August 04, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी की धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने डॉ. रमन सिंह और अस्पताल के संचालक संदीप दवे से दूरभाष पर चर्चा कर श्रीमती वीणा सिंह के स्वास्थ्य और उनके उपचार की जानकारी ली।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / गोपालगंज बिहार में एक बार फिर से एक पुल का अप्रोच रोड उद्घाटन से पहले ही टूट गया है. मामला गोपालगंज से जुड़ा है, जहां…
    नई दिल्ली / शौर्यपथ / बुलंदशहर सुदीक्षा भाटी की हत्या मामला अब उलझता हुआ प्रतीत हो रहा है. पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर अंदेशा जताया है कि…
    नई दिल्ली / एजेंसी / नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने आज सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर जारी विवाद को लेकर कहा कि मैं महाराष्ट्र पुलिस…

    नई दिल्ली । शौर्यपथ । जम्मू -कश्मीर में सेना द्वारा चलाये जा रहे आतंक क्लीन मुहिम के दौरान आज बुधवार को पुलवामा सेक्टर में आतंकियों द्वारा भारतीय जवानों के साथ मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकी को मार गिराया l वहीं यूपी के जौनपुर जिले का जवान जिलाजीत यादव शहीद हो गया। सेना चारों तरफ से आतंकी को घेर लिया हैl  26 वर्षीय जिलाजीत जौनपुर जिले जलालपुर थाना क्षेत्र के धौरहरा इजरी बहादुरपुर पास स्थित सिरकोनी गांव के निवासी थे। पुलवामा में बुधवार की भोर में शुरू हुए मुठभेड़ में एक आतंकी को भी मार गिराया गया है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बलों को खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि पुलवामा के कमराज़ीपोरा में एक बाग में आतंकी छिपे हैं।  सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान चलाया। खुद को घिरा देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान जिलाजीत शहीद हो गए। मारे गए एक आतंकी के पास से एक-47, ग्रेनेड के साथ ही अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है।  जिलाजीत के पिता कांता प्रसाद यादव का दो वर्ष पहले निधन हो चुका है। घर पर मां उर्मिला और पत्नी पूनम अपने सात माह के बेटे के साथ चाचा राम इकबाल यादव, जवाहर यादव के साथ रहती हैं। जिलाजीत की दो बहनें हैं। जिलाजीत ने सरस्वती निकेतन इंटर कॉलेज बैरीपुर सिरकोनी से इंटर मीडिएट करने के बाद सेना में भर्ती हो गए थे। इकलौती संतान के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गयाl गुरुवार को पार्थिव शरीर आने की संभावना जताई जा रही है।

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / एक शोध की मानें तो बगैर लक्षण वाले मरीजों की भूमिका कोरोना पर नियंत्रण पाने में मददगार हो सकती है। ऐसे…

    शौर्यपथ लेख । स्त्रियों की सहनशक्ति पुरुषों से कई गुनी ज्यादा है। पुरुष की सहनशक्ति न के बराबर है। लेकिन पुरुष एक ही शक्ति का हिसाब लगाता रहता है, वह है मसल्स की। क्योंकि वह बड़ा पत्थर उठा लेता है, इसलिए वह सोचता रहा है कि मैं शक्तिशाली हूं। लेकिन बड़ा पत्थर अकेला आयाम अगर शक्ति का होता तो ठीक है, सहनशीलता भी बड़ी शक्ति है- जीवन के दुखों को झेल जाना। स्त्रियां लड़कियां पहले बोलना शुरू करती हैं। बुद्धिमत्ता लड़कियों में पहले प्रकट होती है। लड़कियां ज्यादा तेज होती हैं। विश्वविद्यालयों में भी प्रतिस्पर्धा में लड़कियां आगे होती हैं। जो भी स्त्री आक्रामक होती है वह आकर्षक नहीं होती है। अगर कोई स्त्री तुम्हारे पीछे पड़ जाए और प्रेम का निवेदन करने लगे तो तुम घबरा जाओगे तुम भागोगे। क्योंकि वह स्त्री पुरुष जैसा व्यवहार कर रही है, स्त्रैण नहीं है। स्त्री का स्त्रैण होना, उसका माधुर्य इसी में है कि वह सिर्फ प्रतीक्षा करती है। वह तुम्हें सब तरफ से घेर लेती, लेकिन तुम्हें पता भी नहीं चलता। उसकी जंजीरें बहुत सूक्ष्म हैं, वे दिखाई भी नहीं पड़तीं। वह बड़े पतले धागों से, सूक्ष्म धागों से तुम्हें सब तरफ से बांध लेती है, लेकिन उसका बंधन कहीं दिखाई भी नहीं पड़ता। स्त्री अपने को नीचे रखती है। लोग गलत सोचते हैं कि पुरुषों ने स्त्रियों को दासी बना लिया। नहीं, स्त्री दासी बनने की कला है। मगर तुम्हें पता नहीं, उसकी कला बड़ी महत्वपूर्ण है। और लाओत्से उसी कला का उद्घाटन कर रहा है। कोई पुरुष किसी स्त्री को दासी नहीं बनाता। दुनिया के किसी भी कोने में जब भी कोई स्त्री किसी पुरुष के प्रेम में पड़ती है,तत्क्षण अपने को दासी बना लेती है, ‍क्योंकि दासी होना ही गहरी मालकियत है। वह जीवन का राज समझती है। स्त्री अपने को नीचे रखती है, चरणों में रखती है। और तुमने देखा है कि जब भी कोई स्त्री अपने को तुम्हारे चरणों में रख देती है, तब अचानक तुम्हारे सिर पर ताज की तरह बैठ जाती है। रखती चरणों में है, पहुंच जाती है बहुत गहरे, बहुत ऊपर। तुम चौबीस घंटे उसी का चिंतन करने लगते हो। छोड़ देती है अपने को तुम्हारे चरणों में, तुम्हारी छाया बन जाती है। और तुम्हें पता भी नहीं चलता कि छाया तुम्हें चलाने लगती है, छाया के इशारे से तुम चलने लगते हो। स्त्री कभी यह भी नहीं कहती सीधा कि यह करो, लेकिन वह जो चाहती है करवा लेती है। वह कभी नहीं कहती कि यह ऐसा ही हो, लेकिन वह जैसा चाहती है वैसा करवा लेती है। लाओत्से यह कह रहा है कि उसकी शक्ति बड़ी है। और उसकी शक्ति क्या है? क्योंकि वह दासी है। शक्ति उसकी यह है कि वह छाया हो गई है। बड़े से बड़े शक्तिशाली पुरुष स्त्री के प्रेम में पड़ जाते हैं, और एकदम अशक्त हो जाते हैं। (साभार फेसबुक वाल से )

    सेहत / शौर्यपथ / भारतीय मूल के एक शोधकर्ता सहित वैज्ञानिकों के दल ने एक अध्ययन में दावा किया है कि एन-95 मास्क को 50…
    मोटापे के शिकार लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। अब एक अमेरिकी अध्ययन में आशंका…
    शौर्यपथ / हर साल भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह अष्टमी तिथि 11…

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