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भिलाई/शौर्यपथ।
भिलाई इस्पात संयंत्र की टाउनशिप में व्याप्त अव्यवस्थाओं, भ्रष्टाचार, अवैध कब्जों और मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर भिलाई इस्पात मज़दूर संघ यूनियन ने प्रबंधन के खिलाफ तीखा रुख अपनाया है। यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक इस्पात भवन स्थित कॉफी हाउस में संघ के महामंत्री चन्ना केशवलू के नेतृत्व में आयोजित हुई, जिसमें टाउनशिप की विभिन्न समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर सेवाएं विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं लगातार बढ़ रही हैं तथा लंबे समय से जमे अधिकारियों के कारण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। यूनियन ने प्रबंधन के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारियों और नागरिकों के साथ मिलकर आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा।
यूनियन ने प्रबंधन का ध्यान टाउनशिप की गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि नियमित कर्मचारियों को रिक्त आवास आवंटन की प्रक्रिया सरल और तेज की जाए। पुराने क्वार्टर्स में खराब हो चुकी बिजली वायरिंग और स्विच बोर्डों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल बदला जाए। आवासीय क्षेत्रों में संचालित अवैध खटालों को हटाकर सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं, कुत्तों और सुअरों पर नियंत्रण किया जाए, क्योंकि इनके कारण दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं।
बैठक में फॉरेस्ट एवेन्यू रोड और गैरेज रोड को बढ़ते यातायात दबाव के मद्देनजर वन-वे घोषित करने, मानसून पूर्व सभी बीएसपी आवासों की छतों पर टारपेल्टिंग कार्य पूर्ण कराने और टाउनशिप में अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। यूनियन ने कहा कि अवैध कब्जों के कारण असामाजिक गतिविधियों और अपराधों को बढ़ावा मिल रहा है।
मार्केट क्षेत्रों में अवैध ठेलों और अतिक्रमण के कारण लगातार जाम की स्थिति निर्मित होने तथा कबाड़ी दुकानों से गंदगी और बदबू फैलने पर भी चिंता जताई गई। भीषण गर्मी को देखते हुए टाउनशिप में दिन में दो बार नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
यूनियन ने मकानों के बैकलेन और नालियों की सफाई, गटर लाइन पर ढक्कन लगाने, झाड़ियों की कटाई और दूषित पेयजल समस्या के समाधान हेतु पाइपलाइन बदलने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। कई स्कूलों और सामाजिक भवनों द्वारा मैदानों पर किए गए कथित अवैध कब्जों को हटाने की मांग भी बैठक में की गई।
इसके अलावा सेक्टर-4 में पेयजल आपूर्ति समय में सुधार, सेक्टर-6 ई मछली मार्केट से एमजीएम तक अवैध अतिक्रमण हटाने, सभी पोलों पर स्ट्रीट लाइट लगाने, लगातार हो रही बिजली कटौती रोकने तथा मुर्गा चौक से खुर्सीपार फाटक तक सड़क मार्ग पर खड़े ट्रकों एवं ट्रेलरों को हटाकर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई।
यूनियन ने आरोप लगाया कि टाउनशिप में नए महाप्रबंधक इंचार्ज की नियुक्ति के बाद अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार में वृद्धि हुई है। साथ ही संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों को मोबाइल फोन एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
यूनियन पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि बारिश से पहले इन सभी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो नागरिकों और कर्मचारियों का आक्रोश उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
बैठक में उपाध्यक्ष सुधीर गडेवाल, संयुक्त महामंत्री प्रदीप कुमार पाल, मृगेंद्र कुमार, भूपेंद्र बंजारे, सचिव ए. वेंकट रमैया, अखिलेश उपाध्याय, संजय कुमार साकुरे, पूरन लाल साहू, संतोष सिंह, कोषाध्यक्ष रवि चौधरी, नारायण प्रसाद बाजपेयी सहित यूनियन के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भिलाईनगर/शौर्यपथ।
नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में अवैध रूप से वाहन खड़े कर सड़क और आवागमन बाधित करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर सुपेला एवं आकाश गंगा परिसर में सड़क बाधा उत्पन्न करने वालों पर चालानी कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वार्ड क्रमांक 17 आकाश गंगा परिसर में प्रतिष्ठानों के सामने अवैध रूप से वाहन खड़े पाए जाने पर संबंधित वाहन चालकों पर जुर्माना लगाया। कार्रवाई के दौरान गौरी शंकर, मनोज कुमार, सौरभ, प्रकाश हालधर, भोले बाबा, देवनाथ, पवन कुमार गुप्ता एवं रमेश गुप्ता सहित विभिन्न लोगों से कुल 1400 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसी प्रकार राखी फर्नीचर रोड के सामने अवैध रूप से सब्जी ट्रक पार्किंग कर सड़क एवं यातायात बाधित करने पर संबंधित वाहन संचालकों पर 1800 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर अवैध पार्किंग, अतिक्रमण एवं आवागमन बाधित करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा। नागरिकों से यातायात व्यवस्था बनाए रखने एवं निर्धारित स्थानों पर ही वाहन पार्क करने की अपील की गई है।
दुर्ग/शौर्यपथ।
सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत धमधा के ग्राम मलपुरीकला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। शासन की योजनाओं को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने और समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 485 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 165 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष प्रकरणों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।
शिविर में मलपुरीकला, अकोला, कपसदा, ओटेबंद, गोढ़ी, अछोटी, ढौर (हि), बोरसी, खपरी, पंचदेवरी, ढाबा, मुर्रा, सांकरा एवं कंडरका सहित 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत सैकड़ों हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
खाद्य विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, स्वच्छाग्राही कार्य और बर्तन बैंक संचालन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले हितग्राहियों एवं समूहों को सम्मानित किया गया। जनपद पंचायत धमधा द्वारा सामाजिक सहायता पेंशन योजना के तहत वृद्धा एवं मुख्यमंत्री पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबियां सौंपी गईं। मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न मछुआ सहकारी समितियों को आइस बॉक्स एवं जाल वितरित किए गए, वहीं कृषि विभाग ने किसानों को केसीसी कार्ड प्रदान किए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली बालिकाओं को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने पर समाजसेवी यशवंत वर्मा का भी सम्मान किया गया।
शिविर में अधिकारियों ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को विस्तारपूर्वक दी तथा योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में अनुविभागीय दण्डाधिकारी महेश सिंह राजपूत, जनपद पंचायत धमधा के सीईओ किरण कौशिक, विधायक प्रतिनिधि सतीश साहू, जनपद सदस्य हेमा साहू, सरपंच दशमत साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
भिलाई।
भिलाई नगर थाना क्षेत्र के माया नगर एचएससीएल कॉलोनी में घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां छोटे भाई ने गुस्से में अपने बड़े भाई पर धारदार लोहे के रापा से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बड़े भाई की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद भिलाई नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना 10 मई 2026 की है। माया नगर एचएससीएल कॉलोनी, रुआबांधा सेक्टर में रहने वाले दो सगे भाइयों के बीच घरेलू बात को लेकर विवाद और मारपीट की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही भिलाई नगर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी मनोज यादव ने अपने बड़े भाई अशोक यादव पर घर में रखे धारदार लोहे के रापा से हमला कर दिया। आरोपी ने अशोक यादव के सिर और कनपटी पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया।
घायल अशोक यादव को तत्काल जिला चिकित्सालय दुर्ग ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा अस्पताल रायपुर रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मामले में थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 249/2026 के तहत प्रारंभ में धारा 109(1) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था। पीड़ित की मृत्यु के बाद प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) जोड़ी गई। पुलिस ने आरोपी मनोज यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की और विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त धारदार लोहे का रापा भी जप्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में घटना का कारण घरेलू एवं पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है।
भिलाई नगर पुलिस की इस मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की जा रही है। वहीं दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि घरेलू या आपसी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें तथा किसी भी विवाद की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल फोन और ऑनलाइन एप के माध्यम से आईपीएल मैचों में हार-जीत पर दांव लगाकर अवैध रूप से सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, नगदी रकम और सट्टा लेखा-जोखा से जुड़ी सामग्री जप्त की गई है।
मामले की शुरुआत 12 अप्रैल 2026 को हुई, जब थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के कंडरापारा इलाके में मुखबिर से सूचना मिली कि ऋषभ नगर निवासी विकास जैन अपने घर से आईपीएल टी-20 मैच चेन्नई और दिल्ली के बीच खेले जा रहे मुकाबले पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की। मौके पर तीन व्यक्तियों को मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम विकास जैन, रौनक ताम्रकार और प्रवीण ताम्रकार बताए।
पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन, पॉकेट डायरी, नगदी रकम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से संबंधित सामग्री जप्त की थी।
प्रकरण में थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 187/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4, 6, 7 एवं बीएनएस की धारा 112(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस को अन्य आरोपियों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब और प्रकाश सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर उनके कब्जे से चार अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन जप्त किए गए।
सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की विवेचना अभी जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
जप्त किए हैं। कुल जप्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 89,810 रुपये बताई गई है।
इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली एवं एसीसीयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों और जवानों की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से संगठित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा हो सका।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अवैध सट्टा, जुआ अथवा ऑनलाइन अवैध गतिविधियों से दूर रहें। पुलिस ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अवैध सट्टा संचालन में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
भिलाई-3: रेलवे प्रशासन ने भिलाई-3 क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। रेलवे की बेशकीमती भूमि को खाली कराने के लिए 48 से अधिक परिवारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है।
? कार्रवाई का मुख्य कारण: 'वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट' का निर्माण
रेलवे विभाग के अनुसार, जिस जमीन पर वर्तमान में कब्जा है, वहां एक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को समय पर शुरू करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
? नोटिस की मुख्य बातें
आदेश की जानकारी: रायपुर के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ऑपरेशन) एवं राजसंपदा अधिकारी ने आदेश क्रमांक "बलवंत नेताम +45 अन्य/46/2025" के तहत यह नोटिस जारी किया है।
समय सीमा: कब्जाधारियों को 15 दिनों के भीतर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
चेतावनी: यदि तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया, तो रेलवे स्वयं प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई कर इसे ध्वस्त कर देगा। कार्रवाई के दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कब्जाधारियों की होगी।
?️ प्रभावित परिवारों में रोष, महापौर से लगाई गुहार
नोटिस जारी होते ही बड़ी संख्या में महिलाएं नगर निगम कार्यालय पहुंचीं और महापौर निर्मल कोसरे से मुलाकात की। निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली से उनके सामने छत का संकट खड़ा हो गया है। उनकी मांग है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के उन्हें न हटाया जाए।
? महापौर का रुख: "मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी"
भिलाई-चरोदा नगर निगम के महापौर निर्मल कोसरे ने इस मामले में प्रभावित परिवारों का समर्थन किया है। उनके वक्तव्य के मुख्य बिंदु:
मानवीय संवेदना: उन्होंने रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है।
प्राथमिकता: महापौर ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन गरीब परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
निगम का साथ: निगम प्रशासन प्रभावितों के साथ खड़ा है और उनकी बात शासन व रेलवे तक पहुंचाकर उचित समाधान निकालने का प्रयास करेगा।
अब क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि रेलवे की विकास योजना और गरीब परिवारों के आशियाने के बीच प्रशासन क्या बीच का रास्ता निकालता है।
भिलाई: मानसून की तैयारियों और वार्ड क्रमांक 01 में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर, निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज जोन-1 का व्यापक दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों की समीक्षा और शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना था।
? मुख्य निरीक्षण बिंदु और निर्देश
1. भेलवा तालाब: सौंदर्यीकरण और संधारण
नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निम्नलिखित निर्देश दिए:
स्वच्छता: तालाब के चारों ओर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
सुविधाएं: खेल उपकरणों की मरम्मत और परिसर के आवश्यक संधारण (Maintenance) कार्य तत्काल किए जाएं।
नागरिक सेवा: नागरिकों के लिए सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता पर हो।
2. मानसून पूर्व तैयारी: नाला सफाई और रिटर्निंग वॉल
वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आयुक्त ने सख्ती दिखाई:
संजय नगर नाला: नाले की गाद (Silt) निकालने का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि जल प्रवाह सुगम रहे।
गुणवत्ता: रिटर्निंग वॉल के निर्माण में सामग्री और कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की हिदायत दी।
डेडलाइन: सभी निर्माण कार्य वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं।
3. आदर्श आचार संहिता और संपत्ति विरूपण
वार्ड क्रमांक 01 में आगामी उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, जिसे लेकर आयुक्त ने कड़े कदम उठाए:
पोस्टर-बैनर पर कार्रवाई: सार्वजनिक दीवारों और सरकारी संपत्तियों पर अवैध रूप से लगे पोस्टर, बैनर और वॉल पेंटिंग को तत्काल हटाने (संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत) के निर्देश दिए।
निर्माण पर रोक: वार्ड 1 की सीमा के भीतर कोई भी नया निर्माण कार्य प्रारंभ न करने के आदेश दिए गए।
समीक्षा: लोक निर्माण विभाग द्वारा पहले से चल रहे रोड और नाली निर्माण कार्यों का मौके पर अवलोकन किया गया।
? आयुक्त का वक्तव्य
"शहर की स्वच्छता और व्यवस्थित विकास हमारी प्राथमिकता है। मानसून से पहले सभी नालों की सफाई और रिटर्निंग वॉल का कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। साथ ही वार्ड 1 में आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए संपत्ति विरूपण पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।" — राजीव कुमार पांडेय, आयुक्त
? निरीक्षण दल में शामिल अधिकारी
इस दौरान आयुक्त के साथ मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:
ऐशा लहरे (जोन आयुक्त)
जावेद अली (स्वास्थ्य अधिकारी)
अंकित सक्सेना (सहायक जोन स्वास्थ्य अधिकारी)
संबंधित क्षेत्रों के स्वच्छता निरीक्षक एवं अन्य कर्मचारी।
भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भाजपा नेत्री सुषमा जेठानी को सिंधी साहित्य अकादमी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भिलाई-3 सिंधी पंचायत द्वारा भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश पाण्डेय, जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भाजपा नेता राकेश पाण्डेय ने सुषमा जेठानी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सिंधी साहित्य, भाषा और संस्कृति को नई दिशा एवं पहचान मिलेगी। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने संगठन की ओर से शुभकामनाएं देते हुए इसे समाज के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से सुषमा जेठानी का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भिलाई-3 पंचायत अध्यक्ष शमन लाल नथानी, वैशाली नगर श्रीराम सिंधी पंचायत सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में अजय भसीन ने कहा कि सुषमा जेठानी सरल, सहज और समाजसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व हैं तथा उनकी नियुक्ति से समाज को नई ऊर्जा मिलेगी। कार्यक्रम में खुर्सीपार पंचायत, सेक्टर-4 सिंधी पंचायत सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ
भीषण गर्मी से जूझ रहे दुर्ग शहर में जहां आम नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, वहीं जनहित के लिए लगाए गए वाटर एटीएम अब कथित तौर पर “जल व्यापार” का माध्यम बनते नजर आ रहे हैं। इंदिरा मार्केट स्थित वाटर एटीएम संचालक पर पानी की कालाबाजारी और मनमाने दामों पर बिक्री के गंभीर आरोप लगे हैं।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों के अनुसार, जिस वाटर एटीएम से पहले ₹10 में पूरा केन भर जाता था, अब ₹15 से ₹20 डालने के बाद भी केन पूरा नहीं भर पा रहा। आरोप है कि एटीएम संचालक के कर्मचारी अंदर से पाइप के माध्यम से बड़े केनों में पानी भरकर ई-रिक्शा के जरिए दुकानों तक पहुंचा रहे हैं और एक केन ₹30 से ₹40 तक में बेचा जा रहा है।
शौर्यपथ टीम के पास इस पूरे मामले के वीडियो फुटेज मौजूद हैं, जिसमें कथित तौर पर वाटर एटीएम से बड़े पैमाने पर पानी भरकर निजी बिक्री किए जाने के दृश्य कैद हैं।
जनहित की योजना या निजी कमाई का जरिया?
नगर निगम द्वारा शहर में वाटर एटीएम आम जनता को राहत देने और लागत मूल्य पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाए गए थे। लेकिन आरोप है कि ठेकेदारों की मनमानी ने इस योजना की मूल भावना को ही प्रभावित कर दिया है।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले दो महीनों से यह खेल लगातार चल रहा है और प्रतिदिन सैकड़ों केन पानी निजी रूप से बेचा जा रहा है। इससे निगम प्रशासन को लाखों रुपए के संभावित राजस्व नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
जल विभाग भी हुआ सख्त
मामले में जब जल विभाग प्रभारी से चर्चा की गई तो उन्होंने इस पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई। विभागीय प्रभारी ने वीडियो फुटेज मांगते हुए मामले की जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या निगम प्रशासन और जल विभाग इस मामले में केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाएंगे, या फिर वास्तव में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई होगी।
भ्रष्टाचार पर कार्रवाई या फिर लीपापोती?
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव लगातार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की बात कर रहे हैं। ऐसे में दुर्ग निगम प्रशासन और शहरी सरकार के सामने अब यह एक बड़ी परीक्षा बन गई है कि जनहित की योजना में कथित गड़बड़ी करने वालों पर वास्तव में सख्त कदम उठाए जाते हैं या फिर मामला नोटिस और चेतावनी तक सीमित रह जाता है।
भीषण गर्मी के बीच पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता पर मुनाफाखोरी का यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
