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31 प्रकार के टेस्ट शामिल हैं एवं जांच के मात्र 5 घंटे के भीतर ब्लड रिपोर्ट होगी उपलब्ध
भिलाई नगर / शौर्यपथ / वैशाली नगर विधायक कार्यालय में अब हर रोज नि:शुल्क ब्लड टेस्ट की सुविधा आमजन के लिए शुरू होने जा रही है। श्वेताम्बर जैन मंदिर जीरो रोड शांति नगर भिलाई स्थित विधायक रिकेश सेन के कार्यालय में 25 दिसंबर वृहस्पतिवार से यह सुविधा वैशाली नगर विधानसभा के लोगों को मिलने लगेगी।
विधायक रिकेश सेन ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयीजी का सपना था - एक सशक्त भारत का निर्माण, और सशक्त भारत की नींव एक स्वस्थ भारत से ही रखी जा सकती है। इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में उनकी पावन जयंती के अवसर पर वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में नि:शुल्क ब्लड जांच सुविधा की शुरुआत की जा रही है। यह जांच प्रतिदिन सुबह 8 से 11 बजे तक होगी। जांच रिपोर्ट उसी दिन शाम को लोग विधायक कार्यालय से प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि यह सेवा केवल एक दिन के लिए नहीं, बल्कि निरंतर तीन वर्षों तक जारी रहेगी। ताकि आमजन को नियमित स्वास्थ्य जांच का लाभ मिल सके। विशेष बात यह है कि इस सुविधा में 31 प्रकार के टेस्ट शामिल हैं एवं जांच के मात्र 5 घंटे के भीतर ब्लड रिपोर्ट उपलब्ध हो जाएगी। श्री सेन ने कहा कि यह पहल जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता और अटलजी के विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
दुर्ग। शौर्यपथ । नेशनल हेराल्ड प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज एफआईआर को न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे सत्य की जीत बताते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के आह्वान पर आज दुर्ग में कांग्रेस द्वारा बड़ा प्रदर्शन किया गया।
जिला कांग्रेस दुर्ग ग्रामीण, जिला कांग्रेस दुर्ग शहर एवं जिला कांग्रेस भिलाई शहर के संयुक्त तत्वावधान में भाजपा कार्यालय का घेराव किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता दुर्ग स्थित कांग्रेस कार्यालय से रैली के रूप में भाजपा कार्यालय की ओर रवाना हुए।प्रदर्शन के दौरान शनिचरी बाजार के पास पुलिस द्वारा लगाई गई पहली और दूसरी लेयर की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए कांग्रेसी आगे बढ़े और भाजपा कार्यालय के पास तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी।
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक अरुण वोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अदालत का यह फैसला मोदी-शाह और भाजपा द्वारा रचे गए कथित राजनीतिक षड्यंत्र का पर्दाफाश करता है। न्यायालय ने अपने आदेश में ईडी की शिकायत को स्वीकार्य (एडमिसिबल) नहीं माना है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था।
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा ,
"नेशनल हेराल्ड प्रकरण में अदालत का फैसला सत्य, संविधान और गांधी के विचारों की जीत है.भाजपा ने राजनीतिक द्वेष के तहत जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया,कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने का प्रयास किया, लेकिन न्यायालय के फैसले ने सच्चाई उजागर कर दी है। कांग्रेस हमेशा महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए है।
बेलौदी में स्व. उदय राम पारकर की स्मृति में भागवत कथा जारी
दुर्ग ग्रामीण / शौर्यपथ / समीपस्थ ग्राम बेलौदी में स्व. उदय राम पारकर की स्मृति में आयोजित भागवत कथा में अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक बाल योगी विष्णु अरोरा महाराज (जेवरा रतलाम मध्यप्रदेश) का प्रवचन 10 दिसंबर से जारी है। शिवनाथ नदी की पावन तट पर स्थित ग्राम बेलौदी में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में पहले दिन उन्होंने श्रीमद् भागवत के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला एवं वेदव्यास द्वारा श्रीमद् भागवत लेखन के महत्व को समझाया। दूसरे दिन उन्होंने नारद चरित्र के माध्यम से महाभारत में धर्म युद्ध को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जीवन में धर्म और कर्म का सामंजस्य स्थापित करने के बारे में बताया। इस दौरान विष्णु अरोरा महाराज ने कहा कि हमारी अवस्था कुछ भी हो लेकिन स्वभाव बालवत् यानी अहंकार रहित हो तो भगवान जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। इसी तरह तीसरे दिन उन्होंने भगवान कृष्ण की माखन चोरी की लीला का व्याख्यान दिया।
कंस वध की कथा में तात्विक विवेचन करते हुए उन्होंने कंस का आध्यात्मिक स्वरूप कसाई से लिया जिसमें क्रूरता निर्दयता बुराई भरी होती है। भगवान श्री कृष्ण मथुरा गए मथुरा में धोबी दरजी आदि का उद्धार करते हुए पांच पहलवानों से होकर गुजरे फिर कंस के सामने पहुंच गए कंस वध के पश्चात भगवान श्री कृष्ण व रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। पिता भीष्मक माता सुद्ममती ने अपनी पुत्री रुक्मणी जो कि लक्ष्मी का अवतार है।श्री कृष्णा यानी नारायण को समर्पित करना चाहते हैं। भिस्मक यानी संकल्प कर्म तथा रानी शुद्धमती यानी अच्छे विचार। शीशपाल का अर्थ बताते हुए कहा कि समाज में लोग धन कमाते हैं पर बच्चों के पालन का उद्देश्य रखते हैं यह शीशपाल की भावना पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है। उन्होंने कहा कि रुक्मणी ने भगवान कृष्ण को सात श्लोक में पत्र लिखे यह पत्र प्रेम-पत्र न होकर साधना का पत्र है जिसे भगवान ने बिना शर्त के तुरंत स्वीकार कर लिया और रुक्मणी को गौरी पूजा कर वापस आ रही रूकमणी स्वीकार कर लिया। कथा कहती है कि केवल नारायण को पाने का संकल्प के साथ पूजा साधना मंदिर जाना व्रत आदि भी हो जैसे रुक्मिणी मंदिर गई और कृष्णा को पाई गई अब श्री कृष्ण भगवान ने द्वारका में विधि- विवाह संपन्न किया।
आयोजक दुर्गा प्रसाद पारकर, मुकुंद प्रसाद पारकर एवं समस्त पारकर परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार भागवत कथा के दौरान अंचल के गणमान्य विशिष्ट जनों का आगमन प्रति दिवस हो रहा है जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक दयाराम साहू, पूर्व कैबिनेट मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू, विधायक कुंवर सिंह निषाद, रिवेन्द्र यादव, प्रीतपाल बेलचंदन, जीवन लाल वर्मा, हेमंत सिन्हा, संतोषी कृष्ण देशमुख साथ ही क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हैं।
भिलाई / शौर्यपथ
भिलाई इस्पात संयंत्र में कर्मचारियों के आवश्यक कार्य से गेट से निकलने के दौरान पर्सनल विभाग द्वारा कर्मचारियों का पर्सनल नंबर नोट किया जा रहा है जिससे कर्मचारी काफी भयभीत हो गए हैं कर्मचारियों के आवश्यक कार्य से बाहर जाते समय गेट पर पर्सनल नंबर नोट करने की प्रक्रिया से कर्मचारियों में कार्रवाई का भैय व्याप्त हो गया है लगातार यूनियन पदाधिकारियो के पास कर्मचारियों ने कहा कि गेट में जो पर्सनल नंबर नोट हो रहा है उससे उन पर कार्रवाई होगी जिसे भिलाई इस्पात मजदूर संघ के पदाधिकारियो ने ईडी वर्क्स से मुलाकात कर कर्मचारियों के मन में व्याप्त कार्यवाही होने की जानकारी दिये जिस पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों को भयभीत होने की कोई आवश्यकता नहीं है यह संयंत्र के भीतर ट्रैफिक का सर्वे मात्र है संयंत्र के भीतर आए दिन दुर्घटना हो रही है जिसमें कर्मचारियों को शारीरिक क्षति हो रही है जिसका खामियाजा उनके परिवार को भी भोगना पड़ रहा है और संयंत्र के भीतर बढे हुए भारी ट्रैफिक को कैसे नियंत्रित किया जाए यह उसकी प्रक्रिया है उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के हित हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है कैंटीन रेस्टरूम मे सुधार व्यवस्था हो, टॉयलेट संधारण, रोड संधारण,कार्य स्थल पर आरामदायक कुर्सी,बेंच में सुधार इन सभी क्षेत्रो मे तेजी से कार्य किया जा रहा है और काफी कार्य पूर्ण भी हो चुके हैं प्रबंधन कर्मचारियों की सुरक्षा समझौता कर उत्पादन हेतु दबाव नहीं डाल रहा है यूनियन ने संयंत्र के भीतर ओवरलोड ट्रैकों के परिवहन एवं अतिरिक्त बड़े हाइवा एवं ट्रको से रोड में दुर्घटना की संभावना रहती है जिस पर उन्होंने कहा कि सर्वे में दुर्घटना के सभी कारक शामिल हैं और संयंत्र के भीतर जानवरों को भी पकड़वाने की व्यवस्था जल्द करवाई जाएगी प्रबंधन का प्रयास है कि संयंत्र में शून्य दुर्घटना हो और यूनियन भी इसमें अपना सहयोग प्रदान करें कर्मचारियों को किसी भी चीजों से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है यूनियन ने ठेका कर्मचारियों के कम वेतन एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों को मशीन ऑपरेशन में लगाए जाने की जानकारी दिये जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी क्षेत्रों में जल्द सुधार दिखेगा साथ हि कहा कि स्थल का माहौल खुशनुमा एवं सौहार्द पूर्ण रहे या हमारी प्राथमिकता है बैठक में उपाध्यक्ष आईपी मिश्रा, शारदा गुप्ता, वशिष्ठ वर्मा एवं हरिशंकर चतुर्वेदी शामिल थे।
सुशासन का पोस्टर दुर्ग में फ टा हुआ,आयुक्त की कलम चल रही, शहर ठहर गया!
दुर्ग । शौर्यपथ ।
साल 2024 की दीपावली के बाद दुर्ग नगर पालिक निगम प्रशासन की कमान आयुक्त सुमित अग्रवाल के हाथों में आई। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा "सुशासन" का दावा किया जा रहा है, लेकिन दुर्ग निगम क्षेत्र की जमीनी हकीकत इस दावे को आईना दिखाती नजर आ रही है। बड़े-बड़े वादों के सहारे भारतीय जनता पार्टी ने शहरी सरकार पर कब्जा तो कर लिया, पर शहर का विकास मानो फ ाइलों और प्रेस विज्ञप्तियों तक सिमट कर रह गया है।
यह कोई अतिशयोक्ति नहीं, बल्कि दुर्ग निगम क्षेत्र में पसरी बदहाली की तस्वीर है। बीते लगभग एक वर्ष में विकास कार्य लगभग ठप्प हैं, ठेकेदार नजर नहीं आ रहे और निगम आर्थिक किल्लत से जूझ रहा है। इसके उलट, शहर भर में अव्यवस्थाओं का साम्राज्य तेजी से फैलता दिख रहा है, जिसने आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चर्च रोड के पास अवैध बाजार, समृद्धि बाजार क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर चल रही गतिविधियां, सुराना कॉलेज के सामने बदबूदार माहौल और संभावित बीमारियों का खतरा—ये सब निगम प्रशासन की कार्यशैली पर सीधा प्रश्नचिन्ह हैं। बड़े दुकानदारों के अवैध कब्जे आयुक्त की नजरों से ओझल हैं, जबकि गरीबों के ठेले-गुमठियों पर अतिक्रमण के नाम पर सख्ती दिखाई देती है। यही नहीं, अवैध रूप से हुए राम रसोई अनुबंध के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई न होना, चयनात्मक प्रशासन की ओर इशारा करता है।
शहर के मध्य स्थित चौपाटी की बदहाल हालत "हमने बनाया, हम ही संवारेंगे" जैसे नारों की पोल खोल रही है। सड़कों पर आवारा मवेशियों की फौज, जगह-जगह गड्ढे, बदहाल चौक-चौराहे और नागरिकों को पीने के लिए दूषित जल—ये सब नगर निगम की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हैं। सुशासन तिहार में आवेदकों को गलत या भ्रामक जवाब देना और कार्रवाई के नाम पर चपरासियों व प्लेसमेंट कर्मचारियों को नोटिस थमाना, जबकि उच्च अधिकारियों को बचाने की रणनीति अपनाना, प्रशासनिक निष्पक्षता पर गहरी चोट है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्ग निगम क्षेत्र में भाजपा की शहरी सरकार होने के बावजूद, और यहीं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सरोज पाण्डेय, दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री ललित चंद्राकर तथा छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव का निवास स्थान होने के बावजूद, शहर की यह बदहाली आज चर्चा का विषय बनी हुई है।
ऐसे में आमजन के बीच यह सवाल गूंज रहा है—दुर्ग में ज्यादा ताकतवर कौन है? आयुक्त या फि र जनप्रतिनिधि?
शहर की अव्यवस्था, विकास की रफ्तार पर ब्रेक और निगम अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई ने आयुक्त सुमित अग्रवाल की नैतिक जिम्मेदारी पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अब निगाहें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर टिकी हैं—क्या वे दुर्ग निगम क्षेत्र की सुध लेंगे, या फिर "सुशासन" केवल सोशल मीडिया और विज्ञापनों तक ही सीमित रह जाएगा?
दुर्ग की जनता आज जवाब चाहती है—क्योंकि सवाल सिर्फ विकास का नहीं, भरोसे का भी है।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिला पंचायत के सामने स्थित चौहान चाय केंद्र नामक एक अवैध गुमटी अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गढ़ कलेवा योजना के अंतर्गत विधिवत स्थान आबंटन और भारी अनुदान दिए जाने के बावजूद, ठीक उसके सामने यह अवैध गुमटी बेखौफ खड़ी है और उसी से जिला पंचायत में हजारों रुपये के फर्जी बिल पास कराए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार इस मामले की शिकायत जन दर्शन में होने के बाद दस्तावेजों की जांच जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रूपेश पांडे को सौंपी गई। यद्यपि उनका पद जिला पंचायत अधिकारियों से कनिष्ठ होने के कारण वे प्रत्यक्ष कार्रवाई के अधिकार में नहीं हैं, फिर भी उन्होंने संपूर्ण जांच प्रतिवेदन जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जनपद पंचायत कार्यालय के ठीक सामने खड़ी अवैध गुमटी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और भी हैरानी की बात यह है कि इस अवैध ढांचे पर बिजली कनेक्शन तक उपलब्ध है, जो व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करता है।
विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि नगर निगम के अतिक्रमण विभाग द्वारा गुमटी हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन किसी उच्च अधिकारी के कथित हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई रोक दी गई। इस दावे की सच्चाई जांच का विषय है, किंतु यह निर्विवाद तथ्य है कि एक अवैध गुमटी से फर्जी बिलों के माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग उजागर हो चुका है।
अब प्रश्न यह है कि पूर्व में ऐसे कितने फर्जी बिल जिला पंचायत में पास किए गए होंगे? अवैध गुमटी संचालक और इससे जुड़े अधिकारियों पर जिला प्रशासन अब तक मौन क्यों है? क्या प्रभावशाली संरक्षण के चलते कार्रवाई से बचा जा रहा है?
यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि व्यवस्था में गहरी सेंध का संकेत देता है, जिसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच अब जनहित की अनिवार्य मांग बन चुकी है।
देश–प्रदेश से जुटेंगे श्रद्धालु, प्रशासन पूरी तरह रहेगा मुस्तैद – कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव
दुर्ग / शौर्यपथ / इस्पात नगरी भिलाई पहली बार सनातन धर्म के प्रमुख ध्वजवाहक, प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के दिव्य आगमन की साक्षी बनने जा रही है। सेवा समर्पण समिति, दुर्ग के तत्वावधान में 25 से 29 दिसंबर 2025 तक भिलाई स्थित जयंती स्टेडियम के समीप ग्राउंड में दिव्य श्री हनुमंत कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक होगी, जिसमें देश–प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
इस भव्य आयोजन को लेकर दुर्ग सर्किट हाउस में एक विस्तृत प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव एवं कार्यक्रम के आयोजक खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने आयोजन की तैयारियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि 27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को लेकर समिति द्वारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। कार्यक्रम संयोजक राकेश पाण्डेय के नेतृत्व में समिति अध्यक्ष पंडित वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी आयोजन की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने में जुटे हुए हैं, जो सामाजिक समभाव और सहयोग की भावना को दर्शाता है।
श्री यादव ने कहा कि यह आयोजन न केवल दुर्ग–भिलाई बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। इसी दृष्टि से जिला प्रशासन हर स्तर पर मुस्तैद रहेगा। ट्रैफिक प्रबंधन, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, सुरक्षा सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता में रखा जाएगा। शासन स्तर पर भी हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर शासन की ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के तहत स्वदेशी निर्मित उत्पादों और योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा जनजागरण हेतु चलाए जा रहे अभियानों—जैसे नशा मुक्ति, साइबर जागरूकता, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ और स्वदेशी अपनाओ—से संबंधित प्रदर्शनी एवं स्टॉल भी लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु कथा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता से भी जुड़ सकें।
कार्यक्रम के आयोजक राकेश पाण्डेय ने जानकारी दी कि 15 दिसंबर को दोपहर 2 बजे ध्वज पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न समाजों के प्रमुखों एवं धर्माचार्यों को आमंत्रित किया गया है। ध्वज पूजन के पश्चात प्रतिदिन सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का वाचन किया जाएगा।
श्री यादव ने आगे कहा कि कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशाल एवं सुव्यवस्थित डोमशेड, पर्याप्त वाहन पार्किंग, और सुचारु आवागमन की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। परिस्थितियों एवं भीड़ प्रबंधन को देखते हुए समिति द्वारा तय कार्यक्रमों के स्वरूप में आवश्यकतानुसार परिवर्तन भी किया जा सकता है।
अंत में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव एवं आयोजनकर्ता राकेश पाण्डेय ने कहा कि भिलाई की पावन धरा पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का आगमन हम सभी के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली क्षण है। उन्होंने देश एवं प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में दिव्य श्री हनुमंत कथा में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने और अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने की अपील की।
प्रेस वार्ता में पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशिला साहू, पूर्व विधायक सांवलाराम डहरे, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने शासकीय कर्मियों के लिए वेतनमान के अनुसार मोबाइल भत्ता स्वीकृत कर ऑफिस व फील्ड से वापस आने पर मोबाइल फोन डिस्कनेक्ट कर स्वतंत्र रहने का अधिकार देने की मांग की है। संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ओर मुख्य सचिव विकासशील को भेजे पत्र में कहा है कि डिजिटल दौर में प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों को घर पहुंचने पर भी आफिस, कार्यालयों ओर विभाग की रिपोर्ट देनी होती है। इसके चलते अधिकारी-कर्मचारी घर पर भी दफ्तर का काम करते रहते हैं, इससे उनके निजी जीवन में प्रभाव पड़ता है। इंटरनेट ने कार्यालयों को घर तक पहुंचा दिया है। कार्य की अधिकता और जरूरत को देखते हुए अब अधिकारी कर्मचारियों को कार्यस्थल से घर पहुंचने पर मोबाइल फोन डिस्कनेक्ट करने की आवश्यकता है जिससे वे स्वाभाविक रूप से परिवार और परिजनों को अपना समय दे सके और मानसिक ओर शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें ।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने बताया कि हम सभी को इस गंभीर मुद्दे पर विचार विमर्श करके इसके लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के संगठनों को भी इसके लिए एक प्लेटफार्म पर आकर बैठक कर विचार करने की जरूरत है। जिससे अधिकारी कर्मचारियों को उनके मौलिक अधिकार मिल सके। महामंत्री सैय्यद असलम ने बताया कि अब समय आ गया है कि सभी कर्मचारियों को मोबाइल भत्ता स्वीकृत किया जाए।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर क्लास वन ऑफिसर अपने निजी मोबाइल से शासकीय कार्यों के लिए उपयोग करते हैं हालांकि विभिन्न विभागों में अफसर अपने और टेबल पर कार्य करने वालों को कुछ मोबाइल खर्च देते हैं जो वास्तविक खर्च से अत्यंत न्यूनतम होता है। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, तृतीय श्रेणी अधिकारी व कर्मचारियों और द्वितीय श्रेणी अधिकारी व कर्मचारियों और प्रथम श्रेणी अधिकारी सभी को वेतनमान के अनुरूप मोबाइल भत्ता स्वीकृत कर आफिस या कार्यालयों व फील्ड से वापस आने पर डिस्कनेक्ट कर मूल रूप से स्वतंत्र रहने का अधिकार देना चाहिए।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
