Google Analytics —— Meta Pixel
May 02, 2026
Hindi Hindi

शहर से सौ किमी दूर पंडोपारा के स्कूल में दूर हुई शिक्षको की कमी

  • rounak group

शिक्षकविहीन नहीं रहा कोरबा जिले का कोई भी विद्यालय
अब हमारे बच्चे बेकार नहीं बैठेंगे: मंगल सिंह
रायपुर /शौर्यपथ/कोरबा शहर से लगभग सौ किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच पंडोपारा में जब स्कूल खुला तब यहाँ रहने वाले पंडो समाज के लोगो में न सिर्फ अथाह खुशी थी, अपितु वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर भी सुकून और राहत महसूस कर रहे थे। अपने गाँव में स्कूल पाकर वे अपने बच्चों को स्कूल भी भेजने लगे, लेकिन इस विद्यालय में बनी शिक्षको की कमी उन्हें अक्सर चिंतित करती रहती थी, क्योंकि उनके बच्चे पाठशाला तो नियमित जाते थे, लेकिन विद्यालय में एकमात्र शिक्षक होने का खमियाजा भी बच्चों को भुगतना पड़ता था। कभी किसी कारण से शिक्षक के अवकाश में होने के कारण बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता था तो कभी उन्हें कमरे में बिना क्लास या पढ़ाई के घण्टो समय बितानी पड़ती थी। लिहाज़ा बच्चों के साथ माता-पिता भी चिंतित थे कि उनके गाँव के विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक नहीं है। आखिरकार जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में ऐसे शिक्षकविहीन और एकलशिक्षकीय विद्यालयों की सुध ली गई तो युक्ति युक्तकरण जैसी व्यवस्था ने घने जंगलों में बसे पंडो जनजाति के बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की राह आसान कर दी। अतिशेष शिक्षको के समायोजन से पंडोपारा ही नहीं कोरबा जिले के लगभग 300 एकल शिक्षकीय और शिक्षकविहीन विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के भाग्य बदल दिए है, जिसका लाभ इस शिक्षण सत्र से मिलने लगेगा।
राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत कोरबा जिले में युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की गई है। इस प्रक्रिया का लाभ जिले के सभी शिक्षक विहीन विद्यालयों को मिला। अब कोरबा जिले में कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। युक्ति युक्तकरण से प्राथमिक शाला के 14 शिक्षकविहीन और 287 एकलशिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। मिडिल स्कूलों में भी 4 शिक्षकविहीन और 20 एकलशिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। अब सभी मिडिल स्कूलों में कम से कम 3 शिक्षक और दूरस्थ क्षेत्र के प्राथमिक शालाओ में दो सहायक शिक्षक बच्चों को अध्यापन कराएंगे। शासन की इस पहल से जिले के दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में बनी शिक्षको की कमी भी दूर हो गई है। ऐसे ही पाली ब्लॉक के अंतर्गत अंतिम छोर ग्राम उड़ान से आगे पण्डो जनजाति के बसाहट पंडोपारा में एक प्राथमिक शाला है। शासन ने इस दूरस्थ गाँव में पाठशाला खोलकर पंडो समाज के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें विकास की मुख्य धारा में लाने की पहल तो की, लेकिन यहाँ बनी शिक्षक की कमी से विगत कई वर्षों तक बच्चों को जूझना पड़ा। हालांकि आसपास के विद्यालयों व अन्य व्यवस्थाओं से यहाँ अध्यापन तो कराया गया, लेकिन यह नाकाफी ही थी। पंडोपारा के ग्रामीण मंगल सिंह पंडो ने बताया कि गाँव में स्कूल संचालित होने पर सभी खुश थे। कई साल तक यहाँ एक शिक्षक ही पढ़ाते रहे हैं, जिससे अन्य कक्षा के विद्यार्थी खाली बैठने को मजबूर रहते थे। कई बार किसी आवश्यक काम से उक्त शिक्षक के अवकाश में रहने से भी व्यवस्था बिगड़ जाती थी। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों को पास के ही स्कूल में भेज सकते हैं, इसलिए यहाँ का स्कूल हमारे लिए महत्वपूर्ण था मगर शिक्षक की कमी से यहाँ की अध्यापन व्यवस्था हमेशा बिगड़ती रही है। मंगल सिंह ने बताया कि उन्हें मालूम हुआ है कि अब गाँव के इस स्कूल में नए शिक्षक भी आ रहे हैं, यह बहुत खुशी की बात है। दो शिक्षक होने से क्लास में सभी बच्चों की पढ़ाई होगी। कोई खाली नहीं बैठेगा। इसी विद्यालय में कक्षा चौथी के छात्र जगदेश्वर पंडो, तीसरी कक्षा के राजेन्द्र और कक्षा दूसरी के मुकेश पंडो को भी खुशी है कि उनके स्कूल में इस सत्र से नए गुरुजी पढ़ाने को आएंगे।

Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)