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भिलाई। शहर में गुरुवार को ईद उल अजहा की रौनक रही। सुबह 7 बजे से शहर की अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज शुरू कर दी गई थी। अलग-अलग वक्त में इन मस्जिदों-ईदगाहों में हजारों की तादाद में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। इसके साथ ही तीन दिन तक चलने वाला कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। वहीं इस्पात नगरी भिलाई से हज पर गए जायरीनों का हज पूरा होने की खुशियां उनके घरवालों ने मनाई।
जामा मस्जिद सेक्टर-6 की ईदगाह में सुबह 8 बजे ईद की नमाज अदा की गई। भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट के सदर मिर्जा आसिम बेग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में मस्जिद में जारी कार्यों के साथ आवाम के सामने ट्रस्ट की आय-व्यय का ब्यौरा दिया। नमाज के बाद मुल्क में अमन व तरक्की की दुआएं की गईं। ईदगाह मैदान में मौजूद विभिन्न धर्म व समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुस्लिम भाईयों को गले मिल कर ईद की मुबारकबाद दी। भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट की ओर से सभी मेहमानों के लिए सेवइयों का इंतजाम भी किया गया।
नमाज के बाद घरों में कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों ने अपने अपने सामर्थ्य के अनुरूप बकरों की कुर्बानी दी। यह कुर्बानी लोग अपनी सुविधा अनुसार 29 व 30 मई तक करेंगे। हज के मुबारक सफर पर जायरीनों के घर भी खुशियों का माहौल रहा। लोगों ने फोन और वीडियो कॉल पर बात कर अपने परिजनों को हज पूरा होने की मुबारकबाद दी। इधर ईद की नमाज के बाद लोग कब्रिस्तान भी पहुंचे। जहां अपने परिजनों की कब्र पर फूल चढा कर फातिहा पढ़ी। ईद के मौके पर देर रात तक मुबारकबाद देने एक दूसरे के घरों में लोग पहुंचे। ईद की नमाज को देखते हुए यातायात पुलिस ने ईदगाहों और मस्जिदों के आगे सुबह से ही चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी।
आज दुनिया में इंसानियत को जिंदा रखने की जरुरत: हाफिज कासिम
मर्कजी मस्जिद पावरहाउस कैम्प 2 मे ईदुल अजहा की नमाज इमाम हाफिज क़ासिम बस्तवी ने अदा करवाई। नमाज़ से पहले आवाम को खिताब करते हुए मौलाना जुनैद ने कहा कि हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम व उनके बेटे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी इंसानियत के लिए बड़ा पैगाम है कि अपनी महबूब प्यारी चीज को अल्लाह के राह में कुर्बान कैसे करें। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में इंसानियत को जिंदा रखने की जरुरत है। अल्लाह के नबी हजरत मोहम्मद सल्लु अलैहिस्सलाम ने सादगी की जिंदगी अपनाने, दूसरों की खैर ख्वाही और अमन के लिए हमेशा कुरबानी की तालीम दी है, हमें उसी रास्ते पर चलना होगा। इस मौके सभी ने मिलकर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांग कर नेक और सीधे रास्ते पर चलने, आपसी मोहब्बत-भाईचारा कायम करने के साथ मुल्क की तरक्की अमन-चैन की दुआएं की। इस मौके पर सदर मोहम्मद असलम, नायब सदर इमामुद्दीन पटेल, सेक्रेटरी सैय्यद असलम, खजांची निजामुद्दीन,नायब सेक्रेटरी मोहम्मद अकरम,नायब खजांची हाफिज महफूज, युसूफ सिद्दीकी, हाफिज अहमद, जफर कुरैशी,अलीम, मोहम्मद सोहेल मोहम्मद और अशरफ इनाम सहित बड़ी तादाद में मौजूद लोगों ने एक दूसरे को ईद उल अजहा की मुबारकबाद दी।
अमन की दुआएं की नमाजियों ने
शेर-ए-खुदा मस्जिद हाउसिंग बोर्ड ईदगाह में सुबह हज़रत अल्लामा मौलाना ताज़िम रज़ा मिस्बाही ने नमाज अदा करवाई। मस्जिद कमेटी के सदर हाजी ताहिर सिद्दीकी की तरफ से तमाम नमाज़ियों को दिली मोहब्बत के साथ ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद पेश की गई। ईद-उल-अज़हा की नमाज़ के बेहतर इंतज़ामात को देखते हुए जामुल थाना प्रभारी रामेन्द्र सिंह एवं थाना स्टाफ की गरिमामयी मौजूदगी रही। इस मौके पर हाजी एम. एच. सिद्दीकी, कमेटी के सरपरस्त इस्तेखार सिद्दीकी, रशीद खान, हाजी मुश्ताक अहमद, ज़ाकिर हुसैन, मोहम्मद, अब्दुल माजिद उर्फ गुड्डु भाई, सैय्यद इरफ़ान रिज़वी, जावेद खान, अहमद हुसैन उर्फ छोटू , रेयाज़ अहमद, फ़िरोज़ अहमद, मेराज अहमद खान, नज़ीर खान, अबरार रज़ा, आफ़ताब हुसैन, समर, सुब्हान अंसारी और फ़िरोज़ उस्ताद सहित तमाम लोगों ने अपनी भागीदारी दी।
पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव की रहेगी विशेष उपस्थिति
विभिन्न एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी के साथ मिलेगा उपचार का अवसर भी
भिलाई। इस्पात नगरी भिलाई में तीन दिवसीय विशाल एकीकृत योग शिविर का आयोजन 30 मई से मनसा कॉलेज कुरूद रोड कोहका में किया जा रहा है। शिविर में तीनों दिन पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव की विशेष उपस्थिति रहेगी। पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान न्यास, पतंजलि युवा भारत और किसान सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय विशाल शिविर में सुबह 5:15 बजे से 7:30 बजे तक योग के माध्यम से निरोग रहने विविध योगासनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस संदर्भ में भारत स्वाभिमान न्यास छत्तीसगढ़ प्रमुख अनूप बंसल और युवा भारत के प्रभारी जयंत भारती ने बताया कि शिविर में समूचे छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रहेगी वहीं एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों में योग के साथ-साथ यज्ञ चिकित्सा, वॉटर थेरेपी और एक्यूप्रेशर के माध्यम से उपचार के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इस दौरान चयनित लोगों का आयोजन स्थल पर उपचार भी किया जाएगा। यहां कार्यकर्ताओं को इन एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसमें कार्यशाला में विभिन्न सत्र होंगे।
शिविर में स्वामी परमार्थ देव की उपस्थिति को विशेष उपलब्धि माना जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि स्वामी परमार्थ देव 30 व 31 मई और एक जून को तीनों दिन योग शिविर की निगरानी करेंगे तथा शिविर में उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। योग शिविर के अलावा स्वामी परमार्थ देव के अन्य कार्यक्रम भी रखे गए हैं। जिसमें 30 मई को राजनांदगांव में कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेंगे। वहीं राजनांदगांव,बालोद, खैरागढ़ व मानपुर मोहला जिले के योग शिक्षकों एवं पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक करेंगे। इसी तरह 31 मई को भिलाई के योग शिविर में भाग लेने के साथ स्वामी परमार्थ देव आयोजन स्थल पर ही सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
उल्लेखनीय है कि स्वामी परमार्थ देव, हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ और भारत स्वाभिमान (न्यास) के मुख्य केंद्रीय प्रभारी हैं। वह योग ऋषि स्वामी रामदेव के प्रमुख शिष्यों में से एक हैं और भारत भर में योग, आयुर्वेद और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा योग शिविरों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पतंजलि परिवार (महिला पतंजलि, युवा भारत आदि) के माध्यम से आमजन और ग्रामीण क्षेत्रों तक योग विद्या को पहुँचाने के लिए निरंतर देशव्यापी शिविरों का नेतृत्व कर रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि शिविर की सारी तैयारियां अंतिम चरण में है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से इस नि:शुल्क योग शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। आयोजन की तैयारियों में नरेंद्र पटेल, शंभू प्रसाद कुशवाहा, पिंकी चौधरी, प्रतिभा, उर्वशी शर्मा, प्रीति त्रिपाठी, मुरलीधर साहू, संदीप, दिनेश शर्मा, देवेश सिंह साहू, भावेश साहू, राजेश तिवारी, तिजाऊ राम साहू और बलवंत सिंह सहित अन्य लोग जुटे हैं।
भिलाई। छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास के संयुक्त निदेशक नंदलाल चौधरी इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वे छत्तीसगढ़ ज्ञान विज्ञान ज्योतिष संस्थान से भी जुड़े हैं। संस्थान के पदाधिकारियों व सदस्यों ने उनके सम्मान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया।
ज्ञात हो कि सेक्टर-2 निवासी नंदलाल चौधरी पवार क्षत्रिय समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। समारोह में उपस्थित लोगों ने श्री चौधरी के व्यक्तित्व की सराहना की। वहीं श्री चौधरी ने अपने सम्मान के लिए सभी का आभार जताया। उनकी सेवानिवृत्ति पर आयोजित सम्मान समारोह में गीतांजलि चौधरी, गौरव चौधरी, पल्लव चौधरी, भुनिशा चौधरी, उमेश चितलांगिया एनआईटी एलुमनी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व छत्तीसगढ़ ज्ञान विज्ञान ज्योतिष संस्थान के संरक्षक, एक्सपर्ट पैरेंटिंग कोच चिरंजीव जैन, एस्ट्रोलॉजर पीडी स्वर्णकार, एस्ट्रोलॉजर राकेश शर्मा, एस्ट्रोलॉजर बीपी पटेल, एस्ट्रोलॉजर राजेंद्र केसर, बैडमिंटन की राष्ट्रीय खिलाड़ी संगीता राजगोपालन, संतोष सोनी, प्रवीण आहूजा, प्रवीण सिंह, राजेंद्र सोनबोइर और देवेश सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
बालोद शौर्यपथ
संवाददाता लोकेश कुमार साहू
बालोद - डौंडीलोहारा विकासखंड के भंवरमरा, कंमकापार, अरजपूरी, रेंगाडबरी, देवरी के आस-पास भरनाभाट, रीवागहन, आलीवारा, सुरसुरी, फरदफोड, घीना, सुरेगाँव, भीमकंहार में पंचायत के द्वारा भी पेड़ों को लकड़ी ठेकेदारों को बेचा जा रहा है क्षेत्र में पर्यावरण की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं और जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। खुले मैदान में प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष की लकड़ी का जखीरा पड़ा है, मानो तस्करों ने वन विभाग और राजस्व विभाग को खुली चुनौती दे दी हो।
कैमरे में कैद तस्वीरें चीख-चीख कर गवाही दे रही हैं - भरानाभाट और रीवागहन के इलाके में दर्जनों की संख्या में कटे हुए कीमती अर्जुन के लट्ठे बेखौफ डंप किए गए हैं। हैरानी की बात ये है कि भंवरमरा, कंमकापार, अरजपूरी से लेकर देवरी तक के जगहों से लकड़ी तस्कर दिनदहाड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर इस प्रतिबंधित लकड़ी का परिवहन कर रहे हैं। ना कोई रोकने वाला, ना कोई टोकने वाला।
ये वही अर्जुन वृक्ष है जिसे छत्तीसगढ़ वन अधिनियम में 'प्रतिबंधित' श्रेणी में रखा गया है। इसकी एक टहनी काटना भी गैर-कानूनी है, यहाँ तो रेंगाडबरी-देवरी बेल्ट में पूरा जंगल साफ कर दिया गया और अब ट्रैक्टर भर-भर कर माल पार किया जा रहा है।
दोनों विभाग कटघरे में जबकि रेंगाडबरी और माटरी मोड दोनों स्थानों पर वन विभाग का बेरियल होने के बाद भी आराम से लकड़ी से लदा हुआ ट्रैक्टर पार हो जाता है।
सवाल सीधा है - डौंडीलोहारा ब्लॉक में इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित और बिना अनुमति के लकड़ी खुले आम रोजाना निकल जाते हैं, और खुले आसमान के नीचे कैसे पहुंची और ट्रैक्टर से कैसे ढोई जा रही है?
1. वन विभाग की नाकामी: अरजपूरी-कंमकापार रेंज में बिना वन विभाग की TP यानी ट्रांजिट परमिट के लकड़ी का एक लट्ठा भी नहीं हिल सकता। फिर ट्रैक्टरों में भरकर अर्जुन वृक्ष एवं अन्य दूसरे प्रजाति की लकड़ी भंवरमरा से भरानाभाट तक कैसे दौड़ रही है? क्या डौंडीलोहारा रेंज के बीट गार्ड से लेकर रेंजर तक सबकी मिलीभगत है?
2. राजस्व विभाग की लापरवाही: रीवागहन, भरानाभाट की राजस्व जमीन पर खड़े पेड़ काटने के लिए तहसीलदार की अनुमति जरूरी है। क्या पटवारी-RI ने आंखें बंद कर लीं? या फिर 'नजराना' लेकर देवरी-रेंगाडबरी मार्ग से ट्रैक्टरों को हरी झंडी दे दी गई?
स्थानीय ग्रामीणों का फूटा गुस्सा - "ये कोई पहली घटना नहीं है। डौंडीलोहारा के इन गांवों में महीनों से अवैध कटाई और ट्रैक्टर से ढुलाई का खेल चल रहा है। मुख्य सड़क से ट्रैक्टर गुजरते हैं, सब देखते हैं, पर विभाग को नहीं दिखता। शिकायत करो तो फाइल दबा दी जाती है। विभागों की ये उदासीनता नहीं, खुली सांठगांठ है।"
औषधीय खजाने की लूट
अर्जुन सिर्फ पेड़ नहीं, आयुर्वेद का खजाना है। हार्ट के मरीजों के लिए संजीवनी माने जाने वाले इस पेड़ को तस्कर चंद रुपयों के लिए भंवरमरा-कंमकापार के जंगलों से काट रहे हैं और ट्रैक्टर से बेच रहे हैं। पर्यावरण को हो रहे नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
जनता की मांग - अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, जवाबदेही तय हो
ग्रामीणों ने दो टूक कहा है:
1. वन विभाग तत्काल FIR दर्ज कर डौंडीलोहारा के तस्कर गिरोह और ट्रैक्टर मालिकों को बेनकाब करे।
2. राजस्व विभाग बताए कि भरानाभाट, रीवागहन की जमीन पर ये 'लकड़ी का पहाड़' कैसे खड़ा हुआ और ट्रैक्टर कैसे चल रहे हैं?
3. भंवरमरा, अरजपूरी, देवरी बीट के लापरवाह अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हो। जिन रास्तों से ट्रैक्टर निकले, वहाँ के बीट गार्ड और कोटवार से जवाब तलब हो।
डौंडीलोहारा क्षेत्र में ट्रैक्टर जब्त कर ठोस कार्रवाई करें। अब देखना है कि खबर छपने के बाद भी विभागों की नींद टूटती है या फिर 'सब चलता है' की तर्ज पर ट्रैक्टर से हरियाली का कत्लेआम चलता रहेगा।
डौंडीलोहारा से लोकेश कुमार साहू की खास रिपोर्ट
बालोद (डौंडीलोहारा )गजईडीह, - बस्तर पुलिस के वीर सपूत शहीद आरक्षक स्व. खिलावन सिंह कोकिला की 19वीं पुण्यतिथि आज गुरुवार को उनके गृह ग्राम गजईडीह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी।
12 अप्रैल 1976 को जन्मे खिलावन सिंह कोकिला ने 28 मई 2007 को कर्तव्य पथ पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहीद की स्मृति में * सुबह 11 बजे ग्राम गजईडीह* में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है।
चौंकी प्रभारी अरविंद साहू हुए शामिल
कार्यक्रम में चौंकी प्रभारी अरविंद साहू पुलिस बल के साथ शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए,उन्होंने कहा कि "शहीद खिलावन सिंह कोकिला का बलिदान बस्तर पुलिस के लिए गर्व का विषय है। उनका शौर्य नई पीढ़ी के पुलिस जवानों को हमेशा कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा। हम सब उनके परिवार के साथ खड़े हैं।"
परिवार का आग्रह
शहीद की माता ढेलु बाई कोकिला, पत्नी शशिकला कोकिला और पुत्र विनय कोकिला ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और युवाओं ने कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
बस्तर पुलिस के इस वीर सपूत का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। "शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा"
*मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई और शुभकामनायें*
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चयनित रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव निवासी श्री अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अजय को भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई देते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर वनांचल क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय गुप्ता ने केवल अपने माता-पिता का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायी है कि एक ऐसा युवा, जिसने बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार का हाथ बंटाया, आज उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि अवसर और संकल्प मिल जाए तो दूरस्थ अंचलों के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ तथा ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता वनांचल समाज के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है तथा यह हजारों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देगी।
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव में साधारण परिवेश में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के बीच बीता। छुट्टियों के दौरान वे अपने माता-पिता के साथ जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ एकत्रित करते थे। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया और 10वीं में 92.66 प्रतिशत तथा 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया।
उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अजय को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में प्रवेश मिला, जहां अध्ययन के दौरान उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति का लाभ मिला। अजय ने कठिन परिस्थितियों के बीच अध्ययन जारी रखते हुए भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक प्राप्त की और अपने सपनों को साकार किया।
अजय गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जीवन में उनके सपने सीमित थे और लगता था कि दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनके सोचने का दायरा विस्तृत किया। उन्होंने कहा कि जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है और बचपन से प्रकृति के साथ बने इसी जुड़ाव ने उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि जंगल ने उन्हें केवल आजीविका ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा भी दी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन, मेहनत और शासन के सहयोग से गांवों और वनांचल क्षेत्रों के युवा भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अजय गुप्ता जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और संकल्प की शक्ति का संदेश देंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।
दीपक बैज और टी.एस. बाबा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिखाई एकजुटता
छत्तीसगढ़ राजनीतिक।Deepak Baij और T. S. Singh Deo के नेतृत्व में विश्रामपुर में भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर दमनकारी राजनीति करने तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए बड़ा आंदोलन छेड़ने का संकेत दिया है।
विश्रामपुर में आयोजित बैठक एवं प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर हो रहे अन्याय को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा में मौजूद कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर भाजपा सरकार के खिलाफ संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा सरकार प्रशासनिक दबाव और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। पार्टी पूरी ताकत और मजबूती के साथ जनता की आवाज उठाती रहेगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जन अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।
कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पार्टी का हर वरिष्ठ नेता संघर्ष की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ा है और अन्याय के खिलाफ यह आंदोलन आगे भी लगातार जारी रहेगा।
नई दिल्ली। C. Joseph Vijay सरकार ने एक बेहद संवेदनशील मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कोयंबटूर के सुलूर क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या के मामले में अधिकारियों के कथित असंवेदनशील व्यवहार को लेकर की गई।
क्या है पूरा मामला?
25 मई 2026 को इस जघन्य अपराध मामले को लेकर पुलिस द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। प्रेस वार्ता शुरू होने से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में पुलिस महानिरीक्षक (IGP) R. V. Ramya Bharati सहित तीन वरिष्ठ अधिकारी हल्के-फुल्के अंदाज में हंसते और मुस्कुराते दिखाई दिए।
यह दृश्य ऐसे समय सामने आया जब पूरा राज्य एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या से आक्रोशित एवं दुखी था। वीडियो वायरल होते ही जनता, सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे प्रशासन की “संवेदनहीनता” करार देते हुए कड़ी आलोचना शुरू कर दी।
मुख्यमंत्री का सख्त रुख
जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री विजय ने तत्काल प्रभाव से तीनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी कर दिए। साथ ही इनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक जांच भी प्रारंभ कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि ऐसे गंभीर और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, असंवेदनशीलता या गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को सरकार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। बड़ी संख्या में लोगों ने सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, वहीं कई लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि संवेदनशील मामलों में अधिकारियों के आचरण को लेकर प्रशासनिक प्रशिक्षण और जवाबदेही को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, सार्वजनिक जवाबदेही और पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर गया है।
CMRL मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा एक्शन, बेटी वीणा विजयन भी जांच के घेरे में
नई दिल्ली। केरल की राजनीति में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास समेत राज्यभर के 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े बहुचर्चित CMRL (Cochin Minerals and Rutile Limited) मामले में की गई है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने तड़के ही तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और कन्नूर में एकसाथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जांच एजेंसी का फोकस विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन से जुड़े वित्तीय लेन-देन पर है। बताया जा रहा है कि CMRL से कथित फर्जी खर्चों और संदिग्ध सेवाओं के नाम पर कई संस्थाओं और व्यक्तियों को रकम ट्रांसफर की गई थी, जिनमें वीणा विजयन की कंपनी का नाम भी सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
ईडी की जांच उस कथित भुगतान श्रृंखला को लेकर है, जिसमें बिना स्पष्ट सेवा या कार्य के बड़ी रकम ट्रांसफर किए जाने के आरोप हैं। एजेंसी को शक है कि यह लेन-देन मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आ सकता है। इसी आधार पर विभिन्न दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
पूर्व मुख्यमंत्री के घर पर ईडी की कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है, जबकि वामपंथी खेमे की ओर से इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
ED की नजर किन बिंदुओं पर?
CMRL से हुए संदिग्ध भुगतान
कथित फर्जी कंसल्टेंसी और सेवा समझौते
लाभार्थियों के बैंक ट्रांजेक्शन
कंपनियों और संबंधित व्यक्तियों के वित्तीय दस्तावेज
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और एजेंसी ने आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। मामले में आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
