August 07, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    भारत /शौर्यपथ /

    लुधियाना की जिला अदालत में गुरुवार को ब्लास्ट हुआ है। धमाका अदालत की तीसरी मंजिल पर हुआ और इसमें 2 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह धमाका पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के लुधियाना पहुंचने से कुछ देर पहले ही हुआ है। 

    बताया जा रहा है कि धमाका तीसरी मंजिल पर स्थित बाथरूम में हुआ। बाथरूम से एक क्षत-विक्षत बॉडी बरामद हुई है। आशंका जाहिर की जा रही है कि यह बॉडी सुसाइड बॉम्बर की है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी दी है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति की डेड बॉडी मिली है, उसी के पास एक्सप्लोसिव था।

    हालांकि भुल्लर ने सुसाइड बॉम्बर वाले एंगल पर कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने इतना कहा कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक यह एक्सप्लोसिव घटनास्थल पर प्लांट कर रहा था और उसी दौरान ब्लास्ट हुआ है। अभी मामले की गंभीरता से जांच हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस कथित सुसाइड बॉम्बर के धड़ और टांगों के ब्लास्ट में चिथड़े उड़ गए हैं। फोरेंसिक टीम शव की जांच कर रही है, जिससे उसके प्राथमिक तौर पर सुसाइड बॉम्बर होने की पुष्टि की जा सके।

    दिल्ली से NSG और चंडीगढ़ से NIA टीम लुधियाना रवाना

    ब्लास्ट की आतंकी एंगल से जांच के लिए NIA की दो सदस्यीय टीम चंडीगढ़ से रवाना हो चुकी है। NIA की टीम पंजाब पुलिस की फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर धमाके की जांच करेगी। सूत्रों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि दिल्ली से भी NSG की टीम भी लुधियाना भेजी गई है। ये दोनों टीम जांच में यह देखेंगे कि यह ब्लास्ट विदेशी ताकतों की हरकत तो नहीं है। इसके अलावा चंडीगढ़ से फोरेंसिक टीम को भी लुधियाना भेजा गया है।

    हाईकोर्ट ने लिया घटना का संज्ञान

    पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने भी लुधियाना कोर्ट में हुए ब्लास्ट का संज्ञान लेते हुए चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा के सभी कोर्ट में सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं। साथ ही पंजाब और हरियाणा के पुलिस अफसरों की बैठक बुलाई है।


    ब्लास्ट के समय अदालत में मौजूद क्लर्क गुरपाल सिंह ने कहा कि फोटो स्टेट की मशीन के पीछे बाथरूम में ब्लास्ट हुआ है। चार घायल हैं। एक या दो की हालत इतनी गंभीर है कि उनकी डेथ भी हो सकती है। तीन को मैं खुद नीचे छोड़कर आया हूं।


    हड़ताल के चलते अदालत में भीड़ कम थी

    यह धमाका तीसरी मंजिल पर कोर्ट नंबर 9 के पास बाथरूम में हुआ। धमाका होने से कोर्ट की पूरी इमारत हिल गई। इमारत की खिड़कियों के शीशे चटक गए और पार्किंग में खड़ी कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने सिलेंडर फटने की भी आशंका जताई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने अभी धमाके के बारे में कोई बयान नहीं दिया है। अदालत में अफरातफरी का माहौल है। हालांकि वकीलों की हड़ताल के चलते आम दिनों की तुलना में गुरुवार को यहां भीड़ कम थी।

    आला पुलिस अधिकारी, प्रशासन के अधिकारी और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया है। पुलिस बल ने कोर्ट परिसर को चारों तरफ से घेर लिया है। शहरभर में हाईअलर्ट जारी करते हुए नाकेबंदी कर दी गई है। शहर में आज मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी एक जनसभा को संबोधित करने पहुंच रहे हैं।


    चुनाव से पहले पंजाब में गड़बड़ी की साजिश

    धमाके के बाद CM चन्नी ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही देश और पंजाब विरोधी ताकतें माहौल खराब कर रही हैं। पहले बेअदबी के जरिए पंजाब में गड़बड़ी की कोशिश की गई, उसमें कामयाब नहीं हुए। अब इस तरह की हरकत की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    उन्होंने कहा कि मैं किसानों के साथ मीटिंग कर रहा था। इसे जल्दी खत्म करके अब लुधियाना जा रहा हूं। वहां जाकर पूरे हालात की जानकारी लूूंगा। सरकार इस पर पूरी तरह सचेत है। लोगों को भी सचेत रहने की जरूरत है।

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्य सचिव अमिताभ जैन से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में केन्द्रीय सिल्क बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रंजित रंजन, रेमण्ड प्राइवेट लिमिटेड के संचालक एस.के.सोम और कसारे वन्या सिल्क मिल्क प्राईवेट लिमिटेड के संचालक डी.एस. कसारे ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने छत्तीगसढ़ राज्य में टसर-मलबरी-ईरी रेशम के उत्पादन के क्षेत्र में निवेश करने की मंशा जतायी है। मुख्य सचिव ने ग्रामोद्योग विभाग को इस संबंध में बैठक करने और योजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग विभाग की प्रमुख सचिव डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी भी उपस्थित थीं।

    मनरेगा, डीएमएफ और 14वें वित्त आयोग के अभिसरण से सामुदायिक मुर्गीपालन

    परंपरागत मुर्गीपालन को व्यावसायिक रूप देकर महिलाओं ने कमाए 25 लाख रूपए

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुर्गीपालन को व्यावसायिक रूप देकर अपने पैरों पर खड़ी

    आदिवासी अंचल की महिलाएं घर पर किए जाने वाले परंपरागत मुर्गीपालन को व्यावसायिक रूप देकर अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। अलग-अलग स्वसहायता समूहों की ये महिलाएं स्वरोजगार के साथ ही कुपोषण को मात देने का भी काम कर रही हैं। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम), डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) और 14वें वित्त आयोग के अभिसरण से सुदूर वनांचल बीजापुर जिले की 43 समूहों की महिलाएं सामुदायिक मुर्गीपालन कर अंडा उत्पादन कर रही हैं। स्थानीय जिला प्रशासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान हेतु आंगनबाड़ियों के लिए इन अंडों की खरीदी कर रही है। समूह की महिलाएं स्थानीय बाजारों में भी इन अंडों को बेचती हैं। विभिन्न स्वसहायता समूहों द्वारा जिले के 43 सामुदायिक मुर्गीपालन केन्द्रों में तीन लाख 77 हजार अण्डों का उत्पादन किया गया है। इनमें से तीन लाख 44 हजार अंडों की बिक्री से महिलाओं ने 25 लाख रूपए से अधिक की कमाई की है।

    मुर्गीपालन को व्यावसायिक रूप देकर अपने पैरों पर खड़ी

    नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में वनोपज संग्रहण, कृषि और पशुपालन ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख आधार है। वहां के आदिवासी परिवार घरों में परंपरागत रूप से मुर्गीपालन करते हैं। स्थानीय महिलाओं की मुर्गीपालन में दक्षता और कुपोषण दूर करने में अंडा की उपयोगिता को देखते हुए बीजापुर जिला प्रशासन ने वर्ष 2020-21 में अलग-अलग योजनाओं के अभिसरण से सामुदायिक मुर्गीपालन के माध्यम से अंडा उत्पादन की आधारशिला रखी। इस परियोजना के अंतर्गत जिले में अभी 43 सामुदायिक मुर्गीपालन शेड संचालित किए जा रहे हैं। इनका निर्माण मनरेगा से प्राप्त 60 लाख नौ हजार रूपए, 14वें वित्त आयोग के 29 लाख 72 हजार रूपए और डीएमएफ के एक करोड़ 27 लाख 26 हजार रूपए के अभिसरण से हुआ है। इस दौरान जिले के मनरेगा श्रमिकों को 6536 मानव दिवस का सीधा रोजगार भी प्राप्त हुआ।

    स्वरोजगार के साथ ही कुपोषण से मुक्ति की लड़ाई

    स्वरोजगार के साथ ही कुपोषण से मुक्ति की लड़ाई में जिले के बीजापुर विकासखण्ड के नौ, भैरमगढ़ विकासखण्ड के 14, भोपालपटनम विकासखण्ड के सात और उसूर विकासखण्ड के 13 स्वसहायता समूहों की महिलाएं अपनी सहभागिता दे रही हैं। पशुपालन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में मुर्गीपालन में व्यावसायिक दक्षता हासिल कर ये महिलाएं बी.वी. 380 लेयर बर्ड्स प्रजाति की मुर्गियों का पालन शेड में कर रही हैं। सामुदायिक मुर्गीपालन के लिए चूजों की आपूर्ति, केज की व्यवस्था तथा वर्षभर के लिए चारा एवं आवश्यक दवाईयों का इंतजाम डीएमएफ के माध्यम से किया गया था।

    बीजापुर विकासखण्ड के तोयनार ग्राम पंचायत में मुर्गी शेड का संचालन करने वाली रानी दुर्गावती स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती सोनमणि पोरतेक बताती हैं कि उसके समूह द्वारा अब तक 49 हजार अण्डों का उत्पादन किया गया है। इनमें से साढ़े 48 हजार अण्डों की बिक्री से करीब तीन लाख रूपए की आमदनी हुई है। उसूर विकासखण्ड के नुकनपाल पंचायत में मुर्गी शेड संचालित करने वाली काव्या स्वसहायता समूह की सचिव सुश्री पार्वती कहती है कि इस परियोजना से हम महिलाओं को अपनी आजीविका चलाने का साधन मिल गया है। आर्थिक रूप से हम सक्षम हो गई हैं। मुर्गीपालन से समूह को हर माह अच्छी कमाई हो रही है। जिला प्रशासन की कोशिशों और महिलाओं की मेहनत का असर अब दिखने लगा है। बीजापुर में कुपोषण तेजी से घट रहा है। अक्टूबर-2019 में कुपोषण की दर वहां लगभग 38 प्रतिशत थी, जो जुलाई-2021 में आयोजित वजन त्यौहार के आंकड़ों के मुताबिक 13 प्रतिशत गिरकर 25 प्रतिशत पर आ गई है।

     

    आम जनता का मिला अच्छा प्रतिसाद
    गरियाबंद, फिंगेश्वर,मैनपुर,देवभोग एवं छुरा में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी

    गरियाबंद /शौर्यपथ/

    छायाचित्र प्रदर्शनी

    राज्य सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर जिला मुख्यालय सहित विकासखंड मुख्यालयों में भी छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से शासकीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार तथा उपलब्धियों पर आधारित प्रचार सामग्रियों का आम जनता को वितरण किया गया। कलेक्टर  निलेशकुमार क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जनसम्पर्क विभाग द्वारा जिला मुख्यालय गरियाबंद के अलावा विकासखंड मुख्यालय फिंगेश्वर, मैनपुर,देवभोग एवं छुरा में छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी देखने बड़ी संख्या में कृषक , मजदूर, विद्यार्थी, व्यवसायी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को करीब से जानने-समझने प्रदर्शनी को एक अच्छा माध्यम बताया। प्रदर्शनी में आकर्षक सनबोर्ड के माध्यम से राज्य सरकार की

    महत्वकांक्षी योजना-

    - मुख्यमंत्री किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, स्वास्थ्य योजनाएं, वनोपज, बिजली बिल हाफ योजना, श्रम सम्मान-श्रमिकों को सुविधाओं के नए आयाम, वनोपज से वन आश्रितों के जीवन में बहार, युवाओं को नए रोजगार के अवसर, छत्तीसगढ़ी तीज त्योहारों पर नए सार्वजनिक अवकाश, नारी सशक्तिकरण के नए कदम, रोका-छेका अभियान, गोधन न्याय योजना, जल जीवन मिशन, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, जन स्वास्थ्य के बड़े कदम, सुराजी गांव योजना, छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना,  धन्वंतरी मेडिकल स्टोर के तहत सस्ती दवाइयों की उपलब्धता आदि की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की गई। विकास प्रदर्शनी में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका जनमन एवं राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं की विस्तृत जानकारी वाले पॉम्पलेट का निःशुल्क वितरण किया गया। फिंगेश्वर के कृषक चतुर साहू , करीम खान, टिकेश साहू एवं रामकृष्ण तिवारी, फुलझर के हेमलाल यादव, चरोदा के थन्नुलाल ध्रुव, इंदागांव के कृषक पुनसिंग, कोयबा के कृषक हरिसिंह, जड़ापदर के कृषक सीताराम , भोला पुर के कृषि मजदूर लोचन जगत, खरीपथरा के पुनीतराम, सरगीगुड़ा के कृषक अंगदराम बघेल, सुकलूभांठा के कृषक उधोराम , दर्रीपारा के विजय कुमार , तेंदूबाय के मुकेश यादव, कुल्लीमुड़ा के नारायण नागेश, रावनाभाठा के धनेश्वरी, मडे़ली के प्रेम साहू, मेड़कीडबरी के विक्रम एवं ओमकार , फुलेश्वर निर्मलकर व मुकेश कुमार साहू ने छायाचित्र प्रदर्शनी का सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की जनता को सरकार के कार्यो को करीब से देखने और समझने का बहुत बढ़ीया जरिया बताया। आगामी दिनों में छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जायेगा

    पुनरीक्षित दरों की स्वीकृति जारी

    रायपुर /शौर्यपथ/  

    राज्य शासन ने राज्य के पेंशनर/परिवार पेंशनरों को पुनरीक्षित दरों के हिसाब से महंगाई राहत स्वीकृत करने के आदेश जारी कर दिए है। वित्त विभाग मंत्रालय द्वारा जारी आदेशानुसार एक अक्टूबर 2021 से देय सातवें वेतनमान के मूल पेशन/परिवार पेंशन का पांच प्रतिशत महंगाई राहत में वृद्धि की गई है। वृद्धि उपरांत महंगाई राहत 17 प्रतिशत होगा। इसी तरह एक अक्टूबर 2021 से देय छठवें वेतनमान के मूल पेंशन/परिवार पेंशन का दस प्रतिशत महंगाई राहत में वृद्धि की गई है। वृद्धि के बाद महंगाई राहत 164 प्रतिशत होगा। 

    यह महंगाई राहत अधिवार्षिकी/सेवानिवृत्त/असमर्थता तथा क्षतिपूर्ति पेंशन पर देय होगी। सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को स्वीकृत किए गए अनुकम्पा भत्ता पर भी यह महंगाई राहत दी जाएगी। ऐसे मामलों में जहां पेंशन /परिवार पेंशन भोगी राज्य शासन या किसी स्वशासी संस्था में नियुक्त/पुनर्नियुक्त यह उन्हें पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। कोई व्यक्ति यदि पति/पत्नि की मृत्यु के समय सेवा में है और उसे अनुकम्पा के आधार पर सेवा में नही रखा गया है तो पति/पत्नि की मृत्यु के कारण देय परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता होगी। यदि किसी व्यक्ति को उसके पति/पत्नि की मृत्यु के कारण अनुकम्पा के आधार पर सेवा में रखा गया है तो ऐसे मामलों में परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नही होगी। ऐसे पेंशनर जिन्हांेने अपनी पेंशन का एक भाग सारांशीकृत कराया है उन्हें महंगाई राहत उनके मूल पेंशन (सारांशीकरण के पूर्व की पेंशन) पर देय होगी।

     

    ई-पंजीयन से युवाओं की बढी़ विकास कार्यों में भागीदारी
    रायपुर /शौर्यपथ/

    ई-पंजीयन से युवाओं की बढी़ विकास कार्यों में भागीदारी

    मंजिलें उनकों मिलती है जिनके सपनों में जान होती है...पंखों से कुछ नहीं होता...हौसलों से उड़ान होती है...कुछ ऐसे ही हौसलों की कहानी है नीलिमा की। रायपुर जिले के आरंग में रहने वाली नीलिमा ने संघर्षों के साथ अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई इसलिये पूरी की थी कि डिग्री के बाद उनकी भी नौकरी पक्की हो जाएगी। पढ़ाई पूरी करने के बाद कई स्थानों में रोजगार तलाशनें की कोशिश जारी रखते हुए नीलिमा की उम्मीदों को पंख तब लगे जब प्रदेश के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और विकास कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित करने छत्तीसगढ़ में ई-श्रेणी पंजीयन प्रणाली लागू की। बेरोजगार नीलिमा ने ई-श्रेणी पंजीयन में अपना भी पंजीयन कराया और लड़की होने के साथ सड़क निर्माण के कार्य में चुनौतियां होने के बाद भी परवाह न करते हुए गांव में पक्की सड़क बनाकर अपनी तरक्की की राह आसान कर ली। 

    अपनी तरक्की के द्वार खुद खोलने वाली नीलिमा साहू ने बताया कि वर्ष 2016 में बी.ई. की डिग्री हासिल करने के बाद वह लगातार जॉब की तलाश कर रही थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्हें उम्मीद थीं कि कहीं न कहीं उसकी जॉब जरूर लग जाएगी। डिग्री होने के बाद भी रोजगार और आमदनी का कोई जरिया नहीं होने से दुःख के साथ चिंता भी होती थी। इस बीच नौकरी की तलाश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करती रही। नीलिमा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल और लोक निर्माण मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने जब प्रदेश के 12 वीं पास से लेकर स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके बेरोजगार युवकों को लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों में काम देने की घोषणा की तो उसे भी काम मिलने की आस जगी। उन्होंने ई-श्रेणी पंजीयन में अपना नाम रजिस्टर कराया। आखिरकार नीलिमा को मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत आरंग विकासखण्ड के ग्राम रसनी में 13 लाख रुपए और ग्राम नारा में लगभग 8 लाख रुपए का काम मिला। शासकीय स्कूल भवन को मुख्य मार्ग तक जोड़ने नीलिमा ने सड़क बनवाई। पढाई पूरी करने के बाद पहली बार काम मिलने और रोजगार से जुड़ने की खुशी ने जहां नीलिमा को आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया, वहीं सड़क निर्माण जैसे कार्य में उतरना उसके लिए एक चुनौती की तरह रहा। इंजीनियर नीलिमा कहती है कि मेरे लिए यह गौरव की बात है कि मैं अपने घर के आसपास विकास कार्यों में अपनी भागीदारी दे पाई। छोटे-छोटे कार्यों से मुझे सीखने को मिला। उसने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान कार्यों का नियमित निरीक्षण करती थीं और समय सीमा में कार्य पूरा कराई। पक्की सड़क बनने से जहाँ नीलिमा के तरक्की का मार्ग खुला वहीं स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीणों को भी पक्की सड़क का लाभ आवागमन के रूप में होने लगा है। रसनी में पांचवीं में पढ़ने वाले छात्र आयुष चंद्राकर, तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले खिलेश चंद्राकर सहित गांव की महिला ऊषा चंद्राकर ने बताया कि पहले धूल और बारिश में कीचड़ का सामना करना पड़ता था। अब पक्की सड़क से आना जाना बहुत सुखद हो गया है।
    4606 युवाओं ने कराया ई-पंजीयन,193 करोड़ के काम आबंटित

    प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को निर्माण कार्यों में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने ब्लॉक स्तर में 20 लाख तक के कार्य देने ई-पंजीयन प्रणाली शुरू की गई है। इसके लिए गैर अनुसूचित क्षेत्र में योग्यता स्नातक और अनुसूचित क्षेत्र में 12वीं पास रखी गई है। इस योजना के तहत अभी तक प्रदेश में 4606 बेरोजगारों का पंजीयन कर 193.32 करोड़ रुपए के 1636 कार्य आबंटित किए गए हैं।

    गरियाबंद /शौर्यपथ/
    आर्थिक स्तर में आया सुधार

    जिले के विकासखंड़ फिंगेश्वर अंतर्गत ग्राम कुम्ही के किसान  बालचंद साहू ने मत्स्य पालन कर अपने आर्थिक स्तर को सुधारने में सफलता पाई है।  बालचंद पहले अपने पुस्तैनी 18 एकड़ जमीन में धान फसल की पैदावारी ले रहा था, जिसमें लागत के मुताबिक आमदनी नहीं हो रही थी। ऐसी स्थिति में बालचंद ने खेती के अलावा अतिरिक्त आमदनी हेतु मत्स्य पालन का विकल्प चुना और मछली पालन गतिविधियों का अवलोकन कर इससे प्रोत्साहित होकर उन्होंने अपने 01 हेक्टेयर जमीन में तालाब का निर्माण करवाया और मत्स्य विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया।

    मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया।

    उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन विभाग द्वारा वर्ष 2019.20 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत, स्वयं की भूमि पर स्वयं के व्यय से 01 हेक्टेयर जलक्षेत्र निर्माण पर योजनानुसार 40 प्रतिशत की दर से अनुदान राशि 2ण्80 लाख रूपये भी प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने मत्स्य पालन गतिविधियों का विस्तार किया और सालभर के भीतर ही अक्टूबर 2020 में उन्होंने 50 टन मत्स्य उत्पादन कर बाजारों में बिक्री कर अच्छी आमदनी अर्जित किया, जिससे प्रोत्साहित होकर उन्होंने स्वयं की कृषि भूमि पर 01 हेक्टेयर का और तालाब बनवाया। साथ ही तालाब की मेढ़ो पर उद्यानिकी एवं दलहनों फसलों तथा कटहल, पपीता, नीबू पौधा रोपित कर अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनाया। मछली पालन से बालचंद साहू आर्थिक रूप से सुदृढ़ हुए, साथ ही उनके मत्स्य पालन कार्य में संलग्न 05 मजदूर को रोजगार मिला तथा आसपास के फुटकर मछली विक्रेता रोजाना 25 से 50 किग्रा मछली खरीदकर गांवों में विक्रय कर आमदनी अर्जित कर रहे है।  बालचंद मत्स्य पालन व्यवसाय से अब सफल मछली पालक के रूप में जाने जाते है। अब वे हैचरी निर्माण की योजना बना रहे है।

    नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे के चलते दिल्ली सरकार ने क्रिसमस और नए साल के जश्न के आयोजन के लिए होने वाले किसी भी जमावड़े पर रोक लगा दी है. DDMA ने इस बारे में औपचारिक आदेश जारी किया. किसी भी तरह के कल्चरल इवेंट, गैदरिंग पर रोक लगाई गई है.

    नई दिल्‍ली /शौर्यपथ/

      नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे के चलते दिल्ली सरकार ने क्रिसमस और नए साल के जश्न के आयोजन के लिए होने वाले किसी भी जमावड़े पर रोक लगा दी है. DDMA ने इस बारे में औपचारिक आदेश जारी किया. किसी भी तरह के कल्चरल इवेंट, गैदरिंग पर रोक लगाई गई है.जिला प्रशासन के अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को आदेश का पालन करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ हीजिला प्रशासन से रोजाना रिपोर्ट देने के लिए कहा गया. कोरोना के नए वेरिएंट Omicron के देश की राजधानी में बढ़ते मामलों के मद्देनजर DDMA का यह आदेश आया है. इसके साथ ही मार्केट ट्रेड एसोसिएशन को दुकानों पर नो मास्‍क, नो एंट्री लागू करने के लिए कहा गया है.

    गौरतलब है कि राजधानी दिल्‍ली में कोरोना के नए केसों की संख्‍या में इजाफा हो रहा है. कुछ समय पहले ही दिल्‍ली में रोजाना 50 से कम कोरोना केस दर्ज हो रहे थे, यह संख्‍या अब बढ़कर 100 और इसके पार पहुंच गई है. मंगलवार को दिल्‍ली में पिछले 24 घंटे में 102 केस दर्ज हुए थे और कोरोना संक्रमण दर , 0.2 फीसदी हो गई है. मंगलवार को कोरोना संक्रमण से 1 मरीज की मौत हुई है, इसके साथ ही दिल्‍ली में कोरोना से मौत का कुल आंकड़ा 25,102 पहुंच गया है.

    ओमिक्रॉन वेरिएंट की बात करें तो इसके देश में अब तक 200 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं. ओमिक्रॉन के कुल केस देश में बढ़कर 213 हो गए हैं. हालांकि, 90 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि सबसे ज्यादा 57 मामले दिल्ली में हैं. इसके बाद महाराष्ट्र में 54 केस सामने आए हैं.

     

     

     

     

     

    नईदिल्ली /शौर्यपथ/ 

    पूर्व सांसद डिंपल ने बुधवार को एक ट्वीट करके यह जानकारी दी. उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा' मैंने कोविड टेस्ट कराया जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव है.'

    उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/  

    जिले के पंजीकृत बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को फॉस्टर केयर के प्रावधान अनुसार अस्थाई संरक्षण में दिये जाने हेतु भारतीय दंपत्तियों से आवेदन आमंत्रित किया गया है। फॉस्टर केयर परिवार का दायित्व होगा कि बालक को समुचित भोजन, वस्त्र, आश्रय, शिक्षा, देखभाल एवं संरक्षण आवश्यकता अनुसार सभी प्रकार की चिकित्सा तथा उपचार, आयु एवं रूचि अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण, बालक की विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति, बालक का पोषण, दुर्व्यव्यवहार, हानि, उपेक्षा से सुरक्षा तथा बालक एवं उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करें, इसके साथ ही फॉस्टर केयर मार्गदर्शिका 2016 में उल्लेखित सभी दायित्वों एवं शर्तों तथा बालक कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के निर्देशों के पालन करना अनिवार्य होगा।

    ऐसे भारतीय दंपत्ति जो देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को अस्थायी रूप से संरक्षण में लेना चाहते हैं, वे बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर के कार्यालय में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकते हैं।

     

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