलज्योति, सहायक जनसम्पर्क अधिकारी
रायपुर /शौर्यपथ/
लौट रहा गौरव और आत्म सम्मान, देश में बढ़ रही छत्तीसगढ़ की पहचान
यह समय का पहिया, कब और कैसे आगे बढ़ जाता है, पता ही नहीं चलता। तीन साल हो गए। हमारी छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल को। पता ही नहीं चला। कोरोना की वजह से दहशत और लॉकडाउन में अनेक चुनौतियां आई। जिस तरह से समय का पहिया आगे बढ़ता गया, ठीक वैसे ही छत्तीसगढ़ में विकास का पहिया चुनौतियों के बीच कभी थमा नहीं। प्रत्येक मुश्किलों और बाधाओं में भी छत्तीसगढ़ की सरकार जनता के लिये, जनता के साथ खड़ी रही। अपनी योजनाओं और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से सम्मान हासिल करने के साथ छत्तीसगढ़ देश में अपनी एक अलग पहचान भी बनाता जा रहा है।
छत्तीसगढ़ देश में अपनी एक अलग पहचान भी बनाता जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ में राहतों का सिलसिला प्रारंभ हुआ। किसान जो हमारे प्रदेश की शान हैं, उनके हित में फैसले लिये गए। वर्षों से लंबित 17 लाख 82 हजार किसानों का 8 हजार 755 करोड़ रू. का कृषि ऋण, 244 करोड़ रू. का सिंचाई कर माफ किया। बस्तर के लोहंडीगुड़ा में 1700 से अधिक आदिवासी किसानों की 4200 एकड़ जमीन वापिस कर दी। तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रू. प्रति मानक बोरा से बढ़ा कर 4000 रू. प्रति मानक बोरा कर दिया। बिजली बिल हाफ करने के साथ ही 19.78 लाख गरीब परिवारों को 30 यूनिट तक निःशुल्क बिजली की सुविधा से लाभान्वित किया गया। महात्मा गांधी के 150वीं जयंती पर प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, छत्तीसगढ़ सर्वभौम पीडीएस की शुरूआत की गई। गरीबी की वजह से बीमारी का इलाज नही करा पाने वाले लोगों को जहां सरल व सहज स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई, वहीं महिलाओं, किशोरियों को पोषण आहार, जरूरतमंद सभी गरीब परिवारों को पीडीएस के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराने की नई पहल की। मुख्यमंत्री ने डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना लागू कर प्रदेश के 56 लाख परिवारों को 5 लाख रुपए तक का उपचार, 9 लाख परिवारों को 50 हजार रुपए तक इलाज की सुविधा दी। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 20 लाख रुपये तक उपचार की सुविधा देने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य भी बन गया।
छत्तीसगढ़ देश में अपनी एक अलग पहचान भी बनाता जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ की माटी में पले-बढ़े हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ की भौगोलिक जानकारी होने के साथ यहां की समस्याओं की जानकारी है। इसलिये उन्होंने गरीबों को लक्ष्य बनाकर उनसे जुड़ी ऐसी योजनाएं बनाई, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण साबित हो। उन्होंने गरीब बच्चों को अंग्रेजी और बेहतर शिक्षा से जोड़ने के लिये स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना प्रारंभ की और आने वाले कल को एक बेहतर भविष्य से जोड़ने का प्रयास किया। उनके द्वारा मोहल्ले में ही समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना, बंद हो चुकी पौनी-पसारी परम्परा को जीवित करने और पारम्परिक व्यवसाय का माहौल तैयार करने पौनी-पसारी योजना, शासकीय और सार्वजनिक स्थलों को प्रमुख मार्ग से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना, वनवासी परिवारों को लाभान्वित कर उन्हें आर्थिक मदद पहुचाने शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना, गांव और खेतों तक पहुचने धरसा विकास योजना, प्रदेश में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, गरीब और जरूरतमंद कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, आवास विहीन और कई दशकों से घर बनाकर रह रहे शहरी गरीब परिवारों को पट्टा एवं आवास, बेराजगार युवाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें विकास की दिशा में आगे बढ़ाने की नई पहल ई-पंजीयन से निर्माण कार्यों का ठेका, कोरोना में मृत सेवकों के आश्रितों को अनुकम्पा देने के साथ नियमों में छूट के साथ राहत राशि, कोरोना में अनाथ बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना, प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण और पिछड़े अंचलों के विकास के लिए पांच नए जिले का निर्माण, नई तहसीलों और नगर पंचायतों का गठन, छत्तीसगढ़ में भगवान बुद्ध और श्री राम के आगमन से जुडे़ स्थल सिरपुर और रामवनगमन पर्यटन परिपथ के रूप में विकास करने सहित राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की संस्कृति को बढ़ावा देने हर साल आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री बघेल छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परम्परा में घुले-मिले हुये हैं। समय के साथ हाशिये पर जाती यहां की परम्परा और विरासत कों सहेजने से लेकर तीज-त्यौहारों को पुनर्जीवित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को जितना भी आंका जाये, कम है। वे अपने निवास में हरेली-तीजा-पोरा सहित अन्य पर्व पर विशेष आयोजन कर प्रदेश की जनता को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देते ही हैं, गांव-गांव में मड़ई मेला का आयोजन और महत्वपूर्ण तीज-त्यौहारों में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर सभी को अपने पर्व से जुड़े रहने का अवसर भी उन्हीं की देन है।
विगत तीन साल में मुख्यमंत्री के रूप में उनकी कार्यशैली गरीबों से लेकर किसानों और छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़ी रही है। कोरोना के बीच भी अधोसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों, शासकीय भवनों, सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य प्रदेश में कराए गए। नक्सल सहित अन्य जिलों में सड़कों और पुलों के निर्माण के दिशा में काम हुए। आदिवासी अंचलों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का काम किया गया है। बस्तर अंचल में सैकड़ों बंद पड़े स्कूलों को शुरू किया गया। सरगुजा और बस्तर में जहां मलेरिया से सैकड़ों मौतें हुआ करती थीं, उनके ही निर्देश पर अभियान चलाकर मलेरिया को नियंत्रित किया गया। छोटे भू-खण्डों की खरीदी, जमीन की गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत की कमी जैसी कल्याणकारी कदम हो या आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं सहित छत्तीसगढ़ को स्वच्छ बनाने वाली स्वच्छता दीदीयों का मानदेय बढ़ाने का मामला, उन्होंने तत्काल फैसले लेकर राहत पहुचाई। मुख्यमंत्री ने स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की दशकों पुरानी मांगों को पूरा करते हुए संविलयन का बड़ा फैसला लिया और स्कूलों में शिक्षकों की नई भर्ती, पुलिस में भर्ती के अलावा रोजगार के अनेक नये अवसर पैदा कर युवाओं को रोजगार से जोड़ा। आदिवासियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी, चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर निवेशकों का पैसा वापस कराने में भी सरकार ने बड़ी कार्यवाही की है।
मुख्यमंत्री बघेल स्वयं एक किसान है। किसानों के हित में क्या करना है, वे भलीभंति जानते हैं। समर्थन मूल्य में धान खरीदने के साथ ही किसानों को धान खरीदी के एवज में अतिरिक्त राशि का भुगतान करने राजीव गांधी किसान न्याय योजना बनाई। इस योजना से किसानों को कोरोना और लॉकडाउन के दौर में ऐसे विपरीत समय में राशि मिली जो किसानों के जीवनयापन सहित आर्थिक समृद्धि के लिये सहायक साबित हुई। उनके द्वारा लागू ग्राम सुराजी योजना में शामिल नरवा, गरवा, घुरवा, बारी को पूरे देश में सराहा गया। इसके माध्यम से स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम किया गया। गोधन न्याय योजना से प्रदेश में रोजगार और पर्यावरण, पशु संरक्षण को नई दिशा मिली। अब प्रदेश में गोबर को दो रूपए में खरीद कर खाद बनाने से लेकर उपयोगी वस्तु और पेंट बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उत्पादों को बेचने सी-मार्ट सहित अन्य बाजार उपलब्ध कराने में भी सरकार सहयोग कर रही है। धान का कटोरा के रूप में विख्यात हमारे प्रदेश में वे किसान जो खेती-किसानी से दूर जा रहे थे, वे खेती-किसानी के नये माहौल और फायदे से अपने खेतों की ओर लौटने लगे हैं।
कोरोना में लॉकडाउन के दौरान भी प्रदेश के मुख्यमंत्री गरीबों के मसीहा बने। उन्होंने संकटकाल में राशन कार्डधारियों सहित प्रवासी मजदूर परिवारों के लिए खाद्यान्न की व्यवस्था कराई। जरूरतमंदों को निःशुल्क खाद्यान्न देने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी, स्कूल से जुड़े बच्चों को सूखा अनाज घर-घर तक देने का काम किया। मनरेगा के तहत काम और समय पर मजदूरी भुगतान, लघु वनोपज संग्रह के लिए पारिश्रमिक और समर्थन मूल्य देने में भी छत्तीसगढ़ अव्वल रहा है। उन्होंने लॉकडाउन में अन्य राज्यों में फंसे परिवारों के साथ ही प्रवासी मजदूरों और बाहर अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षित घर वापसी कर हर किसी को विपरीत परिस्थितियों में सम्हलनें का अवसर दिया। अस्पतालों में ऑक्सीजन व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था के सुचारू संचालन में एक मुखिया के तौर पर आगे आकर कार्य किया।
कुपोषण को छत्तीसगढ़ से दूर भगाता और स्वच्छतम राज्य बनने के साथ गरीबों की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में अग्रणी हमारा छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर निरन्तर आगे बढ़ रहा है। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित अन्य अतिथियों के हाथों पुरस्कार और सम्मान मिलना यहां के गौरव को तो दर्शाता ही है, साथ ही यह भी साबित करता है कि मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में गरीब वर्गो के कल्याण की दिशा में योजना बनाने के साथ उसका प्रभावी अमल भी किया जा रहा है। आज हम आजादी की 75वीं सालगिरह मनाने जा रहे हैं। जिस तरह देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू गुलाम भारत को आजाद कराना चाहते थे और आजादी के बाद स्वतंत्र भारत में गरीब आदमी की सभी क्षेत्रों में भागीदारी चाहते थे, ताकि उसका खोया हुआ आत्म सम्मान और गौरव वापस आ सकें। जिस तरह संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर सबके लिये न्याय की बात करते थे। प्रदेश के मुखिया भी शायद यह बात भलीभांति जानते हैं कि गरीबी से जकड़े और वर्षों से आत्म सम्मान तथा गौरव के लिये तरसते छत्तीसगढ़ियों का स्वाभिमान कैसे वापस लाये, उन्हें न्याय कैसे दे? इसलिए उन्होंने संत गुरू घासीदास, संत कबीर, वीर नारायण सिंह सहित छत्तीसगढ़ के महापुरूषो के बताये सत्य के मार्ग में चलकर कोरोना संक्रमण सहित आई कई बाधाओं और आर्थिक चुनौतियों की परवाह न कर अपनी जनहितैषी योजनाओं को लागू किया और देश में नवा छत्तीसगढ़ गढ़ा। वे छत्तीसगढ़ियों के आत्म सम्मान, गौरव को वापस लाने का काम कर रहे हैं। वे अपने 3 साल के अल्प कार्यकाल में ही गरीबों, किसानों, कामगारों सहित छत्तीसगढ़ियों के दिल में अपनी अमिट छाप छोड़ते जा रहे हैं, जिससे न्याय, सशक्तीकरण और सरोकार का यह छत्तीसगढ़ मॉडल देश को एक नई दिशा भी दिखा रहा है।
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विजय देवरकोंडा की फिल्म 'लाइगर' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस फिल्म में विजय के साथ अनन्या पांडे लीड रोल में नजर आने वाली हैं. करण जौहर ने फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान किया.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
विजय देवरकोंडा की फिल्म 'लाइगर' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस फिल्म में विजय के साथ अनन्या पांडे लीड रोल में नजर आने वाली हैं. टीम ने हाल ही में फिल्म की शूटिंग खत्म की है और आज फिल्ममेकर करण जौहर ने लाइगर की रिलीज डेट की अनाउंसमेंट कर दी है. करण जौहर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके रिलीज डेट की जानकारी दी है साथ ही बताया है कि वह कब फैंस को फिल्म की एक झलक दिखाने जा रही हैं. उन्होंने एक पोस्टर शेयर करके इस बात की जानकारी दी है. जिसे देखकर फैंस बहुत खुश हो गए हैं.
विजय देवरकोंडा और अनन्या पांडे की फिल्म लाइगर 25 अगस्त 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म की झलक 31 दिसंबर को फैंस को दिखाई देगी. पोस्टर में लिखा है- इस न्यू ईयर पर आग लगा देंगे. करण ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- एक्शन, थ्रिलर और पागलपन- यह एकदम शानदार होने वाला है. 31 दिसंबर को पहली झलक दिखाई जाएगी और अपने नए साल की इस धमाके साथ शुरुआत करें.
लाइगर में विजय और अनन्या के साथ बॉक्सिंग चैंपियन माइक टायसन भी नजर आने वाले हैं. हाल ही में टीम ने उनके साथ लॉस वेगस में शूटिंग पूरी की है. इस शेड्यूल की तस्वीरें विजय और अनन्या ने सोशल मीडिया पर शेयर की थीं. जिसमें वह सभी के साथ मस्ती करते नजर आ रहे थे. माइक पहली बार बॉलीवुड फिल्म में नजर आने वाले हैं. माइक के फिल्म से जुड़ने की अनाउंसमेंट के साथ फैंस काफी एक्साइटेड हो गए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय और माइक रिंग में दो-दो हाथ करते नजर आएंगे. माइक हॉलीवुड फिल्मों में नजर आ चुके हैं. उन्होंने हैंगओवर और आईपी मैन 3 में काम किया है.
लाइगर को पूरी जगन्नाथ ने डायरेक्ट किया है. इस फिल्म से विजय देवरकोंडा बॉलीवुड में कदम रखने जा रहे हैं. फिल्म में वह मार्शल आर्ट के किरदार में नजर आने वाले हैं. फिल्म में उनके साथ विशु रेड्डी, अली, मकरंद देश पांडे सपोर्टिंग रोल में नजर आएंगे. ये एक पैन इंडिया फिल्म है जो हिंदी, तेलुगू, तमिल, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज होने वाली है. जिसे करण जौहर ने प्रोड्यूस किया है.
लखीमपुर खीरी केस में एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद से विपक्ष लगातार गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने की मांग कर रहा है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
लखीमपुर खीरी कांड की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद से विपक्ष लगातार गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को मंत्री पद से हटाने का सरकार पर दबाव बना रहा है. विपक्ष खासकर कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ संसद और सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल रखा है. कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप एक अपराधी को बचा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त किया जाना चाहिए.
प्रियंका गांधी ने अपने ट्ववीट में लिखा, "अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने से सरकार का इनकार उसके नैतिक दिवालियेपन का सबसे बड़ा संकेत है. नरेंद्र मोदी जी, धार्मिक वेशभूषा और धर्मपरायणता का दिखावा इस तथ्य को नहीं बदल सकेगा कि आप एक अपराधी को बचा रहे हैं."
बता दें कि मामले की जांच कर रही स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (SIT) ने मंगलवार को अदालत में अर्जी देकर कहा है कि यह लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला नहीं है बल्कि आशीष मिश्रा और उसके साथियों ने योजना बनाकर किसानों की हत्या की है. उन्होंने कहा कि लखीमपुर हिंसा सुनियोजित साजिश थी. SIT ने अदालत से दरख्वास्त की है कि एफआईआर से लापरवाही से गाड़ी चलाने की दफा हटाकर नई दफ़ाएं लगाई जाएं. लखीमपुर हिंसा में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा है.
एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद से विपक्ष मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग करते हुए संसद में जमकर हंगामा कर रहा है. विपक्ष का कहना है कि टेनी के पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है इसलिए उन्हें हटाया जाना चाहिए. विपक्ष के हंगामे के चलते बुधवार और गुरुवार को संसद की कार्यवाही बाधित हुई.
आईएमडीबी ने 2022 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों की लिस्ट जारी की है, जिसमें बॉलीवुड की दस फिल्में हैं. इसमें प्रभास, यश, जूनियर एनटीआर, राम चरण, आमिर खान, आलिया भट्ट, कंगना रनौत, रणबीर कपूर और टाइगर श्रॉफ की फिल्में शामिल हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
साल 2021 खत्म होने जा रहा है और 2022 में कदम रखने के लिए कुछ ही समय बाकी रह गया है. अगले साल को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, और सिनेमा के लिहाज से 2022 में बड़ी बजट और सितारों वाली ढेर सारी फिल्में रिलीज होने जा रही हैं. 2021 के आखिर में जाकर सिनेमाघर खुले हैं, जिस वजह से कई बड़ी फिल्में रिलीज होने से रह गईं या फिर ओटीटी पर रिलीज हो गई हैं. लेकिन आईएमडीबी ने 2022 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों की लिस्ट जारी की है, जिसमें बॉलीवुड की दस फिल्में हैं. इसमें प्रभास, यश, जूनियर एनटीआर, राम चरण, आमिर खान, आलिया भट्ट, कंगना रनौत, रणबीर कपूर और टाइगर श्रॉफ की फिल्में शामिल हैं. आइए एक नजर डालते हैं 2022 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों पर:
2022 में इन 10 फिल्मों पर रहेगी नजर, आईएमडीबी की लिस्ट से नदारद सलमान-शाहरुख की फिल्में
2022 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में अधिकतर बिग बजट फिल्में
1. के.जी.एफ चैप्टर 2
इस फिल्म में यश और संजय दत्त नजर आएंगे और फिल्म को प्रशांत नील ने डायरेक्ट किया है.
2022 में इन 10 फिल्मों पर रहेगी नजर, आईएमडीबी की लिस्ट से नदारद सलमान-शाहरुख की फिल्में
2022 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में अधिकतर बिग बजट फिल्में
1. के.जी.एफ चैप्टर 2
इस फिल्म में यश और संजय दत्त नजर आएंगे और फिल्म को प्रशांत नील ने डायरेक्ट किया है.
2. आरआरआर
बाहुबली के डायरेक्टर एस.एस. राजामौली की फिल्म में अजय देवगन, जूनियर एनटीआर और राम चरण लीड रोल में हैं.
3. लाल सिंह चड्ढा
आमिर खान, करीना कपूर और नागा चैतन्य अक्किनेनी लीड रोल में हैं और फिल्म को अद्वैत चंदन को डायरेक्ट किया है.
1. के.जी.एफ चैप्टर 2
इस फिल्म में यश और संजय दत्त नजर आएंगे और फिल्म को प्रशांत नील ने डायरेक्ट किया है.
2. आरआरआर
बाहुबली के डायरेक्टर एस.एस. राजामौली की फिल्म में अजय देवगन, जूनियर एनटीआर और राम चरण लीड रोल में हैं.
3. लाल सिंह चड्ढा
आमिर खान, करीना कपूर और नागा चैतन्य अक्किनेनी लीड रोल में हैं और फिल्म को अद्वैत चंदन को डायरेक्ट किया है.
4. गंगूबाई काठियावाड़ी
संजय लीला भंसाली की फिल्म में आलिया भट्ट और अजय देवगन नजर आएंगे.
5. बीस्ट
नेलसन दिलीप कुमार की फिल्म में विजय जोसफ, पूजा हेगड़े और योगी बाबू लीड रोल में हैं.
6. धाकड़
रजनीश घई की इस एक्शन फिल्म में कंगना रनौत जोरदार एक्शन करती दिखाई देंगी जबकि अर्जुन रामपाल भी फिल्म में हैं.
7. राधे श्याम
के.के. राधाकृष्ण कुमार ने फिल्म को डायरेक्ट किया है, और 1970 के दशक में रची गई इस कहानी में प्रभास और पूजा हेगड़े लीड रोल में हैं.
8. ब्रह्मास्त्र
रणबीर कपूर, अमिताभ बच्चन और आलिया भट्ट की फिल्म को अयान मुखर्जी ने डायरेक्ट किया है
2022 में इन 10 फिल्मों पर रहेगी नजर, आईएमडीबी की लिस्ट से नदारद सलमान-शाहरुख की फिल्में
2022 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में अधिकतर बिग बजट फिल्में
अगर आप झड़ते बालों से परेशान हैं या फिर बालों से जुड़ी किसी और समस्या से जूझ रहे हैं तो हम आपके लिए आज आपके मतलब की जानकारी लेकर आये हैं. आज हम आपको लौकी से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारी देने वाले हैं, जो आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है.
अन्य खबर /शौर्यपथ/
आज के समय में हर शख्स फिट और आकर्षित दिखना चाहता है. आज कल लोग अच्छा दिखने के लिए बालों पर कई तरह के एक्सपेरिमेंट करते हैं. बाल काले करवाते हैं, लेकिन आज बिना बुढ़ापे के लोगों के बाल सफेद हो रहे हैं. इसके चलते कई बार लोग हंसी के पात्र बन जाते हैं. आज हम आपको लौकी (Bottle Gourd) से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारी देने वाले हैं, जो आपके लिए बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. लौकी (Bottle Gourd), जो शरीर को अंदरूनी तौर पर डिटॉक्स करने के अलावा बालों की समस्याओं से भी निजात दिलाती है. वैसे बालों का सफेद होना आज कल आम बात हो गई है. बालों का काले से सफेद होना मिलेनिन पिगमेंटेशन की कमी के कारण भी हो सकता है. ऐसे में आप लौकी (Bottle Gourd) का इस्तेमाल कर अपने सफेद बालों को काला कर सकते हैं.
लौकी की फायदे
किचन में खाने के स्वाद को बढ़ाने के अलावा लौकी (Bottle Gourd) हमारी हमारे लिए काफी फायदेमंद है. लौकी (Bottle Gourd) शरीर को अंदरूनी तौर पर डिटॉक्स करने के अलावा बालों की समस्याओं से भी निजात दिलाती है. इसमें सोडियम, आयरन, पोटैशियम, फाइबर, फॉस्फोरस और विटामिन्स जैस न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो बॉडी को मजबूत करने के साथ-साथ बॉडी को अंदर से क्लीन भी करता है.
बालों के लिए लौकी का इस्तेमाल
आप लौकी का तेल बनाकर, उसे रोजाना लगाये, जिससे आपको झड़ते बालों से छुटकारा मिलेगा. इसके लिए आपको लौकी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लेना है. इसके बाद इसे धूप में अच्छी तरह सूखा लें. एक कढ़ाई में नारियल का तेल लें, उसे अच्छे गर्म करें, उसमें सुखाये हुए लौकी के टुकड़े डालें. धीमी आंच में पकने दें. जब तेल का कलर बदल जाये तो गैस से उतार लें. ठंडा करने के बाद छान लें. इसे एक शीशी में भर कर रख लें. सप्ताह में दो बार जरूर लगायें.
इस तेल से सप्ताह में दो बार अच्छे से स्कैल्प पर मसाज करें. चाहें तो रात को सोने से पहले लगा लें और सुबह धो लें. कुछ दिन में आपकों फर्क दिखने लगेगा.
पीएम गुजरात के आणंद में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किसानों को संबोधित कर रहे हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के संबंध में एक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने को लेकर कदम उठा रही है. पीएम ने गुजरात के आणंद में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किसानों को संबोधित कर रहे हैं. पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि 'यह भारत के किसान के लिए सम्मेलन है.' उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में कृषि से बदलाव आएगा.
पीएम मोदी ने अपनी सरकार के दौरान किसानों के लिए किए काम गिनाते हुए कहा कि 'बीते 6-7 साल में बीज से लेकर बाज़ार तक, किसान की आय को बढ़ाने के लिए एक के बाद एक अनेक कदम उठाए गए हैं. मिट्टी की जांच से लेकर सैकड़ों नए बीज तक, पीएम किसान सम्मान निधि से लेकर लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी तक, सिंचाई के सशक्त नेटवर्क से लेकर किसान रेल तक, सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं.'
पीएम ने किसानों से कहा कि पुरानी भारतीय सभ्यता में किसानी पर काफी सूत्र दिए गए हैं और आज इन जड़ों की और लौटने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि 'आज दुनिया जितना आधुनिक हो रही है, उतना ही ‘back to basic' की ओर बढ़ रही है. इस Back to basic का मतलब क्या है? इसका मतलब है अपनी जड़ों से जुड़ना! इस बात को आप सब किसान साथियों से बेहतर कौन समझता है? हम जितना जड़ों को सींचते हैं, उतना ही पौधे का विकास होता है; कृषि से जुड़े हमारे इस प्राचीन ज्ञान को हमें न सिर्फ फिर से सीखने की ज़रूरत है, बल्कि उसे आधुनिक समय के हिसाब से तराशने की भी ज़रूरत है. इस दिशा में हमें नए सिरे से शोध करने होंगे, प्राचीन ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक फ्रेम में ढालना होगा.'
पीएम ने ये भी कहा कि छोटे किसानों के लिए प्राकृतिक खेती काफी फायदेमंद होगी. उन्होंने कहा कि 'नैचुरल फार्मिंग से जिन्हें सबसे अधिक फायदा होगा, वो हैं देश के 80 प्रतिशत किसान. वो छोटे किसान, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है. इनमें से अधिकांश किसानों का काफी खर्च, केमिकल फर्टिलाइजर पर होता है. अगर वो प्राकृतिक खेती की तरफ मुड़ेंगे तो उनकी स्थिति और बेहतर होगी.'
राहुल गांधी ने कहा कि मामले में मंत्री का इन्वॉल्वमेंट है. वो "एक क्रिमिनल हैं". उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए या फिर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी पर गुरुवार को एक बार फिर हमला बोला. केंद्रीय मंत्री टेनी का पुत्र आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी चढ़ाकर मारने के मामले में आरोपी है. विपक्ष ने टेनी के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है. राहुल गांधी ने कहा कि मामले में मंत्री का इन्वॉल्वमेंट है. वो "एक क्रिमिनल हैं". उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए या फिर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
विपक्षी दलों के प्रदर्शन के कारण हंगामे और अराजकता के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा, "मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. वह एक अपराधी हैं." विपक्ष के कई सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में स्थगन नोटिस दिया है. हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा, "हमें लखीमपुर खीरी में हुई हत्याओं के बारे में बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए, जिसमें मंत्री की इन्वॉल्वमेंट थी. इसके बारे में कहा गया है कि यह एक साजिश थी. किसानों की हत्या करने वाले मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए."
वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि हम संसद में चर्चा के लिए आह्वान कर रहे हैं. कुछ न कुछ बहाना बनाकर संसद को न चलने देना यह ठीक नहीं है. संसद चर्चा के लिए है और विपक्ष संसद के मूल कार्य को धवस्त कर रहा है जो ठीक नहीं है.
अम्बिकापुर /शौर्यपथ/
गोठानो में मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था हेतु जिले के किसान बढ़-चढ़कर पैरादान कर रहे है। किसानों के द्वारा दान की गई पैरा को नजदीकी गोठान में लाकर मचान में सुरक्षित रखा जा रहा है ताकि लंबे समय तक पैरा मवेशियों के लिए उपलब्ध रहे।
कलेक्टर संजीव कुमार झा के निर्देशानुसार सभी जनपद पंचायत के सीईओ किसानों को गोठान के लिए पैरादान हेतु किसानों को प्रेरित कर रहे है। बड़े किसान ज्यादा मात्रा में पैरादान कर रहे है। हार्वेस्टर से धान कटाई कराने वाले किसानों द्वारा पैरादान किए हुए पैरा को बेलर मशीन से कृषि विभाग द्वारा बंडलीकरण कराया जा रहा है जिससे गोठानो तक लाने में आसानी हो रही है। जिले में विगत 2-3 वर्षो से किसान गोठानो के लिए पैरादान लगातार कर रहे है जिससे मवेशियों को गोठान में चारा उपलब्ध हो रही है।
अम्बिकापुर /शौर्यपथ/
अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर जिला जिला प्रशासन की लगातार कार्रवाई जारी है जिससे रेत माफिया सकते में आ गए है। बुधवार को प्रशासनिक अमलो के द्वारा अवैध रेत परिवहन करते उदयपुर तहसील में 2 ट्रेक्टर तथा लखनपुर तहसील में 4 ट्रेक्टर और 1 ट्रक को ज़ब्त कर पुलिस के हवाले किया गया। एस.डी.एम. अनिकेत साहू के नेतृत्व में बुधवार को राजस्व अमले द्वारा लखनपुर तहसील के ग्राम सिंगीटाना में अवैध रेत परिवहन करने वाले 4 ट्रेक्टर और एक ट्रक को जब्त किया गया। इसी प्रकार उदयपुर तहसील में तहसीलदार सुभाष शुक्ला के द्वारा अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया। सभी जब्तशुदा वाहनों को सबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया गया। मंगलवार को भी उदयपुर तहसील के प्रशासनिक अमले के द्वारा ग्राम जजगा में रेड़ नदी से अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रक को जब्त कर वाहन को उदयपुर थाना के सुपुर्द कर किया गया था।
इस दौरान तहसीलदार सुभाष शुक्ला, नायब तहसीलदार श्रुति धुर्वे सहित पटवारी भी मौजूद थे। ज्ञातव्य है कि कलेक्टर संजीव कुमार झा के निर्देशानुसार जिले में अवैध रेत उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर खनिज प्रशासन एवं राजस्व की टीम द्वारा जांच एवं कार्यवाही लगातार की जा रही है।
अम्बिकापुर /शौर्यपथ/
समर्थन मूल्य में धान खरीदी 1 दिसबर से जिले में शुरू हो गई है । इस बार खरीदी केंद्रों में बेहतर व्यवस्था होने से किसान आसानी से धान बेच पा रहे हैं जिससे वे खुश हैं।
लुण्ड्रा विकासखण्ड के धान खरीदी केंद्र बटवाही में धान बिक्री के लिए आये किसान अदलसाय को भी केंद्र की व्यवस्था बेहतर लगा। किसान ने बताया कि टोकन कटाने तथा धान बेचने के दौरान किसी प्रकार की समस्या नही हुई। बारदाने की कमी होने पर मुझे समिति के द्वारा बारदाना उपलब्ध कराया गया। धान का सबसे मूल्य भी अच्छा मिल रहा है। उन्होंने समर्थन मूल्य बपर धान खरीदी के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर संजीव कुमार झा के द्वारा धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था के लिए उपार्जन केन्द्रोंक लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियो को किसानों की सुविधाओं का ध्यान रखने तथा छोटे किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
