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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    भिलाई में बीएसपी कर्मचारी पर तलवार से जानलेवा हमला: दुर्ग पुलिस ने दिखाई त्वरित कार्रवाई, आरोपियों का निकाला जुलूसभिलाई/शौर्यपथ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगरी भिलाई में शुक्रवार रात अपराधियों के दुस्साहस…

    बिर्रा-/ शौर्यपथ / पुलिस थाना बिर्रा के नवपदस्थ पुलिस निरीक्षक जयकुमार साहू ने पत्रकार टीम को सौजन्य मुलाकात में कहा कि पुलिसिग व्यवस्था दुरुस्त रहेगी साथ ही पुलिस और जनता के बीच संवाद स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही आज शाम को प्रेस क्लब बिर्रा ने पुलिस थाना बिर्रा में नवपदस्थ पुलिस निरीक्षक जयकुमार साहू को पुष्प गुच्छ भेंट कर सौजन्य मुलाकात मुलाकात किया तथा पुलिस थाना प्रभारी जयकुमार साहू ने पत्रकार को बताया कि इसके पूर्व डीडीनगर रायपुर नारायणपुर कांकेर दन्तेवाड़ा केशकाल के अलावा भोपालपटनम घोरनक्सली क्षेत्र में अपनी सेवा दी है तथा नक्सली इलाकों में नक्सलियों से लोहा मनवा लिए है। पुलिसिंग व्यवस्था को क्षेत्र में तेजी लाने के लिए के लिए हर समय पुलिस को चौकन्ना होकर कार्य करने के अलावा पुलिस पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा सभी सरकारी संस्था एवं गैर अधर्दशासकीय स्कूल के सभी वाहन चालक की बैठक बुलाई जाएगी तथा चालक का डेस व फिट अनफिट की जानकारी ली जाएगी। वहीं नवपदस्थ पुलिस निरीक्षक जयकुमार साहू के चार्ज के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर जनता में काफी उत्सुकता दिखाई दे रहा है तथा आने वाले समय में गुड़ा बदमाश और अवैध कारोबार करने वाले में डर का माहौल देखने को मिल रहा है। सौजन्य मुलाकात करने वाले में प्रेस क्लब के पदाधिकारी संरक्षक चित्रभानु पाड़ेय अध्यक्ष दुर्गा ड़ड़सेना उपाध्यक्ष जीवन साहू कोषाध्यक्ष संजू साहू सचिव एकांश पटेल हेमन्त जायसवाल के अलावा भारी संख्या में प्रेस क्लब पदाधिकारी उपस्थित थे।

    नई दिल्ली, 19 जुलाई 2025
    भारत ने आज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय लिखा। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से 18 दिन की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा पूरी कर 15 जुलाई को सफलतापूर्वक लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को आज भारत सरकार के मंत्रिमंडल ने सामूहिक रूप से अभिनंदन किया और इस उपलब्धि को "राष्ट्रीय गौरव का क्षण" बताया।

    मंत्रिमंडल की बैठक में कहा गया कि ग्रुप कैप्टन शुक्ला की यह उड़ान न केवल भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक श्रेष्ठता का प्रतीक है, बल्कि यह अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी दर्शाता है।

    इस मिशन की शुरुआत 25 जून 2025 को हुई थी, जिसमें शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट के रूप में Axiom-4 क्रू के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे। यह पहली बार था जब कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री ISS पर गया। उनका यह मिशन न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से ऐतिहासिक रहा, बल्कि यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का एक निर्णायक मोड़ भी साबित हुआ।

    ISS पर रहते हुए उन्होंने Expedition 73 के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर माइक्रोग्रैविटी में मानव मांसपेशियों की पुनर्रचना, शैवाल और सूक्ष्मजीवों की वृद्धि, फसलों की अनुकूलता, और सायनोबैक्टीरिया के व्यवहार जैसे उन्नत वैज्ञानिक प्रयोगों में योगदान दिया। इसके अलावा, अंतरिक्ष में मानव संज्ञानात्मक क्षमताओं पर पड़ने वाले प्रभावों का भी अध्ययन किया गया।

    सरकार ने इस उपलब्धि के लिए ISRO, DRDO और वैज्ञानिकों की टीम को भी विशेष बधाई दी, जिनके समर्पण और तकनीकी कौशल ने इस मिशन को संभव बनाया।

    मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण, स्पेस प्रोग्राम में गहरी आस्था और निर्णायक नीतियों ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर किया है।

    सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि बीते वर्षों में भारत ने कई अंतरिक्ष उपलब्धियाँ हासिल की हैं—

    • 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग,

    • आदित्य-L1 मिशन द्वारा सूर्य पर महत्वपूर्ण शोध,

    • और स्पेस सेक्टर में सुधारों के चलते 300 से अधिक स्टार्टअप्स का उदय।

    इन उपलब्धियों ने भारत की स्पेस इकॉनॉमी, रोजगार, और इनोवेशन इकोसिस्टम को नई गति दी है।

    ग्रुप कैप्टन शुक्ला की सफलता को मंत्रिमंडल ने युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का प्रतीक बताया। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास होगा और वे साइंस व टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने को प्रोत्साहित होंगे।

    गगनयान मिशन और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए, यह मिशन भारत के लिए भविष्य के बड़े लक्ष्य हासिल करने की ओर एक मजबूत कदम है।

    अंत में, मंत्रिमंडल ने इस उपलब्धि को "विकसित भारत 2047" के विजन के लिए एक प्रेरक ऊर्जा बताया और विश्वास जताया कि भारत अंतरिक्ष में विश्व की अग्रणी शक्तियों में एक बनकर उभरेगा।


    ?️ गौरवशाली भारत, उन्नत अंतरिक्ष विज्ञान
    ? "ये सिर्फ एक मिशन नहीं, ये भारत की अंतरिक्ष यात्रा का स्वर्णिम मोड़ है" – मंत्रिमंडल

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने की मुलाकात
    छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के लिए होगा कार्य

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं अब आकाश को छूएंगी। राज्य के खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दक्ष बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर अभिनव बिंद्रा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी एवं स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की।
      मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्री बिंद्रा का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने संबंधी योजनाओं पर गहन चर्चा की।
      मुख्यमंत्री साय ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा है, विशेषकर आदिवासी अंचलों के युवाओं में अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस परिप्रेक्ष्य में श्री बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने में ये प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।
      चर्चा के दौरान श्री बिंद्रा ने बताया कि वे अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए विविध कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि फाउंडेशन द्वारा खेलहित में संचालित ये कार्यक्रम निःशुल्क होते हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने के सम्बन्ध में चर्चा की।
      श्री बिंद्रा ने जानकारी दी कि ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में ओलंपिक मूल्यों का विकास किया जाएगा। उन्हें उत्कृष्टता, सम्मान और मैत्री जैसे मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक अवस्था से ही खेल प्रतिभाओं का संवर्धन संभव हो सकेगा।
      मुख्यमंत्री साय को श्री बिंद्रा ने अवगत कराया कि स्पोर्ट्स इंजरी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी कार्यक्रम के अंतर्गत खिलाड़ियों को निःशुल्क सर्जरी, पुनर्वास एवं उपचार उपरांत देखभाल की संपूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि वे स्वस्थ होकर पुनः खेल क्षेत्र में सक्रीय हो सकें। इस हेतु फाउंडेशन के साथ देश के 30 उत्कृष्ट चिकित्सकों का नेटवर्क कार्यरत है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा।
      मुख्यमंत्री को श्री बिंद्रा ने बताया कि वर्तमान खेल परिदृश्य पूर्णतः विज्ञान-आधारित हो गया है। अतः वे छत्तीसगढ़ में स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं, जिससे आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा सके। नवीनतम तकनीकों की सहायता से प्रतिभाओं की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी तथा टेक्नोलॉजी के माध्यम से उनके कौशल को समुचित रूप से विकसित किया जा सकेगा।
      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आवश्यक सभी सुविधाएं प्रदान कर रही है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के युवाओं में तीरंदाजी का प्राकृतिक कौशल है। इस प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु रायपुर एवं जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से 60 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। इसी प्रकार बस्तर में आयोजित बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये एवं कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की घोषणा की गई है।
      इस अवसर पर खेल मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डॉ. दिगपाल राणावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

    दुर्ग। शोर्यपथ। दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि के एक विवादास्पद आवंटन को लेकर एक बार फिर नगर प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी…
    दुर्ग/रायपुर, 18 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा भूचाल उस वक्त आया जब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इकलौते पुत्र चैतन्य बघेल को ₹2100 करोड़…
    भिलाई। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई-3 स्थित निवास पर शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। यह…

      दुर्ग | शौर्यपथ संवाददाता
    दुर्ग जिले में स्वास्थ्य विभाग में फैली अनियमितताओं और लापरवाहियों के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। 16 जुलाई को कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का घेराव करते हुए गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की। इसके अगले ही दिन, 17 जुलाई को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधीश को विस्तृत ज्ञापन सौंपा और व्यवस्था में सुधार की ठोस मांगें रखीं।
      प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले और छाया महापौर प्रेमलता साहू ने किया। ज्ञापन में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति, संविदा कर्मचारियों के वेतन में कटौती, मातृ-शिशु अस्पताल में टीकाकरण व्यवस्था की लचर दशा, हमर क्लिनिक में डॉक्टरों की कमी और भवन नियमितीकरण में हो रही देरी जैसे गंभीर मुद्दों को रेखांकित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल में कैजुअल्टी नंबर को पुनः प्रारंभ करने की भी मांग की गई जिससे आम जनता को सुविधा मिल सके।
      इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सभापति राजेश यादव, पार्षद दीपक साहू, भास्कर कुंडले, ज्ञानदास बंजारे, पूर्व पार्षद भोला महोबिया, दुष्यंत देवांगन, विजय चंद्राकर, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष आयुष शर्मा, प्रदेश संयोजक चिराग शर्मा, निकिता मिलिंद, हेमा साहू, आनंद कपूर ताम्रकार, शिशिरकांत कसार, अमोल जैन, यश बाकलीवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
      पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल इन दिनों लगातार सरकार की असफलताओं और प्रशासनिक लापरवाहियों के खिलाफ मुखर होकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता संगठित होकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में नया जोश और ऊर्जा देखने को मिल रही है।
      दुर्ग कांग्रेस की इस सक्रियता ने न केवल प्रशासन को जवाबदेह बनाने की दिशा में दबाव बनाया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि विपक्ष जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने वाला।

         जांजगीर-चांपा, बिर्रा / शौर्यपथ /  वन क्षेत्र की कटाई और लगातार घटते जंगलों के कारण जंगली जानवर अब आबादी और कृषि क्षेत्र की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। सिलादेही और गतवा गांव के खेतों में बुधवार को करीब डेढ़ दर्जन जंगली सुअरों (बरहा) का झुंड देखा गया, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बरसात के इस मौसम में जहां धान की फसल की बुआई जोरों पर है, वहीं जंगली जानवरों द्वारा खेतों में घुसकर फसल को रौंदना और चरना किसानों के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है।
      ग्रामीणों ने बताया कि सिलादेही के समीप हसदेव नदी पार देवरी गांव के खेतों में इन जंगली सुअरों का झुंड सबसे पहले देखा गया। खेत में काम कर रहे महिला-पुरुष मजदूर जानवरों को देखकर भयभीत हो गए और इधर-उधर भागने लगे। किसी तरह ग्रामीणों ने जानवरों को खेत से खदेड़ा, लेकिन बरहा का झुंड नदी पार कर बाबा धाम इलाके और फिर गतवा के खेतों में पहुंच गया, जहां उन्होंने धान की बुआई की गई फसल को चरना शुरू कर दिया।
    किसानों को हो रहा फसल का बड़ा नुकसान
      स्थानीय किसानों के अनुसार, बरहा के झुंड ने कई एकड़ खेतों में बोई गई धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। खेतों में गड्ढे कर दिए गए हैं और कई जगह पौधों को जड़ से उखाड़ दिया गया है। यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
    ग्रामीणों ने वन विभाग से की तत्काल कार्रवाई की मांग
       ग्रामीणों ने वनमंडलाधिकारी को ज्ञापन देकर जंगली जानवरों को तत्काल हटाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले दिनों में फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है और ग्रामीणों के लिए खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो सकता है।
    वन कटाई का दुष्परिणाम
       गौरतलब है कि ग्रामीणों ने पूर्व में ही आशंका जताई थी कि हसदेव वन क्षेत्र में हो रही अंधाधुंध कटाई के कारण जंगली जानवरों का झुंड रिहायशी और कृषि क्षेत्रों की ओर रुख करेगा। आज वही आशंका साकार होती दिख रही है।

      रिसाली / शौर्यपथ / दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विधायक ललित चंद्राकर के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक चंद्राकर की पहल पर नगर पालिक निगम रिसाली को नगरोत्थान योजना के अंतर्गत 19 करोड़ 41 लाख रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिससे तीन प्रमुख सड़कों का डामरीकरण, चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
    संवर्धन हेतु चिन्हित मार्ग
     विधायक चंद्राकर के द्वारा जिन मार्गों को दुरुस्त करने की अनुशंसा की गई है, वे सभी अत्यंत व्यस्त और जनसंपर्क की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं:
        मैत्रीकुंज से मधुरिमा फेस-3 तक
        आज़ाद चौक से आत्मानंद स्कूल, कृष्णा टॉकीज रोड तक
        श्रीराम चौक से बालाजी अपार्टमेंट तक 

      इन मार्गों का डामरीकरण, चौड़ीकरण और दोनों ओर पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य प्रस्तावित है, जिससे नागरिकों को यातायात और सुविधा दोनों में राहत मिलेगी।

    इस विकास कार्य से विशेष रूप से निम्नलिखित वार्डों के निवासियों को लाभ मिलेगा: वार्ड 05 – एचएससीएल कॉलोनी, रूआबांधा  , वार्ड 23 – प्रगतिनगर रिसाली , वार्ड 24 – आज़ाद मार्केट रिसाली ,   वार्ड 25 – आशीष नगर पश्चिम रिसाली , वार्ड 27 – मैत्रीनगर रिसाली , वार्ड 28 – शक्तिविहार रिसाली

    विद्युत पोल हटाने का कार्य पहले
      नगर निगम के सहायक अभियंता अखिलेश गुप्ता ने बताया कि कई स्थानों पर बेतरतीब ढंग से लगे विद्युत पोलों को पहले व्यवस्थित किया जाएगा, उसके बाद डामरीकरण का कार्य आरंभ होगा।
     डी.पी.एस. चौक मार्ग का भी होगा उन्नयन
      विधायक चंद्राकर के प्रयासों से डी.पी.एस. चौक से कल्याणी मंदिर चौक तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा। इस हेतु भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) ने सहमति प्रदान कर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। यह मार्ग रिसाली की सीमा में प्रवेश का प्रमुख रास्ता है और इसके विकास से क्षेत्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।
    जनसरोकार और विधायक की सक्रियता
      विधायक ललित चंद्राकर के नेतृत्व में रिसाली क्षेत्र में न केवल सड़कों का कायाकल्प हो रहा है, बल्कि विद्युतीकरण, नाली निर्माण, और भवन स्वीकृति जैसे बुनियादी कार्यों में भी निरंतर प्रगति हो रही है। यह दर्शाता है कि वे अपने क्षेत्र के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए सदैव सक्रिय हैं।

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