August 07, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

     आंखों के दर्द  का मुख्य कारण है, आंखों पर पड़ने वाला दवाब. बढ़ते प्रदूषण और मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर के अत्यधिक उपयोग के कारण भी आंखों में कई प्रकार की समस्या होने लगती है. ऐसे में कुछ घरेलू नुस्खे के माध्यम से आंखों को साफ सुथरा रखा जा सकता है, जिससे आपकी आंखों की रोशनी भी बढ़ेगी.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

     आंखें हमारे शरीर के सबसे नाजुक एवं संवेदनशील अंगों में से एक है, इसलिए इन पर किसी भी चीज का प्रभाव बहुत जल्दी पड़ता है. आंखों में कोई भी समस्या होने पर आंखों में दर्द महसूस होने लगता है. आजकल दिन भर कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करने या मोबाइल पर आंखें गढ़ाये रखने के कारण भी सिरदर्द के साथ आंखों में दर्द होने लगता है. आजकल अधिकांश लोग मोबाइल  और कंप्यूटर  पर अधिक समय बिता रहे हैं, जिसके चलते आंखों की समस्याएं  लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन इनमें सबसे सामान्य समस्या आंखों के जलन की है. हालांकि, इन सबसे अलावा धूल के चलते भी आंखों में जलन की समस्या हो सकती है और इसे नजरअंदाज करने के बजाए इस पर ध्यान देने की जरूरत है, इसलिए हम आपको आंखों का ध्यान रखने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं आंखों में जलन या दर्द दूर करने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में, जिनसे आपको जल्द राहत मिल सकता है.

    आंखों में दर्द के लक्षण 

    प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता.

    आंखों में लाली.

    आंखों में जलन होना.

    आंखों से पानी बहना.

    सिर में दर्द रहना.

    माथे में दर्द.


    आंखों का दर्द कम करने के लिए घरेलू उपाय 

    खीरे की तासीर काफी ठंडी होती है और यही कारण है कि गर्मी के दिनों में लोग इसका खूब सेवन करते हैं. पर क्या आपको पता है कि खीरा आंखों की जलन की समस्या से छुटकारा दिलाने में भी लाभदायक है. दरअसल, खीरे का प्रभाव शीतल होता है, इसलिए आंखों की जलन में इससे राहत मिलती है. इसके लिए पहले आप खीरे को फ्रिज में रख कर ठंडा कर दें. फिर उसे काटकर उसके टुकड़े को आंखों पर कुछ देर के लिए लगाएं.

    खीरे की तरह आलू की स्लाइस भी आंखों पर रखे जा सकते हैं और यह भी भरपूर आराम देगा. इसके अलावा आलू के रस को आंख पर लगाया जा सकता है और इससे भी जलन और दर्द में राहत मिल सकती है.

    गुलाब जल बहुत ही राहत देने वाला विकल्प है. गुलाब जल के इस्तेमाल से दर्द से तुरंत राहत मिल सकती है. रोजाना सोने से पहले गुलाब जल की एक या दो बूंदें आंखों में डालें. गुलाब जल से आंखें धो भी सकते हैं.

    आंख में शहद की एक बूंद डालें, लेकिन जलन होने पर डरें नहीं. यह आंख के दर्द में राहत देगा.

    आंखों को साफ करने का एक कारगर उपाय ठंडा दूध भी है. दूध में मौजूद कई तत्व संक्रमण और थकान दूर करने में मदद करते हैं. ठंडे दूध से रोजाना आंखों पर मसाज करें.

    मोटापा कम करने के अलावा आंखों की जलन को कम करने के लिए भी टी-बैग्स काफी कारगर हैं. अगर आपको आंखों में जलन है तो आप ग्रीन टी-बैग्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके उपयोग से पहले आप टी-बैग्स को फ्रिज में ठंडा कर लें और उसके बाद उसे अपनी आंखों पर रखें. इससे आपको आंखों की जलन की समस्या में राहत मिलेगी.

     

     

     

     

     

    हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/ 

    कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है। भारत में अब तक मिले ओमिक्रॉन संक्रमितों की कुल संख्या 166 हो गई है। साथ ही, दुनिया भर में इससे 12 लोगों की मौत हो चुकी है। आगे और क्या देखने मिल सकता है, ये सोचकर लोगों में चिंता, तनाव और घबराहट बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में हमें अपने शरीर के साथ-साथ मेंटल हैल्थ का ख्याल रखने की भी जरूरत है।

    इन 5 साइन्स-बेस्ड तरीकों को फॉलो करके आप अपने मन को शांत रख सकते हैं..

    1. अपने शरीर की सुनें

    नकारात्मक भावनाओं से लड़ने के लिए सबसे पहले अपने शरीर की खामोश आवाजों को सुनना जरूरी है। क्या आपके पेट में अकड़न है? क्या आपके सिर में दर्द है? क्या आपकी मांसपेशियों में खिंचाव है? अगर इन सभी सवालों का जवाब हां है तो ये आपकी चिंता के शारीरिक लक्षण हैं। इसके लिए आपको रिलैक्स होने की जरूरत है।

    शरीर को आराम देने के लिए अपनी पीठ के बल लेट जाएं। इसके बाद, एक किताब को अपने पेट पर रखें और दोनो हाथों को अपनी छाती पर रख लें। अब इतनी गहरी सांस लें कि किताब जितना हो सके उठ जाए। ये एक्सर्साइज कम से कम 7 मिनट तक करें। इसके अलावा, आप एक कटोरे में बर्फीला पानी लेकर अपने मुंह को धो सकते हैं।

    2. टॉक्सिक पॉजिटिविटी से रहें दूर

    अपनी चिंताओं को पूरी तरह से नजरंदाज करने से आप टॉक्सिक पॉजिटिविटी के शिकार हो सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा करके आप अपने दिमाग पर प्रेशर डालते हैं, जिससे मानसिक विकार और बढ़ सकते है। इसलिए जब भी चिंता में हों, खुद से बात करें। अपने दिल पर हाथ रखें और खुद को सहारा दें। ध्यान रखें, कभी-कभी चिंता करना भी सही होता है।


    3. गलत आदतों को सुधारें​​​​​​​

    चिंता से भागने के लिए अगर सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं, तो इस आदत को अभी बदल लें। बिना मतलब के सोशल मीडिया चलाने से आपकी घबराहट और बढ़ जाती है। जर्मनी में हुई एक स्टडी के मुताबिक, महामारी के बारे में ज्यादा पढ़ने से चिंता बढ़ती है।

    यदि आप सोशल मीडिया के आदी हैं, तो ऐसे एप्स को अपने फोन से हटा दें जिन्हें चला​​​​​​​कर आप अच्छा महसूस नहीं करते। साथ ही, दूसरों पर निर्भर होने, आलस करने, काम टालने, शराब पीने और कम नींद लेने की आदतों को भी सुधारें।

    4. अपना नजरिया बदलें​​​​​​​

    कोरोना महामारी का अंत कब होगा, यह सवाल हम सभी के मन में है। हालांकि, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इसलिए हमें अपनी जिंदगी जीने का नजरिया बदलना होगा। चीजों के नकारात्मक और सकारात्मक दोनो ही पहलुओं को परखना होगा। आप यह कल्पना भी कर सकते हैं कि आपकी आज की चिंताएं एक दिन, हफ्ते, महीने या साल बाद कैसी लग सकती हैं।

    5. अकेले ना रहें

    अकेलापन आपको ज्यादा सोचने पर मजबूर करता है। चिंता दूर करने का सबसे अच्छा तरीका होता है अपने परिवार या दोस्तों से बात करना। साथ ही, आप अपने विचारों को लिखकर उनसे राहत पा सकते हैं। बच्चों और जानवरों के साथ खेलने, ताजी हवा में घूमने और नई हॉबीज एक्सप्लोर करने से भी आप अपनी चिंताओं से मुक्त हो सकते हैं।

     

     

    सूरजेवाला ने कहा, "ओमिक्रोन वायरस के खतरे को मोदी सरकार नज़रअंदाज़ कर रही है. मोदी सरकार दिशाहीन नेतृत्व की सरकार है, जो स्टंटबाजी तक सीमित हो गई है."

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

     कांग्रेस  ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  पर कोरोना वायरस  के खिलाफ जंग में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. पार्टी प्रवक्ता और महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला  ने आज (रविवार, 26 दिसंबर) एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में मोदी सरकार के उस दावे को गलत ठहराया जिसमें कहा गया था कि 31 दिसंबर तक 18 साल से ऊपर के सभी देशवासियों को वैक्सीन की दोनों खुराक दे दी जाएगी.

    प्रधानमंत्री मोदी ने आज 'मन की बात' में भी दावा किया है कि देशभर में 141 करोड़ वैक्सीन खुराक दी जा चुकी है. उन्होंने कल राष्ट्र के नाम संबोधन में फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को बूस्टर डोज देने और 12 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन देने का ऐलान किया था.

    सुरजेवाला ने कहा, "मोदी जी ने टीवी पर आकर कल शेखी बघारी, वाहवाही बटोरी, लेकिन वैक्सीन है कहाँ?" उन्होंने कहा, "ओमिक्रोन वायरस के खतरे को मोदी सरकार नज़रअंदाज़ कर रही है. मोदी सरकार दिशाहीन नेतृत्व की सरकार है, जो स्टंटबाजी तक सीमित हो गई है."

    कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की आपराधिक लापरवाही के कारण कोरोना की दूसरी लहर में 40 लाख लोग मौत के शिकार हुए. उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आहट से ठीक पहले देशवासियों की जान फिर से मोदी सरकार खतरे में डाल रही है. सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि 31 दिसम्बर तक 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों यानी 94 करोड़ लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज़ लगा देंगे लेकिन 31 दिसंबर में अब सिर्फ 5 दिन बचे हैं और सरकार निर्धारित लक्ष्य से दूर है.

    रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ओमीक्रॉन वायरस के खतरे को नजरंदाज कर ज़िंदगियों से खिलवाड़ कर रही है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के‘‘बातें बनाने'' और ‘‘टेलीविज़न पर आने'' से अपराधिक लापरवाही के ‘‘ज़ख्म'' नहीं भरेंगे. सूरजेवाला ने कहा कि देश के डॉक्टरों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, फ्रंट लाईन वर्कर्स व अस्पतालों को साधुवाद, जिन्होंने जान हथेली पर रख कोरोना संकट से जूझने व खतरा उठाकर भी देशवासियों को कोरोना निरोधक वैक्सीन लगाया. देश ‘‘कोरोना वॉरियर्स'' का सदा आभारी रहेगा लेकिन टीवी पर ‘‘बातें बनाने'' या रोज़ ‘‘टेलीविज़न पर प्रधानमंत्री के आने'' से ज़ख्म नहीं भरेंगे!

     

     

     

     

    सक्ती प्रेस क्लब भवन का हुआ लोकार्पण

    रायपुर /शौर्यपथ/

    चंद्रपुर विधायक राम कुमार यादव ने कहा कि निर्भीक पत्रकारिता का सभी सम्मान करते हैं

    छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आज सक्ती नगर पालिका क्षेत्र में प्रेस क्लब भवन का लोकार्पण किया। डॉ. महंत ने नए भवन के लोकार्पण पर उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

    विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रजातंत्र में पत्रकारिता चौथे स्तंभ के रूप में मजबूती के साथ अपना कार्य कर रहा है। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ में मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नवगठित जिला सक्ती को गरिमा के अनुकूल स्थापित करने में भी मीडिया के साथियों का सहयोग मिल रहा है।

    चंद्रपुर विधायक  राम कुमार यादव ने कहा कि निर्भीक पत्रकारिता का सभी सम्मान करते हैं। समाज के अंतिम छोर के व्यक्ती की समस्या को भी प्राथमिकता के साथ सामने लाने में मीडिया महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही है। जिसके कारण ही लोगों का विश्वास मीडिया के प्रति बना हुआ है।

    रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष दामू अंबाडरे ने भी प्रेस क्लब भवन के लोकार्पण पर शुभकामनाएं दी तथा मीडिया से संबंधित समस्याओं और चुनौतियों से अवगत कराया।

    पत्रकार निरंजन यादव ने स्वागत भाषण और सक्ती प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश शर्मा ने आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ पत्रकार संस्कार द्विवेदी ने मंच संचालन का दायित्व निभाया। इस अवसर पर सर्वश्री दिनेश शर्मा, राघवेंद्र कुमार सिंह, रवि पांडे, श्याम सुंदर अग्रवाल, विद्या सिदार, गुलजार सिंह, दादू जायसवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, हरीश परसाई, सहित बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

     

     

    चाहे सब्जी हो या लड्डू, हमारे देश में मेथी किसी न किसी रूप में इस्तेमाल की जाती है। इसका कारण- ये कई तरह के रोग घर बैठे ही ठीक कर देती है। मेथी में बहुत सारे विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं। यह दवाई से लेकर कॉस्मेटिक तक, हर तरह के घरेलू नुस्खे के रूप में काम आती है। सुबह उठकर सबसे पहले मेथी के दाने का पानी पीने से शरीर के दूषित तत्व बाहर निकल जाते हैं। साथ ही, डायबिटीज और कब्ज जैसी समस्याएं कंट्रोल में रहती हैं।


    मेथी का पानी बनाने में केवल 10 मिनट का समय लगता है। आप एक से डेढ़ चम्मच मेथी के दानों को रात में ही पानी में भिगो दें। सुबह उठकर इस पानी को अच्छी तरह छान लें। फिर इसे खाली पेट पी जाएं। बचे हुए मेथी दानों को फेकने की जगह बाद में खा भी सकते हैं। ध्यान रखें, मेथी गर्म होती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।


    मेथी का पानी पीने के फायदे

    1. वजन कम करने में मददगार: मेथी में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो वजन कम करने में एक अहम भूमिका निभाता है।

    2. त्वचा और बालों को स्वस्थ रखता है: मेथी के दानों में एंटीआक्सिडेंट होते हैं, जो स्किन को स्वस्थ रखने में कारगर हैं। ये त्वचा को जल्दी हील करते हैं। इसके अलावा, बहुत से कॉस्मेटिक्स में भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। मेथी में मौजूद प्रोटीन बालों का झड़ना कम करता है।

    3. पेट संबंधी समस्याएं घटाता है: मेथी का पानी पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। यदि आपको पेट संबंधी कोई भी बीमारी है, तो मेथी का पानी जरूर पिएं।

    4. दिल को रखता है खुश: मेथी दाने का पानी दिल में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। साथ ही, ये कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखता है।

    5. डायबिटीज को कंट्रोल करने में कारगर: मेथी के दाने पौराणिक समय से ही डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। मेथी के पानी का रोजाना सेवन करने से डायबिटीज कंट्रोल में रहती है। फिर भी, रूटीन अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

     

     

     

     

     

    पीएम मोदी ने कहा कि ये जनशक्ति की ही ताकत है, सबका प्रयास है कि भारत 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी से लड़ सका.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

     ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत सतर्कता और अनुशासन देश की बड़ी ताकत हैं. पीएम ने ‘मन की बात' रेडियो कार्यक्रम में कहा कि भारत ने अपनी टीकाकरण मुहिम में ‘‘अभूतपूर्व सफलता'' हासिल की है, लेकिन वायरस के नए स्वरूप के कारण सतर्क रहने की आवश्यकता है.

    पीएम मोदी ने कहा, ‘‘हमारे वैज्ञानिक इस नए ओमीक्रोन स्वरूप पर लगातार नजर रख रहे हैं. उन्हें हर रोज नए आंकड़े मिल रहे हैं और उनके सुझावों के आधार पर कदम उठाए जा रहे हैं.''

    उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत सतर्कता और अनुशासन देश की बड़ी ताकत हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सामूहिक ताकत कोरोना वायरस को हराएगी. हमें जिम्मेदारी की इस भावना के साथ 2022 में प्रवेश करना है.''

    उन्होंने शनिवार को घोषणा की थी कि अगले साल तीन जनवरी से 15 से 18 साल की आयु के किशोरों के लिये टीकाकरण अभियान आरंभ किया जाएगा. उन्होंने कहा था कि 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को चिकित्सकों की सलाह पर एहतियात के तौर पर टीकों की खुराक दिए जाने की शुरुआत की जाएगी.

    रविवार को ‘मन की बात' में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का भी जिक्र किया, जिन्होंने तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट हुए हेलीकॉप्टर हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पिछले सप्ताह बेंगलुरु के एक सैन्य अस्पताल में दम तोड़ दिया था. इस हादसे में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बलों के 11 कर्मियों की मौत हो गई थी. आठ दिसंबर को हुए इस हादसे में केवल ग्रुप कैप्टन सिंह ही जीवित बचे थे.

     

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष  दलेश्वर साहू के नेतृत्व में भोयरा मरार समाज कल्याण समिति राजनांदगांव के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  बघेल को 3 जनवरी 2021 को आयोजित राष्ट्र माता सावित्री बाई फुले जयंती समारोह के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  बघेल ने इसके लिए भोयरा मरार समाज कल्याण समिति के पदाधिकारियों का आभार जातया।

    इस दौरान समाज के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल को हाल ही में अखिल भारतीय महात्मा फुले समता परिषद द्वारा ‘महात्मा फुले समता पुरस्कार‘ से सम्मानित किए जाने पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं भी दी गई। इस अवसर पर भोयरा मरार समाज कल्याण समिति राजनांदगांव के अध्यक्ष  सुकदेव पटेल, सर्वश्री शिवकुमार पटेल, नवाज खान, परेट पटेल, गजेन्द्र ठावरे, सीताराम पटेल, तुलसी पटेल, भगवान सिंह, राजू, चन्दन दोदरे, धरमू पटेल आदि उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री से नगर पंचायत मारो के नवनिर्वाचित पार्षदों ने की सौजन्य मुलाकात

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री से नगर पंचायत मारो के नवनिर्वाचित पार्षदों ने की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में बेमेतरा जिले के मारो नगर पंचायत के नवनिर्वाचित पार्षदों ने सौजन्य मुलाकात की

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में बेमेतरा जिले के मारो नगर पंचायत के नवनिर्वाचित पार्षदों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री बघेल ने सभी नवनिर्वाचित पार्षदगण को नगरीय निकाय चुनाव में उनकी जीत के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

    मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार द्वारा सभी वर्ग की खुशहाली के लिए पुरखों ने जो सपना देखा था, उसे निरंतर साकार करने का कार्य हो रहा है। मुझे विश्वास है कि जब हम अपने पुरखों के रास्ते पर चलते है और पुराने मूल्यों से छेड़खानी किए बगैर सुधार के साथ आगे बढ़ते हैं, तो हम निश्चित ही सफलता के शिखर पर पहुंचते है। हमने तीन वर्षों में राज्य में किसान, गरीब, मजदूर, नौजवान तथा महिलाओं सहित कमजोर तबकों के उत्थान के लिए ऐसे प्रयास किए है, जिनके बारे में पहले कभी सोचा नहीं गया था। हम इस दौरान सभी वर्ग के लोगों को बराबरी के अवसर देकर हमारे पुरखों द्वारा बताए गए रास्ते पर चलने में सफल भी हो रहे हैं।

    इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, संसदीय सचिव गुरूदयाल सिंह बंजारे, अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, भूतपूर्व विधायक प्रदीप चौबे एवं नवनिर्वाचित पार्षदगण सर्व नरेन्द्र कुमार टण्डन, रामनाथ मिरी, परमेश्वर मिरी, ईश्वर ध्रुव, चन्द्रकांता बंजारे, सुधा तिवारी, राजमती ठाकुर, ममता यादव, मालती बघेल आदि उपस्थित थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    नवनिर्वाचित पार्षदों ने सौजन्य मुलाकात की

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में प्रेमनगर नगर पंचायत के नवनिर्वाचित पार्षदों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  बघेल ने सभी नवनिर्वाचित पार्षदगण को नगरीय निकाय चुनाव में उनकी जीत के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  खेलसाय सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन एवँ जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

     

    सेन्ट पॉल केथेड्रल पहुंचकर प्रार्थना में शामिल हुए मुख्यमंत्री

    मसीही समाज तथा प्रदेशवासियों को क्रिसमस की दी बधाई

    प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की

    रायपुर /शौर्यपथ/

    प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की

    मसीही समाज तथा प्रदेशवासियों को क्रिसमस की दी बधाई

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज क्रिसमस पर्व पर राजधानी रायपुर के सेन्ट पॉल केथेड्रल पहुंचकर प्रार्थना में शामिल हुए और प्रदेश के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मसीही समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों को क्रिसमस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर  बघेल ने कहा कि प्रेम, दया, करुणा और ईश्वर पर विश्वास ही मुक्ति का रास्ता है। यही रास्ता प्रभु यीशु मसीह ने हमें दिखाया है। जहां प्रेम और सद्भाव होगा वहां विकास भी होगा। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के मूल्य भी यही हैं और छत्तीसगढ़ शासन का मूलमंत्र भी यही है।

     बघेल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने स्वयं कष्ट सहकर भी पीड़ितों की सेवा करते रहने का मार्ग हमें दिखाया है। पिछले दो-तीन दशकों में पूरी दुनिया में मानव-मूल्यों में तेजी से गिरावट आई है। हिंसा और घृणा का वातावरण घना हुआ है। ऐसे में प्रभु यीशु मसीह के संदेशों की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। हम सभी को उनकी शिक्षाओं को याद रखने और उनका अनुसरण करने की जरूरत है। नफरत का रास्ता जंग और अशांति का रास्ता है, जबकि प्रेम का रास्ता शांति और सद्भाव का रास्ता है। प्रभु यीशु मसीह ने जिन गुणों को धारण करने का आदेश दिया है, वे सभी गुण हमारी छत्तीसगढ़िया संस्कृति में हमेशा से विद्यमान है। सभी तरह के विश्वासों और परंपराओं का आदर ही हमारी सांस्कृतिक विशेषता है।

     बघेल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान हमने अधोसंरचना के निर्माण के साथ-साथ अपने सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाने के लिए भी काम किया है। तीन वर्ष पहले हम लोगों ने नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प लिया था। हमारे सपनों का वह छत्तीसगढ़ आज साकार होकर सबके सामने हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर केथेड्रल में उपस्थित लोगों के साथ केक काटकर क्रिसमस सेलिब्रेट किया। चर्च में उपस्थित सभी लोगों ने प्रभु की प्रार्थना की। चर्च के गायन दल ने कैरोल गीत प्रस्तुत किए। नवनिर्वाचित बिशप  अजय जेम्स द्वारा मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष  कुलदीप जुनेजा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  महेन्द्र छाबड़ा, विधायक  रेणु जोगी, महापौर  ऐजाज ढेबर, पूर्व विधायक  अमित जोगी सहित मसीही समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    । इस अवसर पर  बघेल ने कहा कि प्रेम, दया, करुणा और ईश्वर पर विश्वास ही मुक्ति का रास्ता है। यही रास्ता प्रभु यीशु मसीह ने हमें दिखाया है। जहां प्रेम और सद्भाव होगा वहां विकास भी होगा। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के मूल्य भी यही हैं और छत्तीसगढ़ शासन का मूलमंत्र भी यही है।

     बघेल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने स्वयं कष्ट सहकर भी पीड़ितों की सेवा करते रहने का मार्ग हमें दिखाया है। पिछले दो-तीन दशकों में पूरी दुनिया में मानव-मूल्यों में तेजी से गिरावट आई है। हिंसा और घृणा का वातावरण घना हुआ है। ऐसे में प्रभु यीशु मसीह के संदेशों की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। हम सभी को उनकी शिक्षाओं को याद रखने और उनका अनुसरण करने की जरूरत है। नफरत का रास्ता जंग और अशांति का रास्ता है, जबकि प्रेम का रास्ता शांति और सद्भाव का रास्ता है। प्रभु यीशु मसीह ने जिन गुणों को धारण करने का आदेश दिया है, वे सभी गुण हमारी छत्तीसगढ़िया संस्कृति में हमेशा से विद्यमान है। सभी तरह के विश्वासों और परंपराओं का आदर ही हमारी सांस्कृतिक विशेषता है।

     

     

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