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May 31, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढी संस्कृति में हर अनुष्ठान और परंपरा का उत्सवधर्मी पक्ष तो है ही, इससे भी बढकर यह अर्थतंत्र को सहेजने और बढाने के लिए प्रेरित है। ऐसे ही सबसे महत्वपूर्ण परंपरा जो ग्रामीण क्षेत्र में मनाई जाती थी, वो रोकाछेका की परंपरा है। खरीफ फसल लगाने से पूर्व सभी गौपालकों की बैठक गांव में ली जाती थी, उन्हें शपथ दिलाई जाती थी कि अपने मवेशी न छोडे, अपने गौठान में ही रखें ताकि फसल सुरक्षित रखे। यह सुंदर परंपरा धीरे-धीरे नष्ट होती जा रही थी। इस परंपरा के गहरे महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजें जिससे हमारे लिए आर्थिक समृद्धि का भी रास्ता खुल सके।
इस संबंध में मुख्यमंत्री की मंशानुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में रोकाछेका की परंपरा को सहेजने एवं इसे आगे बढाने सभी सरपंचों को कहा गया है। कलेक्टर ने इस संबंध में रोकाछेका की परंपरा का जिक्र करते हुए लिखा है कि नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाडी योजना के अंतर्गत हम लोगों ने पशुधन संवर्धन के लिए गौठान बनाये हैं। चारागाह बनाये हैं। इसका उद्देश्य यह है कि मवेशी फसल खराब न करें। इस तरह सामूहिक गौठान के माध्यम से हमने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा सिस्टम विकसित कर लिया है ताकि मवेशियों को एक ही जगह पर रखा जा सके, उनके चारे की व्यवस्था की जा सके और पशुधन संवर्धन भी हो सके। रोकाछेका इस प्रयास को दृर करने का एक अवसर हमें प्रदान करता है। कलेक्टर ने कहा कि रोकाछेका रस्म के माध्यम से सभी ग्रामीणों से शपथ दिलाएं कि वे अपने मवेशी गौठान में रखेंगे। रोकाछेका के माध्यम से अतीत में फसल की रक्षा मवेशियों से की जाती थी।
कलेक्टर का पत्र मिलने के पश्चात सभी सरपंचों ने 19 जून को आयोजित होने वाले रोकाछेका कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ग्राम पतोरा की सरपंच श्रीमती अजिता साहू ने बताया कि रोकाछेका को बढावा देना बहुत अच्छा कार्य है। अगर हम ध्यान नहीं देंगे तो इस तरह की परंपराएं समाप्त हो जाएंगी और फसलों की सामूहिक सुरक्षा के लिए बनाया गया तंत्र भी खत्म हो जाएगा। अब एक बार सबके सामने शपथ लेने के बाद कोई भी अपने मवेशी को नहीं छोड़ पायेगा।
इसलिए दिया जा रहा है इसे बढावा
अगर एनजीजीबी योजना का सार देखें तो यह पशुधन संवर्धन और इसके माध्यम से कृषि के विकास से जुड़ा है। गौठानों में पशुओं को रखकर उनका संवर्धन तो कर ही पाते हैं इससे खडी फसल की रक्षा भी होती है। अगर रोकाछेका की बात करें तो यह एनजीजीबी के विचार को आगे बढाने का सबसे प्रमुख जरिया है। पशुधन को गौठान में सहेज लें, तो वो खडी फसल को नष्ट नहीं करेगा। पशुधन के लिए यदि चारागाह में चारा मिल जाए तो वो खडी फसल की ओर नहीं जाएगा। रोकाछेका में जो सामूहिक शपथ ली जाती है उससे सामुदायिक भावना भी दृर होती है और गांव के लोग मिलकर यह निर्णय करते हैं कि हमारे लिए फसल की सुरक्षा सबसे अहम है।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी को पत्र लिखकर उनसे छत्तीसगढ़ राज्य में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों में निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और अंबिकापुर-भैसामुड़ा-वाड्रफनगर-धनगांव-बम्हनी-रेनुकुट मार्ग (छत्तीसगढ़ में लम्बाई 110 किलोमीटर) और रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 149बी चांपा-कोरबा-कटघोरा मार्ग के उन्नयन एवं चौड़ीकरण कार्य की एन.एच.ए.आई. से शीघ्र स्वीकृति जारी करने का अनुरोध भी किया है। इस मार्ग के संबंध में मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि इस मार्ग के लिए आपके द्वारा स्वीकृति का आश्वासन दिया गया था। यह मार्ग छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नगरी कोरबा को जोड़ता है एवं इस मार्ग पर यातायात घनत्व बहुत अधिक है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए एन.एच.ए.आई. से शीघ्र स्वीकृति जारी कराने का अनुरोध किया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 रायपुर से धमतरी मार्ग का निर्माण कार्य एन.एच.ए.आई के माध्यम से कराया जा रहा है। कार्य लगभग 2 वर्ष बंद रहने के बाद प्रारंभ किया गया है, परंतु कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी है। उन्होंने कार्य की प्रगति बढ़ाने के लिए एन.एच.ए.आई को निर्देशित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में जानकारी दी है कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पत्थलगांव से कुनकुरी मार्ग की स्थिति बहुत ही खराब है। यह कार्य 4 वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया था, परंतु 2 वर्ष से अधिक समय से 25 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का यह भाग अत्यंत खराब एवं अधूरा है। अक्टूबर माह में इस संबंध में आग्रह किया गया था, परंतु अक्टूबर से अभी तक सड़क निर्माण की प्रगति अत्यंत धीमी है एवं माह मार्च 2020 से कार्य लगभग बंद है। यह मार्ग छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी बाहुल्य जिला जशपुर से गुजरता है एवं झारखण्ड राज्य को जोड़ता है। श्री बघेल ने इस कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने लिखा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 111 बिलासपुर-पतरापाली-कटघोरा मार्ग एन.एच.डी.पी. फेस-4 योजना में अनुमोदित है। बिलासपुर से पतरापाली के मध्य कार्य प्रगति पर है। परंतु पतरापाली से कटघोरा के मध्य मार्ग की हालत अत्यधिक खराब है एवं मुनगाडीह पुल निर्माणाधीन है। मुनगाडीह नाले पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नये पुल का निर्माण एवं पतरापाली से कटघोरा मार्ग का संधारण कार्य वर्षाऋतु के पूर्व कराना अत्यंत आवश्यक है। श्री बघेल ने केन्द्रीय मंत्री से इसके लिए संबंधितों को निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में उल्लेख किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 216 रायगढ़-सारंगढ़-सरायपाली मार्ग का निर्माण कार्य मार्च 2015 में प्रारंभ किया गया था। कार्य की प्रगति प्रारंभ से ही धीमी थी। यह कार्य पांच वर्ष के बाद भी अधूरा है। इस परियोजना के अंतर्गत महानदी पर 1.50 किलोमीटर लम्बा सेतु निर्माण एवं 22 किलोमीटर कांक्रीट रोड बनाया जाना शेष है, परंतु अक्टूबर 2019 से कार्य लगभग बंद है एवं पूर्व में किए गए कार्य में आई खामियों को सुधार भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उपरोक्त कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु संबंधितों को निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर-वाड्रफनगर उत्तरप्रदेश सीमा तक मार्ग के संबंध में पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासी बाहुल्य जिले में अंबिकापुर-वाड्रफनगर मार्ग की लम्बाई 110 किलोमीटर है। यह मार्ग छत्तीसगढ़ राज्य के अंबिकापुर से बनारस (उत्तर प्रदेश) को जोडऩे वाला अंतर्राज्यीय महत्व का है। अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर स्थित है एवं रेनुकुट राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 39 पर स्थित है एवं प्रस्तावित मार्ग पर यातायात घनत्व अधिक है। यह अंतर्राज्यीय मार्ग यातायात की दृष्टि से राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने योग्य है। अत: अंबिकापुर-भैसामुड़ा-वाड्रफनगर-धनगांव-बम्हनी-रेनुकुट (छत्तीसगढ़ में लम्बाई 110 किलोमीटर) को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाना चाहिए। इसी तरह उन्होंने रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग करते हुए पत्र में लिखा है कि रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग की लम्बाई 72 किलोमीटर है। रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 200 पर स्थित है एवं धरमजयगढ़ भारतमाला योजना में सम्मिलित मार्ग बिलासपुर-उरगा-धरमजयगढ़-पत्थलगांव पर स्थित है। प्रस्तावित मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 200 को एवं भारतमाला योजना में प्रस्तावित बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग को जोडऩे वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग पर यातायात घनत्व बहुत अधिक है एवं यह मार्ग छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नगरी रायगढ़ से प्रारंभ होता है। अत: रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री गड़करी से इन कार्यों के संबंध में शीघ्र कार्यवाही की अपेक्षा की है।

रायपुर / शौर्यपथ / रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमण्डल के गेरसा गांव में करेंट की वजह से हाथी की मौत के मामले में दो आरोपी किसानों और विद्युत विभाग के तीन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आरोपी कृषक भादोराम एवं एक अन्य कृषक को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोपी किसानों को सिंचाई पम्प के लिए अवैध रूप से विद्युत कनेक्शन देने तथा घटना स्थल से साक्ष्य मिटाने के मामले में विद्युत विभाग के सब इंजीनियर श्री पी. कुजूर, लाईनमेन श्री अमृत लाल तथा सहायक को गिरफ्तार किया गया है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि धरमजयगढ़ वनमण्डल के ग्राम गेरसा बीट में आज सुबह विद्युत करेंट के चपेट में आने की वजह से एक हाथी की मौत हो गई। इस मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो पाया कि विद्युत पोल से किसान भादोराम एवं एक अन्य किसान द्वारा अवैध रूप से पम्प के लिए तार खींचा गया है, जिसके चपेट में आने की वजह से हाथी की मौत हो गई है।
मौके पर पहुंचे मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर अनिल सोनी एवं धरमजयगढ़ डीएफओ सुश्री प्रियंका पाण्डेय ने दोनों आरोपी कृषकों से सिंचाई पम्प के लिए अवैध रूप से तार खींचने के संबंध में पूछताछ की और उनके खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने पाया कि विद्युत विभाग के सब इंजीनियर पी. कुजूर एवं अन्य कर्मियों द्वारा विद्युत पोल से अवैध रूप से खींचे गए तार को निकलवाया जा रहा है। सब इंजीनियर सहित दो विद्युत कर्मियों के विरूद्ध साक्ष्य मिटाने के मामले में कार्रवाई की गई है।

जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जिले के गांवों की गौठानों में 19 जून को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, पशु चिकित्सा, पशुपालन, मछलीपालन आदि विभागों के द्वारा गौठान में शिविर एवं समूह की महिलाओं द्वारा सामग्री का प्रदर्शन किया जाएगा। गांवों में रोका छेका की व्यवस्था करने बैठक का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें पंच, सरपंच, जनप्रतिनिधि, ग्राम के नागरिक और चरवाहे शामिल होंगे
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के तहत बनाए जा रहे गौठानों का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 19 जून को कलेक्टर श्री यशवंत कुमार के मार्ग निर्देशन में गौठान में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं फील्ड के अमले को आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
पशुओं के लिए गौठान में शिविर
जिपं सीईओ ने बताया कि 19 जून को गौठान में महिला समूहों द्वारा तैयार की जा रही कम्पोस्ट खाद का वितरण किसानों को किया जाएगा। इसके अलावा समूह के माध्यम से बनाई जा रही सामग्री का प्रदर्शन भी होगा। वहीं मवेशियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण शिविर का आयोजन पशु चिकित्सा विभाग के माध्यम से किया जाएगा। गौठान में पर्याप्त मात्रा में पशुओं के लिए चारा रखने एवं संग्रहण करने की मुहिम चलाई जाएगी।
किसान क्रेडिट कार्ड शिविर
गौठान ग्राम में 19 जून को पशुपालन, मछलीपालन के लिए किसानों की सुविधा के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाया जाएगा। ताकि उन्हें किसी तरह की कोई परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा कृषि, पशुपालन, मछलीपालन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए लाभ प्रदाय किया जाएगा।
रोका छेका की चली आ रही परंपरा
जिपं सीईओ श्री अग्रवाल ने बताया कि 19 जून को आयोजित कार्यक्रम के दौरान गांव में बैठक करते हुए पुरानी व्यवस्था रोका छेका के लिए ग्रामीणों से अपील की जाएगी, कि वे अपने मवेशियों को गौठान में ही छोड़। इस बैठक में पंच, सरपंच, जनप्रतिनिधि, ग्राम के नागरिक और चरवाहे शामिल होंगे। इससे किसानों की फसलों को मवेशियों से चरने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि रोका-छेका की परंपरा गांवों में चली आ रही है। इससे यह होगा कि जो पशु खुले में चरते हैं उन्हें रोका जा सकेगा।

     राजनांदगांव / शौर्यपथ  / डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर सिंह बघेल ने कार्य का सुचारू रूप से संचालन के लिए सभी विभागों में ब्लॉकवार अपने प्रतिनिधि के नियुक्ति किये जिसमे राजनांदगाँव ब्लॉक से मुख्य प्रतिनिधि ओमप्रकाश साहू, लोक निर्माण विभाग सौरभ वैष्णव, कीर्तन नागपुरे, सहकारिता बैंक व सोसायटी गिरीश साहू, उत्तम देशलहरा, सिंचाई विभाग भागवत वर्मा, गोपाल साहू, स्वास्थ्य विभाग महेश वर्मा, डा. जयनारायण साहू, शिक्षा विभाग ललित चांदत्तारे, राजेश वर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग हंसा सिन्हा, दामिनी साहू, राजस्व विभाग राजेन्द्र यदु, टीकम यदु, वन विभाग अखिलेश दुबे, नेहरू साहू, कृषि विभाग रतन यादव, शिवकुमार साहू, जनपद पंचायत राजनांदगांव चंद्रेश वर्मा, खनिज विभाग दिलीप वर्मा, गीतालाल वर्मा, मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश साहू, गंगाराम वर्मा, पुलिस विभाग घुमका गन्नू वर्मा, ओमप्रकाश साहू, पुलिस विभाग चिखली सफिल खान, गंभीर साहू, पुलिस विभाग लालबाग किशोर वर्मा, बिजली विभाग दिनेश पुराणिक, मंथिर साहू, डोंगरगढ़ विकासखंड में मुख्य प्रतिनिधि मुरली वर्मा, सहकारिता बैंक व सोसायटी फत्तू वर्मा, जगदेव साहू, सिंचाई विभाग गौकरण कोशरे, राजेश सिन्हा, स्वास्थ्य विभाग मधुसूदन सिन्हा, सोहेल खान, महिला एवं बाल विकास विभाग लक्ष्मी वर्मा, आरती वर्मा, लोक निर्माण विभाग राजूलाल वर्मा, गौकरण वर्मा, राजस्व विभाग भूपेन्द्र लिल्हारे, राजेन्द्र श्रीवास, वन विभाग सुरेश सिन्हा, छबिलाल कोसा, कृषि विभाग हेमंत वर्मा, लालाराम वर्मा, जनपद पंचायत डोंगरगढ़ कमलेश्वर वर्मा, खनिज विभाग दीपक वर्मा, उधेराम वर्मा, मीडिया प्रभारी नरोत्तम कुंजाम, वेदप्रकाश राजेकर, पुलिस विभाग डोंगरगढ़ भुनेश्वर साहू, शिशुपाल भारती, पुलिस विभाग मोहारा शत्रुहन साहू, बिजली विभाग उत्तम वर्मा, प्रदीप कुमार वैद,  खैरागढ़ विकासखंड मुख्य प्रतिनिधि कोमलदास साहू, सहकारिता बैंक व सोसायटी जगत सेन, रामावतार नेताम, सिंचाई विभाग लीलाधर वर्मा, आनंदी चंदेल, स्वास्थ्य विभाग गौतमचंद जैन, डा. दिनेश सारथी, शिक्षा विभाग देवेश वर्मा, प्रकाश मंडावी, महिला एवं बाल विकास विभाग आरती महोबिया, रेखा रतैने, लोक निर्माण विभाग उधोराम वैष्णव, यादव राम गंधर्व, राजस्व विभाग भीखम सिन्हा, ओम झा, वन विभाग फुदुक राम वर्मा, विक्की छत्री, कृषि विभाग ओमप्रकाश वर्मा, प्रेमलाल कवर, जनपद पंचायत खैरागढ़ देवकांत यदु, खनिज विभाग वेदराम, साबित बंजारे, मीडिया प्रभारी डाकेशवर वर्मा, श्रावण चंदेल, पुलिस विभाग निखिल श्रीवास्तव, दयालु वर्मा ए की नियुक्ति किया गया।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / महापौर श्रीमती हेमासुदेश देशमुख ने शहर के मोहारा वार्ड पहुंची, जहां वे पूर्व निर्धारित पट्टा वितरित कार्यक्रम में शामिल हुई। सादे किंतु गरिमामय वातावरण और मेयर इन कौंसिल के प्रभारी सदस्य गणेश पवार, भागचंद साहू क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सरिता प्रजापति की मौजूदगी में झुग्गी- झोपड़ी में निवासरत् 34 लोगों को छत्तीसगढ़ शासन के राजीव गांधी आश्रय योजना 19 अंर्तगत अधिकार-पत्र (स्थाई पट्टा) का अपने करकमलों द्वारा वितरित किए।
इस अवसर पर श्रीमती सविता मंडावी, नीमा सोनी, कुमारी मंडावी, बुधराम, ओमप्रकाश मिश्रा और कौशल देवांगन आदि ने अपनी प्रतिक्रियाएं कुछ इस तरह से दी कि हम सभी लोग, कांग्रेस सरकार के दुख-सुख के साथी गरीबों के मसीहा छत्तीसगढ़ सरकार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त करतें है, जिन्होंने हम, झोपड़ी में निवासरत् लोगों की चिंता करते हुए जमीन का अधिकार पत्र आज शहर के प्रथम नागरिक महापौर श्रीमती हेमासुदेश देशमुख ने प्रदान किया और पट्टे के माध्यम से हमारे सपनों को पूरा किया। वहीं अपने उदगार में महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख ने कहा कि भूखे को रोटी, प्यासे को पानी और बेघर को छत और उस घर का मालिकाना हक (स्थाई पट्टा) अधिकार पत्र मिल जाये तो सोने पर सुहागा हो जाता है तथा उस इंसान का जीवन धन्य हो जाता है जो उस जमीन पर बने मकान में तो रहता तो है, मगर हमेशा एक चिंता सताए रहती है कि कहीं हमारे बने बनाए मकान को प्रशासन के द्वारा बुलडोजर चलाकर तोड़ न दे इस भय के साये में जीने के लिए मजबूर होना पड़ता था मगर आज आप लोगों के आशियाने का अधिकार पत्र सौंपतें हुए मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि आपके माध्यम से मेरा सपना पूरा हो रहा है, और हम लोग बुलडोजर चलने के भय से मुक्त हो गए।
श्रीमती देशमुख ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन के बाद छत्तीसगढ़ की जनप्रिय भूपेश बघेल सरकार द्वारा झुग्गी-झोपड़ी में रहे-रहे लाखों लोगों की सुध लेकर गरीबों की चिंता दूर करते हुए प्रदेश भर में जमीन का अधिकार पत्र सौंपने, राजीव गांधी आश्रम योजना अंर्तगत सर्वे किया गया था, जिसका आज यह परिणाम है कि इस अधिकार पत्र के माध्यम से राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के लाखों झुग्गी-झोपडिय़ों में निवासरत् परिवारों को नियमानुसार उस मकान का अधिकार पत्र सौंपकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने आपके जमीन का पट्टा देकर आपके सपनों को चार चांद लगा दिये हैं। वहीं प्रदेश सरकार ने और एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि वादें निभाने वाली छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार। इस पट्टा वितरण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पार्षद प्रतिनिधि अवधेश प्रजापति सहित वार्ड के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रायपुर /शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के 57 लाख सदस्यों, हजारों पदाधिकारीयों और 15 वर्षीय सत्ता में लाभ के पदों पर रहे लोगों को भी पीएम केयर्स फंड पर भरोसा नहीं है। छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा 57 लाख कथित कार्यकर्ताओं के विशाल संगठन से, केवल 25000 कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम केयर्स फंड में दान दीया जाना यह साबित करता है कि भाजपा के लोगों को ही प्रधानमंत्री और उनके द्वारा बनाए गए पीएम केयर्स फंड दोनों पर ही भरोसा नहीं है। यह भी महत्वपूर्ण है कि छत्तीसगढ़ के संसाधनों पर पोषित जिन 25000 कार्यकर्ताओं और छत्तीसगढ़ की जनता द्वारा निर्वाचित सांसदों द्वारा, राज्य के हित को दरकिनार कर जिस पीएम केयर्स फंड में दान किया गया है, उस पीएम केयर्स फंड से राज्य को अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है। छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक एवं खनिज संसाधनों से संचालित उद्योगों,खदानों के सीएसआर का पैसा भी केंद्र सरकार द्वारा दबाव पूर्वक पीएम केयर्स फंड में डलवाया गया है। यह सारा धन किसी न किसी प्रकार से छत्तीसगढ़ के संसाधनों द्वारा अर्जित था, जो अब तक छत्तीसगढ़ के काम नहीं आ सका। साथ ही छत्तीसगढ़ की जनता द्वारा चुने गये 9 लोकसभा सदस्यों और 2 राज्यसभा सदस्यों सांसदों की भी प्राथमिक जिम्मेदारी अपने क्षेत्र की जनता के प्रति है, मगर इन 11 सांसदों ने दलगत राजनीति को छत्तीसगढ़ के हितों से अधिक महत्व दिया।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मजदूरों को ट्रेन से लाने का किराया, क्वॉरेंटाइन सेंटर का संचालन, भोजन, उपचार सब कुछ मुख्यमंत्री सहायता कोष द्वारा की गई है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को लगभग 24 करोड़ 50 लाख रू. कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री सहायता कोष के आय-व्यय की पूरी जानकारी पारदर्शिता के साथ जनता के सामने रखी गई है, मगर पीएम केयर्स फंड के आय व्यय की कोई भी जानकारी जनता को अब तक नहीं दी गई है। ले दे के पीएम केयर फंड के आडिट को विपक्ष दबाव के बाद मोदी सरकार ने स्वीकार किया है लेकिन यह अभी तक रहस्य बना हुआ है कि यह आडिट करेगा कौन? जनकल्याण के लिए लिए गये जनधन का सदुपयोग और पारदर्शिता अति आवश्यक है। जनता के पैसे का जनता को हिसाब देने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए, यदि आपकी नियत साफ है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा को तीन सवालों के जवाब देने चाहिये।
१.पीएम केयर्स फंड से छत्तीसगढ़ को अब तक आपदा राहत के लिए किस मद में मदद दी गई है ?
२.पीएम केयर्स फंड से छत्तीसगढ़ को कितनी राशि की मदद की गई
३. और पीएम केयर्स फंड से छत्तीसगढ़ में किसको मदद मिली है ?
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा और मोदी सरकार की आपदा राहत की पूरी सोच भूख थकान और बदहाली से पीडि़त इंसानों की मदद की नहीं बल्कि मोदी जी के चंद पूंजीपति मित्रों को मुनाफा पहुंचाने और सरकारी कंपनियां सौपने की है। छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को लोकसभा चुनाव में नौ सांसद चुन कर दिए लेकिन आपदा काल में ये नेता छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति अपने दायित्वों से मुंह चुरा रहे है। छत्तीसगढ़ के खदानों और उद्योगों के सीएसआर फंड का पैसा भी पीएम केयर फंड में भाजपा के नेताओं के द्वारा दबाव पूर्वक डलवाया गया है। मोदी सरकार की विश्वसनीयता संदिग्ध हो चली है और पीएम केयर फंड में अब वित्तीय पारदर्शिता आवश्यक है! छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने प्रदेश के सीएम रिलीफ फंड के आय-व्यय का हिसाब जनता के सामने रख दिया है अब भाजपा के सांसद और नेता यह बतायें कि पीएम केयर फंड से छत्तीसगढ़ को अब तक आपदा राहत के लिए क्या मदद की गयी है? पीएम केयर फंड से छत्तीसगढ़ में कितनी मदद की गयी है? पीएम केयर फंड से छत्तीसगढ़ में किसको मदद मिली है?
भाजपा कार्यकर्ताओं का विवरण जारी करते हुये प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा द्वारा 25000 कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम केयर फंड में दान के दावों पर कांग्रेस ने तंज कसा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को भी पीएम केयर फंड में और मोदी जी पर विश्वास नहीं है। 300 मंडल भाजपा के जिनकी कम से कम 12 सदस्यीय कार्यकारणी होती है। भाजपा मंडल कार्यकारिणी को 3600 सदस्य पूरे प्रदेश में है। 27 जिले जिनमें 50 सदस्य जिला कार्यकारणी में है। 1350 जिला कार्यकारणी के सदस्य 300 भाजपा नेता निगम मंडल सहित अन्य लाभ के पदो में प्रति कार्यकाल रहे है। प्रदेश संगठन महिला मोर्चा, भाजयुमों और आनुषंगिक संगठन मिलाकर 10000 से अधिक पद है। 15 वर्षो में 5-5 साल के 3 कार्यकाल में भाजपा ने 30,000 से अधिक पदाधिकारियों को नेता बनाया। भाजपा सदस्य अलग है। प्रदेश संगठन के ही दावों के मुताबिक भाजपा के 57 लाख सदस्य बने थे। इन 57 लाख भाजपा कार्यकताओं में सिर्फ 25000 ने ही पीएम केयर फंड में दान किया। भाजपा तो पैसो वालों की पार्टी है। 15 साल तक पूरे प्रदेश में चले भाजपा नेताओं के कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार, घोटालों को सबने देख।

      दुर्ग / शौर्यपथ / भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और भारत में सत्ता की चाबी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों के पास भी होती है सत्ता का सुचारू रूप से सञ्चालन हो इसके लिए लोक्तान्त्र्ण में प्रशासन और जनप्रतिनिधि के आपसी तालमेल का ही एक सुन्दर रूप है लोकतंत्र . किन्तु फर्जी दस्तावेजो का सहारा लेकर ऐसे कई लोग है जो सत्ता का मजा ले रहे है और दुसरो का हक मार रहे है . ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमे दुर्ग निगम के चुनाव में एक प्रत्याशी द्वारा जाति आरक्षण का लाभ लेकर चुनावी जीत दर्ज की गयी और सत्ता का सुख लिया जा रहा है .
मामला है दुर्ग निगम के चुनाव का . दुर्ग निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 29 कांग्रेस की प्रत्याशी रामकली यादव का मुकाबला निर्दलीय प्रत्याशी बबिता गुड्डू यादव से रहा था . बबिता गुड्डू यादव की इस चुनाव में जीत हुई और रामकली यादव की हार हुई . रामकली यादव की हार शहर में चर्चा का केंद्र बनी रही . रामकली यादव वर्षो से कांग्रेस की सक्रीय कार्यकर्त्ता के साथ संगठन के कई पदों की जिम्मेदारी भी सकुशल निभाते हुए राजनीती में सक्रीय रही है . पेशे से अधिवक्ता रामकली यादव एक मिलनसार कांग्रेस नेत्री के रूप में जानी ज़ाती है . निगम चुनाव में हार के बाद भी जनता के फैसलों को स्वीकार करते हुए वार्ड व शहर में सक्रीय रही व कोरोना आपदा में जरूरत मंदों की सेव के लिए आगे रही . वही निर्दलीय पार्षद के रूप में बबिता की जीत भी चर्चा का विषय रहा किन्तु अचानक राजनीती घटनाक्रम में एक ऐसा मोड़ आया जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बबिता गुड्डू यादव द्वारा चुनाव में भरी गयी जानकारी गलत है और आरक्षण का गलत फायदा उठाया गया है .
      बता दे कि वार्ड नम्बर 29 पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित था किन्तु बबिता गुड्डू यादव शादी के पहले ब्राहमण जाति होने का  आरोप कांग्रेस नेत्री और वार्ड की छाया पार्षद रामकली यादव द्वारा लगाया जा रहा है . श्रीमती यादव द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि बबिता गुड्डू यादव द्वारा मिथ्या जानकारी के तहत चुनावी समर में जीत हांसिल की है जो भारतीय संविधान की खुली अवहेलना है . श्रामती रामकली द्वारा बबिता गुड्डू यादव के निर्वाचन को रद्द करने का आवेदन कलेक्टर कार्यालय कू दी गयी व पार्षदी रद्द करने की मांग की गयी है .
   बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का राष्ट्रिय समाचार पत्र जनसत्ता में उल्लेख किया गया है जिसमे बताया गया है कि शादी के बाद महिला द्वारा जाती परिवर्तन कर आरक्षण श्रेणी में नौकरी प्राप्त की गयी जिसे असवैधानिक करार दिया गया .  " सुप्रीम कोर्ट बोला - जाति जन्म से तय  होती है शादी के बाद बदल नहीं जाती " ( २० जनवरी २०१८ )जिसका लिंक ( https://www.jansatta.com/national/supreme-court-said-caste-decided-by-birth-and-will-be-not-changed-after-marriage/553618/ ). अगर शादी से पहले बबिता गुड्डू यादव का नाम बबिता शर्मा पिता समारूराम शर्मा है तो यह तो स्पष्ट है कि बबिता ब्राह्मण जाती से सम्बन्ध रखती है वही अगर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को माने तो बबिता यादव की जाती शादी के बाद भी नहीं बदल सकती . अब देखने वाली बात यह है कि रामकली यादव के शिकायत पर प्रशासन क्या कार्यवाही करता है ?

हेल्थ /शौर्यपथ / कोरोनावायरस लॉकडाउन के कारण लोगों को सामान्य से ज्यादा सोने का समय मिल रहा है। लोग ज्यादातर समय बिस्तर में बिता रहे हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ बासेल द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि लोग 75 फीसदी लोग रोज सामान्य से 15 मिनट ज्यादा सो रहे हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा कि नींद की अवधि बढ़ी है लेकिन नींद की गुणवत्ता में गिरावट आई है। 435 प्रतिभागियों पर 23 मार्च से 26 अप्रैल के बीच शोध किया गया।

सोशल जेटलैग की कमी-
शोधकर्ताओं का मानना है कि नींद की गुणवत्ता खराब होने के पीछे सबसे बड़ा कारण सोशल जेटलैग है। सोशल जेटलैग उस थकान को कहते हैं जो परिवार और दोस्तों के साथ समाज को दिए जाने वाले समय के कारण होती है। लॉकडाउन से पहले लोग सप्ताहांत में ज्यादा सोते थे, लेकिन अब लॉकडाउन में सोशल जेटलैग न होने से लोग ज्यादा सो रहे हैं।

सामाजिक मेल-मिलाप कम होने के कारण लोगों के नींद की गुणवत्ता खराब हो गई है। नींद का बार-बार टूटना, सोकर उठने के बाद भी थकान महसूस होना आदि नींद की गुणवत्ता कम होने के संकेत हैं। कई प्रकार की चिंताओं और आशंकाओं के कारण लोगों की नींद में व्यवधान पैदा हो रहा है।

 

खाना खजाना /शौर्यपथ / आप अगर मोमोज खाने के शौकीन हैं, तो आपको पनीर टिक्का मोमोज भी ट्राई करने चाहिए। आइए, जानते हैं कैसे बनाएं पनीर टिक्का मोमोज-
सामग्री :
गूंदने के लिए
मैदा- 1 कप ’ नमक- स्वादानुसार ’ पानी- आवश्यकतानुसार
भरावन के लिए
पनीर- 100 ग्राम
फ्रेश क्रीम- 1 चम्मच
तंदूरी मसाला- 1/2 चम्मच
गरम मसाला पाउडर- 1/2 चम्मच ’ जीरा पाउडर- 1/2 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर- 1/2 चम्मच
चाट मसाला पाउडर- 1/2 चम्मच ’ नमक- स्वादानुसार
नीबू का रस- 1/2 चम्मच

विधि :
मैदा में नमक मिलाएं और आवश्यकतानुसार पानी की मदद से गूंद कर दो घंटे के लिए ढककर छोड़ दें। पनीर टिक्का वाला भरावन तैयार करने के लिए एक बरतन में पनीर के छोटे-छोटे टुकड़े, क्रीम, तंदूरी मसाला, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, नमक और नीबू का रस डालकर मिलाएं और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। पैन को मध्यम आंच पर गर्म करें और उसमें पनीर टिक्का मसाला डालकर तीन से चार मिनट तक पकाएं। गैस बंद करें और पनीर टिक्का मसाला को ठंडा होने दें। मोमो स्टीमर या इडली स्टीमर में पानी गर्म करने के लिए रख दें। गूंदे हुए मैदे से छोटी-छोटी लोई काटें और उन्हें बेल लें। उनमें एक-एक चम्मच तैयार भरावन डालें और मोमो को बना लें। भरे हुए मोमो को गीले सूती कपड़े से ढक दें ताकि मोमो सूखें नहीं। मोमो स्टीमर पर हल्का-सा तेल लगाएं और उसमें मोमो को रखकर दस से 15 मिनट तक पकाएं। चटनी के साथ गर्मागर्म खिलाएं।

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