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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    ? रविवार, 13 जुलाई 2025 ✍️ शौर्य ज्योतिष डेस्क रविवार सूर्य देव को समर्पित होता है, और आज सूर्य की स्थिति कुछ राशियों के लिए…

     शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तावित युतियुक्तिकरण  योजना (School Rationalization Policy) एक ऐसी पहल है, जो आने वाले समय में प्रदेश के शैक्षणिक नक्शे पर दूरगामी बदलाव लाने जा रही है। वर्तमान में भले ही यह योजना कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों के लिए विरोध का विषय बनी हो, परंतु इसके मूल में निहित उद्देश्य और लाभों पर गौर किया जाए तो यह स्पष्ट होता है कि यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, दक्षता और समावेशिता की ओर एक सशक्त कदम है।

    ⚖️ क्या है युतियुक्तिकरण योजना?

    युतियुक्तिकरण योजना का मूल उद्देश्य ऐसे शासकीय विद्यालयों का एकीकरण करना है, जहां छात्र संख्या अत्यंत कम है—30-40 या 50 के आसपास। इस प्रक्रिया के अंतर्गत आसपास के ऐसे स्कूलों को एक केंद्रीकृत विद्यालय में विलय किया जाएगा, जहां उचित भवन, पर्याप्त शिक्षक, प्रशासनिक स्टाफ, क्लर्क और संसाधन उपलब्ध होंगे। इसके माध्यम से न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, बल्कि शासन के खर्चों का भी समुचित उपयोग सुनिश्चित होगा।

    ? वर्तमान व्यवस्था की गंभीर चुनौतियां

    छत्तीसगढ़ के सुदूर ग्रामीण अंचलों और कस्बों में आज भी अनेक शासकीय विद्यालय ऐसे हैं, जो नाममात्र की छात्र संख्या के साथ संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में मात्र एक शिक्षक के भरोसे स्कूल की पूरी व्यवस्था चलाना किसी संवैधानिक शिक्षा अधिकार की आत्मा के साथ न्याय नहीं है। इतना ही नहीं, स्टाफ की कमी, भवनों की मरम्मत, प्रशासनिक अभिलेखों के रख-रखाव जैसी अनिवार्य व्यवस्थाएं शासन पर प्रति विद्यालय लाखों रुपये का व्यय लाद रही हैं।

    ?? कम छात्र संख्या = कम प्रतिस्पर्धा, सीमित मानसिक विकास

    कम छात्रों की कक्षा में प्रतिस्पर्धा का वातावरण नहीं पनपता, जो बच्चों के समग्र मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न करता है। आज जब देश NEP-2020 के तहत 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, तब बच्चों को सीमित संसाधनों में शिक्षित करना उन्हें पीछे छोड़ने जैसा होगा।

    ? एकीकृत विद्यालय – गुणवत्ता की नई परिभाषा

    युतियुक्तिकरण के तहत अगर 5 विद्यालयों के छोटे बच्चों को मिलाकर एक उच्चतर, सुव्यवस्थित स्कूल में समाहित किया जाए, तो—

    अनुभवी शिक्षक उपलब्ध होंगे
    विज्ञान, गणित, कला, खेल आदि विषयों में विशेषज्ञता होगी
    छात्र आपसी प्रतियोगिता के माध्यम से अधिक प्रगति करेंगे
    शासन द्वारा प्रति विद्यार्थी बजट प्रभावी तरीके से गुणवत्ता पर निवेश किया जा सकेगा
    डिजिटल व स्मार्ट क्लास जैसे नवाचार संभव होंगे

    ? ग्रामीण और शहरी संतुलन की ओर एक पहल

    आज शहरी स्कूलों में छात्र संख्या अधिक व संसाधन अपेक्षाकृत बेहतर हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल संसाधनों और शिक्षकों की कमी से जूझते हैं। युतियुक्तिकरण इस असंतुलन को पुनर्संतुलित कर सकता है। जिस प्रकार से समृद्ध निजी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को लेकर प्रतिस्पर्धा होती है, उसी प्रकार सरकारी स्कूल भी आने वाले वर्षों में नवाचार, प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता के मानदंड स्थापित कर सकेंगे।

    ? विपक्ष का विरोध और शासन की दूरदृष्टि

    विपक्षी दलों का यह तर्क कि ‘स्कूल बंद किए जा रहे हैं’ या ‘शिक्षा को पीछे ले जाया जा रहा है’, एक आंशिक और सतही दृष्टिकोण है। यदि 5 विद्यालयों के 40-50 छात्रों को एक उच्चतर स्कूल में लाया जाए, तो कुल लगभग 300 छात्रों के लिए एक बेहतर संस्थान विकसित किया जा सकता है। इसमें किसी प्रकार की शिक्षा की कटौती नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता को बढ़ावा देना ही प्रमुख उद्देश्य है।

    ? यूटी युक्तिकरण : शिक्षा के माध्यम से समृद्ध समाज की ओर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह योजना न केवल प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, बल्कि एक दूरदर्शी शैक्षणिक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करती है। शिक्षा ही समाज, प्रदेश और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि शिक्षा सशक्त होगी तो प्रदेश की आने वाली पीढ़ी रोज़गार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगी।

    ? निष्कर्ष : सुनहरे भविष्य की नींव

    युतियुक्तिकरण योजना को केवल संख्या या भवन के घटाव के रूप में नहीं, बल्कि गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धा और मानसिक विकास की नींव के रूप में देखा जाना चाहिए। यह योजना छत्तीसगढ़ को शिक्षित, सक्षम और प्रतिस्पर्धी राज्य बनाने की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। आने वाले वर्षों में जब शासकीय विद्यालय भी निजी स्कूलों को टक्कर देने लगें, तब यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह विरोध नहीं, बल्कि एक भविष्यगामी क्रांति का प्रारंभ था।

    ? लेखक : शरद पंसारी
    संपादक – शौर्यपथ दैनिक समाचार

    रायपुर/शौर्यपथ समाचार।

    नवागढ़ से रायपुर लौटते समय आरंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूज्य संत परंपरा के अग्रणी धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब जी के काफिले पर अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किया गया। यह घटना न केवल एक जनप्रतिनिधि पर हमला है, बल्कि छत्तीसगढ़ की शांति, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।

    घटना के दौरान काफिले के मुख्य वाहन के सामने की विंडशील्ड पर भारी क्षति हुई, जिससे वाहन चालक और साथ बैठे लोग भयभीत हो उठे। हालांकि, गनीमत रही कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    समर्थकों ने जताई गहरी निंदा

    गुरु साहेब के समर्थकों और श्रद्धालुओं ने इस कायराना हमले की तीव्र निंदा की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि धर्म, परंपरा और लोकतंत्र पर संगठित हमला है। उन्होंने मांग की है कि इस घटना के दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।

    राजनीतिक विद्वेष या योजनाबद्ध अशांति?

    घटना की पृष्ठभूमि में कुछ लोग इसे राजनीतिक विद्वेष और वैचारिक असहिष्णुता से प्रेरित मान रहे हैं। यह चिंता का विषय है कि ऐसे तत्व समाज को बांटने और धार्मिक सद्भाव को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं।

    प्रशासन की भूमिका अहम

    घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को संभाला और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। आरंग क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जनप्रतिनिधियों एवं संतजनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

    ? यह हमला केवल एक वाहन पर नहीं था — यह हमारे लोकतंत्र की अस्मिता, हमारे संतों की गरिमा और सामाजिक सौहार्द्र पर हमला है।

     

    छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल किया नया मुकाम:नई शिक्षा नीति से बदली तस्वीर, छत्तीसगढ़ में स्थानीय भाषाओं में मिल रही शिक्षा
    मुख्यमंत्री ने पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है।

    उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।

    श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है।

    रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा।

    विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार श्री राज सैनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की।

    कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार श्री महेंद्र गुप्ता, सीईओ श्रीमती शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

    रायपुर, 11 जुलाई 2025 / शौर्यपथ संवाददाता

        राजधानी रायपुर में न्यूज़18 मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भव्य ‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की विकास गाथा और भविष्य की दिशा को लेकर दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने जिस ऐतिहासिक विश्वास के साथ उन्हें सत्ता सौंपी है, उस पर वे समर्पित जनसेवक की तरह कार्य कर रहे हैं, और हर वर्ग के कल्याण को केंद्र में रखते हुए योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की प्राथमिक उपलब्धियाँ:

    ? आवास क्रांति:

    • 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति उनकी सरकार की पहली कैबिनेट में दी गई, जिससे आज हज़ारों परिवारों को गृहप्रवेश का सौभाग्य मिल रहा है।

    ? किसान सम्मान:

    • किसानों के लिए ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी प्रारंभ की गई है, जिसमें पिछली सरकार की दो वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया जा रहा है।

    ?‍? महिलाओं को अधिकार और सहायता:

    • महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

    ? आदिवासी सशक्तिकरण:

    • चरण पादुका वितरण, तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, और तीर्थदर्शन योजना जैसे कदम जनजातीय समाज को सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध हो रहे हैं।

    ? डिजिटल ग्राम पंचायतें:

    • 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल केंद्र स्थापित हो चुके हैं, जिससे ग्रामीण जनता को बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जल्द ही यह सुविधा सभी पंचायतों तक विस्तारित होगी।

    ? महिलाओं को रोज़गार के नए अवसर:

    • रेडी टू ईट खाद्य निर्माण का कार्य फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया, जिससे आत्मनिर्भरता को नया बल मिला है।

    ? नक्सलवाद पर निर्णायक कार्यवाही:

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की समयसीमा के अनुसार छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त राज्य बनाने का संकल्प लेकर उनकी सरकार गांवों में नियद नेल्लार योजना के अंतर्गत तेज़ी से विकास कार्य कर रही है।

    "नक्सल प्रभावित इलाकों में हम शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, इंटरनेट जैसी सुविधाएं पहुंचा रहे हैं — यही असली जवाब है नक्सलवाद को,"
    – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    ?️ कॉन्क्लेव: संवाद और दृष्टिकोण का प्रभावशाली मंच

    ‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं, उपलब्धियों और आने वाले कल को लेकर अनेक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए।
    यह मंच शासन, सशक्तिकरण, नवाचार और जन भागीदारी के अद्भुत समन्वय का प्रतीक बना।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री डॉ. रामविचार नेताम, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, बुद्धिजीवी, पत्रकार और समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    ? मुख्यमंत्री साय का संदेश:

    "हमारे विकास मॉडल में अंतिम व्यक्ति की भागीदारी और लाभ को प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ सिर्फ योजनाओं से नहीं, जनता के विश्वास से आगे बढ़ रहा है। यही 'राइजिंग छत्तीसगढ़' है।"

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मिस यूनिवर्स छत्तीसगढ़ 2025 डॉ. अंजली पवार ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. अंजली पवार को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

    भेंट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने डॉ. अंजली पवार को छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में पर्यटन विकास की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद उपस्थित थे।

    रायपुर, 12 जुलाई 2025 / शौर्यपथ संवाददाता

     छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों ने एक बार फिर राज्य का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। महासमुंद जिले के पिथौरा निवासी श्री प्रेम राजन रौतिया ने नेपाल के पोखरा में आयोजित एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    31 अगस्त से 4 सितंबर 2024 के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में श्री रौतिया ने अंडर-30 कैटेगरी में 735 किलोग्राम भार उठाकर न केवल देश बल्कि छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित किया।

    इस उपलब्धि के बाद श्री रौतिया ने आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा,

    "प्रेम राजन रौतिया जैसे युवा खिलाड़ियों की मेहनत और संकल्प पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनकी यह जीत हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।"

    इस सम्मानजनक अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, श्री खेमराज बाकरे सहित मेहर रविदास समाज के अनेक प्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे। सभी ने श्री रौतिया को सम्मानित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

    यह उपलब्धि न केवल राज्य के खेल इतिहास में एक सुनहरा अध्याय जोड़ती है, बल्कि ग्रामीण अंचल से निकले खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई उड़ान देती है।

    राज्य सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला, मुकदमेबाजी के 62 हजार मामलों में आएगी कमी, जीएसटी संशोधन विधेयक को मंत्रिपरिषद की बैठक में मिली मंजूरी

    रायपुर, 12 जुलाई 2025 | शौर्यपथ न्यूज
    छत्तीसगढ़ सरकार ने छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। राज्य में दस साल से अधिक समय से लंबित 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2025 तथा बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक के प्रारूप को अनुमोदन प्रदान किया गया।

    इस निर्णय से प्रदेश के 40 हजार से अधिक छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, साथ ही 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक संसाधनों पर भार भी घटेगा।

    व्यापार में सहजता के लिए जीएसटी प्रावधानों में अहम संशोधन

    विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में प्रस्तुत किए जाने वाले इन विधेयकों में व्यापारियों के लिए कई सहूलियतें शामिल हैं:

    • RCM आईजीएसटी का ब्रांच ऑफिस में वितरण की अनुमति
      इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स अब रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत लिए गए आईजीएसटी का वितरण अपनी ब्रांच में भी कर सकेंगे।

    • पेनाल्टी मामलों में पूर्व डिपॉजिट 20% से घटाकर 10%
      जिन मामलों में टैक्स की डिमांड नहीं है, वहां अपील करने के लिए डिपॉजिट आधा कर दिया गया है — यह व्यापारियों के लिए राहतकारी कदम है।

    • वाउचर की कर देयता पर स्पष्टता
      ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ की अनिश्चितता को समाप्त करते हुए इसे हटाया गया है, जिससे व्यापारिक स्पष्टता बढ़ेगी।

    • डिमेरिट गुड्स पर ट्रेस एंड ट्रैक सिस्टम लागू
      खासकर तंबाकू जैसे उत्पादों के लिए उत्पादन से उपभोग तक निगरानी का तंत्र विकसित किया गया है, जो कर चोरी पर लगाम लगाएगा।

    • SEZ वेयरहाउस में ट्रेड पर राहत
      विशेष आर्थिक क्षेत्रों में वस्तुओं के बिना मूवमेंट किए गए व्यापार को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का संशोधन प्रस्तावित है।

    मुख्यमंत्री ने कहा – “व्यापारियों को मिलेगी राहत, राज्य की अर्थव्यवस्था होगी सशक्त”

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह निर्णय राज्य के छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक सार्थक पहल है। व्यापारिक प्रक्रिया को सरल और विवाद मुक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।


    ? इस खबर को ज़रूर साझा करें — यह छोटे व्यापारियों के लिए नया अवसर और आशा लेकर आई है।

    ✍️ रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता | स्रोत: छत्तीसगढ़ शासन

    युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम

    ?️ नई दिल्ली / शौर्यपथ संवाददाता

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर में आयोजित 16वें रोजगार मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में 51,000 से अधिक नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि “रोजगार केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान का माध्यम है।”

    ? युवाओं के लिए अवसर, देश के लिए भविष्य

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे रोजगार मेला अभियान के माध्यम से अब तक लाखों युवाओं को स्थाई सरकारी रोजगार दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल रोजगार प्रदान करना नहीं है, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना है।

    ? सामाजिक विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता

    प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक अवसरों की समान पहुंच सुनिश्चित करना है। रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को सक्षम, प्रशिक्षित और संगठित बनाकर उन्हें ‘विकसित भारत’ के निर्माण में शामिल किया जा रहा है।

    ? 1 लाख करोड़ का बजट प्रावधान, 3.5 करोड़ रोजगार की संभावना

    सरकार ने इस अभियान को व्यापक रूप देने के लिए केंद्रीय बजट में लगभग ₹1 लाख करोड़ का विशेष प्रावधान किया है। इसके माध्यम से लगभग 3.5 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित किए जाने की संभावना जताई गई है।


    ? मुख्य बिंदु:

    • 16वां राष्ट्रीय रोजगार मेला देशभर में आयोजित

    • प्रधानमंत्री मोदी ने 51,000 नियुक्ति पत्र सौंपे

    • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवचयनितों को संबोधित किया

    • 1 लाख करोड़ की बजट योजना से 3.5 करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य

    • युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाने की पहल

    लखनऊ/शौर्यपथ संवाददाता

    लखनऊ के चौक स्थित प्रसिद्ध बड़ी काली जी मंदिर परिसर में एक नए ब्लॉक के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में महिला सैनिकों और पायलटों की अहम भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से भारतीय सेना पाकिस्तान स्थित 9 आतंकी शिविरों को ध्वस्त करने में सफल रही।

    रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर महिला शक्ति को राष्ट्र की रक्षा और गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "आज भारतीय सेना में महिलाएं केवल सहयोगी नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' इसका सजीव उदाहरण है।"

    कारगिल युद्ध की 26वीं वर्षगांठ पर वीरों को किया याद

    राजनाथ सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि इस वर्ष कारगिल विजय की 26वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कैप्टन मनोज पांडे सहित उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने भारत माता की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

    उन्होंने बताया कि कैप्टन मनोज पांडे जिस गोरखा राइफल्स रेजीमेंट से जुड़े थे, उसका नारा है — "जय महाकाली, आयो गोरखाली", जो न केवल एक युद्धघोष है बल्कि वीरता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक भी है।

    धार्मिक धरोहरों के संरक्षण पर बल

    अपने संबोधन में मंत्री ने यह भी कहा कि देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को भव्य बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा:

    “काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर, सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण और अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर — ये सब उसी मिशन का हिस्सा हैं, जिससे हमारी संस्कृति और आस्था को वैश्विक पहचान मिल रही है।”

    राजनाथ सिंह ने इस मौके पर लखनऊ स्थित महाकाली मंदिर को भी और अधिक भव्य और दिव्य रूप देने के लिए सार्वजनिक सहभागिता की अपील की।


    ? मुख्य बिंदु:

    • ऑपरेशन सिंदूर में महिला सैनिकों की भूमिका को सराहना

    • कारगिल युद्ध की 26वीं वर्षगांठ पर शहीदों को श्रद्धांजलि

    • गोरखा राइफल्स और कैप्टन मनोज पांडे का उल्लेख

    • धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की बात

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