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May 02, 2026
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रायपुर

रायपुर (6379)

बुद्ध प्रतिमा की स्थापना से मैनपाट बनेगा शांति और समावेशी संस्कृति की नई पहचान : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मैनपाट में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का किया अनावरण
मुख्यमंत्री ने की 30 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा, सीसी रोड और मंदिर शेड निर्माण को दी मंजूरी
तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुरूप आत्मीय स्वागत से मुख्यमंत्री हुए अभिभूत
रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और भगवान बुद्ध के प्रेम, शांति एवं करुणा के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित होटल ग्राउंड परिसर में नवस्थापित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में इस पावन अवसर पर आमंत्रण के लिए तिब्बती समुदाय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल हैं, जहां भगवान बुद्ध की उपासना की जाती है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ देखने को मिलती हैं, जो राज्य की समावेशी संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है।
मुख्यमंत्री  साय ने दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन भगवान बुद्ध की करुणा, प्रेम और शांति के सिद्धांतों का सजीव प्रतीक है। आज की दुनिया के लिए उनका संदेश नई आशा और सकारात्मकता का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व भर के नेताओं ने दलाई लामा जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं, जो यह दर्शाता है कि भगवान बुद्ध के विचारों का वैश्विक जीवन पर कितना गहरा प्रभाव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से भरपूर स्थल है, जो पर्यटकों को रोमांचित करता है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और राज्य सरकार इसके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, और मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर मैनपाट स्थित सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पौधरोपण किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिससे वातावरण उल्लासमय हो गया।
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक  रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर  विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी सुश्री स्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति के अध्यक्ष  तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित तिब्बती समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।

11 राज्यों के अधिकारी एवं आजीविका विशेषज्ञ होंगे शामिल
महिला उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम
रायपुर /शौर्यपथ /भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन 9 से 11 जुलाई 2025 तक राजधानी रायपुर में होने जा रहा है। यह कार्यशाला दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। आयोजन में देश के 11 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारीगण, मिशन संचालक, आजीविका विशेषज्ञ, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबद्ध हितधारक सहभागी होंगे।
कार्यशाला का उद्घाटन भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री टी. के. अनिल, छत्तीसगढ़ शासन की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, भारत सरकार की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा तथा छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री भीम सिंह की उपस्थिति में होगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में 3 करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने हेतु विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में यह कार्यशाला विविध पहलुओं जैसे— ग्रामीण आजीविका के अवसर, सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, बाजार उपलब्धता, वेल्यू चेन निर्माण एवं आधुनिक तकनीकों पर आधारित रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा एवं अनुभव साझा करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगी।
यह कार्यशाला मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, ओडिशा, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु तथा आंध्रप्रदेश राज्यों के प्रतिभागियों की सहभागिता का गवाह बनेगी।
विशेष रूप से भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव श्री एस. सी. एल. दास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न सत्रों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग, महिला प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन तथा व्यवसाय संवर्धन के विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा। आयोजन में आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक श्रीमती जयश्री जैन ने बताया कि कार्यशाला की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि यह आयोजन ग्रामीण विकास में महिला नेतृत्व को और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करेगा। यह कार्यशाला केवल विमर्श का अवसर न होकर भविष्य की ठोस रणनीतियों का आधार भी बनेगा, जिससे “लखपति दीदी” के रूप में लाखों महिलाओं को सशक्त किया जा सकेगा।

बालोद/शौर्यपथ /उप संचालक कृषि विभाग ने बताया कि जिले के किसान धान बोवाई व रोपाई कार्य में लगे हुए है। जिसके अंतर्गत बोवाई लगभग 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। इस वर्ष धान कतार बोनी का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है। गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरमरीकला, सोरर, चिटीद, धनेली, सनीद, गुरूर, भोथली, सोहपुर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के गुरेदा, नाहंदा, अर्जुन्दा, ओटेबंध, सिरसिदा, देवरी (क) व बालोद विकासखण्ड अंतर्गत पिपरछेड़ी. घारवाही, भंगारी, निपानी, तरीद, करहीभदर, सेमरकोना, मटिया (वी), साल्हेटोला सहित जिले में 986 हेक्टेयर में धान की कतार बोनी की गई है, जो कि एक अच्छी पहल है। कतार बोनी का प्रचलन पिछले कुछ साल से बढ़ी है। किसान पारंपरिक रूप से धान को छिड़क कर रोपा पद्धति से बोते है, जिससे बीज मात्रा ज्यादा, खरपतवार प्रबंधन में समस्या एवं लागत भी अधिक आती है। उन्होंने बताया कि धान की कतार बोनी में बीज एवं खाद की कम मात्रा लगती है एवं खाद का सही उपयोग हो जाता है। बीज एवं खाद 3 से.मी. के करीब होने पर बीज का अंकुरण अच्छा एवं पौधों में तेजी से विकास होता है। धान के जड़ों का अधिक गहराई पर होने से सुखा सहने की क्षमता बढ़ जाती है। धान की कतार बोनी से हवा एवं प्रकाश की समुचित आवागमन होने पर प्रकाश संश्लेषण की क्रिया अच्छी होती है एवं पौधा मजबूत होता है, जिससे अच्छी पैदावार होने की संभावना बढ़ जाती है। धान (कतार बोनी) फसल सामान्य फसल की अपेक्षा जल्दी परिपक्व व कटाई योग्य हो जाते है, जिससे रबी की फसल लेने में पर्याप्त समय मिल जाता है।
धान सीधी बोवाई जिसे डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) भी कहा जाता है। धान की खेती करने का आधुनिक तरीका है, जिसमें नर्सरी तैयार करने और पौधे को रोपाई करने की पारंपरिक विधि के बजाय बीजों को सीधे खेत में बोया जाता है। यह एक कुशल, टिकाऊ और किफायती तरीका है, जो किसानों, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए कई लाभ प्रदान करता है। उन्हांेने बताया कि सीधे बीजाई पद्धिति से पानी की बचत, सीड ड्रील से बोवाई से श्रम की बचत, रोपाई की लागत बचत, पर्यावरण के अनुकुल मिथेन उत्सर्जन कम होता है। इसके साथ ही समय की फसल की अवधि कम होने से समय की बचत होती है।

समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
बालोद/शौर्यपथ /अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के विशेष पहल पर जिले मंे 18 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर अधिक से अधिक पौधरोपण कर अभियान को सफल बनाने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्री कौशिक आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान पौधों के रोपण हेतु निर्धारित लक्ष्य एवं इस अभियान को सफल बनाने हेतु की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्री कौशिक ने विभाग प्रमुखों से 18 जुलाई को अपने-अपने विभागों के कार्यालय परिसरों एवं अन्य आवश्यक स्थानों में पौधरोपण हेतु निर्धारित लक्ष्य एवं इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु की गई तैयारियों के संबंध में बारी-बारी से जानकारी ली। श्री कौशिक ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने हेतु केवल पौधों का रोपण कर देना ही पर्याप्त नही है वरन् रोपे गए पौधे की सुरक्षा एवं समुचित देखभाल की व्यवस्था करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को जिले में आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान समाज के सभी वर्गों के लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को सफल बनाया जाएगा। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कौशिक ने वर्षा ऋतु के मद्देनजर बाढ़ एवं आपदा से बचाव हेतु संबंधित विभागों द्वारा की गई तैयारियों की भी समीक्षा की। श्री कौशिक ने राजस्व, पुलिस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरी निकाय, स्वास्थ्य, नगर सैनिक तथा अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस दौरान किसी भी स्थिति से निपटने हेतु समय रहते सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिवृष्टि एवं अन्य किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल राहत एवं बचाव के उपाय सुनिश्चित करते हुए प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचाने के अलावा किसी भी प्रकार की जनधन की हानि को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध करने को कहा। बैठक में अपर कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय कार्यालयों एवं संस्थानों में अधिकारी-कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने जिले के सभी शासकीय संस्थाओं एवं कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन लगाकर सभी विभाग प्रमुखों को अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की सुबह 10 बजे से शाम 05.30 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में श्री कौशिक ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जर्जर शाला भवनों की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने एसडीएम डौण्डी श्री सुरेश साहू से दल्लीराजहरा में केन्द्रीय विद्यालय भवन निर्माण हेतु जगह चयन के प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने जिले में मुख्यमंत्री के घोषणा के कार्यों की क्रियान्वयन हेतु की जा रही कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अंतर्गत उन्होंने जिला मुख्यालय बालोद में नालंदा परिसर तथा देव स्थल राजाराव पठार में प्रवेश द्वार, पेयजल व्यवस्था, महिला सदन सहित अन्य निर्माण कार्यों को पूरा करने हेतु की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली। बैठक में अपर कलेक्टर ने जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की भी जानकारी ली। उन्होंने परिवहन एवं संबंधित विभाग के अन्य अधिकारियों को जिले के सभी पेट्रोल पंपों में बिना हेलमेट पहनकर पेट्रोल खरीदने के लिए आने वाले दुपहिया वाहन चालकों को नही देने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा। सभी पेट्रोल पंपों में इस संबंध में जानकारी हेतु फ्लैक्स लगाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मौजूदा खरीफ सीजन के मद्देनजर जिले में खाद, बीज के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में खाद, बीज के प्रबंध के लिए कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। इसके लिए उन्होंने कृषि, उप पंजीयक सहकारी संस्था एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को समय रहते समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने आमजनों की समस्याओं का गंभीरता पूर्वक निराकरण करने के दिये निर्देश
    मोहला/शौर्यपथ /कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में आमजनों की शिकायतो, समस्याओं और मांगों को सहानुभूतिपूर्वक सुना। कलेक्टर ने जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने के साथ ही नियमानुसार कार्यवाही करें। कलेक्टर जनदर्शन में आज 05 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभाग में भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है।
         कलेक्टर जनदर्शन में आज जिले के मोहला वि.ख. ग्राम पंचायत बिरझुटोला के सरपंच सुमारी बाई ने पंचायत के आश्रित ग्राम खमटोला में मुख्य मार्ग से पानी टंकी तक 700 मीटर सीसी रोड स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में आवेदन प्रेषित किया। उन्होंने आवेदन देते हुए बताया कि बरसात के दिनों में गली अत्यधिक कीचड़ हो जाता है। जिससे आवागमन में असुविधा होती है। इसी प्रकार एकलव्य आवासीय विद्यालय मानपुर के अध्यक्ष ने अंबागढ़ चौकी में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय मानपुर को नवीन भवन ख्वास फड़की में शिफ्ट किये जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार वि.ख. मोहला के ग्राम मरकाटोला समस्त ग्राम वासियों ने प्राथमिक शाला मरकाटोला के प्रधानपाठिका को शाला से अन्यत्र जगह भेजकर दूसरे शिक्षक भेजने के संबंध में कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन दिया गया। इसी प्रकार वि.ख. मानपुर के जागृति स्व सहायता समूह, ग्राम मानपुर द्वारा ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था की गई थी, जिसकी भुगतान राशि आज तक समूह को प्राप्त नहीं हुई है। इस संबंध में समूह द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसी प्रकार जिले के अन्य आवेदको ने अपने आवेदन के माध्यम से अपनी समस्याओं से निजात पाने कलेक्टर से गुहार लगायी है।

  रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को रासायनिक उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। खरीफ 2025 के दौरान डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की कमी को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने इसके व्यवहारिक विकल्प के रूप में नैनो डीएपी के भंडारण एवं वितरण की विशेष व्यवस्था की है। इसके साथ ही एनपीके और एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का भी लक्ष्य से अधिक मात्रा में भंडारण कराया गया है। खेती में ठोस डीएपी उर्वरक की कमी को पूरा करने के लिए किसानों को उसके विकल्प के अनुरूप कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव के अनुरूप नैनो डीएपी अथवा एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट खाद की मात्रा का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
      नैनो डीएपी एक आधुनिक, किफायती और प्रभावशाली तरल उर्वरक है, जो पारंपरिक डीएपी की तुलना में कहीं अधिक उपयोगी और पोषक तत्वों से भरपूर है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के वैज्ञानिकों ने नैनो डीएपी का समर्थन करते हुए कहा है कि इसके उपयोग से खेती की लागत में कमी आती है। नैनो डीएपी खेत में पोषण की कमी को प्रभावी ढंग से पूरा करता है और उत्पादन की गुणवत्ता को भी बढ़ाता है। नैनो डीएपी पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। एक एकड़ धान की फसल के लिए एक बोरी ठोस डीएपी का उपयोग होता है। जिसकी लागत 1350 रूपए होती हैै, जबकि एक एकड़ में 25 किलो ठोस डीएपी और 500 मिली नैनो डीएपी के मिश्रण का उपयोग किया जाए तो इसकी लागत घटकर 1275 रूपए आती है।  
    इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने एक एकड़ धान की खेती के लिए नैनो डीएपी की उपयोग की विधि की विस्तार से जानकारी दी है। इसके अनुसार नैनो डीएपी की मात्र साढ़े 600 मिली मात्रा एक एकड़ धान की खेती में लगती है। धान की बुआई से पहले एक एकड़ के लिए 30 किलो बीज को 150 मिली नैनो डीएपी को तीन लीटर पानी में घोलकर उसमें बीज उपचारित कर आधा घंटा छाव में सुखाने के बाद बुआई की जाती है। रोपा के समय 50 लीटर पानी में 250 मिली नैनो डीएपी को मिलाकर उसमें थरहा की जड़ों को आधा घंटा डूबाकर रखने के बाद रोपाई तथा फसल बोआई के तीस दिन बाद 125 लीटर पानी में 250 मिली नैनो डीएपी को घोलकर खड़ी फसल पर इसका छिड़काव करना होता है। इससे फसलों को पोषक तत्व मिल जाते है।
     नैनो डीएपी फसलों को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करने के लिए बेहतर विकल्प है। यह पारंपरिक डीएपी के मुकाबले लागत कम और प्रभाव अधिक है। पारंपरिक डीएपी की एक बोरी की कीमत लगभग 1350 रूपए होती है, वहीं नैनो डीएपी की एक बोतल से कई एकड़ भूमि को लाभ पहुंचाया जा सकता है। यह स्प्रे के माध्यम से सीधे पौधों पर छिड़का जाता है, जिससे पोषक तत्वों का त्वरित अवशोषण होता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के अनुरूप राज्य शासन द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी सहित वैकल्पिक उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण समितियों में किया जा रहा है। किसानों को इसके उपयोग के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से नैनो डीएपी तथा एनपीके, एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की है।

राजधानी रायपुर में होगा मुख्य समारोह
मुख्यमंत्री करेंगे ध्वजारोहण एवं जनता के नाम संदेश का प्रसारण
रायपुर/शौर्यपथ / राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस को प्रदेशभर में गरिमापूर्ण एवं भव्य रूप से मनाने के उद्देश्य से शासन स्तर पर आवश्यक तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में बीते दिनों राज्य स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्वतंत्रता दिवस का आयोजन प्रतिवर्ष की भांति गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित और राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत वातावरण में किया जाए।
राजधानी रायपुर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह प्रातः 9 बजे से पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे तथा जनता के नाम संदेश देंगे। समारोह में संयुक्त परेड द्वारा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया जाएगा।
रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह की परेड का दायित्व पुलिस महानिरीक्षक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के अधीन रहेगा। परेड में बी.एस.एफ., सी.आर.पी.एफ., सी.आई.एस.एफ., आई.टी.बी.पी., एस.एस.बी., छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला एवं पुरुष), नगर सेना, एन.सी.सी. कैडेट्स आदि की टुकड़ियाँ सम्मिलित होंगी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा पदक एवं पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। इसके लिए विभागों को जूरी गठित कर 29 जुलाई 2025 तक चयनित नामों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भिजवाना होगा। निर्धारित तिथि के उपरांत प्राप्त प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य समारोह में ‘जनता के नाम संदेश‘ देंगे। यह संदेश दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से पूरे प्रदेश में प्रसारित किया जाएगा। मुख्य समारोह पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति आधारित समूह-नृत्य एवं गायन प्रस्तुत किए जाएंगे। स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों हेतु स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जूरी का गठन किया जाएगा तथा कार्यक्रम स्थल पर ही पुरस्कार वितरण होगा। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं नगर निगम आयुक्त रायपुर को स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह व्यवस्था के संबंध में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई है।  
प्रदेश के सभी सार्वजनिक भवनों एवं राष्ट्रीय स्मारकों पर 15 अगस्त की रात प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। निजी संस्थानों से भी ध्वजारोहण एवं रोशनी करने की अपील की गयी है। जिला, विकासखंड एवं पंचायत स्तर पर कार्यक्रमों और प्रदर्शनी के आयोजन हेतु कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं। समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाएगा।

रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बस्तर के बीजापुर जिले में माओवादियों की पीएलजीए बटालियन के 8 लाख के इनामी डिप्टी कमांडर सोढ़ी कन्ना को सुरक्षा बलों द्वारा न्यूट्रलाइज किए जाने पर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, सटीक रणनीति और जनसहभागिता की सराहना की है।
उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने का मिशन निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। छत्तीसगढ़ सरकार इस अभियान में पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुटी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कार्रवाई हमारे वीर सुरक्षाबलों के पराक्रम और सुनियोजित अभियानों का जीवंत उदाहरण है। सुरक्षाबलों की निरंतर और निर्णायक कार्रवाइयों ने नक्सल संगठन की रीढ़ तोड़ दी है। आज नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार पूरी दृढ़ता के साथ यह अभियान जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य के हर क्षेत्र में लोकतंत्र, विश्वास और प्रगति की विजय सुनिश्चित होगी।

श्री अर्जुन सिंह को मिला निःशुल्क उपचार, बचा पैर, बची जिंदगी
रायपुर/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्त्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अब जनजीवन में परिवर्तन की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के हजारों परिवारों को इस योजना ने इलाज का भरोसा और जीवन की नई उम्मीद दी है।
बलरामपुर जिला के ग्राम महावीरगंज निवासी श्री अर्जुन सिंह , जो एक सामान्य कृषक हैं। श्री सिंह मधुमेह से पीड़ित हैं उनके पैर में कुछ समय पूर्व एक गहरा घाव हो गया था, जो आगे चलकर डायबेटिक फूट में तब्दील होने लगा। डॉक्टरों के अनुसार अगर समय पर इलाज नहीं होता, तो उनके पैर को काटना पड़ सकता था।
चिकित्सक ने बताया कि इलाज का अनुमानित खर्च 45,000 रुपये था, जो उनके लिए असंभव था। लेकिन उनका आयुष्मान कार्ड जीवन रक्षक बनकर सामने आया। बलरामपुर जिला अस्पताल में उनका संपूर्ण इलाज निःशुल्क हुआ और अब वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। श्री अर्जुन सिंह ने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहा, अगर आयुष्मान योजना नहीं होती तो मैं अपना पैर खो चुका होता, इस कार्ड ने मेरी जिंदगी बचाई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में लगभग 07 लाख 11 हजार 252 आयुष्मान कार्ड और 10 हजार 970 वय वंदन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से 1 लाख 8 हजार 648 से अधिक लोग विभिन्न बीमारियों में निःशुल्क उपचार का लाभ ले चुके हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा लगातार आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक पात्र परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

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