September 02, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

      दुर्ग / शौर्यपथ / आज इंदिरा मार्केट दुर्ग में स्थानीय व्यापारियों से सौहार्दपूर्ण चर्चा करते हुए जीएसटी रिफार्म (जीएसटी 2.0) के प्रभाव और लाभों पर विस्तार से विचार-विमर्श करने स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव दुर्ग के इंदिरा मार्केट पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए जीएसटी सुधार व्यापार जगत के लिए महत्वपूर्ण और दूरगामी साबित होंगे।
    स्थानीय व्यापारियों के साथ शहर के प्रसिद्ध मार्केट में व्यापारियों से चर्चा के दौरान मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने यह साझा किया कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं एवं छोटे व्यवसायिक उत्पादों पर कर दरों में कमी से आम उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। इसके साथ ही बाजार में माँग में वृद्धि होने से व्यापार को भी गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार होगा।
    इंदिरा मार्केट में दुकानदारों से सौहार्दपूर्ण भेंट कर उन्हें गुलाब पुष्प भेंट स्वरूप प्रदान किए गए तथा जीएसटी दर निर्धारण से संबंधित पोस्टर अपने प्रतिष्ठानों पर लगाने का आग्रह किये। दुकानदारों से संवाद के दौरान उन्हें स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने और “वोकल फॉर लोकल” अभियान को बढ़ावा देने की अपील किये। यह पहल न केवल स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी साकार करने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार, श्री सुरेन्द्र कौशिक, श्री महेन्द्र लोढ़ा, चेम्बर के प्रतिनिधि श्री अशोक राठी सहित अनेक व्यापारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ /

    कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में जिले के सभी राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।
    उन्होंने कहा कि “राजस्व विभाग प्रशासन की रीढ़ है, यहाँ की तत्परता सीधे जनता के विश्वास से जुड़ी है।”

    बैठक में नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन, डायवर्सन, वृक्ष कटाई, त्रुटि सुधार, अभिलेख शुद्धता, कृषक पंजीयन, ई–डिस्ट्रिक्ट लोक सेवा गारंटी, गिरदावरी, धान खरीदी और भूमि आबंटन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की गई।


    ? भूमि आबंटन के आवेदन प्राथमिकता से निपटाएं – कलेक्टर

    कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि शासकीय विभागों से भूमि आबंटन के लिए प्राप्त आवेदनों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए।
    उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि चिन्हांकित स्थलों का मैदानी निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जांच करें और नक्शा बटांकन कार्य शीघ्र पूर्ण करें।
    साथ ही, शासकीय भूमि पर हुए कब्जे हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए।


    ? कृषक पंजीयन और धान खरीदी तैयारियों की समीक्षा

    कलेक्टर ने कहा कि कृषक पंजीयन कृषि डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचेगा।
    उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र किसानों का पंजीयन प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए तथा ग्राम पंचायतों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कर किसानों को सूचित किया जाए।

    धान खरीदी को लेकर भी उन्होंने विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि जिले की 20 नई समितियों को राजस्व रिकॉर्ड में अपडेट किया जाए ताकि खरीदी कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।


    ?️ अभिलेख शुद्धता और सीमांकन कार्य में तेजी

    कलेक्टर सिंह ने अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व वसूली की स्थिति पर विशेष चर्चा की।
    उन्होंने निर्देश दिए कि सीमांकन प्रतिवेदन की तिथि निर्धारित कर कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नक्शा बटांकन के लिए टीम बनाकर कार्यवाही में तत्परता लाई जाए।
    अभिलेख शुद्धता के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र (DSC) को एक सप्ताह के भीतर अद्यतन करने भी कहा गया।


    ⚖️ भू-अर्जन, मुआवजा और लोक आयोग प्रकरणों पर सख्त निर्देश

    कलेक्टर ने भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों, भारतमाला परियोजना से संबंधित कार्यों और राजस्व पुस्तक परिपत्र 6–4 के मामलों की समीक्षा की।
    उन्होंने कहा कि मुआवजा भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य होगी, और प्रभावित लोगों को समय पर राहत मिलनी चाहिए।
    जाति प्रमाण पत्र के लंबित प्रकरणों को भी गंभीरता से लेकर शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए गए।


    ?‍? भूमिहीन कृषक योजना में पारदर्शिता पर बल

    कलेक्टर ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक कल्याण योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों की सूची को अद्यतन करने कहा।
    उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि “अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ न मिले, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जवाबदेही होगी।”


    ? अंतर-विभागीय समन्वय और जवाबदेही पर जोर

    कलेक्टर सिंह ने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी (SDM), तहसीलदार, और नायब तहसीलदार परस्पर समन्वय से सभी भू-अभिलेख संबंधी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें।
    उन्होंने चेतावनी दी कि “राजस्व कार्यों में लापरवाही या विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।”


    ? बैठक में उपस्थित अधिकारी

    बैठक में अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह,
    एसडीएम श्री लवकेश ध्रुव, श्री सोनल डेविड, श्री महेश राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस,
    तथा सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एएसएलआर अधिकारी उपस्थित रहे।


    ? कलेक्टर अभिजीत सिंह का संदेश

    “राजस्व प्रशासन की कार्यशैली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की संतुष्टि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
    प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि हर प्रकरण का समाधान समयसीमा में हो और जनता को राहत मिले।”

       भिलाई / शौर्यपथ / म्युल एकांउट का उपयोग कर सायबर ठगी के प्रकरण में 01 आरोपी को सुपेला पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया है। आरोपी द्वारा स्वयं के बैंक खाता को सायबर ठगी की रकम प्राप्त करने में उपयोग किया जाता था। खाता में सायबर ठगी से प्राप्त 44,250 रूपये एवं 3,85,231 रूपये जमा किया गया था।
    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि दुर्ग पुलिस द्वारा सायबर क्राईम रोकने एवं सायबर क्राईम में संलिप्त अपराधियो के विरूद्ध लगातार अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है, इसी क्रम में सायबर क्राईम में म्यूल अकाउंट का प्रयोग कर सायबर क्राईम को अंजाम देने वाले 01 आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है। अभियान के तहत समन्वय पोर्टल के माध्यम से उत्कर्ष स्माल फायनेंस बैंक शाखा सुपेला के एक बैक खाता में साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम के जमा होने की जानकारी प्राप्त होने पर उक्त खाता के संबंध में अपराध कायम किया जाकर जानकारी प्राप्त की गई।
    विवेचना में पाया गया कि उक्त म्यूल खाता के धारक मुकेश नायक पिता अभ्रत नायक उम्र 36 साल पता सेक्टर 04 सडक 16, 7/बी सर्वेंट क्वाटर थाना भिलाई नगर द्वारा उक्त खाता खुलवाकर जानबूझकर छलपूर्वक बेईमानी से खाते में ऑन लाईन ठगी की रकम प्राप्त कर 43400 रुपये अवैध धनलाभ अर्जित किया गया है
    आरोपी मुकेश नायक के विरूद्ध अपराध क्रमांक 1164/2025 धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत अपराध कायम किया जाकर प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
    उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विजय कुमार यादव, उनि दीपक चौहान, सउनि अमर दास गंगेले, की सराहनीय योगदान रहा।

    “बिरनपुर प्रकरण में सीबीआई की रिपोर्ट ने खोला सच — दो बच्चों के विवाद को साम्प्रदायिक रंग देकर भाजपा ने रचा था राजनीतिक षड्यंत्र" भिलाई / शौर्यपथ / विधायक देवेंद्र…

      भिलाई / शौर्यपथ संवाददाता।
    भिलाई इस्पात संयंत्र के भीतर कॉपर केबल चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। CISF की सतर्कता से दो ठेका श्रमिकों को 60 किलो तांबे की केबल के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया, जो संयंत्र से चोरी कर बाहर ले जाने का प्रयास कर रहे थे। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भिलाई भट्टी पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।
     घने जंगल में संदिग्ध गतिविधि, CISF ने किया पीछा
      घटना 4 अक्टूबर की सुबह लगभग 9 बजे की है। CISF के प्रधान आरक्षक अरविंद एक्का रोलिंग मिल गेट पर तैनात थे, तभी उन्होंने गेट के बाहर जंगल क्षेत्र में दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा। संदेह होने पर उन्हें रोका गया और तलाशी में बैग में छिपाई गई कॉपर केबल (स्क्रैप) बरामद हुई।
    पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम
      सुरेंद्र कुमार देवांगन (30 वर्ष), पिता ललित कुमार देवांगन — ठेका फर्म G.R. एंटरप्राइजेज का कर्मचारी और जगदीश नायक (25 वर्ष), पिता किशोर नायक — दोनों शंकर पारा, स्टेशन मरोदा (वार्ड-62, सिविक सेंटर, भिलाई) निवासी बताए।
     अंदर से निकला कर्मचारी, बाहर से साथी — प्लांट के भीतर से की चोरी
      पूछताछ में सामने आया कि सुरेंद्र देवांगन प्लेट मिल में क्रेन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है, जबकि जगदीश नायक बाहरी व्यक्ति था जो बिल्डिंग नंबर-14 के पिछले हिस्से से अवैध रूप से संयंत्र में घुसा था। दोनों ने मिलकर यूआरएम (URM) क्षेत्र से कॉपर केबल चोरी की और उसे बैग में भरकर बाहर निकालने की कोशिश की। CISF उप निरीक्षक रामकुमार धीरन (55 वर्ष) की रिपोर्ट पर भिलाई भट्टी थाना में मामला दर्ज किया गया।
     बरामद सामग्री को बीएसपी के महाप्रबंधक (PBS) जी.पी. कुर्रे के समक्ष प्रस्तुत करने पर उन्होंने उसे संयंत्र की संपत्ति के रूप में पहचान की और प्रमाण पत्र जारी किया। बरामद कॉपर वायर की कीमत लगभग ₹39,000 आँकी गई है।
     बाइक, मोबाइल और वायर सहित माल जब्त — पुलिस ने दर्ज किया अपराध
      CISF ने दोनों आरोपियों से बरामद दो मोटरसाइकिलें (CD Deluxe CG07 AP 6757 और Pulsar CG07 CW 1942),दो मोबाइल फ़ोन और चोरी की कॉपर वायर पुलिस को सुपुर्द किए।
    भिलाई भट्टी पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 3(5) एवं
    छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 25, 26 के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की है।
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार,
    “भिलाई इस्पात संयंत्र एक प्रतिबंधित औद्योगिक क्षेत्र है।
    ऐसे क्षेत्र से की गई चोरी को संज्ञेय अपराध माना जाता है।”
     सुरक्षा बलों की तत्परता से बची बड़ी चोरी
    CISF की चौकसी और समय रहते की गई कार्रवाई से संयंत्र के भीतर औद्योगिक चोरी की एक बड़ी साजिश नाकाम रही। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि CISF और BSP की संयुक्त सुरक्षा प्रणाली संयंत्र की परिसंपत्तियों की रक्षा में पूरी तरह सक्षम है।

       भिलाई नगर / शौर्यपथ / लंबे समय से दृष्टिबाधित भिलाई की खुशबू के लिए बहुत जल्द यूएस से लैंस आएगा जिससे खुशबू बेहतर ढंग से न केवल दुनिया देख पाएगी बल्कि एमकॉम की परीक्षा भी दे सकेगी। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने सेक्टर-6 निवासी रविंद्र प्रसाद की बेटी की आंख के लैंस के लिए 60 हजार रूपये की सहायता राशि आज सौंपी है।
      विधायक रिकेश सेन ने उस चिकित्सक से भी बात की जो कि खुशबू की आंखों का उपचार करने वाले हैं। खुशबू के पिता ठेका श्रमिक हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही खुशबू की आंख को लेकर वो काफी परेशान रहे हैं। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद भी खुशबू का उपचार नहीं हो पाया। किताबों को आंख के बिल्कुल सामने रखने पर उसे अक्षर दिखाई पड़ते हैं। पढ़ाई को लेकर संजीदा खुशबू साईं कॉलेज सेक्टर-6 भिलाई में बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा है।
      खुशबू का उपचार कर रहे डॉ. प्रतीक जैन ने विधायक रिकेश सेन को बताया कि लैंस लगने से खुशबू की न केवल दृष्टि बाधा दूर होगी बल्कि वह बेहतर ढंग से किताबें भी आसानी से पढ़ लेगी। 22 वर्षीय खुशबू ने विधायक की इस पहल को अपने जीवन की विशेष उपलब्धि बताते हुए कहा कि लैंस लगने के बाद वो विधायक को धन्यवाद देने जरूर आएगी साथ ही कुतुब मीनार और ताजमहल भी उसे देखने की इच्छा है। खुशबू बैंकिंग सेक्टर में कार्य करना चाहती है, इसके लिए वह एम कॉम के साथ साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करेगी। पढ़ने की बचपन से तीव्र इच्छा के बावजूद आंखें लगातार उसके स्वप्नों के लिए बड़ी बाधक थीं। लैंस लगने के बाद वह अपना भविष्य गढ़ने के लिए अभी से उत्साहित है।
      खुशबू के पिता सहित परिजनों ने वैशाली नगर विधायक की इस पहल के लिए उनका आभार जताते हुए कहा कि जिस उम्मीद से वो वैशाली नगर पहुंचे थे वह इतनी जल्द पूरी होगी कभी सोचा नहीं था। रविन्द्र प्रसाद ने बताया कि वो खुशबू का उपचार करा पाने में अक्षम हैं फिर भी आयुष्मान कार्ड लेकर वो शहर के सभी निजी और शासकीय अस्पताल का चक्कर लगा चुके हैं। अब उनको उम्मीद की किरण नजर आई है कि बहुत जल्द खुशबू की आंखें ठीक हो जाएंगी।

        रायपुर/ शौर्यपथ / भर्ती परीक्षा में धांधली और गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह सरकार युवाओं का भरोसा पूरी तरह से खो चुकी है। एडीईओ भर्ती, वन रक्षक, पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा, आर आई प्रमोशन परीक्षा सहित विगत 20 महीनो के दौरान जितने भी प्रमोशन और भर्ती परीक्षा हुए हैं वे सभी संदेश के घेरे में हैं। किसी एक परीक्षा में 100 में से 27 प्रश्न गलत होना अर्थात लगभग एक तिहाई प्रश्न पत्र पर ही सवाल खड़ा होना सरकार और परीक्षा एजेंसी की क्षमता पर सवाल है। सहायक विकास विस्तार अधिकारी की परीक्षा में व्यापम ने खुद ही माना है कि 12 प्रश्न विलोपित किए जाए, 6 प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर मान्य किए गए और 3 प्रश्नों के उत्तर बदले फिर भी 6 प्रश्न अब तक विवादित है। सरकार की दुर्भावना के चलते भर्ती परीक्षा को मजाक बना दिया गया है ऐसे त्रुटिपूर्ण प्रश्नपत्र तैयार करने वाले जिम्मेदारों को यह सरकार बचा रही है।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि वीडियो परीक्षा में व्यापम की दुर्भावना और लापरवाही से 2 लाख 22 हजार अभ्यार्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। 27 प्रश्न गलत पाए जाने पर तत्काल पूरी परीक्षा रद्द की जानी चाहिए, दोषियों को ब्लैक लिस्ट करके भविष्य में इस तरह की परीक्षाओं से परमानेंट पृथक किया जाना चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया के लागत की रिकवरी ऐसे दोषी कर्मचारियों अधिकारियों पर की जानी चाहिए लेकिन यह सरकार उल्टे उन्हें संरक्षण दे रही हैं। सरकार के रवैया से व्यथित युवा अब भर्ती परीक्षा का भी बायकाट करने लगे हैं विगत रविवार को अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों के लिए भर्ती परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए, यह प्रमाणित करता है कि यह सरकार निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर युवाओं का भरोसा खो चुकी है।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि अपने चाहतों को सरकारी नौकरी बांटने और बोली लगाकर पद बेचने के लिए यह सरकार नए-नए पैंतरे आजमा रही है। आरआई प्रमोशन परीक्षा में परिजन एक साथ बैठकर पेपर लिखते पाए गए, पीएससी परीक्षा के पेपर अपात्र एल बी से जांचवाए, उनके नाम सार्वजनिक किए, वन रक्षक परीक्षा में हैदराबाद की इवेंट कंपनी को शामिल कर फर्जीवाड़ा किया गया, राजनांदगांव आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में तो पूरी गड़बड़ी का ठीकरा एक आरक्षण पर फोड़कर लीपापोती कर दी गई जिसके चलते आरक्षक अनिल रत्नाकर को जान गवानी पड़ी। हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में बड़े अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे लेकिन कार्यवाही के नाम पर केवल लीपापोती की गई। समग्र शिक्षा में 1400 पदों पर भर्ती हुई 17 तारीख की रात को अभ्यर्थियों को सूचना भेजी गई 18 तारीख को परीक्षा लिए और उसी दिन इंटरव्यू भी हो गया और 20 जुलाई को 1300 लोगों की लिस्ट जारी भी कर दी गई, बेहद स्पष्ट है कि चयनित अभ्यर्थियों की सूची लेनदेन करके पहले से ही तैयार कर लिया गया था। क्या यही मोदी की गारंटी थी? क्या यही बीजेपी का यूपीएससी पेटर्न में भर्ती परीक्षा देने का तरीका है?

      दुर्ग / शौर्यपथ / सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति एवं समस्त ग्रामवासी गनियारी के तत्वाधान में भव्य दशहरा उत्सव  दशहरा उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया ।इस कार्यक्रम के मुख्यअतिथि अतिथि पूर्व गृहमंत्री मंत्री छ.ग. शासन ताम्रध्वज साहू, अध्यक्ष, केस शिल्पकला बोर्ड नंदकुमार सेन, पूर्व अध्यक्ष साहकारिता प्रकोष्ठ रिवेन्द्र यादव, पूर्व सभापति जिला पंचायत दुर्ग लक्ष्मी साहू,सरपंच गनियारी संतोषी साहू, रोहित साहू उपस्थित थे।इस मौके पर पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार है और हमें अपने बच्चों को भी अच्छे कर्म करने और अच्छे रास्ते पर चलने की सीख देनी चाहिए।आगे बताया की रामनत्व को अपनाने का अर्थ है अपने जीवन में धार्मिकता, न्याय, और कर्तव्यनिष्ठा को प्रमुखता देना। यह हमें अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामनत्व हमें सिखाता है कि हमें अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए भी दूसरों के प्रति सहानुभूति और करुणा रखनी चाहिए।
    रावणत्व को समाप्त करने का मतलब है अपने भीतर की नकारात्मकता, अहंकार, और अन्याय को दूर करना। यह हमें अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और बेहतर इंसान बनने में मदद करता है।रामनत्व को अपनाकर हम अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जा सकते हैं और समाज में एक अच्छा बदलाव ला सकते हैं।इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए साहू ने कहा कि वे इस दिन को केवल रावण जलाने का दिन न समझें बल्कि इसकी गहराई को समझें और रावण रूपी बुराइयों को दूर करने के लिए राम रूपी शक्ति को आगे लाएं। इस मौके पर राम लीला मंडली के कलाकारों को  सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मोहन नेगी, बीरेंद्र धनकर, कुलेश्वर साहू, गोवर्धन साहू, जीतेन्द्र साहू, ललित साहू, परमानंद साहू, हरीश साहू, मनोज साहू, यशवंत साहू, नेमीचंद साहू, महेश, गयाराम साहू संतोष निषाद दिनु राम साहू सहित ग्रामवासी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

    ✴️ छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हुए शामिल
    ? आईएसएम धनबाद, सीएमडीसी और कोल इंडिया के बीच एमओयू हस्ताक्षरित — खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ पोर्टल एवं रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ

    रायपुर / शौर्यपथ ब्यूरो।
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ वैज्ञानिक खनन पद्धतियों, पारदर्शी नीति और तकनीकी नवाचारों के बल पर विकास की नई कहानी लिख रहा है।
    उन्होंने शनिवार को नवा रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025” में यह बात कही।
       कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईएसएम धनबाद और छत्तीसगढ़ भौमिकी एवं खनन संचालनालय के मध्य क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण हेतु एमओयू हस्ताक्षरित हुआ।
    इसके साथ ही कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) के बीच भी महत्वपूर्ण समझौता हुआ।
    मुख्यमंत्री ने खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ पोर्टल तथा रेत खदानों की ऑनलाइन नीलामी हेतु रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 5 माइनिंग ब्लॉकों की एनआईटी जारी की गई और 9 खदानों को प्रिफर्ड बिडर आदेश सौंपे गए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खनिज संपदा का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास ही स्थायी प्रगति का मार्ग है।

    ? खनन क्षेत्र में डिजिटल पारदर्शिता की नई मिसाल
      मुख्यमंत्री साय ने बताया कि डीएमएफ से इस वर्ष 1,673 करोड़ रुपये का अंशदान प्राप्त हुआ, जिससे 9,362 विकास कार्य स्वीकृत किए गए।
    वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व हासिल हुआ है।
    उन्होंने कहा —
    “यह गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने लिथियम ब्लॉक की नीलामी की है। अब तक 60 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी हो चुकी है और पाँच नई निविदाएँ आज जारी की गई हैं।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) के तहत जिला खनिज न्यास नियम-2025 लागू किए गए हैं।
    डीएमएफ पोर्टल 2.0 से निगरानी, लेखा और प्रबंधन में पारदर्शिता आई है, जिसके लिए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया है।

    सतत विकास के लिए आधुनिक तकनीकें और नई रेत नीति
      मुख्यमंत्री ने बताया कि रेत नीति-2025 से पारदर्शिता बढ़ी है और शीघ्र ही 200 से अधिक रेत खदानों की ई-नीलामी की जाएगी।
    उन्होंने कहा कि “खनन के हर चरण में पर्यावरण सुरक्षा, पुनर्भरण और जल-संरक्षण की वैज्ञानिक पद्धतियाँ अपनाई जा रही हैं।”
     राज्य सरकार ने एमएसटीसी (भारत सरकार का उपक्रम) के साथ एमओयू कर रिवर्स ऑक्शन पोर्टल तैयार कराया है, जिससे रेत खदानों का आबंटन तीव्र और पारदर्शी होगा। इससे प्रधानमंत्री आवास योजनाओं सहित सभी निर्माण परियोजनाओं को रेत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी और राजस्व में करोड़ों की वृद्धि होगी।

    ? खनिज ऑनलाइन 2.0 : पारदर्शी प्रबंधन की नई तकनीकी क्रांति

    खनिज विभाग द्वारा तैयार खनिज ऑनलाइन 2.0 राज्य के खनन प्रशासन में डिजिटल गवर्नेंस का नया अध्याय है।
    यह पोर्टल खनिज आवंटन, उत्पादन, रॉयल्टी, नीलामी और पर्यावरण निगरानी से जुड़े सभी डेटा को एकीकृत करता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा —

    “यह केवल तकनीकी उन्नयन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।”

    ? 43 खदानों को मिले स्टार अवॉर्ड

    मुख्यमंत्री श्री साय ने पर्यावरण प्रबंधन और सुरक्षा मानकों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 43 गौण खनिज खदानों को स्टार अवॉर्ड से सम्मानित किया।
    इनमें 3 खदानों को 5 स्टार, 32 को 4 स्टार, और 8 खदानों को 3 स्टार रेटिंग दी गई।
    मुख्यमंत्री ने खदान संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर बधाई दी और कहा कि “छत्तीसगढ़ वैज्ञानिक और जिम्मेदार खनन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा।”

    ? राज्य में खनन व उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल

    छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार कर रही है।
    उन्होंने बताया कि अब टिन से निकलने वाले स्लज से दो नए तत्वों का उत्पादन प्रारंभ हुआ है।
    साथ ही क्रिटिकल ओअर रिसाइक्लिंग और ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर भी कार्य किया जा रहा है।
    मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि नौ वर्ष बाद पुनः माइनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन स्वागतयोग्य है।
    उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में स्टेकहोल्डर्स के सुझावों का समावेश और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है।
    खनिज सचिव श्री पी. दयानंद एवं संचालक श्री रजत बंसल ने विभागीय गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी।

    By - नरेश देवांगन 

    जगदलपुर, शौर्यपथ। अपनी अनूठी परंपराओं और रस्मों के लिए विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म, 'कुटुंब जात्रा', रविवार को स्थानीय महात्मा गांधी स्कूल परिसर के गुड़ी में संपन्न हुई। इस रस्म के तहत पूरे बस्तर संभाग एवं पड़ोसी राज्य ओडिशा व महाराष्ट्र के समीपवर्ती गांव से पर्व में शामिल हुए हजारों देवी-देवताओं के छत्र और डोली को बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ससम्मान विदा किया। यह रस्म 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा पर्व की समाप्ति की ओर इशारा करती है। 

     

    600 साल से अधिक पुरानी परंपरा

    बस्तर दशहरा की सबसे खास बात यह है कि केवल इसी पर्व में इतनी बड़ी संख्या में एक-एक गांव के देवी-देवताओं के छत्र और डोली शामिल होते हैं। रियासत काल से चली आ रही यह परंपरा आज भी कायम है, जिसमें राजा-महाराजाओं की तरह राजपरिवार के सदस्य और दशहरा समिति गांव-गांव से आए देवी-देवताओं और उनके पुजारियों को ससम्मान विदा करते हैं।

     

    रूसूम' देकर दी गई विदाई

    परंपरानुसार, दशहरा पर्व में शामिल होने आए संभाग के सभी ग्राम के देवी-देवताओं को 'रूसूम' (दक्षिणा/भेंट) भी दी गई। राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव और दशहरा समिति ने देवी-देवताओं के छत्र और डोली लेकर पहुंचे पुजारियों को कपड़े, पैसे और मिठाइयां देकर उनकी ससम्मान विदाई की।

    शहर के गंगामुण्डा वार्ड में स्थित देवगुड़ी में श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना अनुसार देवी देवताओं को भेंट भी अर्पित किया। बस्तर राजपरिवार और दशहरा समिति की अगुवाई में संपन्न हुई इस कुंटुब जात्रा रस्म के साथ ही, 600 साल से अधिक पुरानी बस्तर दशहरा पर्व की परंपराएं विधि विधान से पूरी की गईं। इस दौरान पूरे परिसर में उपस्थित देवी देवता का आपस में मेल मिलाप देखते ही बन रहा था। देवी देवताओं के लाठ, डोली के साथ झुमते सिरहा और विभिन्न क्षेत्रों के आंगादेव का खेल माहौल को आकर्षक एवं अचम्म्भित किया। इस अवसर पर स्थानीय एवं आसपास के गांव से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी देवी देवताओं का अपने परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया। सारा माहौल भक्ति भावना में डूबा नजर आया।

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