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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भाजपा नेत्री सुषमा जेठानी को सिंधी साहित्य अकादमी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भिलाई-3 सिंधी पंचायत द्वारा भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश पाण्डेय, जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भाजपा नेता राकेश पाण्डेय ने सुषमा जेठानी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सिंधी साहित्य, भाषा और संस्कृति को नई दिशा एवं पहचान मिलेगी। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने संगठन की ओर से शुभकामनाएं देते हुए इसे समाज के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से सुषमा जेठानी का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भिलाई-3 पंचायत अध्यक्ष शमन लाल नथानी, वैशाली नगर श्रीराम सिंधी पंचायत सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में अजय भसीन ने कहा कि सुषमा जेठानी सरल, सहज और समाजसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व हैं तथा उनकी नियुक्ति से समाज को नई ऊर्जा मिलेगी। कार्यक्रम में खुर्सीपार पंचायत, सेक्टर-4 सिंधी पंचायत सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकता, संगठन, सामाजिक चेतना तथा देश और प्रदेश के विकास में कुर्मी समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को सिंचाई, सड़क और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात भी दी। इससे पूर्व उन्होंने जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया।
राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है।
तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।
मुख्यधारा में लौटने की पहल, जेल में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘निश्चय’ योजना के तहत केंद्रीय जेल एवं महिला जेल रायपुर में आयोजित विशेष समारोह में 67 बंदियों को कौशल विकास प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। योजना के अंतर्गत बंदियों को काउंसलिंग, अपराध बोध की समझ, कौशल प्रशिक्षण एवं रिहाई के बाद स्वरोजगार हेतु बैंक ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
जेल में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल रायपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल परिसर में ही बेसिक और एडवांस कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे रिहाई के बाद रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
13 मई को लगेगा लोन मेला
रिहा होने वाले बंदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा जेल परिसर में लोन मेला आयोजित किया जाएगा, जहां स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी और महतारी सदनों से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
जशपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कलिबा में आयोजित कार्यक्रम में 16 करोड़ 5 लाख रुपए से अधिक के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।
इन विकास कार्यों में उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदन शामिल हैं, जिनसे ग्रामीण अधोसंरचना, कृषि विपणन, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और किसानों तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, बाजार और महिला केंद्र जैसे निर्माण कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को मजबूत बनाने का माध्यम हैं।
मुख्य घोषणाएं एवं कार्य
कलिबा और बेहराखार में आधुनिक हाट बाजार निर्माण
दो उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण
नवीन स्कूल भवनों का भूमिपूजन
फल-सब्जी मंडी, गोदाम और पार्किंग का लोकार्पण
ढोढ़ीबहार, नारायणपुर और केराड़ीह में महतारी सदनों का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से किसानों को बेहतर बाजार, विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा वातावरण और महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए सशक्त मंच मिलेगा।
कार्यक्रम में श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपेंद्र यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
1.54 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी, दूरस्थ गांवों के 39 मरीजों को मिला बेहतर इलाज
रायपुर/सुकमा।शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान सुकमा जिले में दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा है।
कोंटा विकासखंड के नियद नेल्लानार क्षेत्र के कई गांवों से 39 मरीजों को जिला अस्पताल सुकमा लाकर जांच एवं उपचार कराया गया। इनमें 16 लोगों को चश्मे वितरित किए गए तथा 8 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। वहीं गोगुंडा पहाड़ी क्षेत्र की 5 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित जांच कर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।
अभियान के तहत अब तक जिले में 2,93,386 के लक्ष्य में से 1,54,157 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान 4990 मरीजों को मोतियाबिंद, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, एनीमिया, कुपोषण, बीपी एवं शुगर जैसी बीमारियों से चिन्हित कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और किसी भी जरूरतमंद को इलाज से वंचित न होने देना है।
मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इलाज के बाद मरीजों को सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की गई। जिला अस्पताल से 4 एम्बुलेंस के माध्यम से मरीजों को नाश्ता कराकर उनके गांवों तक पहुंचाया गया।
गुवाहाटी | असम की राजनीति में एक बार फिर केसरिया परचम लहराया है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन ने 2026 के विधानसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस शानदार जीत के बाद अब सबकी निगाहें 12 मई 2026 को होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं।
खानापारा मैदान में सजेगा जीत का मंच
गुवाहाटी का खानापारा वेटरनरी कॉलेज मैदान इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा। 12 मई की सुबह 11:00 बजे हिमंत बिस्व सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस समारोह में जनभागीदारी का आलम यह होगा कि प्रशासन लगभग 1 लाख से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद कर रहा है।
दिग्गजों का जमावड़ा: पीएम मोदी होंगे मुख्य अतिथि
समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री भी इस शक्ति प्रदर्शन और विजय उत्सव में शामिल होंगे।
कैसे थमा सस्पेंस?
मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर 10 मई को विराम लग गया। केंद्रीय पर्यवेक्षकों, जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में हुई विधायक दल की बैठक में हिमंत बिस्व सरमा को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। हालांकि चर्चाओं में रंजीत कुमार दास और अजंता नियोग जैसे नाम भी शामिल थे, लेकिन सरमा के नेतृत्व और उनकी प्रशासनिक पकड़ ने उन्हें आलाकमान की पहली पसंद बनाए रखा।
चुनाव परिणाम: एनडीए की 'सुनामी'
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने विपक्षी खेमे को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया है:
भाजपा: 82 सीटें (अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा पार)
AGP और BPF: 10-10 सीटें
कुल एनडीए: 102 सीटें
विपक्ष (कांग्रेस): मात्र 19 सीटों पर सिमटी।
"यह जीत असम के विकास और जनता के विश्वास की जीत है। 12 मई से शुरू होने वाला यह दूसरा कार्यकाल राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।"
प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना, किसानों और श्रद्धालुओं के लिए की बड़ी घोषणाएं
कबीरधाम । शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया स्थित प्रसिद्ध जलेश्वर महादेव धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक भावना बोहरा एवं धर्मजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत हमारी पहचान है तथा सरकार धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
50 करोड़ रुपए से क्षीरपानी मध्यम परियोजना की नहर विस्तार योजना
लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेगी सिंचाई सुविधा
जलेश्वर महादेव धाम के विकास एवं सौंदर्यीकरण हेतु 50 लाख रुपए स्वीकृत
खरहट्टा से डोंगरिया तक 2.5 किमी सड़क उन्नयन की घोषणा
प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा जलेश्वर महादेव धाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां का शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ है, जिसके दर्शन के लिए सावन और महाशिवरात्रि में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने संभाली तमिलनाडु की कमान, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और महिला सुरक्षा दल का ऐलान
चेन्नई /शौर्यपथ (विशेष रिपोर्ट)
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया।
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राजनीतिक, फिल्म और सामाजिक जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री विजय ने सुबह 10:15 बजे तमिल भाषा में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री विजय ने जनता से जुड़े कई बड़े फैसलों पर हस्ताक्षर कर यह संकेत दे दिया कि उनकी सरकार “जनहित और तेज निर्णय” की राजनीति पर काम करेगी।
शपथ लेते ही विजय के 3 बड़े फैसले
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय ने जिन पहली फाइलों पर हस्ताक्षर किए, उनमें आम जनता और युवाओं से जुड़े अहम निर्णय शामिल रहे।
⚡ 1. 200 यूनिट मुफ्त बिजली
तमिलनाडु के घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए राज्य सरकार ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। इस फैसले को मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
?✈️ 2. महिला सुरक्षा दल का गठन
राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विजय सरकार ने Women Safety Squad के गठन को मंजूरी दी। यह विशेष बल महिला सुरक्षा, छेड़छाड़ और अपराध रोकने पर केंद्रित रहेगा।
?? 3. एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड का गठन
युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और राज्य में ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए Anti-Drugs Squad बनाने का फैसला लिया गया।
9 मंत्रियों ने भी ली शपथ, 29 वर्षीय कीर्तना बनीं सबसे युवा मंत्री
मुख्यमंत्री विजय के साथ TVK के 9 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
इस कैबिनेट की सबसे चर्चित चेहरा रहीं 29 वर्षीय सेल्वी एस. कीर्तना, जो सरकार की सबसे युवा मंत्री और एकमात्र महिला मंत्री बनीं।
राहुल गांधी समेत कई दिग्गज रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव के गवाह बनने के लिए कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विशेष रूप से समारोह में पहुंचे।
इसके अलावा समारोह में:
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर
विजय के माता-पिता एस.ए. चंद्रशेखर और शोबा चंद्रशेखर
अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन
CPI, CPI(M), VCK और IUML के नेता
भी मौजूद रहे।
गठबंधन के सहारे TVK ने पार किया बहुमत का आंकड़ा
2026 विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया। विजय द्वारा एक सीट छोड़ने के बाद पार्टी के पास 107 विधायक रह गए।
13 मई तक विधानसभा में विश्वास मत
राज्यपाल ने नई सरकार को 13 मई 2026 तक विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करने का निर्देश दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय सरकार आसानी से बहुमत साबित कर सकती है।
फिल्मी करिश्मे से सत्ता तक: तमिल राजनीति में नया दौर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता, युवा समर्थन और आक्रामक चुनाव अभियान ने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है।
सिनेमा के “थलापति” अब तमिलनाडु की सत्ता के “तलैवर” बन चुके हैं और जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विजय अपने चुनावी वादों और जनकल्याणकारी फैसलों को जमीन पर उतार पाएंगे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले ने स्वच्छता और नवाचार की दिशा में एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिले के दुलदुला जनपद पंचायत के समीप विकसित किया गया "इको पार्क" आज न केवल स्थानीय पर्यटन का केंद्र बना हुआ है, बल्कि "वेस्ट टू बेस्ट" (कबाड़ से जुगाड़) की अवधारणा को धरातल पर उतारने वाला एक उत्कृष्ट मॉडल भी बन गया है। अनुपयोगी और बेकार समझी जाने वाली सामग्रियों से सजी इस सुंदर संरचना ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक नई सोच जागृत की है।
कबाड़ से तैयार हुई कलाकृतियां
इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता इसका निर्माण है। यहाँ फेंके गए पुराने टायरों, लोहे के कबाड़ और अन्य बेकार वस्तुओं का इस्तेमाल कर अत्यंत आकर्षक कलाकृतियां बनाई गई हैं। लोहे के बेकार पार्ट्स से घोड़ा, मयूर और तितली जैसी सजीव आकृतियां गढ़ी गई हैं। इसी तरह पुराने टायरों को रंग-बिरंगे झूलों में तब्दील कर दिया गया है, जो बच्चों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं।
स्वास्थ्य और मनोरंजन का संगम
इको पार्क को केवल सजावट तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे एक संपूर्ण सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। युवाओं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए आधुनिक ओपन जिम की सुविधा दी गई है। इसी तरह बच्चों के लिए झूलों और विभिन्न खेल सामग्रियों का प्रबंधन किया गया है। यह स्थान परिवारों के लिए शाम बिताने और मनोरंजन का पसंदीदा स्पॉट बनकर उभरा है।
प्रशासन ने सराहा नवाचार, दिए हरियाली बढ़ाने के निर्देश
हाल ही में जिला प्रशासन ने पार्क का बारीकी से निरीक्षण किया। कबाड़ के इस रचनात्मक उपयोग की प्रशंसा करते हुए परिसर में व्यापक पौधरोपण कर इसे और अधिक हरित बनाने का निर्णय लिया गया। नियमित साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आमजन के लिए सुविधाओं में निरंतर विस्तार करने के साथ यह पार्क समाज को स्वच्छता, पुनर्चक्रण (Recycling) और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी बनने की प्रेरणा देता है।
स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों का मानना है कि दुलदुला का यह इको पार्क राज्य के अन्य विकासखंडों के लिए एक पथप्रदर्शक का कार्य करेगा। यह साबित करता है कि कम लागत और रचनात्मक सोच के साथ हम पर्यावरण संरक्षण और जन-सुविधाओं का बेहतर समन्वय कैसे कर सकते हैं।
आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मिसाल बना गायत्री महिला स्व-सहायता समूह
रायपुर, /आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं से जुड़कर अपने भाग्य को बदलने वाली ग्रामीण महिलाएं हैं। महिलाओं की संघर्ष यह दर्शाती है कि आत्मनिर्भरता से न केवल आर्थिक स्थिति सुधरती है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और निर्णय लेने का अधिकार भी मिलता है। जहाँ महिलाएं घर से निकलकर उद्यमी बन रही हैं, आत्मनिर्भर भारत का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र स्थित ग्राम कर्रा (हि.) की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि यदि इरादे फौलादी हों, तो सफलता कदम चूमती है। बिहान योजना से जुड़कर गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और दृढ़ आत्मविश्वास के बल पर न केवल आर्थिक स्वावलंबन प्राप्त किया है, बल्कि समाज के सामने सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण भी पेश किया है। ये मिसालें साबित करती हैं कि कौशल विकास, आत्मविश्वास, और वित्तीय स्वतंत्रता जैसे मुद्रा ऋण से महिलाएं न केवल अपने परिवार को बल्कि समाज को भी मजबूत कर रही हैं।
कुशल नेतृत्व और सरकारी योजनाओं का संगम
श्रीमती गौरी यादव (अध्यक्ष) और श्रीमती पांचो श्रीवास (सचिव) के कुशल नेतृत्व में संचालित इस 12 सदस्यीय समूह को शासन की योजनाओं से संबल मिला । बिहान योजना से 6 लाख रुपये का ऋण और एकीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग से 4 लाख रुपये का ऋण। कुल निवेश 10 लाख रुपये की राशि से महिलाओं ने “श्री राम टेंट हाउस” के नाम से अपने उद्यम की शुरुआत की।
विस्तार और सेवाएँ- एक सफल बिजनेस मॉडल
वर्ष 2025 में रामनवमी के अवसर पर शुरू हुआ यह व्यवसाय आज एक विशाल रूप ले चुका है। वर्तमान में समूह के पास निम्नलिखित संसाधन उपलब्ध हैं। 30×30 फीट का मंच, 60×120 फीट का विशाल पंडाल, 60 टेबल, 500 कुर्सियां और 10 जम्बो कूलर है। वैवाहिक कार्यक्रम, सामाजिक आयोजन, शोक सभा और शासकीय शिविरों (जैसे- श्सुशासन तिहारश् और जनसमस्या निवारण शिविर) में टेंट व बर्तन आपूर्ति।
लाभ के साथ सेवा भी और बर्तन बैंक का संचालन
समूह केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहा है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक कार्यों हेतु बर्तन निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। ग्रामीणों के लिए बर्तन बैंक का संचालन किया जा रहा है, जहाँ बेहद कम दरों पर सामग्री उपलब्ध है। बिहान योजना से जुड़कर गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और दृढ़ आत्मविश्वास के माध्यम से टेंट हाउस की सेवा गाँव.गाँव पहुँचाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा है।
10 लाख रुपये तक पहुंची वार्षिक आय
बेहतर प्रबंधन और कड़ी मेहनत का परिणाम यह है कि समूह की वार्षिक आय अब 10 लाख रुपये के करीब पहुंच गई है। स्थानीय प्रशासन के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी ने इनकी आय और प्रतिष्ठा दोनों में वृद्धि की है। समूह की महिलाओं ने आर्थिक सशक्तिकरण की इस राह को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। आज गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि जिले में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी हैं।
रायपुर /
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कुलपति ने मंत्री जी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के भविष्य, शैक्षणिक सुधारों और बुनियादी ढाँचे के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
विकास के लिए मिले महत्वपूर्ण सुझाव
मुलाकात के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विश्वविद्यालय में संख्यात्मक विस्तार के साथ-साथ गुणात्मक विकास शिक्षा के स्तर में सुधार) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय को और अधिक उन्नत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश साझा किए। इस अवसर पर उपस्थित कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय की लंबे समय से लंबित समस्याओं को मंत्री जी के समक्ष रखा, जिस पर सकारात्मक चर्चा हुई।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर केंद्रित है पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मूल उद्देश्यों—गुणवत्ता, समानता, पहुँच और वहनीयता—को ध्यान में रखकर अपने पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है। यहाँ के मीडिया पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को रटने की पद्धति से दूर कर उनमें-आलोचनात्मक सोच,रचनात्मकता बहुविषयक शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक पत्रकारिता की चुनौतियों का सामना कर सकें।
भीषण गर्मी को देखते हुए छात्रों के लिए बड़ी राहत
लाइब्रेरी में बनेगा एयरकूल्ड रीडिंग रूम
कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने आगामी परीक्षाओं और छात्रों की पढ़ाई के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए उन्होंने लाइब्रेरी में 'एयरकूल्ड रीडिंग रूम' की व्यवस्था करने को कहा है, ताकि छात्र-छात्राएं बिना किसी परेशानी के सुचारु रूप से अपना अध्ययन जारी रख सके।
रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर के नैसर्गिक सौंदर्य और समृद्ध संसाधनों के बीच अब एक नई और सुगंधित क्रांति आकार ले रही है, जिसका श्रेय दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी युवा उद्यमी विशाल हालदार को जाता है। बीकॉम और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की शिक्षा प्राप्त करने वाले विशाल ने अपनी जड़ों से जुड़े रहने और कुछ नया करने की चाह में छिंद (खजूर की एक स्थानीय प्रजाति) के उन बीजों से हर्बल कॉफी तैयार की है, जिन्हें अब तक बस्तर में पूरी तरह व्यर्थ समझा जाता था। इस अभिनव प्रयोग के पीछे विशाल का उद्देश्य न केवल बेकार पड़े प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करना है, बल्कि कॉफी के उन शौकीनों को एक स्वस्थ विकल्प प्रदान करना है जो स्वाद तो चाहते हैं लेकिन कैफीन के दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं। विशाल का यह सफर करीब दो वर्षों के गहन शोध और प्रयोगों का परिणाम है, जिसमें उन्होंने इंटरनेट की मदद और स्थानीय समझ का बखूबी तालमेल बिठाया है। विशाल की इस नवाचार को इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान मिला, जिसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा सम्मानित किया गया।
इस हर्बल कॉफी की सबसे प्रभावशाली विशेषता इसका पूरी तरह से कैफीन मुक्त होना है, जबकि इसमें छिंद के प्राकृतिक गुणों के कारण प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। विशाल का मानना है कि अधिकांश लोग केवल मानसिक सक्रियता के लिए ही नहीं, बल्कि कॉफी के अनूठे स्वाद और उसकी आदत के कारण इसका सेवन करते हैं, और उनकी यह खोज इसी वर्ग को ध्यान में रखकर की गई है। इस नवाचार को तब बड़ी पहचान मिली जब विशाल ने शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में आयोजित इनोवेशन महाकुंभ में अपना स्टॉल लगाया। वहाँ प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चैधरी सहित विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और आम जनता ने इस कॉफी का स्वाद चखा और इसकी खूब सराहना की। विशाल केवल एक उत्पाद बनाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के यूथ अप फाउंडेशन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनके इस आइडिया से बस्तर के ग्रामीणों को रोजगार मिले और गांवों और जंगल से मिलने वाले छिंद के बीजों से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके।
हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी भी टेस्टिंग और विकास के दौर में है और इसका आधिकारिक लॉन्च होना बाकी है, लेकिन विशाल के इस अटूट प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि यदि दृष्टि स्पष्ट हो तो स्थानीय वेस्ट को भी वैश्विक स्तर के बेस्ट उत्पाद में बदला जा सकता है। आने वाले समय में यह हर्बल कॉफी न केवल बस्तर की पहचान बन सकती है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक दुनिया के लिए एक अनूठा उपहार भी साबित हो सकती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
