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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
32 राज्यों से आएंगे 800 से अधिक प्रतिभागी, उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और समापन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे
भिलाई / शौर्यपथ / छठवीं राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025 (सीनियर एवं सीनियर-A) का आयोजन 11 से 14 सितंबर तक अग्रसेन भवन, सेक्टर-6, भिलाई में होने जा रहा है। इसमें देश के 32 राज्यों से 800 से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे और योग के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोस्वामी जयंत विष्णु भारती ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की जनता को योग के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी खेल विधा के रूप में स्थापित करना है।
11 सितंबर, गुरुवार को सुबह 11 बजे उद्घाटन समारोह होगा।
मुख्य अतिथि : छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
अध्यक्षता : दुर्ग सांसद विजय बघेल
विशिष्ट अतिथि : पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, हरियाणा योग आयोग अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य, धमतरी महापौर जगदीश रामू रोहरा, दुर्ग महापौर अलका बाघमार, भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास, पतंजलि भारत स्वाभिमान न्यास के प्रभारी अनूप बंसल, उद्योगपति विजय कुमार गुप्ता सहित अन्य गणमान्यजन।
प्रतियोगिता में पुरुष एवं महिला वर्ग के लिए 18-28, 29-35 और 36-42 वर्ष के तीन आयु वर्ग रखे गए हैं।
कुल 12 इवेंट आयोजित होंगे।
निर्णायक मंडल में 80 विशेषज्ञ निर्णायक, जो 30 राज्यों से विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं, निष्पक्ष मूल्यांकन करेंगे।
प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर से किया जाएगा, जो उनकी सूक्ष्म गतिविधियों, संयम, एकाग्रता और शारीरिक संतुलन का विश्लेषण करेगा।
श्री भारती ने बताया कि अगले वर्ष जापान में होने वाले एशियाई खेलों में योग को शामिल किया जा रहा है। साथ ही, 2036 ओलंपिक में भी योगासन को शामिल किए जाने की संभावना प्रबल है। हाल ही में 38वें राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने योग में दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है।
14 सितंबर, रविवार दोपहर 2 बजे समापन समारोह होगा।
मुख्य अतिथि : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
अध्यक्षता : सांसद दुर्ग विजय बघेल
विशिष्ट अतिथि : सांसद संतोष पांडेय, विधायक ललित चंद्राकर, योगासन भारत अध्यक्ष उदित सेठ, भाजयुमो नेता मनीष पांडे, भाजपा नेता कमल सिंह राजपूत, उद्योगपति विजय गुप्ता, समाजसेवी बंसी अग्रवाल, छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ डायरेक्टर सरदार बलदेव सिंह भाटिया सहित अन्य।
यह आयोजन भिलाई के लिए न केवल राष्ट्रीय स्तर की बड़ी खेल प्रतियोगिता है बल्कि योग को वैश्विक खेल मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।
भिलाई / शौर्यपथ / आशीष नगर, सड़क-11 में कंवर समाज महिला मंडल भिलाई का तीज मिलन समारोह 2025 उत्साहपूर्वक मनाया गया। मुख्य अतिथि रिसाली महापौर शशि सिन्हा और विशेष अतिथि अंबिका दाउ रहीं। महिलाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
तीज क्वीन – दीपिका चंद्रवंशी, उमा चंद्रवंशी, भोज चंद्रवंशी रहीं, जबकि सोलह श्रृंगार प्रतियोगिता में ज्योति चंद्रवंशी और माधुरी रावके ने बाजी मारी।
कार्यक्रम का संचालन महिला मंडल अध्यक्ष रंजना चंद्रवंशी व टीम ने किया।
भिलाई। शौर्यपथ / बायपास रोड स्थित हेरिटेज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के प्रतिनिधि एवं क्षत्रिय कल्याण सभा के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह थे, जबकि अध्यक्षता जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। स्कूल संचालक बृजमोहन उपाध्याय ने अतिथियों व सभी शिक्षकों का स्वागत किया। इस अवसर पर सभी शिक्षकों को श्रीफल, प्रशस्तिपत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही समाज को दिशा देने वाले मीडिया प्रतिनिधियों (चौथा स्तंभ) को भी सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि "शिक्षक ही वह मार्गदर्शक हैं जो हमें ज्ञान देकर जीवन में सफलता, पहचान और संघर्ष करने की शक्ति प्रदान करते हैं।"
जिला भाजपाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि "समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण में योगदान देने वाले गुरुओं का सम्मान करना गौरव की बात है।"
संचालक बृजमोहन उपाध्याय ने विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "विद्यालय में उच्च शिक्षित शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व संस्कार दिए जाते हैं, जिससे नगर में हेरिटेज स्कूल की अलग पहचान बनी है।" उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए भाजपा सरकार के निरंतर बने रहने की कामना की।
रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री साय ने आज चंद्रग्रहण से पूर्व परंपरानुसार अपने निवास परिसर में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में गौ-सेवा का विशेष महत्व है। गाय को गुड़ खिलाने से ग्रहण के अनिष्ट प्रभाव कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
गौ-सेवा से आत्मिक संतोष
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा—
"गौ-सेवा से मुझे आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा का अनुभव होता है। यह सेवा न केवल हमारी संस्कृति की पहचान है, बल्कि जनमानस में शांति और सौहार्द का संदेश भी देती है।"
उन्होंने आगे कहा कि गौ-सेवा करने से व्यक्ति के जीवन में सच्ची शांति, संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है।
परंपरा और विश्वास का संगम
चंद्रग्रहण जैसे खगोलीय अवसरों पर रोटी और गुड़ अर्पित करने की परंपरा लोकआस्था और विश्वास से जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने इस परंपरा का निर्वहन करते हुए प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामनाएं कीं और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में सबके सहयोग का आह्वान किया।
विशेष विश्लेषण : गौ-सेवा और चंद्रग्रहण परंपरा
संस्कृति और आस्था का दृष्टिकोण
भारतीय संस्कृति में गाय को माता का स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यता है कि चंद्रग्रहण या सूर्यग्रहण के समय गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाने से ग्रहण के अनिष्ट प्रभाव कम होते हैं। यह परंपरा पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति से जुड़ी मानी जाती है।
विज्ञान और स्वास्थ्य का दृष्टिकोण
गुड़ को पचाना आसान होता है और यह प्राकृतिक शुगर व आयरन का स्रोत है, जो पशुओं और मनुष्यों दोनों के लिए लाभकारी है। ग्रहण काल में पारंपरिक रूप से उपवास और सात्विक आहार की परंपरा रही है। इसका वैज्ञानिक कारण यह माना जाता है कि ग्रहण के समय वातावरण में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि तेज हो जाती है, जिससे भारी या दूषित भोजन से परहेज किया जाता है। गौ-सेवा से मनुष्य में करुणा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है, जो मानसिक संतुलन और सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहित करती है।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर अपनी नौ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ कृषि विभाग के कृषि अधिकारीयों ने खोला मोर्चा
छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के प्रांत अध्यक्ष श्री लिखेश वर्मा जी ने जानकारी देते हुए बताया की संघ के प्रांतीय बैठक में सभी जिला एंव प्रांतीय पदाधिकारियों एंव सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से नौ सूत्रीय लंबित मांगो की पूर्ति हेतु चरणबद्ध सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है अपनी मांगों की पूर्ति हेतु पूरे छत्तीसगढ़ में हर जिला के समस्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एंव कृषि विकास अधिकारी निम्म दिवस वार चरणबद्ध सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे :
दिनांक 8 और 9 सितंबर 2025 को काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे !
दिनांक 15 सितंबर 2025 को हर जिला में समस्त विकासखंड एंव जिला स्तर पर तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एंव माननीय कृषि मंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा जाएगा एंव उक्त तिथि में बिना संसाधन भत्ता के उक्त तिथि से ऑनलाइन कार्य नही किया जाएगा!
दिनांक 23 सितंबर 2025 को एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे एंव रैली निकाल कर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा !
ऑनलाइन कार्य बहिष्कार करने से किसानों की बढ़ेगी मुश्किलें
कृषि विभाग में संचालित विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पीएम किसान सम्मान निधि,प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसल कटाई प्रगोग, प्रधानमंत्री सॉइल हेल्थ कार्ड योजना धान खरीदी सत्यापन धान खरीदी ट्रस्टेड पर्सन बायोमेट्रिक फिंगर एंव गिरदावरी कार्य समेत खेती किसानी से सम्बंधित ऑनलाइन कार्य होगा प्रभावित
कृषि विकास अधिकारी प्रकोष्ठ से पदमेश शर्मा, अवधेश उपाध्याय ने कृषि अधिकारियों के 9 सूत्रीय लंबित मांगो का विवरण इस प्रकार दिया:-
1.वेतनमान संशोधन 4300 ग्रेड पे
2.ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एंव कृषि विकास अधिकारी के कार्य क्षेत्र का पुननिर्धारण
3 .मासिक स्थाई भत्ता में वृद्धि कर रुपए पच्चीस सौ करने हेतु
4.विभागीय कार्य सम्पादन हेतु मोबाईल, इंटरनेट ,कंप्युटर, प्रिंटर स्टेशनरी इत्यादि हेतु संसाधन भत्ता
5.विभगीय अमले की कमी के कारण अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की स्थिति में सम्मानजनक अतिरिक्त क्षेत्रीय भत्ता
6.मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पदनाम को कृषि विस्तार अधिकारी करने हेतु
7.ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एंव कृषि विकास अधिकारियों की डियूटी गैर विभगीय कार्यो - फसल गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे, सड़को को मवेशी मुक्त करने गठित दल, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत नोडल अधिकारी, धान उपार्जन केंद्र प्रभारी अधिकारी, ट्रस्टेड पर्सन, नोडल अधिकारी धान खरीदी, नाका जांच प्रभारी, निगरानी समिति नियद नेल्लानार, स्कूलों परीक्षा केंद्रों में पर्यवेक्षक ऑब्जर्वर कार्य, बस्तर पंडुम, आंगनबाड़ी निरीक्षण, पीएम आवास सर्वे एंव नोडल अधिकारी, डियूटी किसान क्रेडिट कार्ड योजना, आयुष्मान कार्ड वंदन इत्यादि
8.कृषि आदान सामग्री लैम्पसों में भंडारण करने एंव डीबीटी प्रणाली लागू करने
9.ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से कृषि विकास अधिकारी के पद में विगत कई वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ करने
प्रांतीय कोषाध्यक्ष उत्तम ताम्रकार, संभाग अध्यक्ष अमित पटेल, राहुल गौतम, विकास वर्मा, सुरेंद्र अहिरवार जी कहना है कि संघ पहली बार विकासखंडों में प्रदर्शन करेगा जिससे जिला प्रशासन में हमारी शक्ति का अनुभव करेगा जिससे कि गैर विभागीय ड्यूटी से हमें शीघ्र मुक्ति मिलेगी!
छात्रों के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर में 65 करोड़ की लागत से बनेगा छात्रावास : मुख्यमंत्री श्री साय
बस्तर–सरगुजा सहित दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस
कैंसर के शोध, रोकथाम और इलाज में उपयोगी साबित होगी एरोकॉन 2025 संगोष्ठी
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। श्री साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
श्रद्धेय शांताराम जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय श्री शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडे, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।
महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित
अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची, महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ /
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम प्रवास के दौरान कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम विचारपुर और भिभौंरी में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, मांगें और सुझाव सुने तथा सभी आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने ग्राम विचारपुर में 18 लाख रुपए की लागत से निर्मित विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 10 लाख रुपए की लागत से झोंका नाला में पुलिया, 5 लाख रुपए की लागत से मंच और 3 लाख रुपए की लागत से ज्योति कक्ष का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक समय पर पहुँचना चाहिए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सभापति रामकुमार भट्ट, डॉ. बीरेन्द्र साहू, परदेशी पटेल, रवि राजपुत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने बताया कि ग्राम विचारपुर के विकास के लिए 82 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस राशि से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं और शेष तेजी से प्रगति पर हैं। यह राशि गाँव के भविष्य को नई दिशा देने के लिए है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी ग्रामीण को शासन-प्रशासन तक पहुँचने में कठिनाई नहीं होगी और हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियां और योजनाएं नागरिकों का जीवन आसान, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए हैं तथा समस्याओं का निपटारा स्थल पर ही सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता के जीवन को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, सिंचाई और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से बड़े स्तर पर काम कर रही है। आने वाले समय में प्रदेश का कोई भी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा। किसानों को सशक्त बनाना, युवाओं को रोजगार से जोड़ना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और हर घर तक विकास की रोशनी पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“आपकी समस्या ही मेरी समस्या है और उसका समाधान करना ही मेरा दायित्व है।” उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर बल दिया ताकि वे भविष्य में प्रदेश और देश की प्रगति में योगदान दे सकें।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए उपमुख्यमंत्री ने उन्हें शिक्षा और खेलकूद में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव के हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा। महिलाएं स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए कदम बढ़ाएंगी और हर गांव विकास की नई मिसाल बनेगा।
एम्स रायपुर में शुरू हुई पहली शासकीय रोबोटिक सर्जरी सुविधा ‘देवहस्त’
रायपुर / शौर्यपथ /
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। शनिवार को यहां मध्य भारत की पहली शासकीय रोबोटिक सर्जरी सुविधा ‘देवहस्त’ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
नवीनतम तकनीक से सुसज्जित यह सुविधा न्यूनतम चीरा (Minimally Invasive) पद्धति पर आधारित है, जिससे सर्जरी अधिक सुरक्षित, सटीक और रोगियों के लिए कम दर्दनाक होगी। मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ, कम अस्पताल प्रवास और बेहतर उपचार परिणामों का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सुविधा राज्य को चिकित्सा शिक्षा और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और शोध में एक नया मानदंड करार दिया।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक ले. जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि ड्यूल-कंसोल दा विंची Xi सर्जिकल सिस्टम और SimNow जैसे अत्याधुनिक सिमुलेशन प्लेटफॉर्म से प्रशिक्षु चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रारंभिक चरण में यह सुविधा यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, ईएनटी और स्त्री रोग विभाग में उपलब्ध होगी।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. दिव्यज्योति मोहंती और संयोजक डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि इस सुविधा से रोगियों को महानगरों की यात्रा किए बिना ही किफायती, विश्वस्तरीय उपचार मिलेगा।
विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने बी.एससी. नर्सिंग छात्रा सुश्री ज्योत्स्ना किराड़ो को ‘देवहस्त’ नाम सुझाने के लिए सम्मानित किया।
इस पहल से छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य भारत के रोगियों को जटिल सर्जरी के लिए एक सुलभ और भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध होगा।
*बागबाहरा प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज शिक्षक दिवस के अवसर पर खेल सामग्री प्रदान किया गया*
दैनिक शौर्यपत महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
आज प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज बागबाहरा के पदाधिकारियों द्वारा अनुसूचित जाति बालक और कन्या छात्रावास बागबाहरा में जाकर बच्चों से मुलाकात किए और पे बैक सोसाइटी के माध्यम से समाज द्वारा खेल सामग्री प्रदान किया गया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष दाऊ विजय बंजारे, ब्लॉक अध्यक्ष श्री चिंता साय, श्री हेमनाथ रात्रे सर और शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्री महेंद्र बंजारे , श्री मती निर्मला आवड़े मैडम हॉस्टल अधिक्षिका श्री मती लक्ष्मी साहू और हॉस्टल कर्मचारी गण उपस्थित रहे। दाऊ विजय बंजारे जी बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने और स्वस्थ का भी ध्यान रखने कहा गया, श्री हेमनाथ रात्रे सर बच्चों को कविता बोलकर शिक्षा को अच्छा से ग्रहण करने कहा गया।
बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी के रथारूढ़ होने नए रथ निर्माण की हुई शुरुआत
जगदलपुर, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की दूसरी प्रमुख रस्म 'डेरी गड़ाई' आज पूरे धार्मिक उत्साह और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हो गई। यह रस्म बस्तर दशहरा की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की परिक्रमा के लिए रथ निर्माण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू करने की अनुमति प्राप्त हुई। इस अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव, महापौर संजय पांडे, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर हरिस एस, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्य मांझी-चालकी, नाइक-पाइक, मेंबर-मेंबरिन और बड़ी संख्या में स्थानीय समुदाय उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
बस्तर दशहरा पर्व के डेरी गड़ाई रस्म के तहत बिरिंगपाल गांव से विशेष रूप से लाई गई साल की पवित्र टहनियों को सिरहासार में खंभों के साथ विधि-विधानपूर्वक गाड़ा गया। यह प्रक्रिया पारंपरिक वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों के बीच मंत्रोच्चार और परम्परागत रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस रस्म का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह बस्तर दशहरा के रथ निर्माण की शुरुआत का प्रतीक है। रस्म के दौरान सिरहासार में रथ निर्माण की अनुमति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई।
डेरी गड़ाई रस्म के अवसर पर महिलाओं ने हल्दी खेलने की परंपरा को निभाया, जिसमें वे एक-दूसरे पर हल्दी छिड़ककर उत्सव की खुशी को साझा करती हैं। यह दृश्य स्थानीय संस्कृति की जीवंतता और सामुदायिक एकता को दर्शाता है। हल्दी खेलने की यह परंपरा उत्साह बढ़ाती है। इसके साथ ही सामाजिक समरसता को भी मजबूत करती है। डेरी गड़ाई रस्म के समापन के साथ ही रथ निर्माण का कार्य विधिवत शुरू हो गया है। इस कार्य को झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के संवरा जाति के कुशल कारीगर संपन्न करेंगे। ये कारीगर अपनी परंपरागत तकनीकों और औजारों का उपयोग करते हुए रथ को तैयार करेंगे, जो आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की रथारूढ़ होने के साथ परिक्रमा के लिए उपयोग किया जाएगा। रथ का निर्माण पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से किया जाता है, जिसमें आधुनिक उपकरणों का उपयोग नहीं होता। यह प्रक्रिया न केवल कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवित रखती है। रथ का उपयोग बस्तर दशहरा के दौरान मां दंतेश्वरी की शोभायात्रा में किया जाएगा। यह रथ उत्सव का एक केंद्रीय प्रतीक है, जो मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। रथ की परिक्रमा बस्तर दशहरा के सबसे आकर्षक और धार्मिक दृश्यों में से एक होती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। साथ ही देश-विदेश के सैलानी भी ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के साक्षी बनते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
