September 22, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों के साथ सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अभियान को महज आयोजन न बनाकर जनभागीदारी, सेवा भावना और सामाजिक सहयोग का स्थायी माध्यम बनाया जाए। प्रदेश में अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक संचालित हो रहा है।
    मुख्य सचिव ने स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक एवं युवा संगठनों तथा अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्लॉक एवं तहसील स्तर के शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने तथा केंद्र की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने को कहा।

    23 से 25 सितंबर और 2 से 8 अक्टूबर तक होंगे आयोजन
    ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत 23 से 25 सितंबर तक नगरीय निकायों और 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा एवं दान उत्सव आयोजित होगा। इसमें स्वच्छता, अन्न-वस्त्र दान, विद्या दान, कौशल एवं ज्ञान दान, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, अंगदान-देहदान, स्वास्थ्य जांच, सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण जैसी गतिविधियां होंगी। NCC, NSS, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक एवं युवा संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित कर गतिविधियों को माय भारत पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
    अंग एवं देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित करने तथा अंगदान के प्रति निरंतर जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है।

    सेवा सेतु शिविरों के प्रकरणों का हो समयबद्ध निराकरण
    मुख्य सचिव ने सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त आवेदनों, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। दान उत्सव में जलस्रोतों की सफाई, प्लास्टिक विरोधी अभियान, महा रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, महा अन्नदान, गरिमा किट, बुक ट्री, स्कूल किट और वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग जैसी गतिविधियां भी होंगी। जरूरतमंदों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों तक इनका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
    मुख्य सचिव ने गिरदावरी सर्वे में शुद्धता, जल जीवन मिशन में 15 अक्टूबर तक नल कनेक्शन एवं उन्हें क्रियाशील करने की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा तथा स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
    उन्होंने कलेक्टरों से कहा, “आप जिले के लीडर हैं”, इसलिए अभियान का प्रभावी नेतृत्व कर परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी गतिविधियों की जानकारी गूगल शीट में दर्ज कर नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
    वीडियो कॉन्फ्रेंस में जीएडी सचिव अविनाश चम्पावत, आईटी सचिव अंकित आनंद, आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल सहित संभागायुक्त, कलेक्टर एवं अन्य अधिकारी शामिल हुए।

    जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर जल स्रोतों के संरक्षण का लिया संकल्प, आमजन को स्वच्छता और जल संवर्धन के प्रति किया जागरूक

    रायपुर / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा में अरपा उद्गम स्थल के समीप नदी घाट स्वच्छता अभियान एवं नगरीय जल स्रोत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण एवं जल संवर्धन के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना तथा नागरिकों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करना रहा।
    अरपा नदी छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण नदियों में शामिल है और इसका उद्गम क्षेत्र गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय पहचान से जुड़ा हुआ है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित स्वच्छता अभियान के माध्यम से जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता करते हुए नदी घाट और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
    कार्यक्रम में मरवाही विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर, नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के उपाध्यक्ष शरद गुप्ता, लालजी यादव, राकेश चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    स्वच्छ जल स्रोत स्वस्थ समाज का आधार

    कार्यक्रम के दौरान जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि नदी, तालाब और अन्य जल स्रोत केवल पानी के स्रोत नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण, जैव विविधता और मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए शासन के प्रयासों के साथ-साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
    नदी घाट की स्वच्छता के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों में कचरा न डालें और उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखें। स्थानीय स्तर पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ने से जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी।

    जल संरक्षण के साथ जल संवर्धन पर भी जोर

    कार्यक्रम में जल संरक्षण के साथ जल संवर्धन की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। वर्षा जल के संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर नागरिकों को जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में पानी की बचत करने तथा उपलब्ध जल संसाधनों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

    सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी भावना को मजबूत करता है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    अरपा के संरक्षण से जुड़ा जनभागीदारी का संदेश

    अरपा नदी क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। इसके उद्गम क्षेत्र की स्वच्छता और संरक्षण का महत्व और भी बढ़ जाता है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की सहभागिता से स्थानीय नागरिकों को जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश मिला।

    कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता को अपनी दैनिक आदतों में शामिल करने, नदी एवं अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन ने सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करते हुए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

       पेंड्रा / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के तहत पेंड्रा के मल्टीपर्पस स्कूल के सामने विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक और रंगोली के माध्यम से सामाजिक जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण का प्रभावी संदेश दिया। डाइट के बालक-बालिकाओं ने अभिनय, संवाद और रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए सेवा भाव, स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर आमजन को जागरूक किया।
    नुक्कड़ नाटक में विद्यार्थियों ने स्वच्छ गांव और स्वस्थ समाज की अवधारणा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए नागरिकों से स्वच्छता अपनाने, पानी-बिजली की बचत करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को मेहनत, लगन, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया।

    एकता और जिम्मेदार नागरिकता पर जोर
    प्रस्तुति के दौरान एकता, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि सकारात्मक सामाजिक बदलाव प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता से संभव है। सेवा भाव और सामाजिक सरोकारों को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए आमजन को प्रेरित किया गया।

    रंगोली में दिखे जागरूकता के रंग
    रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेशों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
    कार्यक्रम में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को प्रभावी बनाया। उनकी प्रस्तुतियों ने सामाजिक विषयों के प्रति संवेदनशीलता और रचनात्मकता का परिचय दिया तथा जागरूक युवाओं की समाज एवं राष्ट्र निर्माण में भूमिका को रेखांकित किया।
    इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, राकेश चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी उपस्थित रहे।

    हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत में सबसे ज्यादा 120-120 पद; 29 नवंबर को संभावित लिखित परीक्षा

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए स्कूल शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर सामने आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की घोषणा के क्रम में अब व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ की ओर से भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जा रहा है।

    प्रस्तावित भर्ती में ई-संवर्ग की शालाओं में 424 तथा टी-संवर्ग की शालाओं में 430 व्याख्याता पद भरे जाएंगे। इस तरह दोनों संवर्गों में कुल 854 पदों पर नियुक्ति होगी।

    इन विषयों में होंगी भर्तियां

    विषयवार रिक्तियों की बात करें तो हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत में सर्वाधिक 120-120 पद निर्धारित किए गए हैं। वहीं भौतिकी में 94, जबकि राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र में 100-100 पद शामिल हैं।

    विषय           पद
    हिन्दी           120
    अंग्रेजी          120
    संस्कृत         120
    भौतिकी        94
    राजनीति शास्त्र      100
    इतिहास          100
    भूगोल             100
    अर्थशास्त्र        100
    कुल              854
    CGSSB आयोजित करेगा लिखित परीक्षा

    व्याख्याता पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) द्वारा आयोजित की जाएगी। परीक्षा की संभावित तिथि 29 नवम्बर 2026 निर्धारित की गई है। हालांकि परीक्षा की तिथि में अंतिम निर्णय और अन्य प्रक्रिया संबंधी जानकारी संबंधित विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार होगी।
    भर्ती के लिए शैक्षणिक अर्हता, आयु सीमा, आरक्षण सहित अन्य आवश्यक शर्तों की विस्तृत जानकारी भर्ती विज्ञापन में दी जाएगी। वहीं परीक्षा का पाठ्यक्रम CGSSB की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।

    आवेदन तिथि की अलग से होगी घोषणा
    भर्ती का विस्तृत विज्ञापन व्यापम की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी, आवेदन की अंतिम तिथि क्या होगी और परीक्षा से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियां CGSSB द्वारा पृथक से जारी की जाएंगी।
    इस भर्ती से स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के पदों पर नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद उसमें दी गई अर्हता, आयु सीमा, विषयवार पद, आरक्षण, आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा संबंधी निर्देशों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।

    रायपुर / ​छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल किताबों और कक्षाओं के पारंपरिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार युवाओं को केवल डिग्री देने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर, हुनरमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है।

    ​सेवा का संकल्प: गुणवत्ता और समावेशी विकास का 'मिशन मोड'
    ​राज्य सरकार ने 'सेवा का संकल्प' निभाते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 'छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन' की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत महाविद्यालयों के ढांचागत और शैक्षणिक उन्नयन के लिए विशेष बजटीय संबल दिया जा रहा है। पारदर्शी और सख्त मॉनिटरिंग तंत्र यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी सहायता का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे।
    ​शैक्षणिक गुणवत्ता को शीर्ष पर ले जाने के लिए 3,000 से अधिक छात्र संख्या वाले उत्कृष्ट कॉलेजों को चिन्हित कर 36 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, अध्यापन व्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्राध्यापकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उद्योग जगत के व्यावहारिक विशेषज्ञों को 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के रूप में परिसरों से जोड़ा जा रहा है।

    ​सेवा आपके द्वार: वनांचल से शहरों तक उच्च शिक्षा की आसान पहुँच
    ​'सेवा आपके द्वार' की भावना को चरितार्थ करते हुए राज्य के अंतिम छोर पर स्थित आदिवासी और दूरस्थ वनांचल अंचलों में नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। अब बस्तर और सरगुजा जैसे दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है, बल्कि आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उनके अपने अंचल में ही उपलब्ध हो रही है। चार वर्षीय बी.एड. (ITEP) और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

    ​कहानी बदलाव की: आधुनिक तकनीक और स्वावलंबन से युवाओं का सशक्तीकरण
    ​यह बदलाव केवल व्यवस्थागत नहीं, बल्कि हर उस युवा की 'कहानी बदलाव की' है जो कल तक केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित था। स्वावित्तीय पाठ्यक्रम नीति के तहत अब स्थानीय और वैश्विक मांग के अनुसार युवाओं को तैयार किया जा रहा है।
    ​ भविष्य में उपयोगी विभिन्न तकनीकों और कौशल को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग जैसे विषयों को प्रमुखता से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह ​स्थानीय व कृषि-आधारित उद्योग के तहत रेशम कीट पालन, टसर टेक्नोलॉजी, फिशरीज, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, फ्लोरीकल्चर और हर्बल कल्टीवेशन की शिक्षा युवाओ को आर्थिक रूप से मजबूत करेंगे।
    ​इन व्यावहारिक विषयों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग जगत के साथ MoU किए गए हैं, जिससे युवाओं को सीधी इंटर्नशिप, व्यावहारिक अनुभव और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा मिल रही है।
    रिसर्च, कौशल विकास, उद्योग समन्वय और वनांचल तक शिक्षा के विस्तार के इस संगम से छत्तीसगढ़ तेजी से देश के अग्रणी 'एजुकेशन हब' के रूप में स्थापित हो रहा है।

    साभार - विष्णु प्रसाद वर्मा ( सहायक संचालक जनसंपर्क विभाग रायपुर छ.ग.)

    राष्ट्रीय संकल्प समारोह में युवाओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प; जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक भागीदारी का दिया संदेश

    नई दिल्ली, । ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा–100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत आयोजित राष्ट्रीय संकल्प समारोह में देशभर के युवाओं और नागरिकों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। देश के 1,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में 4 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया।

    देशव्यापी इस जनभागीदारी में युवाओं के साथ विभिन्न साझेदार संगठन और समुदाय भी जुड़े। कार्यक्रम का आयोजन 460 MY Bharat जिलों, MY Bharat के साझेदार संगठनों के 240 स्थानों तथा आध्यात्मिक संगठनों, उद्योग संघों और विश्वविद्यालय संघों द्वारा 300 से अधिक स्थानों पर किया गया।

    राष्ट्रीय संकल्प समारोह में प्रतिभागियों ने नशा-मुक्ति की शपथ लेने और हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। इसके अलावा युवाओं के नेतृत्व में संवाद, जागरूकता गतिविधियां और स्थानीय स्तर पर विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं तक नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा।

    अभियान के माध्यम से जागरूकता, रोकथाम, स्वास्थ्य, फिटनेस और जीवन कौशल को युवाओं की दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके शुरुआती चरण में तीन प्रमुख विषयों—‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव’, ‘फिट युवा, नशा मुक्त युवा’ और ‘जीवन कौशल माह’—के जरिए समुदाय आधारित और युवा-केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

    यह देशव्यापी कार्यक्रम 18 सितंबर को हुई जनभागीदारी के बाद आयोजित किया गया। दो दिनों की इन गतिविधियों में शपथ, हस्ताक्षर, संवाद और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को नशे के खिलाफ एकजुट किया गया।

    राष्ट्रीय संकल्प समारोह ने यह संदेश दिया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि युवाओं, संस्थानों और समुदायों की निरंतर जागरूकता एवं सक्रिय भागीदारी से संभव होने वाला सामूहिक प्रयास है।

    युवा मामले और खेल मंत्रालय के अनुसार, ‘100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के अंतर्गत युवाओं की भागीदारी को आगे भी लगातार बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवा सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ें और नशे से दूर स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित हों।

    अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में 7.29 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होंगे उद्यान,8,732 पौधे लगाए जाएंगे

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मिशन अमृत 2.0 के तहत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक एवं सुविधायुक्त उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन उद्यानों में कुल 8,732 पौधों का रोपण किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के निर्देशन में स्वीकृत इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ नागरिकों को स्वस्थ, मनोरंजक और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना है। उद्यानों में बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    बच्चों से बुजुर्गों तक सभी के लिए सुविधाएं

    प्रस्तावित उद्यानों में बच्चों के लिए प्ले-एरिया और खेल उपकरण, युवाओं एवं नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए पाथवे, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान, गज़ेबो, टॉयलेट ब्लॉक तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी। कुछ स्थानों पर सोलर लाइट की सुविधा भी प्रस्तावित है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है। इन उद्यानों को केवल हरित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लोग सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने, बच्चों को खेलने और परिवार के साथ समय बिताने का लाभ उठा सकेंगे।

    मुंगेली में सबसे बड़ा उद्यान

    मुंगेली में 3.52 करोड़ रुपये की लागत से पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा उद्यान होगा। यहां करीब 4,453 पौधे लगाए जाएंगे।

    परिसर में बच्चों के लिए प्ले-एरिया, खेल उपकरण, ओपन जिम, बैठने की सुविधा और पैदल भ्रमण के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। इसके अलावा टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो, प्रकाश व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा।

    अहिवारा में 2.07 करोड़ से होगा विकास

    अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उद्यान परिसर में करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे।

    यहां बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने एवं विश्राम स्थल, पाथवे, सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी।

    कांकेर में 1.69 करोड़ की लागत से बनेगा उद्यान

    कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-9 स्थित श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है। यहां करीब 2,164 पौधों का रोपण किया जाएगा।

    उद्यान में बच्चों के लिए प्ले-इक्विपमेंट, नागरिकों के लिए ओपन जिम, पाथवे और बैठने एवं विश्राम की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।

    एक साल में निर्माण, पांच साल तक रख-रखाव

    इन सभी उद्यानों का निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के बाद पांच वर्षों तक उद्यानों का संचालन एवं संधारण चयनित एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे पौधों, हरियाली, खेल उपकरणों और अन्य नागरिक सुविधाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित करने की व्यवस्था रहेगी।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नगरीय विकास केवल सड़कों और भवनों तक सीमित न रहे, बल्कि शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थल भी विकसित हों जहां नागरिकों को स्वच्छ वातावरण के साथ स्वास्थ्य, मनोरंजन और विश्राम की सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से तीनों शहरों में हरित क्षेत्र बढऩे के साथ नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मिशन अमृत 2.0 के तहत विकसित होने वाले ये उद्यान आने वाले समय में स्थानीय नागरिकों के लिए बेहतर हरित एवं सार्वजनिक स्थलों के रूप में उपयोगी होंगे।

    डिजिटल सुशासन की दिशा में पहल: ऑनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग और प्रमाण पत्र से आसान हुई सेवा प्रक्रिया

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की 'सेवा सेतुÓ पहल के जरिए 900 से अधिक शासकीय सेवाएं एकीकृत डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत दिलाते हुए सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से घर अथवा नजदीकी सेवा केंद्र तक पहुंचाना है।

    सेवा सेतु के माध्यम से आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, भू-अभिलेख एवं राजस्व सेवाएं, नाम संशोधन, सामाजिक सुरक्षा और श्रम विभाग से जुड़ी अनेक सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। नागरिक आवेदन की स्थिति भी डिजिटल माध्यम से देख सकते हैं। डिजिटल प्रमाण पत्रों में क्यूआर आधारित सत्यापन, एसएमएस और व्हाट्सऐप अलर्ट जैसी सुविधाएं प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बना रही हैं।

    दस्तावेज की छोटी गलती, सेवा सेतु ने आसान किया समाधान

    अम्बिकापुर निवासी डॉली गंधर का मामला सेवा सेतु की उपयोगिता का उदाहरण है। आधार कार्ड में नाम संबंधी त्रुटि के कारण उन्हें बैंक खाता खुलवाने में परेशानी हो रही थी, जिससे छात्रवृत्ति की प्रक्रिया भी प्रभावित थी। उन्होंने सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेज संबंधी समस्या का निराकरण हुआ। इसके बाद बैंक खाता और छात्रवृत्ति से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में उन्हें सुविधा हुई।

    गांवों तक पहुंच रही डिजिटल सुविधा

    सेवा सेतु का विस्तार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर विवाह प्रमाण पत्र, भवन अनुज्ञा, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई और नाम परिवर्तन जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। पंचायत सचिवों, सेवा सेतु केंद्र संचालकों और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

    इस व्यवस्था से ग्रामीण नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए जिला या तहसील मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी। ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग से समय, श्रम और आने-जाने के खर्च की बचत के साथ सेवा वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

    2003 के ष्ट॥ह्रढ्ढष्टश्व से सेवा सेतु तक डिजिटल सफर

    छत्तीसगढ़ में नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण की शुरुआत 2003 में ष्ट॥ह्रढ्ढष्टश्व के माध्यम से हुई थी, जबकि 2015 में ई-डिस्ट्रिक्ट के विस्तार के साथ यह प्रक्रिया आगे बढ़ी। सेवा सेतु विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक मंच पर लाने की दिशा में इसी डिजिटल यात्रा का अगला चरण है।

    900 से अधिक सेवाओं का एक मंच पर उपलब्ध होना, ऑनलाइन आवेदन व ट्रैकिंग, डिजिटल प्रमाण पत्र और गांवों तक सेवाओं का विस्तार नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य यही है कि नागरिक को सेवा लेने के लिए शासन तक जाने की आवश्यकता कम हो और शासकीय सेवाएं तकनीक के माध्यम से उसके और करीब पहुंचें।

    नई दिल्ली / पीआईबी / एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा के विनोद को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने खिलाडिय़ों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाले समय में देश के कई एथलीटों को प्रेरित करेगी।
    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर खिलाडिय़ों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "कड़ी मेहनत और टीम वर्क से ही शानदार परिणाम मिलते हैं!"
    उन्होंने आगे कहा, "सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा के विनोद पर गर्व है, जिन्होंने एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता।"
    प्रधानमंत्री ने खिलाडिय़ों की उपलब्धि को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाले समय में कई एथलीटों को प्रेरित करेगी।

    भारतीय निशानेबाजों की इस उपलब्धि से खेल जगत में खुशी का माहौल है। महिला 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय निशानेबाजी की मौजूदगी को एक बार फिर रेखांकित किया है।

       दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष- सेवा, सुशासन, समर्पण और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में उल्लेखित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री की मंशानुरूप समाज के हर वर्ग के विकास और कल्याण के प्रयासों की इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी सेवा संकल्प के तहत संचालित Óप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाÓ से दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा निवासी वरुणी साहू के जीवन में भी बड़ा बदलाव आया है।
    दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा में रहने वाली वरुणी साहू एक आम गृहिणी हैं। उनका परिवार काफी बड़ा है, और बड़े परिवार के साथ बिजली का बिल भी बड़ा ही आता था। वरुणी जी बताती हैं कि हर महीने आने वाला भारी-भरकम बिजली का बिल उनके घर के बजट पर एक बड़ा बोझ था। उनकी चिंता जायज थी, आखिर इतनी बिजली की खपत का खर्च उठाना किसी के लिए भी आसान नहीं होता। वरुणी जी को Óप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाÓ के बारे में पता चला। यह योजना उन जैसे लाखों परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर आई है, जो बिजली के बढ़ते खर्च से परेशान हैं। बिना देर किए, उन्होंने इस योजना के तहत अपने घर की छत पर रूफ टॉप सोलर पैनल लगवाने का फैसला किया। जनवरी 2025 में यह सपना साकार हुआ और उनके घर की छत पर सूरज की रोशनी को बिजली में बदलने वाले पैनल स्थापित हो गए।
    सोलर पैनल लगने के बाद वरुणी जी के घर का बिजली का बिल लगभग आधा हो गया है। पहले जहां उन्हें पूरी बिजली के लिए भुगतान करना पड़ता था, अब तस्वीर बदल चुकी है। उन्होंने बताया कि उनके यहाँ कुल 2662 यूनिट बिजली की खपत हुई, जबकि उनके सोलर पैनल से 1283 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। जिससे अब उन्हें केवल शेष 1379 यूनिट बिजली का ही भुगतान करना पड़ता है। 2.5 लाख रुपये की लागत से लगे इस सोलर पैनल के लिए उन्हें सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली है, जिससे यह निवेश उनके लिए और भी आसान हो गया। वरुणी साहू कहती हैं, ÓÓयह मेरे लिए सिर्फ पैसों की बचत नहीं, बल्कि एक नई आजादी है। प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सेवा, सुशासन और समर्पण का ही नतीजा है कि आज हम जैसे साधारण परिवार भी सौर ऊर्जा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।ÓÓ Óप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाÓ सिर्फ बिजली का बिल कम करने की योजना नहीं है, यह परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण को बचाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। वरुणी जी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इस योजना ने उनके जीवन में सचमुच रोशनी भर दी है।

    Page 2 of 3099

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision