September 03, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    Uncategorised

    Uncategorised (35372)

    अन्य ख़बर

    अन्य ख़बर (5877)

    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायगढ़ से भिलाई तक 8 जिलों में पदयात्रा, मशाल जुलूस, हस्ताक्षर अभियान, मोटर सायकल रैली आयोजित होगी

    रायपुर/  देश भर में मतदाता सूचियों में की गई गड़बड़ियों और चुनावी निष्पक्षता की मांग को लेकर कांग्रेस छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ‘‘वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान’’ चला रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी ‘‘वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान’’ के तहत 16 सितंबर से 18 सितंबर तक तीन दिवसीय मैराथन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम तीन दिनों तक रायगढ़ से भिलाई तक पदयात्राएं, हस्ताक्षर अभियान, मशाल जुलूस, मोटर सायकल रैलियां, जनसभाएं आयोजित की जायेगी।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश की चुनावी प्रणाली विशेष कर मतदाता सूची की गड़बड़ियों के जो साक्ष्य प्रस्तुत किया है वह गंभीर है तथा देश के चुनाव प्रणाली में निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। देश के लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली को बचाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा उठाये गये सवालों की गहन जांच हो और पूरे प्रकरण में जो भी दोषी है उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में रही है। महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद वोटों की चोरी का संदेह यकीन में बदल गया। महाराष्ट्र में 5 साल के मुकाबले सिर्फ 5 माह में ज्यादा वोटर्स जोड़े गये वहां पर मतदाताओं की संख्या राज्य की वयस्क आबादी से भी ज्यादा है। यही नहीं महाराष्ट्र के चुनावों में शाम 5 बजे के बाद वोटिंग में अचानक जबर्दस्त उछाल आ गया था। महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी को इंडिया गठबंधन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अनेकों बार उठाया, चुनाव आयोग को चार चिट्ठियां भी लिखी, चुनाव आयोग ने गोलमटोल जवाब दिया।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा डिजिटल वोटर लिस्ट राजनैतिक दलों को इंकार क्यों किया जा रहा, यह भी संदिग्ध है। चुनाव आयोग ने सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता के कानून भी बदल दिया। चुनाव आयोग का आचरण ही बड़ी मिस्ट्री बन गया है। जनता को पूरी चुनाव प्रणाली को जानने का पूरा अधिकार है तथा चुनाव से संबंधित कोई रिकार्ड कानून मिटाया नहीं जा सकता।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा के लोकसभा चुनाव के मतदाता सूची की गड़बड़ियों के पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किया है। एक प्रधानमंत्री आवास में 80 वोटर, 46 वोटर एक बियर क्लब के पते पर 68 वोटर होना एक ही मतदाता का बार-बार नाम आना और सभी के द्वारा अलग-अलग मतदान करने के साक्ष्य बताते है कि देश के चुनावों में धांधली हो रही है और वोटरों की चोरी हो रही है। चुनाव आयोग, नेता प्रतिपक्ष के साक्ष्यों से मुंह नहीं चुरा सकता।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस.सिंहदेव, सचिवगण एस.सम्पत, जरिता लैतफलांग, विजय जांगिड़, सहित प्रदेश के वरिष्ठ नेतागण, पदाधिकारीगण, कार्यकर्ता एवं आमजन शामिल होंगे।

      रायपुर/ शौर्यपथ (राजनीती)
       भाजपा सरकार इस वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य में कम धान खरीदने का षडयंत्र कर रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पहले डी.ए.पी. फिर यूरिया की कमी किया गया। किसान आज भी यूरिया के लिये परेशान है। यूरिया नहीं मिलने के कारण उनका उत्पादन कम होगा। अब सरकार ने फरमान जारी किया है कि बिना एग्री स्टेक में पंजीयन कराये कोई भी किसान धान नहीं बेच पायेगा। सरकार यह सब अडंगेबाजी इसलिये कर रही ताकि उसे 3100 रू. के भाव में किसानों का धान खरीदना पड़े। सरकार के पास धान खरीदने के लिये बजट का आभाव है। इसके साथ ही पिछले वर्ष खरीदे गए धान का निपटारा सरकार अभी तक नहीं कर पाई है। इसीलिये सरकार किसानों के उत्पादन से लेकर पंजीयन तक में बाधा पैदा कर रही है।
      प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बिना समुचित तैयारी के भारतीय जनता पार्टी की किसान विरोधी सरकार अपने तुगलकी निर्णय को किसानों पर जबरिया थोप रही है। एग्री स्टेट पोर्टल में केवल 2023 तक के ही रिकॉर्ड अपडेट किए गए हैं उसके बाद की खरीदी गई भूमि ,नामांतरण और बंटवारे की प्रविष्टियां सरकार के पोर्टल में ही दर्ज नहीं है जिसको लेकर किसान बार-बार तहसील कार्यालय, कलेक्टर ऑफिस, एसडीम कार्यालय, पटवारी और आरआई के चक्कर काटने मजबूर हैं। भाजपा के मंत्री विधायक और मुख्यमंत्री तक शिकायत के बावजूद आज तक उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पाया है लेकिन यह सरकार अपने विभाग की गलतियों पर भी किसानों को ही प्रताड़ित कर रही है। खामियों और त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया के चलते एग्री स्टैग पोर्टल किसानों के लिए मुसीबत बन गया है।
       प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार दुर्भावना पूर्वक किसानों के लिए लगातार कठिनाई पैदा कर रही है ताकि समर्थन मूल्य पर कम से कम धान खरीदना पड़े। पूरे प्रदेश में खाद बीज का संकट है, दुगुने, तिगुने दाम पर डीएपी और यूरिया की कालाबाजारी सर्वविदित है। अब एग्री स्टैग पोर्टल में पंजीयन की अनिवार्यता और प्रक्रियागत खामियों के चलते खुद ही समस्या पैदा कर रही है।

    सांसद विजय बघेल ने चाबियां सौंपीं, बोले– साइकिल से समय की बचत, पढ़ाई में बढ़ेगी रुचि

       भिलाई / शौर्यपथ /
    शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कैम्प-1 में सोमवार को मुख्यमंत्री सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत नवमी कक्षा की 30 छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं। मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने छात्राओं को साइकिल की चाबियां सौंपते हुए कहा कि साइकिल से बच्चियों का समय बचेगा और उनकी पढ़ाई में रुचि व प्रदर्शन बेहतर होगा। उन्होंने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

    कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुई। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य हेमंत कुमार उपाध्याय ने स्कूल की प्रगति और समस्याओं की जानकारी दी तथा निर्माण प्रयोगशाला के लिए अतिरिक्त भवन की मांग रखी।

    सांसद विजय बघेल ने आश्वासन दिया कि वे केवल घोषणाओं में नहीं बल्कि कार्यों में विश्वास रखते हैं और स्कूल को जरूरी सुविधाएं दिलाने का प्रयास करेंगे।

    इस अवसर पर पार्षद सत्या देवी जयसवाल, भाजपा नेता प्रभुनाथ मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राम उपकार तिवारी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष अमित मिश्रा, जालंधर सिंह, कैंप मंडल अध्यक्ष तरुण सिंह, रमेश चौधरी, धर्मेंद्र पाण्डेय, नवीन सिंह, भागचंद जैन, राजकुमार जायसवाल, प्रकाश सांवत सहित बड़ी संख्या में स्कूली स्टाफ व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    0 तीन बच्चों के साथ बेघर हुई मां, संत रामपाल महाराज के अनुयायियों ने बढ़ाया मदद का हाथ

    राजनांदगांव /शौर्यपथ / ग्राम–दपका जिला व तहसील–(खैरागढ़-छुईखदान गंदई, छत्तीसगढ़)। ग्राम दपका में रविवार की शाम दर्दनाक हादसा हुआ। स्व. महेश निषाद की पत्नी आशा निषाद का झोपड़ीनुमा घर अचानक आग की चपेट में आ गया। तेज लपटों ने देखते ही देखते पूरे आशियाने को निगल लिया और कुछ ही देर में घर का सारा सामान राख में तब्दील हो गया। घटना के वक्त आशा निषाद अपने मामा के घर गई थी। दोनों बच्चे गांव में ही अपने बड़े पापा के घर में रह रहे थे और लड़के आसपास पड़ोसी के घर में खेलने के लिए गए थे। इस परिवार के मुखिया स्व. महेश निषाद जो कि दो वर्ष पहले भयंकर कैंसर से पीड़ित रहे और आर्थिक तंगी के चलते समय पर इलाज की व्यवस्था न हो पाने की वजह से महेश निषाद का निधन हो गया। परिवार में बच्चों के लालन पालन, देख रेख, पढ़ाई और खानपान की पूरी जिम्मेदारी आशा निषाद के ऊपर आ गई। गरीबी और लाचार स्थिति से जूझ रहे इस परिवार पर विपत्ति की दोहरी मार तब पड़ी जब इनके अरमानों का आशियाना आग की लपेट में आकर राख में बदल गया। अचानक लगी आग से परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घर में रखे कपड़े, बर्तन, अनाज, चावल और अन्य आवश्यक सामान जलकर खाक हो गया। इस घटना में आशा निषाद की बड़ी बेटी भारती (16), बेटा आकाश (12) और छोटी बेटी पायल (10) के साथ पूरा परिवार बेघर हो गया। मजबूरी में यह परिवार अब रिश्तेदारों के घर शरण लिए हुए है। संत रामपाल महाराज बने बेघर का सहारा इस दर्दनाक घटना की सूचना जब संत रामपाल महाराज के अनुयायियों को समाचार माध्यमों से मिली तो वे तुरंत अपने गुरु संत रामपाल महाराज के आदेशों से 10 सितंबर को दपका गांव पहुंचे और सबसे पहले सरपंच एवं पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरी स्थिति का जायजा लिया। अगले ही दिन यानी 11 सितंबर को अनुयायियों ने “अन्नपूर्णा मुहिम” के अंतर्गत राहत सामग्री पीड़ित परिवार तक पहुंचाई। राहत सामग्री में शामिल था— भोजन एवं राशन सामग्री बर्तन (सभी रसोई उपयोग की सामग्री) 2 खाट व गद्दा कपड़े (परिवार के सभी सदस्यों के लिए 2 जोड़ी) बच्चों के लिए जूते शिक्षा सामग्री गैस सिलेंडर व चूल्हा पंखा गांव दपका में आशा निषाद के परिवार की अंधियाली भरी जीवन को नई उम्मीद की किरण संत रामपाल महाराज ने प्रदान की। अनुयायियों द्वारा पहुंचाई गई मदद से आशा निषाद और उनके बच्चों को बड़ी राहत मिली। ग्राम दपका की सरपंच केशरी कमल नेताम ने बताया कि – “इस अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान जैसे जीवन जीने की मूलभूत सुविधा मुहैया कराई जा रही है। यह पहल बहुत सराहनीय है, हमारे समाज को ऐसे संतों की आवश्यकता है, बहुत अच्छी मुहिम संत रामपाल महाराज द्वारा चलाई जा रही है।” राजेन्द्र टंडन उपसरपंच ने अन्नपूर्णा मुहिम और संत रामपाल महाराज की खूब सराहना करते हुए कहा कि इस मुहिम के माध्यम से इन्हें बहुत राहत मिली है। भूतपूर्व सरपंच पति ज्ञानचंद साहू ने बताया कि— “अन्नपूर्णा मुहिम के तहत मेरी सोच से ज्यादा सामग्री दी गई। इस परिवार का घर पूरा जल गया था, कुछ भी नहीं बचा था। ऐसे में यह मुहिम इनके लिए वरदान बनकर आया है।” साथ ही ग्रामीणों और शिक्षकों द्वारा भी मदद दी गई। आज संत रामपाल महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम इस परिवार के लिए भगवान बनकर आई है। संत ने बेटी–बेटों के लिए शिक्षा सामग्री भी दी। गांव और पंचायत की तरफ से संत महाराज को बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार। ---

       रायपुर / शौर्यपथ / कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर ने छत्तीसगढ़ के बड़े चूककर्ता संस्थानों की सूची जारी की है, जिन पर कुल 11 करोड़ 24 लाख 90 हजार 875 रुपये की राशि बकाया है। जारी सूची के अनुसार बीएसआर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स लिमिटेड, दुर्ग पर 6.01 करोड़ रुपये, आइडियाक इंक मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर पर 1.34 करोड़ रुपये, किरोड़ीमल प्रौद्योगिकी संस्थान, रायगढ़ पर 1.01 करोड़ रुपये, प्रतिभा फ्लोकॉन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, दुर्ग पर 38.18 लाख रुपये, नवभारत फ्यूज कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर पर 34.85 लाख रुपये, डीवी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, रायपुर पर 33.92 लाख रुपये, भिलाई बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर पर 29.25 लाख रुपये, आसिया फैब्रिकेटर्स, दुर्ग पर 25.71 लाख रुपये और कैनेलाइट फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, रायगढ़ पर 17.38 लाख रुपये का बकाया दर्ज है।

    EPFO ने स्पष्ट किया है कि भविष्य निधि अधिनियम के तहत इन संस्थानों के खिलाफ बैंक खाते अटैच करने, संपत्ति कुर्क करने और जरूरत पड़ने पर नियोक्ताओं की गिरफ्तारी तक की कार्रवाई प्रस्तावित है। इस वर्ष अब तक 65 संस्थानों के बैंक खाते अटैच कर 49 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।

    क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त जयवदन इंगले ने बताया कि चूककर्ता संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई तेज करने के लिए प्रवर्तन अधिकारियों की टीम गठित की गई है और उन्हें गहन जांच व वसूली का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अपर केंद्रीय भ.नि. आयुक्त रंगनाथ के नेतृत्व में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इंगले ने संस्थानों से अपील की है कि वे विधिक कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत लंबित देयों का भुगतान करें। EPFO का कहना है कि कर्मचारियों की निधि में किसी भी प्रकार की देरी या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बकाया राशि की वसूली हर हाल में की जाएगी।
     by PIB Raipur

      रायपुर / शौर्यपथ / विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (10 सितम्बर 2025) के अवसर पर एनआईटी रायपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग ने “मूल्य शिक्षा के माध्यम से तनाव प्रबंधन” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संस्थान की निदेशक (प्रभारी) डॉ. ए. बी. सोनी रहीं। इस दौरान डॉ. एस. सान्याल और डॉ. मनोज चोपकर विशेष रूप से उपस्थित थे, जबकि डॉ. हीना चावड़ा, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ भी शामिल हुए।

    कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाने, आत्महत्या से जुड़े मिथकों को तोड़ने और मूल्य-आधारित जीवनशैली अपनाने पर बल दिया गया। डॉ. सोनी ने शिक्षा व्यवस्था में मूल्यों और आध्यात्मिक संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, वहीं डॉ. चावड़ा ने आत्महत्या और अवसाद के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए आत्मविश्वास, स्वस्थ रिश्ते और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बताया। छात्रों द्वारा आत्महत्या के कारणों और समाधान पर तैयार वीडियो भी प्रस्तुत किया गया।

    संवाद सत्र में डॉ. सान्याल ने छात्रों को शैक्षणिक प्रबंधन और जीवन कौशल पर उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बताते हुए “टू-डू लिस्ट” जैसे साधारण उपायों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही छात्रों को नियमित कक्षाओं में उपस्थिति बनाए रखने, क्लबों और समितियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा पसंदीदा गतिविधियों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल अकादमिक प्रदर्शन को बेहतर बनाती हैं, बल्कि तनाव कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करती हैं।
    by PIB Raipur

    नवोदय और एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष ध्यान, प्रशिक्षकों की कोचिंग क्षमता उन्नत करने पर जोर

    रायपुर / शौर्यपथ।
    उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। यह बैठक खेल एवं युवा विकास से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर केंद्रित रही। श्री साव मुंगेली कलेक्टोरेट से ऑनलाइन जुड़े।

    बैठक में युवाओं को खेलों से जोड़ने और देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए ‘खेलो इंडिया’ योजना की तर्ज पर नई युवा कल्याण योजना शुरू करने पर विचार किया गया। इसके साथ ही प्रत्येक राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के क्षेत्रीय केंद्रों की संख्या बढ़ाने, खेल अधोसंरचना के रखरखाव हेतु विशेष बजट प्रावधान तथा एकीकृत डिजिटल खेल मंच के विकास जैसे मुद्दों पर भी गहन चर्चा की गई।

    उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि—

    • नवोदय और एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष फोकस किया जाए।

    • सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित खेल गतिविधियों के लिए विशेष कार्ययोजना बने।

    • केंद्र और राज्य सरकार के विद्यालयों में खेल अधोसंरचना विकसित की जाए और आवश्यक स्टाफ की भर्ती की जाए।

    • साई (SAI) के क्षेत्रीय केंद्रों में प्रशिक्षकों की कोचिंग क्षमता और कौशल का उन्नयन किया जाए।

    • खेल कोटे से नियुक्त खिलाड़ियों को केवल खेल संबंधी जिम्मेदारियां दी जाएं ताकि उनके अनुभव का लाभ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को मिल सके।

    श्री साव ने विश्वविद्यालय स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने, खेल अधोसंरचना के विस्तार और व्यवस्थित खेल नीति तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने खेल अधोसंरचना की निगरानी (मॉनिटरिंग) के लिए भी विशेष कार्ययोजना बनाने का सुझाव दिया।

    बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री साव के साथ मुंगेली की अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीएम अजय शतरंज भी उपस्थित रहे।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई शपथ, समारोह में देश के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी - पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी रहे उपस्थित

        नई दिल्ली । एजेंसी ।
    भारतीय लोकतंत्र के संवैधानिक इतिहास में शुक्रवार का दिन एक नया अध्याय जोड़ गया। वरिष्ठ नेता सी.पी. राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति भवन के भव्य दरबार हॉल में देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह अवसर गौरव और संवैधानिक गरिमा का अद्वितीय संगम बन गया, जहाँ देश की लोकतांत्रिक यात्रा का नया पड़ाव दर्ज हुआ।

    शपथ ग्रहण समारोह में कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री, संसद के दोनों सदनों के सदस्य, मुख्य न्यायाधीश, संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुख और अनेक राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक रंग दिया। आयोजन स्थल पर देश-विदेश के राजनयिक प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इसे और अधिक महत्त्वपूर्ण बना दिया। समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद रहे, जिन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।

    संविधान और संवाद की जिम्मेदारी
    सी.पी. राधाकृष्णन ने शपथ लेने के बाद अपनी संक्षिप्त अभिव्यक्ति दी और कहा कि वे संविधान की गरिमा बनाए रखने तथा लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, “मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि उच्च सदन में संवाद, सहमति और सकारात्मक बहस की परंपरा को और सशक्त बनाया जाए।”

    उपराष्ट्रपति बनने के साथ ही राधाकृष्णन राज्यसभा के सभापति के संवैधानिक पद पर भी आसीन हो गए हैं। अब उनके सामने उच्च सदन की कार्यवाही को गरिमा और संयम के साथ संचालित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

    भव्य लेकिन संयमित आयोजन
    राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित यह आयोजन परंपरागत गरिमा और सादगी का अद्भुत समन्वय था। राष्ट्रीय गान और औपचारिकताओं के बीच पूरा वातावरण लोकतांत्रिक गरिमा से परिपूर्ण दिखाई दिया। देश की राजनीति, न्यायपालिका और प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति ने इसे ऐसा अवसर बना दिया, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा।

    राजनीतिक सफर और अनुभव
    सी.पी. राधाकृष्णन का सार्वजनिक जीवन लंबा और विविध रूप से सक्रिय रहा है। विभिन्न संसदीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपनी सादगी और संगठनात्मक क्षमता से विशेष पहचान बनाई। उन्हें अब उच्च सदन में संवाद को सार्थक दिशा देने और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करनी होगी।

    देश की निगाहें अब राज्यसभा पर
    विशेषज्ञों का मत है कि उपराष्ट्रपति के रूप में राधाकृष्णन की भूमिका संसद की दिशा तय करने में निर्णायक होगी। देश की निगाहें अब राज्यसभा पर टिकी हैं, जहाँ वे संवाद की नई संस्कृति और लोकतंत्र की मजबूती की राह प्रशस्त करेंगे।

    इस प्रकार देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में सी.पी. राधाकृष्णन का पदभार ग्रहण भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नए संकल्प और नई ऊर्जा का प्रतीक बन गया है।

      रायपुर / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा आयोजित कार्टून फेस्टिवल-2025 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कार्टून केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण भी है, जो हास्य और व्यंग्य के माध्यम से गंभीर मुद्दों को सरलता से प्रस्तुत करता है। कार्टून मनोरंजन के साथ ही समाज को जागरूक करने और सोचने के लिए प्रेरित करने वाली कला है।
      इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने जम्मू-कश्मीर के प्रख्यात कार्टूनिस्ट मनोज चोपड़ा को कार्टून वॉच पत्रिका का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया। उन्होंने कार्टून फेस्टिवल में हिस्सा ले रहे कार्टूनिस्टों का उत्साहवर्धन करते हुए स्वयं भी कार्टून बनाया।
      कार्टून वॉच फेस्टिवल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि कार्टून वॉच पत्रिका ने 29 वर्षों का सफल सफर तय कर लिया है और अब अपने 30वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। मैं कार्टून वॉच की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ कि वे आगे भी कार्टून की इस विधा में उत्कृष्ट कार्य करते रहें।
      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि अगले वर्ष कार्टून वॉच फेस्टिवल बस्तर में आयोजित हो तो यह अत्यंत हर्ष का विषय होगा। बस्तर में अब शांति स्थापित हो रही है और जल्द ही यह क्षेत्र पूर्णतः नक्सलमुक्त होगा। नियद नेल्ला नार योजना (जिसका अर्थ है – आपका अच्छा गाँव) के माध्यम से सरकार की योजनाएँ बस्तर के लोगों तक पहुँच रही हैं। 300 से अधिक गाँवों में अब तक सड़क, बिजली, पानी और राशन कार्ड जैसी सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। जहाँ पहले बंदूक की आवाज गूंजती थी, वहाँ अब स्कूल की घंटी बज रही है।
      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसी तरह बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव बस्तर पंडुम आयोजित किया गया, जिसमें 47 हजार लोग शामिल हुए। यह इस बात का प्रमाण है कि बस्तर के लोग अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। कल ही मैं बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुआ। अब बस्तर में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के रोडमैप के रूप में हमने विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा सेंटर और टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश हो रहा है। हाल ही में जापान और कोरिया की यात्रा के दौरान भी हमने उद्योगों के साथ कई एमओयू किए हैं। छत्तीसगढ़ का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।
      उन्होंने कहा कि कार्टून एक बेहद सशक्त माध्यम है। कार्टून वॉच की टीम सरकार की योजनाओं को भी कार्टून के जरिए आमजन तक पहुँचाए। कार्टून वॉच का यह प्रयास कार्टूनिस्टों को मंच प्रदान करता है, जो उनकी रचनात्मकता को और निखारने में सहायक है।
      इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कार्टून की विधा मीडिया और साहित्य का अद्भुत संगम है। यह विधा चुटीलेपन के साथ गागर में सागर भरने का सामर्थ्य रखती है। मैं स्वयं जब भी समाचार पत्र पढ़ता हूँ, कार्टून अवश्य देखता हूँ। श्री त्रयम्बक शर्मा ने कार्टून की इस विधा को जीवंत बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
      विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि कार्टून वॉच देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका है। 30 वर्षों की यह यात्रा इसके संपादक श्री त्रयम्बक शर्मा के जज़्बे को दर्शाती है। उनका यह सफर सभी कलाकारों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अपने कार्य से यह साबित किया है कि किसी भी क्षेत्र में पूरे समर्पण और निष्ठा से कार्य करने पर सफलता अवश्य प्राप्त की जा सकती है।
      इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा सहित अनेक कार्टूनिस्ट और साहित्य-कला जगत के गणमान्यजन उपस्थित थे।

        रायपुर / शौर्यपथ / दृश्य–श्रव्य माध्यम, मीडिया और रचनात्मक कार्यों में रुचि रखने वालों के लिए भारत का सर्वश्रेष्ठ वैश्विक मंच ‘वेव्स एप’ अब 26 भाषाओं में निशुल्क उपलब्ध है। इसे दूरदर्शन और मोबाइल पर गूगल भंडार (एंड्रॉइड) तथा आईफ़ोन भंडार (आईओएस) से डाउनलोड किया जा सकता है।
      ‘वेव्स एप’ एक बहुपयोगी मंच है, जिसमें चलचित्र, संगीत, खेल, कार्टून, समाचार, कहानी वाचन, बच्चों के कार्यक्रम, धारावाहिक, इतिहास, धार्मिक चैनल, स्वास्थ्य, जीवनशैली संबंधी कार्यक्रम, लोक तथा पाश्चात्य संगीत जैसे अनेक आकर्षक कार्यक्रमों का आनंद लिया जा सकता है।
      गौरतलब है कि गत 1 मई 2025 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व ध्वनि एवं दृश्य सम्मेलन ‘वेव्स’ का शुभारंभ किया था। इस सम्मेलन में दुनिया के 90 से अधिक देशों के सामग्री रचनाकारों और चलचित्र निर्माताओं ने भाग लिया था। इसके उपरांत भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा ‘वेव्स एप’ को जारी किया गया, जो अब एक सशक्त भारतीय मंच के रूप में विश्व पटल पर स्थापित हो चुका है।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision