
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / महंगाई की मार को लेकर प्रदेश कांग्रेस की नेत्री वंदना राजपूत ने पीएम मोदी पर कडा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने मन की बात की 68 वी कड़ी में अपने विचार व्यक्त किए, मोदी जी ने मन की बात में एक बार भी बढ़ती हुईं महगांई के मुद्दे का जिक्र भी नहीं किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते आर्थिक बदहाली से जूझ रहे आम उपभोक्ताओं पर महगांई की मार बढ़ती जा रही हैं। देश में बढ़ती महगांई को रोकने में केंद्र सरकार पूरी तरह से विफल रही हैं।
मोदी जी ने 6 साल पहले से दस मिनट के भाषण में कितनी बार महगांई को कम करने की बात की है। जब से मोदी जी के हाथों में जनता ने केन्द्र की चाबी सौंपी है तब से महगांई बेलगाम होती चली जा रही हैं डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों ने जनता के जेब पर डाका डाला है। डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों का असर आवश्यक दैनिक वस्तुओ पर पड़ा है। आज महगांई आसमान छू रही है। क्यो मोदी जी को मालूम नहीं है क्या? डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों के कारण परिवहन का किराया बढ़ेगा, जिसके कारण हर एक वस्तु महंगी हो जायेगी। बेलगाम महगांई चिंताजनक है लेकिन प्रधानमंत्री जी ने ना कभी इस पर चिन्ता की और ना बढ़ती हुये महगांई को रोकने आवश्यक कदम उठाए।
वंदना राजपूत ने कहा कि मोदी जी के मन की बात का आयोजन जब-जब होता है तब-तब महिलाओं को लगता है कि अब शायद मोदी जी महगांई के मुद्दे पर चर्चा करके महगांई से थोड़ा बहुत निजात दिलाएंगे लेकिन हर बार महिलाओं के हाथ निराशा लगती है। बढ़ती महगांई के कारण रसोई का बजट बिगड़ गया है। बेशक भारत की जनता बहुत सहनशील और भावनात्मक है लेकिन 80-90 रुपए लीटर के भाव का डीजल- पेट्रोल बेचकर कब तक मोदी जी जनता के भावनाओं से खिलवाड़ करेंगे। प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कोरोना काल में लोगों की आमदनी कम हो गई हैं। पहले से ही बेरोजगारी की मार थी। कोरोना काल में जिसके पास रोजगार था वह भी छिन गया। आमदनी चव्वनी और खर्चा रूपया हो गया है, केन्द्र सरकार प्रमुख मुद्दे को छोड़ बाकी सभी विषयों पर बात करती हैं। केन्द्र सरकार अपनी जिममेदारियों से भाग रही है।
वंदना राजपूत ने कहा कि पिछले 6 साल में मंदी ने भारत की अर्थव्यवस्था की हालत खराब कर दी है। मंदी के इस दौर में पहले नरेन्द्र मोदी ने नोट बंदी की और फिर जीएसटी, रही-सही असर कोरोना ने पूरी कर दी। देश की जनता को भी 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज पर सवाल उठाने का अधिकार है आखिर उसका बड़ा लाभ कौन उठा रहा है। बेहतर होगा कि केंद्र सरकार संघीय ढांचे और उसमें मुखिया की अपनी भूमिका को समझें। छह माह पुराने कोरोना ने आज पूरे भारत में पांव पसार लिया है, मोदी यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाते तो कोरोना के मरीजों की संख्या 35 लाख के पार नहीं होती।
नई दिल्ली / एजेंसी / भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है. भारत के चहेते राष्ट्रपतियों में शुमार 84 साल के प्रणब मुखर्जी दिल्ली में आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल में भर्ती थे. उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उनकी हालत नाजुक होने के चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. उनके ब्रेन में एक थक्का बन गया था, जिसको निकालने के लिए ऑपरेशन किया गया था. आर्मी अस्पताल की ओर से जानकारी दी गई थी 10 अगस्त को पूर्व राष्ट्रपति की सर्जरी हुई थी, लेकिन उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं दिख रहा था. इसके साथ ही उनको कोरोनावायरस का संक्रमण भी था.
भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के जाने पर पूरे देश में शोक की लहर है. नेताओं से लेकर आम जनता उन्हें श्रद्धांजलि दे रही है. राष्ट्रपति को महामहिम कहे जाने की रीति से ऐतराज करने वाले प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के राष्ट्रपति थे. उनका राजनीतिक जीवन 40 सालों से भी ज्यादा लंबा रहा है. कांग्रेस पार्टी में रहते हुए उन्होंने विदेश से लेकर रक्षा, वित्त और वाणिज्य मंत्री तक की भूमिका निभाई. उन्होंने भारतीय राजनीति को बहुत लंबे समय तक, बहुत करीब से देखा, हम एक बार उनकी निजी जिंदगी और राजनीतिक करियर पर नजर डाल रहे हैं.
- प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर, 1935 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक छोटे से गांव मिराती के एक साधारण से परिवार में हुआ था. उनके पिता कामदा किंकर मुखर्जी स्वतंत्रता सेनानी थे और उनकी मां का नाम राजलक्ष्मी था. प्रणब मुखर्जी के पिता भी कांग्रेसी नेता थे और आजादी की लड़ाई में कई बार जेल गए.
- प्रणब मुखर्जी ने अच्छी शिक्षा प्राप्त की. उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद कोलकाता यूनिवर्सिटी इतिहास और राजनीति शास्त्र में ग्रेजुएशन किया था और लॉ की पढ़ाई भी की थी. उन्होंने सबसे पहले बतौर कॉलेज टीचर अपना करियर शुरू किया लेकिन नेता पिता की संतान होने के चलते वो राजनीति से दूर नहीं रहे और 1969 में चुनकर राज्यसभा में आ गए. इस तरह उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई.
- उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के मार्गदर्शन में काम किया. 1973-74 में उन्हें उद्योग, जहाजरानी व परिवहन से लेकर इस्पात व उद्योग उपमंत्री और वित्त राज्यमंत्री बनाया गया.
- 1982 में प्रणब मुखर्जी इंदिरा गांधी के कैबिनेट में वित्तमंत्री बने. इसके बाद 2012 तक कांग्रेस में रहने के दौरान कांग्रेस की सरकारों के कार्यकालों में उन्होंने वाणिज्य मंत्री, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री जैसी अहम भूमिकाएं निभाईं. वो दो बार विदेश मंत्री बने- 1995 से 1996 तक फिर 2006 से 2009 तक. मुखर्जी 1991 से 1996 तक योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे.
- 2012 में उन्होंने 25 जुलाई को भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और 2017 तक देश के राष्ट्रपति के रूप में अपनी सेवा देते रहे. संवैधानिक नियम के मुताबिक, राष्ट्रपति चुनाव लडऩे से पहले उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.
- पूर्व राष्ट्रपति ने कूटनीतिक स्तर पर भी अहम भूमिकाएं निभाईं. मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और अफ्रीकी विकास बैंकों के संचालक मंडलों में रहे. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा से लेकर गुटनिरपेक्ष विदेश मंत्रियों के सम्मेलन सहित कई सम्मेलनों में भारत का नेतृत्व किया.
- प्रणब मुखर्जी को 2019 में भारत सरकार ने भारत रत्न से नवाजा था. इसके पहले 2008 में उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च पुरस्कार पद्म विभूषण से नवाजा गया था. इसके अलावा वो सर्वोत्तम सांसद और प्रशासक भी रह चुके थे. उन्हें दुनियाभर के विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधियां मिली हुई थीं.
- भारत के सक्षम प्रशासक नेताओं में से एक माने जाने वाले प्रणब मुखर्जी ने भारतीय अर्थव्यवस्था से लेकर एक देश के निर्माण जैसे विषयों पर कई किताबें लिखी हैं. "The Turbulent Years- 1980-1996Ó, ÒThe Coalition YearsÓ, ÒThe Dramatic DecadeÑ The Indira Gandhi Years, और 'Thoughts and Reflections " उनकी कुछ चर्चित किताबें हैं.
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए इसे राष्ट्र के लिए अपूरनीय क्षति बताया और इस दुख की घड़ी में परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने अपने शोक सन्देश में कहा है कि श्री प्रणब मुखर्जी ने अपने लंबे राजनैतिक जीवन में देश की उन्नति और समाज के हर वर्ग के हित के लिए कार्य करते हुए अपना अभूतपूर्व योगदान दिया। उनका निधन राष्ट्रीय क्षति है, इस कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की यादें छत्तीसगढ़ से भी जुड़ी हुई हैं। उन्होंने वर्ष 2007 में विदेश मंत्री रहते हुए राजधानी रायपुर में नवीन पासपोर्ट कार्यालय का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए वर्ष 2012 में 6 और 7 नवम्बर 2012 को दो दिवसीय यात्रा के दौरान राज्योत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही उन्होंने नए मंत्रालय परिसर का उद्घाटन, स्वामी विवेकानन्द हवाई अड्डा रायपुर में नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। श्री मुखर्जी अपनी इस यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिला नारायणपुर में जनजाति कल्याण विभाग के 500 सीटर छात्रावास और रामकृष्ण मिशन आश्रम के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन की आधारशिला रखी। श्री मुखर्जी 26 जुलाई 2014 को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के स्वर्ण जयंती दीक्षांत समारोह और 17 अप्रैल 2015 को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में भी शामिल हुए थे।
खेल /शौर्यपथ / पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान में कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कप्तान दिनेश कार्तिक यदि भारत की 2021 टी-20 विश्व कप टीम में अपनी दावेदारी पेश करना चाहते हैं तो उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आना चाहिए। 19 सितंबर से शुरू हो रही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में केकेआर के कप्तान दिनेश कार्तिक को अंतरराष्ट्रीय वापसी के लिए कम से कम दो आईपीएल अच्छे खेलने होंगे।
इस बीच आकाश चोपड़ा से जब एक फैन ने पूछा कि क्या कार्तिक 2021 की विश्व कप टीम में शामिल होंगे? इस पर उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि वह निश्चित रूप से वापसी करेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें केकेआर के लिए बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आना होगा। यदि वह नंबर पांच पर ही बल्लेबाजी करते रहे तो वह ज्यादा रन नहीं बना पाएंगे और उनकी दावेदारी कमजोर पड़ जाएगी।''
आकाश चोपड़ा ने कहा, ''विकेटकीपर के रूप में उन्होंने अच्छा परफॉर्म किया है, लेकिन हमें नहीं भूलना चाहिए कि इस समय भारतीय टीम में केएल राहुल और ऋषभ पंत हैं। लिहाजा यदि कार्तिक 2021 की विश्व कप टीम में जगह बनाना चाहते हैं तो उन्हें दो आईपीएल अच्छे खेलने होंगे। मुझे लगता है कि उन्हें नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए टीम में वापसी का प्रयास करना चाहिए।''
पिछले दो सीजन से केकेआर कार्तिक के नेतृत्व में खेल रही है। 2018 में वह केकेआर को क्वॉलिफायर तक ले गए, लेकिन पिछले सीजन में वह टीम को प्लेऑफ तक नहीं ले जा पाए। गौतम गंभीर की विदाई के बाद से दिनेश कार्तिक के नेतृत्व में टीम का बहुत अच्छा समय नहीं गुजरा है। कोलकाता आईपीएल के अबतक दो खिताब गौतम गंभीर की कप्तानी में अपने नाम कर चुकी है। अब दिनेश कार्तिक की कोशिश होगी कि केकेआर अपना तीसरा खिताब जीते।
बता दें कि कोरोना वायरस महामारी की वजह आईपीएल का 13वां सीजन यूएई में खेला जाएगा और 10 नवंबर को फाइनल मैच होगा। हालांकि, अभी तक आईपीएल का शेड्यूल जारी नहीं किया गया, लेकिन यूएई पहुंची टीमों ने अपना क्वारंटाइन पीरियड पूरा कर लिया है और अब खिलाड़ी मैदान पर नेट प्रैक्टिस में जुटे हुए हैं। जहां सभी आईपीएल फ्रैंचाजीज की ट्रेनिंग मैदान पर शुरू हो चुकी है, वहीं चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामले मिलने के बाद टीम को 6 सितंबर तक क्वारंटाइन में रहना होगा।
मनोरंजन / शौर्यपथ / पॉप्युलर शो 'साथ निभाना साथिया' का एक फनी वीडियो 'रसोड़े में कौन था?' इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वहीं, अब इस सीरियल के दूसरे सीजन को लाने की तैयारी हो रही है। हालांकि, 'गोपी बहू' का रोल निभाने चुकीं, जिया मानेक का कहना है कि उन्हें दूसरे सीजन के लिए अप्रोच नहीं किया गया है। उन्होंने बताया है कि अगर 'बिग बॉस 13' फेम देवोलीना भट्टाचार्जी को इस शो में कास्ट किया जाता है तो उन्हें बहुत खुशी होगी। मालूम हो कि देवोलीना ने जिया मानेक को रिप्लेस किया था।
टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत के दौरान जिया मानेक ने कहा, 'मैंने गोपी बहू के सफर को तय किया है। जब देवोलीना ने इस शो को जॉइन किया था तो मुझे उनसे कोई नाराजगी नहीं थी, आखिरकार सभी अपना काम कर रहे हैं। मैं दूसरे सीजन के बारे में ज्यादा नहीं जानती हूं, लेकिन अगर वे देवोलीना को दोबारा कास्ट करते हैं तो मुझे उनके लिए बहुत खुशी होगी।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं पूरी लाइफ गोपी बहू नहीं बन सकती। एक्टर्स अलग-अलग तरह के रोल निभाना चाहते हैं क्योंकि हम खुद को सीमित नहीं रखना चाहते। अगर पूरी जिंदगी गोपी बहू का रोल करती रहंगी तो इससे मेरी ग्रोथ कैसे होगी।'
इससे पहले शो में कोकिला बेन का किरदार निभाने वाली रूपल पटेल ने दूसरे सीजन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि वह शायद इस शो का हिस्सा ना बनें। रूपल ने हाल ही में लेटस्टली से बात करते हुए कहा, 'मैंने इसके बारे में सुना लेकिन मैं इसके बारे में अभी कुछ कह नहीं सकती। अभी मैं 'ये रिश्ते हैं प्यार के' में मीनाक्षी का किरदार निभाकर खुश हूं, लेकिन मेरा प्यार रश्मि मैम के साथ हमेशा है'।
बता दें कि साथ निभाना साथिया की प्रोड्यूसर रश्मि ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था, 'शो का नया सीजन कोकिला बेन और गोपी बहू के बिना अधूरा है। रश्मि के कमेंट पर रूपल ने कहा, मैं अभी पहले से शो कर रही हूं तो एक साथ 2 शो की शूटिंग मैं नहीं कर पाऊंगी। इसके अलावा मुझे अभी तक नए सीजन के लिए मेकर्स की तरफ से अप्रोच नहीं किया गया है'।
नई दिल्ली । शौर्यपथ । जब से देश की सत्ता प्रधानमंत्री मोदी के हांथ आई तब से प्रति माह देश के सामने पीएम मोदी अपने मन की बात कहते आये है । विभिन्न माध्यम से प्रसारित इस कार्यक्रम में मोदी विभिन्न मुद्दों पर अपने मन की बात कहते है किंतु मोदी -2 में अब मोदी के मन की बात पर कुछ ऐसी बात सामने आई जो चौकाने वाली है । मन की बात का प्रसारण भारतीय जनता पार्टी के यू ट्यूब चेनल , प्रधानमंत्री मोदी के यू ट्यूब चेनल सही रेडियो , टीवी चैनल आदि पर प्रसारित होता है किंतु इन पर आम जनता अपनी टिप्पणी नही कर सकता सिर्फ लाइक / डिसलाइक ही कर सकता है । पीएम के इस कार्यक्रम से देश की जनता का मोह अब धीरे धीरे भंग होता दिख रहा है । पिछले माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम इंटरनेट यूज़र्स की नकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण चर्चा में आ गया है. आकाशवाणी पर रविवार को प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम का दूरदर्शन के अलावा कई निजी चैनल भी सीधा प्रसारण किया था . इसके साथ ही पीआईबी, बीजेपी और पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर भी देश के नाम पीएम के संबोधन को सुना जा सकता है. मगर इस रविवार के मन की बात को लेकर इन यूट्यूब चैनलों पर यूज़र्स की प्रतिक्रिया सकारात्मक कम, नकारात्मक ज़्यादा रही है. इन तीनों ही जगह मन की बात के वीडियो पर लाइक्स की तुलना में डिसलाइक बहुत ज़्यादा हैं. इस बात को असामान्य माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले मन की बात को लेकर दर्शकों का रवैया इतना नेगेटिव नहीं रहता था. ऐसे में चर्चा हो रही है कि आख़िर इसकी वजह क्या हो सकती है. क्या है स्थिति । इस रविवार को मन की बात के वीडियो पर इंटरनेट यूज़र्स की प्रतिक्रिया शुरू से ही सुस्त रही. कार्यक्रम का प्रसारण सुबह हुआ था मगर देर रात तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ था. रात ढ़ाई बजे, ख़बर लिखे जाने तक भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 'मन की बात' कार्यक्रम पर लगभग 30 लाख व्यूज़ थे. इस चैनल पर इस वीडियो को 1लाख 37 हज़ार लोगों ने लाइक किया था जबकि 7 लाख 35 हज़ार ने डिसलाइक किया था. स्पष्ट है कि यह अंतर काफ़ी बड़ा है. जबकि यह भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक चेनल है । इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपने यूट्यूब चैनल (Narendra Modi) पर इसके 15 लाख हज़ार व्यूज़ थे. इस वीडियो पर 94 हज़ार लाइक और 226 हज़ार डिसलाइक थे. इसी तरह पीआईबी के यूट्यूब चैनल पर 'मन की बात' पर मात्र 91 हज़ार व्यूज़ थे जबकि लाइक 3.2 हज़ार और डिसलाइक 10 हज़ार थे. इतनी बड़ी संख्या में नापसंद किया जाना इन दिनों चर्चा का विषय है । आखिर ऐसी क्या बात कही पीएम मोदी ने इस बार मन की बात में कई लोगो ने इसे बड़े अंतर में नापसंद किया । एक बार आप भी देखे कि बेरोजगारी , कोरोना आपदा , स्वास्थ्य की बदहाल व्यवस्था के काल मे देश के पीएम ने मन की बात में क्या कहा आखिर वर्तमान स्थिति में उनके मन मे क्या चल रहा ? पीएम मोदी के मन की बात पर आप कोई टिप्पणी तो नही कर सकते किन्तु लाइक डिसलाइक ज़रूर कर सकते है ।
रायपुर । शौर्यपथ । कांग्रेस ने कहा देश मे रोज 80 हजार लोग कोरोना से बीमार हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुत्तो की नस्ल सुधारने के लिए फिक्र मन्द हो रहे।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30अगस्त रविवार को प्रसारित मन की बात के अपने उदबोधन में यह साबित कर दिया कि उनके मन मे देश वासियों की कोई फिक्र नही है। मोदी ने अपने मन की बात इधर उधर की बहुत बाते की लेकिन कोरोना बीमारी से बचाव के लिए उनकी सरकार द्वारा क्या उपाय किये गए है इसके बारे में एक शब्द भी नही कहा।देश की जनता को लग ही नही रहा की कोरोना काल मे उनके साथ केंद्र सरकार भी है।जब देश और दुनिया कोरोना के वेक्सीन का इंतजार कर रही है ऐसे समय मोदी खिलौने और उसके अविष्कार और उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किये हुए हैं। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश में 36 लाख लोग कोरोना की चपेट में आ चुके है 65हजार लोगों की मौते हो चुकी है आज भारत प्रतिदिन कोरोना पीड़ितों के मामले में दुर्भाग्य पूर्ण पहले नम्बर पर पहुच गया है ऐसे समय देश के प्रधानमंत्री देश की जनता को राहत पहुचाने की बात करने के बजाय भारत की विविधता और देश मे भादों और क्वार महीने में मनाए जाने वाले त्योहारों का बखान करने में आत्म मुग्ध हो रहे है।देश की जनता को अपेक्षा थी प्रधानमंत्री मन की बात में भारत मे होने वाली कुल टेस्टिंग के बारे में बताएंगे कोरोना से देश भर में तैयार बिस्तर चिकित्सा सुविधा वेंटिलेटर आदि पर बात करेंगे लेकिन मोदी तो एक बार फिर चिरपरिचित अंदाज में जुमले बाजी कर गए। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कोरोना से निपटने थाली ताली पिटवाने मोमबत्ती जलाने के बाद मोदी ने कोरोना के पीक समय मे देश के राष्ट्रीय प्रसार माध्यमो में आ कर जिस प्रकार की उदासीनता और लापरवाही दिखाई है वह अक्षम्य और अस्वीकार्य है ।आज देश का हर नागरिक इस वैश्विक महामारी के कारण संकट में है लोगो के रोजगार चले गए है ।आमदनी के साधन चले गए है ऐसे समय देश का प्रधानमंत्री उनको मुंह चिढ़ा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा ठीक है कोरोना वैश्विक महामारी है लेकिन भारत मे इसके विकराल रूप तक पहुँचने में कहीं न कही मोदी सरकार की लापरवाही भी जिम्मेदार है ।जनवरी में जब विदेश से आने वालों की हवाई अड्डे में स्क्रीनिंग कर क्वारेंटिंन करने की जरूरत थी तब मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार बनाने के लालच और नमस्ते ट्रम्फ की वाहवाही में देश को खतरे में डाल दिया और आज जब कोरोना से लड़ाई की बात आई तो राज्यो को स्वतंत्रता देने के नाम पर खुद पल्ला झाड़ लिया सारी जिम्मेदारी राज्यो पर डाल कर केंद्र बेफिक्र हो गया है ।
रायपुर । शौर्यपथ । प्रदेश में कोरोना का कहर आम जनता से बढ़ते हुए अब जनप्रतिनिधियों तक पहुंच गया , दो दिन पहले प्रदेश के मुखिया बघेल के ओएसडी व पीएसओ के कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री बघेल ने सुरक्षा की दृष्टि से होम आइसोलेशन में जाने का फैसला लिया अब प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री भी कई विधायको के कोरोना पॉजिटिव होने पर स्वास्थ्य व ऐतिहात के मद्देनजर 8 दिनों के होम आइसोलेशन में चले गए है ।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के प्रभारी सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने आज बीते 3 दिनों में हुई बारिश के चलते जल प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया। प्रभारी सचिव ने इन क्षेत्रों में राहत शिविरों में ठहराये गए लोगों की व्यवस्था का निरीक्षण किया। साथ ही अतिवृष्टि के चलते संपर्क से टूट गए क्षेत्र का निरीक्षण भी किया श्री परदेसी ने प्रशासनिक अधिकारियों से अतिवृष्टि से प्रभावित फसल, जान माल एवं अन्य तरह की क्षति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आपदा राहत से संबंधित प्रकरण शीघ्र तैयार कर पीड़ितों को राहत दी जाए।
उन्होंने कहा कि जिन स्थलों में एहतियातन लोगों को पृथक किया गया है तथा जहां पर लोग आपदा के चलते राहत शिविर में रुके हुए हैं वहां इन लोगों की भोजन एवं बुनियादी सुविधाओं के इंतजाम पर पूरे समय नजर रखें। प्रभारी सचिव ने कुम्हारी स्थित राहत शिविर का निरीक्षण भी किया यहां पर 24 लोगों को रखा गया है। श्री परदेसी ने उन्हें बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग लगातार सक्रिय है आपकी हर संभव मदद की जाएगी। इस मौके पर श्री परदेसी पाटन ब्लॉक के गौठान भी पहुंचे यहां पर उन्होंने पाहन्दा एवं खम्हरिया गौठान का निरीक्षण किया।
यहां उन्होंने स्व सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की। गौठान समिति के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सभी गौठानों में बड़ी मात्रा में गोबर का क्रय किया जा रहा है अब इनसे वर्मी कंपोस्ट बनाया जाएगा। वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन जितना अच्छा गुणवत्तापूर्ण और अधिक मात्रा में होगा। इससे समितियों की और स्व सहायता समूहों की उतनी ही अधिक आय होगी अतः इस कार्य को पूरी लगन के साथ करें। सचिव ने कहा कि जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त वर्मी टैंकों का निर्माण भी कर ले। सचिव ने गौठान में व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी भी गौठान समिति के सदस्यों से ली। गौठान समिति के सदस्यों ने बताया कि नियमित रूप से पशु चिकित्सक यहां पर आते हैं और नस्ल सुधार आदि का कार्य किया जा रहा है। श्री परदेसी ने इस मौके पर कहा कि यदि गोबर का संग्रहण अधिक मात्रा में हो रहा है तो ऐसे गौठान में बायोगैस के लिए भी कार्य किया जा सकता है। श्री परदेसी ने गांव के लोगों से गोधन न्याय योजना के भुगतान से संबंधित जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि आप लोगों की सक्रियता से ही यह योजना सफल होगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
